खजुराहो में फिर से हुआ बड़ा हादसा होटल प्रबंधन की घोर लापरवाही आई सामने रूम बाय प्रदीप रैकवार उर्फ रानू रैकवार की करंट लगने से हुई मौत *खजुराहो में फिर से हुआ बड़ा हादसा होटल प्रबंधन की घोर लापरवाही आई सामने रूम बाय प्रदीप रैकवार उर्फ रानू रैकवार की करंट लगने से हुई मौत*। छतरपुर जिले के विश्व पर्यटन स्थल खजुराहो में फिर से बड़ी घटना में एक कर्मचारी की मौत हो गई है उक्त मामला थाना बमीठा का बताया गया है कि उक्त व्यक्ति होटल दी खजुराहो हेरिटेज रिट्रीट के होटलमें काम करता था होटल प्रबंधनके द्वारा उक्त व्यक्ति से बिजली से संबंधितकार्य कराया गया होटल प्रबन्धन की लापरवाही के चलते बिजली के करंट का शिकार हुआ है आखिर जिम्मेदार कौन परिवार के लोगों ने आरोप लगाया है कि प्रदीप किचन में काम करता था लेकिन उससे इलेक्ट्रिक से संबंधित कार्य करवाया गया जिस कारण से उसकी मौत हो गई है आखिर किचन में काम करने वाले व्यक्ति बिजली से संबंधित कार्य कैसे कर सकता है कहीं ना कहीं दबाव के चलते उसके द्वारा यह काम किया गया था जिस कारण से वह अपनी जान गवा बैठा है आखिर कौन इसका जिम्मेदार होगा यह देखना होगा खबर मीडिया में प्रकाशन होने के बाद जिला प्रशासन इस मामले को लेकर कितनी गंभीरता दिखाती है यह तो वक्त ही बताएगा
खजुराहो में फिर से हुआ बड़ा हादसा होटल प्रबंधन की घोर लापरवाही आई सामने रूम बाय प्रदीप रैकवार उर्फ रानू रैकवार की करंट लगने से हुई मौत *खजुराहो में फिर से हुआ बड़ा हादसा होटल प्रबंधन की घोर लापरवाही आई सामने रूम बाय प्रदीप रैकवार उर्फ रानू रैकवार की करंट लगने से हुई मौत*। छतरपुर जिले के विश्व पर्यटन स्थल खजुराहो में फिर से बड़ी घटना में एक कर्मचारी की मौत हो गई है उक्त मामला थाना बमीठा का बताया गया है कि उक्त व्यक्ति होटल दी खजुराहो हेरिटेज रिट्रीट के होटलमें काम करता था होटल प्रबंधनके द्वारा उक्त व्यक्ति से बिजली से संबंधितकार्य कराया गया होटल प्रबन्धन की लापरवाही के चलते बिजली के करंट का शिकार हुआ है आखिर जिम्मेदार कौन परिवार के लोगों ने आरोप लगाया है कि प्रदीप किचन में काम करता था लेकिन उससे इलेक्ट्रिक से संबंधित कार्य करवाया गया जिस कारण से उसकी मौत हो गई है आखिर किचन में काम करने वाले व्यक्ति बिजली से संबंधित कार्य कैसे कर सकता है कहीं ना कहीं दबाव के चलते उसके द्वारा यह काम किया गया था जिस कारण से वह अपनी जान गवा बैठा है आखिर कौन इसका जिम्मेदार होगा यह देखना होगा खबर मीडिया में प्रकाशन होने के बाद जिला प्रशासन इस मामले को लेकर कितनी गंभीरता दिखाती है यह तो वक्त ही बताएगा
- *खजुराहो में फिर से हुआ बड़ा हादसा होटल प्रबंधन की घोर लापरवाही आई सामने रूम बाय प्रदीप रैकवार उर्फ रानू रैकवार की करंट लगने से हुई मौत*। छतरपुर जिले के विश्व पर्यटन स्थल खजुराहो में फिर से बड़ी घटना में एक कर्मचारी की मौत हो गई है उक्त मामला थाना बमीठा का बताया गया है कि उक्त व्यक्ति होटल दी खजुराहो हेरिटेज रिट्रीट के होटलमें काम करता था होटल प्रबंधनके द्वारा उक्त व्यक्ति से बिजली से संबंधितकार्य कराया गया होटल प्रबन्धन की लापरवाही के चलते बिजली के करंट का शिकार हुआ है आखिर जिम्मेदार कौन परिवार के लोगों ने आरोप लगाया है कि प्रदीप किचन में काम करता था लेकिन उससे इलेक्ट्रिक से संबंधित कार्य करवाया गया जिस कारण से उसकी मौत हो गई है आखिर किचन में काम करने वाले व्यक्ति बिजली से संबंधित कार्य कैसे कर सकता है कहीं ना कहीं दबाव के चलते उसके द्वारा यह काम किया गया था जिस कारण से वह अपनी जान गवा बैठा है आखिर कौन इसका जिम्मेदार होगा यह देखना होगा खबर मीडिया में प्रकाशन होने के बाद जिला प्रशासन इस मामले को लेकर कितनी गंभीरता दिखाती है यह तो वक्त ही बताएगा1
