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भैंसदेही के सरस्वती शिशु मंदिर की शिशु वाटिका के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने आषाढ़ी (देवशयनी) एकादशी के अवसर पर एक भव्य धार्मिक रैली निकाली। इस रैली में बच्चों ने विठ्ठल नाम का संकीर्तन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। रैली के दौरान 'जय जय राम कृष्ण हरी... विठ्ठल विठ्ठल!' के जयकारों से माहौल और भी भक्तिपूर्ण हो गया।
भैंसदेही संवाददाता
भैंसदेही के सरस्वती शिशु मंदिर की शिशु वाटिका के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने आषाढ़ी (देवशयनी) एकादशी के अवसर पर एक भव्य धार्मिक रैली निकाली। इस रैली में बच्चों ने विठ्ठल नाम का संकीर्तन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। रैली के दौरान 'जय जय राम कृष्ण हरी... विठ्ठल विठ्ठल!' के जयकारों से माहौल और भी भक्तिपूर्ण हो गया।
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- आमला के सांदीपनि विद्यालय में सोमवार, 27 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा के अंतर्गत एक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना, सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के प्रति सकारात्मक सोच का निर्माण करना था। अभियान के दौरान विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर साफ-सफाई की। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ परिसर को स्वच्छ बनाने में भाग लिया और स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया। इस अवसर पर शिक्षक प्रदीप नागले, डॉ. सतीश साहू और स्पोर्ट्स शिक्षिका दीपिका नागर ने विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने घर, विद्यालय और आसपास के वातावरण को सदैव स्वच्छ रखने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने नियमित रूप से स्वच्छता अपनाने, पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। विद्यालय परिवार ने इस अभियान के माध्यम से स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया।2
- मध्य प्रदेश में सिवनी मालवा संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा मूंग खरीदी की मांग को लेकर प्रस्तावित किसान क्रांति पदयात्रा और मुख्यमंत्री आवास एवं कार्यालय के घेराव से पहले, पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे को सिवनी मालवा के ग्राम भैरोपुर से लाकर स्थानीय रेस्ट हाउस में नजरबंद कर दिया गया है। रेस्ट हाउस पर सुरक्षा के लिए एडिशनल एसपी कमलेश खरपूसे, थाना प्रभारी सुधाकर बारसकर सहित पुलिस बल तैनात किया गया है। इसी क्रम में, डोलरिया तहसील में पुलिस ने किसान क्रांति पदयात्रा में शामिल होने जा रहे क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के लगभग 30 कार्यकर्ताओं को रोक लिया। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों से निकल रहे किसानों को रोकने के लिए कई स्थानों पर पुलिस चेक पॉइंट लगाए हैं और उनकी निगरानी की जा रही है। संतोष पटवारे ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आवाज को दबाना चाहती है और उनकी मांगें पूरी करने के बजाय उन्हें आंदोलन करने से रोकने के लिए नजरबंद किया जा रहा है। लेकिन किसान अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन मूंग खरीदी सहित किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्तावित था। दूसरी ओर, प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर यह कार्रवाई कर रहा है। फिलहाल क्षेत्र में पुलिस की गतिविधियां बढ़ गई हैं और किसान संगठनों के अगले कदम पर सभी की नजर बनी हुई है।1
- पांढुर्णा में हाल ही में संपन्न हुए 'गोवंश सम्मान आह्वान अभियान' और राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए स्मरण पत्र के बाद मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। संत समाज और गोभक्त पांढुर्णा की सड़कों पर उतरकर गोवंश को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने और अवैध तस्करी रोकने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। जनता के बीच यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या इन आंदोलनों से वास्तव में कोई बदलाव आ पाएगा या यह महज सियासी औपचारिकता बनकर रह जाएगा। राजनीतिक गलियारों और आम जनता में यह सवाल प्रमुखता से उठाया जा रहा है कि केंद्र और मध्य प्रदेश दोनों जगह भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली 'सनातनी सरकारें' हैं। जिन पार्टियों ने चुनावों के दौरान गौहत्या बंद कराने और भव्य राम मंदिर निर्माण के नाम पर बड़े-बड़े वादे कर सत्ता हासिल की थी, आज उनकी कार्यप्रणाली पर जनता का विश्वास डगमगाने लगा है। राम मंदिर का निर्माण तो हो गया, लेकिन उसके उद्घाटन और व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न विवादों ने जनता के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके अलावा, देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर मांस और बीफ निर्यात के आंकड़ों में भारत की मजबूत स्थिति इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। आलोचकों और जानकारों का कहना है कि एक तरफ देश में गाय को पूजने और राष्ट्रमाता बनाने की मांग तेज है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांस निर्यात के मोर्चे पर देश की स्थिति शीर्ष देशों में शुमार बनी हुई है। आज की इस गौ-आह्वान रैली और ज्ञापन कार्यक्रमों में तमाम ऐसे चेहरे भी प्रमुखता से नजर आए जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सत्ताधारी दल यानी भाजपा से जुड़े हुए हैं। इसे लेकर क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या सत्ता पक्ष से जुड़े लोग ही अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं या यह आगामी राजनीतिक नफा-नुकसान को ध्यान में रखते हुए खेला जा रहा कोई नया राजनीतिक खेल है। जनता अब यह पूछने लगी है कि सत्ता में बैठे लोगों के समर्थन और सहभागिता के बिना क्या इस प्रकार के आंदोलन महज जनता की आंखों में धूल झोंकने और चुनावी जमीन तैयार करने का जरिया मात्र तो नहीं हैं? फिलहाल, गोवंश प्रेमियों की चेतावनी और प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन तीखे सवालों और चेतावनियों पर क्या रुख अपनाती है।1