- नौगांव में भारत रत्न डॉ भीमराव आंबेडकर जी की 135 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई भीमराव अंबेडकर जयंती पर नौगांव में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जिसका जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ ।1
- छतरपुर में केन-बेतवा परियोजना पर बवाल मध्यप्रदेश के छतरपुर के बिजावर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ हजारों किसान 10 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे बांध निर्माण कार्य ठप हो गया है। किसान नेता अमित भटनागर पर प्रशासन द्वारा दबाव और बुलडोजर कार्रवाई की धमकी के आरोप लगे हैं। भटनागर ने किसानों की लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ने की बात कही, वहीं कलेक्टर पार्थ जायसवाल का दावा है कि 90% मुआवजा दिया जा चुका है। प्रदर्शनकारी इसे गलत बताते हुए आंदोलन जारी रखे हुए हैं।1
- छतरपुर/पन्ना। केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापन की मार झेल रहे आदिवासियों का धैर्य अब टूटने की कगार पर है। आज एक साथ कई मोर्चों पर उग्र प्रदर्शन हुआ, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। 🌊 जल सत्याग्रह: केन की लहरों से गुहार केन नदी में बड़ी संख्या में ग्रामीण पानी में उतर गए। घंटों तक पानी में खड़े रहकर उन्होंने यह संदेश दिया— “जिस पानी के नाम पर परियोजना बन रही है, वही आज हमें उजाड़ रहा है।” 🔥 चिता आंदोलन (10वां दिन) पिछले 10 दिनों से जारी ‘चिता आंदोलन’ और भयावह होता जा रहा है। ग्रामीण प्रतीकात्मक चिताओं के पास डटे हैं— 👉 यह संकेत है कि विस्थापन का डर अब मौत से भी बड़ा हो चुका है। 🍽️ चूल्हा बंद, भूख-पड़ताल कई गांवों में आज भी चूल्हे नहीं जले। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भूखे बैठकर एक ही सवाल कर रहे हैं— “क्या हमारी आवाज भोपाल और दिल्ली तक पहुंचेगी?” ⚠️ बड़े आरोप: “विकास नहीं, विनाश” आंदोलनकारियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं: ❗ फर्जी ग्राम सभाएं रुंज, मझगांव और नेगुवा बांध से जुड़ी ग्राम सभाओं को पूरी तरह फर्जी बताया गया। 👉 मांग: इन्हें सार्वजनिक किया जाए। ❗ अधूरा मुआवजा, जबरन बेदखली कानून (धारा 31 व विस्थापन नियम) का हवाला देते हुए कहा गया: 👉 “पूरा मुआवजा और पुनर्वास से पहले कोई बेदखली नहीं हो सकती।” 👉 आरोप: प्रशासन बिना प्रक्रिया के घर गिरा रहा है। ❗ बिचौलियों का खेल ग्रामीणों का दावा: दलाल सक्रिय मुआवजे में आधी रकम की मांग वोटर ID और समग्र ID के नाम पर वसूली आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने कहा: “प्रशासन दफ्तरों में बैठकर फैसले ले रहा है, जबकि जमीन पर हालात भयावह हैं। हम विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर आदिवासियों का विनाश स्वीकार नहीं करेंगे।” ❌ वार्ता विफल, संघर्ष तेज एडीएम स्तर की बातचीत बेनतीजा रही। प्रभावितों का आरोप—प्रशासन दबाव की राजनीति कर रहा है। 📢 प्रमुख मांगें ✔️ दोबारा और पारदर्शी सर्वे ✔️ कानून के दायरे में जनसुनवाई ✔️ मुआवजा सीधे खातों में, बिना कटौती ⚡ कल का ऐलान: “सांकेतिक फांसी” आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, 👉 तो कल “सांकेतिक फांसी” का कदम उठाया जाएगा। यह सिर्फ जमीन का नहीं, 👉 अस्तित्व, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल बन चुका है।2
- Post by Babli Varma1
- बसंत पाठकपूर्व पार्षद वॉर्ड क्रमांक 11 छतरपुरआज अंबेडकर जयंती के उपलक्ष में श्री बसंत पाठक द्वारा अंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं सहित सनातन धर्म की एकता के लिए एवं मायावती द्वारा दिए गए विचार से सहमत हैं1
- भारत रत्न बाबा साहेब की 135 वीं जयंती के उपलक्ष्य में जनपद अजयगढ़ में संपन्न हुई संगोष्ठी,दी गई श्रद्धांजलि अजयगढ़:अजयगढ़ जनपद पंचायत के सभागार में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की 135वीं जन्मजयंती के अवसर पर कार्यक्रम के मुख्यअतिथि एसडीएम आलोक मार्को, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि मातादीन यादव,जनपद सीओ सतीश सिंह नागवंशी व जिला से नामांकित समाजसेवी धर्मेंद्र जाटव की उपस्थिति में विकासखंड स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व बाबासाहेब के छायाचित्र के सामने दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण करके श्रद्धांजलि अर्पित की।उसके बाद अतिथियों का पुष्पमाला से सम्मान किया गया।इस अवसर अपने संबोधन में जनपद सीओ ने कहा कि बाबा साहेब का जन्म 14 अप्रैल 1891ओर महानिर्माण 6 दिसंबर 1956 को हुआ।ये हमारे प्रदेश का सौभाग्य है कि उन्होंने हमारे प्रदेश में जन्म लिया।भीमराव अंबेडकर एक ऐसे महान व्यक्ति थे,जिन्होंने समाज, शिक्षा,राजनीति और न्याय व्यवस्था को नई दिशा दी।बाबा साहब सामाजिक न्याय व समानता के समर्थक थे।उन्होंने कहा कि पहले आप शिक्षित हो तभी आप अपना ओर अपने देश का निर्माण कर पाएंगे और अपने अधिकारों को जान पाएंगे।कल ग्राम पंचायत में होने वाली ग्रामसभा में पेंशन धारियों व बुजुर्गों का सम्मान सहित जिस ग्राम पंचायत में बाबा साहेब की प्रतिमा हो वहां स्वक्षता का कार्यक्रम करे।अपने संबोधन में एसडीएम आलोक मार्को ने कहा कि उनके व्यक्तित्व को जन जन पहुंचना इस संगोष्ठी का मुख्य विषय हैं।आज जातीय संघर्ष बढ़ता जा रहा हैं।आज समाज में कई बुराइयां व्याप्त है संविधान निर्माताओं का सपना तभी साकार होगा जब उनकी अपेक्षाओं को हम साकार करेंगे।कार्यक्रम के अंत में एसडीएम महोदय के द्वारा अपने अपने ग्राम पंचायत वो समझ को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया।इस अवसर पर जनपद सदस्य छन्नू लाल कोंदर,महिला व बाल विकास से अंशिका गौतम व आरिफ खान,विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच,जनपद पंचायत से खंड पंचायत अधिकारी योगेश सिंह,उपयंत्री आशीष विश्वकर्मा व नरसिंह सुनकर,पशु चिकित्सक मोतीलाल प्रजापति,शिक्षा विभाग से सीएसी रामपाल पाल,एनजीओ से गर्जन सिंह सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सचिव व रोजगार सहायक उपस्थित रहे।4
- छतरपुर में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर अजाक्स संगठन द्वारा भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान शहर में हजारों लोगों की भीड़ देखने को मिली और “जय भीम” के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। रैली में विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में अनुशासन और उत्साह के साथ बाबा साहब के विचारों और संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। 👉 यह आयोजन सामाजिक एकता और जागरूकता का प्रतीक बना।1