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में किसानों का एक समूह भोपाल कूच पर निकला था, जिसे प्रशासन ने रोक दिया। बैरिकेडिंग के बीच सड़क पर बैठे ये किसान हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। किसानों का यह प्रदर्शन स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। किसानों का यह समूह अपनी मांगों को लेकर भोपाल मार्च निकालना चाहता था, लेकिन प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके विरोध में किसान सड़क पर ही बैठ गए और हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और अब स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।1
- बैतूल के भैंसदेही नगर में सबसे व्यस्त नवापुर चौक से तहसील कार्यालय मार्ग पर सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। पहले से ही संकरे इस मुख्य मार्ग के दोनों ओर दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की अवैध पार्किंग से सड़क की चौड़ाई और कम हो जाती है। आमने-सामने बड़े वाहन आने पर दिनभर बार-बार लंबा जाम लग रहा है, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दुकानों के सामने वाहनों की लंबी कतारें लगने के कारण पैदल चलने वाले लोगों को बीच सड़क से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे हादसों की आशंका लगातार बनी हुई है। इस अव्यवस्था से स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों एवं महिलाओं को विशेष परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और पुलिस से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। नगरवासियों ने प्रशासन एवं पुलिस विभाग से मांग की है कि सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग पर नियमित कार्रवाई की जाए और नो-पार्किंग नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। लोगों ने नवापुर चौक से तहसील कार्यालय तक यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने की अपील की है, ताकि आमजन को रोजाना के जाम और दुर्घटना के खतरे से राहत मिल सके।1
- बैतूल जिले के आमला स्थित संदीपनी विद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग बारिश के कारण पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया है। विद्यालय पहुंचने का रास्ता बदहाल होने से छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को भारी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थिति यह है कि बच्चे न तो पैदल सुरक्षित विद्यालय पहुंच पा रहे हैं और न ही साइकिल से आ-जा पा रहे हैं। वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहन भी हर दिन कीचड़ में फंस रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा विद्यालय का नया भवन लाखों रुपये की लागत से तैयार किया गया है, लेकिन निर्माण पूरा होने के वर्षों बाद भी इसका विधिवत हैंडओवर नहीं हो सका है। निर्माण की तय समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। विद्यालय परिसर में शौचालय सहित कई आवश्यक मूलभूत सुविधाएं आज भी पूरी तरह उपयोग में नहीं आ पा रही हैं, जिसका खामियाजा छात्रों और शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। इस बदहाली पर अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने कड़ी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मार्ग का सुधार, भवन का हैंडओवर और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को चालू नहीं किया गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर विद्यार्थियों की सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।4
- मूंग खरीदी समेत अन्य मांगों को लेकर भोपाल में प्रदर्शन करने जा रहे किसानों को जिला प्रशासन ने रास्ते में ही रोक दिया। किसान करीब एक दर्जन निजी वाहनों से भोपाल की ओर कूच कर रहे थे। आंदोलनकारी किसानों को नर्मदापुरम होते हुए भोपाल पहुंचने से रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा हरदा जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया था। प्रशासनिक अमले ने टिमरनी के सोडलपुर हाईवे और छिदगांव मेल पर भारी पुलिस बल तैनात कर वाहनों की सघन चेकिंग की। छिदगांव मेल के पास किसानों को रोककर काफी देर तक समझाइश दी गई, लेकिन आक्रोशित किसानों ने सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन के चलते लगभग 1 घंटे तक मार्ग पर जाम लगा रहा, जिससे आम वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। स्थिति को देखते हुए पुलिस और राजस्व अमले ने प्रदर्शनकारी किसानों की सांकेतिक गिरफ्तारी की और उन्हें पुलिस वाहनों में बैठाकर हरदा ले जाया गया। इस कार्रवाई के दौरान एडिशनल एसपी अमित मिश्रा, एसडीएम शैलेंद्र बडोनिया, एसडीओपी आकांक्षा तलैया और टीआई मुकेश गौड़ सहित जिले के सभी थानों का भारी पुलिस बल मौजूद रहा।4
- बैतूल जिले के आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पुसली में शनिवार रात से लापता 21 वर्षीय युवक मोहित गलफट का शव गांव के ही एक कुएं से बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि पुसली निवासी मोहित (पिता मंचित गलफट) शनिवार रात हनुमान मंदिर में दिया लगाने गया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने देर रात तक उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। बाद में खेत की एक झोपड़ी में युवक का एक जूता दिखाई देने से परिजनों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। युवक के गायब होने की घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव में चक्काजाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही आठनेर थाना प्रभारी सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देकर तत्काल युवक की तलाश में जुट गई। पुलिस टीम ने गांव के आसपास स्थित कुओं और तालाबों में सर्चिंग अभियान चलाया, जिसके बाद मोहित का शव एक कुएं से बरामद कर लिया गया। मृतक मोहित परिवार का प्यारा बेटा था और महज एक-दो दिन में उसकी एयरफोर्स में जॉइनिंग होने वाली थी। जॉइनिंग पर जाने से ठीक पहले हुई इस अचानक मौत से परिवार और पूरे गांव में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल परिजन इस घटना को हत्या मान रहे हैं, वहीं पुलिस भी मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1