शंकरगढ़ में EO नहीं, विकास ठप - डूडा कॉलोनी बदहाल, भाजपा नेत्री ने खोला मोर्चा शंकरगढ़ में EO नहीं, विकास ठप - डूडा कॉलोनी बदहाल, भाजपा नेत्री ने खोला मोर्चा *शंकरगढ़, प्रयागराज।* नगर पंचायत शंकरगढ़ के वार्ड नंबर 2 स्थित डूडा कॉलोनी में गंदगी और बदहाली का आलम है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष व मंडल उपाध्यक्ष उमा वर्मा (बारी) ने नगर पंचायत प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि "अगर मैं चुप रहूं तो ठीक हूं, लेकिन जैसे ही जनहित की आवाज उठाती हूं तो चेयरमैन प्रतिनिधि पूछते हैं कि आपको पदाधिकारी किसने बनाया? अरे मैं पदाधिकारी के साथ-साथ इस नगर की एक आम नागरिक भी हूं।" उमा वर्मा ने कहा कि नगर पंचायत में स्थायी EO न होने से बजट नहीं आ रहा है और विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। सवाल यह है कि आखिर शंकरगढ़ में EO टिक क्यों नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर का हाल देखकर लगता है - अंधेर नगरी चौपट राजा, टका सेर भाजी टका सेर खाजा।
शंकरगढ़ में EO नहीं, विकास ठप - डूडा कॉलोनी बदहाल, भाजपा नेत्री ने खोला मोर्चा शंकरगढ़ में EO नहीं, विकास ठप - डूडा कॉलोनी बदहाल, भाजपा नेत्री ने खोला मोर्चा *शंकरगढ़, प्रयागराज।* नगर पंचायत शंकरगढ़ के वार्ड नंबर 2 स्थित डूडा कॉलोनी में गंदगी और बदहाली का आलम है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष व मंडल उपाध्यक्ष उमा वर्मा (बारी) ने नगर पंचायत प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि "अगर मैं चुप रहूं तो ठीक हूं, लेकिन जैसे ही जनहित की आवाज उठाती हूं तो चेयरमैन प्रतिनिधि पूछते हैं कि आपको पदाधिकारी किसने बनाया? अरे मैं पदाधिकारी के साथ-साथ इस नगर की एक आम नागरिक भी हूं।" उमा वर्मा ने कहा कि नगर पंचायत में स्थायी EO न होने से बजट नहीं आ रहा है और विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। सवाल यह है कि आखिर शंकरगढ़ में EO टिक क्यों नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर का हाल देखकर लगता है - अंधेर नगरी चौपट राजा, टका सेर भाजी टका सेर खाजा।
- शंकरगढ़ में EO नहीं, विकास ठप - डूडा कॉलोनी बदहाल, भाजपा नेत्री ने खोला मोर्चा शंकरगढ़ में EO नहीं, विकास ठप - डूडा कॉलोनी बदहाल, भाजपा नेत्री ने खोला मोर्चा *शंकरगढ़, प्रयागराज।* नगर पंचायत शंकरगढ़ के वार्ड नंबर 2 स्थित डूडा कॉलोनी में गंदगी और बदहाली का आलम है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष व मंडल उपाध्यक्ष उमा वर्मा (बारी) ने नगर पंचायत प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि "अगर मैं चुप रहूं तो ठीक हूं, लेकिन जैसे ही जनहित की आवाज उठाती हूं तो चेयरमैन प्रतिनिधि पूछते हैं कि आपको पदाधिकारी किसने बनाया? अरे मैं पदाधिकारी के साथ-साथ इस नगर की एक आम नागरिक भी हूं।" उमा वर्मा ने कहा कि नगर पंचायत में स्थायी EO न होने से बजट नहीं आ रहा है और विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। सवाल यह है कि आखिर शंकरगढ़ में EO टिक क्यों नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर का हाल देखकर लगता है - अंधेर नगरी चौपट राजा, टका सेर भाजी टका सेर खाजा।1
- रेरा जसरा की गौशाला बनी कब्रिस्तान गड्ढे में मिले मृत गोवंश दुर्गंध से गांव में मचा हां हां कार जसरा की गौशाला का वीडियो वायरल होने के बाद भी अधिकारी मौन, ग्रामीणों ने दी धरने की चेतावनी योगी सरकार जहां गोवंश संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये गौशालाओं पर खर्च कर रही है, वहीं जसरा ब्लॉक के अधिकारियों की लापरवाही ने सरकार की मंशा पर पलीता लगा दिया है। विकासखंड जसरा के रेरा गांव में संचालित गौशाला में दिल दहला देने वाला नजारा सामने आया है। ग्रामीणों ने जब गौशाला के अंदर जाकर वीडियो बनाया तो वहां एक गड्ढे में करीब 12 गोवंश मृत अवस्था में सड़ते हुए मिले। शवों से इतनी तेज दुर्गंध उठ रही है कि पूरे गांव में सांस लेना दूभर हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो ग्रामीणों ने इस अमानवीय कृत्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि मृत गोवंशों को खुले गड्ढे में फेंक दिया गया है, न तो उन्हें दफनाया गया और न ही नियमानुसार निस्तारण किया गया।ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में न भूसा है, न पानी, न इलाज। भूख-प्यास से तड़प-तड़प कर गोवंश दम तोड़ रहे हैं और जिम्मेदार उन्हें गड्ढे में डालकर सबूत मिटा रहे हैं। दुर्गंध से बच्चों में उल्टी-दस्त और संक्रमण फैलने का खतरा बन गया है। शिकायत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन ग्रामीणों का कहना है कि इसकी शिकायत ग्राम प्रधान से लेकर पशु चिकित्सा अधिकारी और ब्लॉक तक की गई, लेकिन आज तक कोई मौके पर झांकने तक नहीं आया।आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे के अंदर मृत गोवंशों का सम्मानजनक निस्तारण, गौशाला की सफाई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे गौशाला के गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठ जाएंगे। अब बड़ा सवाल यह है कि वायरल वीडियो के बाद भी क्या जसरा प्रशासन की नींद टूटेगी या फिर रेरा गौशाला ऐसे ही गोवंशों का कब्रिस्तान बनी रहेगी?1
- गौशाला में मृत गोवंश मिलने से अधिकारियों पर उठे सवाल जसरा, प्रयागराज। रेरा गांव की गौशाला में गड्ढे में करीब 12 गोवंश मृत मिलने और शवों से दुर्गंध फैलने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए गौशाला की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गौशाला के बाहर धरना दिया जाएगा। गौशाला में मृत गोवंश मिलने से अधिकारियों पर उठे सवाल जसरा, प्रयागराज। रेरा गांव की गौशाला में गड्ढे में करीब 12 गोवंश मृत मिलने और शवों से दुर्गंध फैलने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए गौशाला की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गौशाला के बाहर धरना दिया जाएगा।1
- ये कोरांव विधानसभा के अंतर्गत तेंदुआ खुर्द गांव की PWD रोड यही है भारतीय जनता पार्टी के रोड की विकाश 2000 बोट की क्षमता है इस बस्ती में आना मांगने भारतीय जनता पार्टी वालो जब जबाव होगा1
- *गौहनिया के होटल में संदिग्ध गतिविधियों का आरोप,* *पुलिस पहुंचने से पहले कई लोग फरार* *गौहनिया के होटल में संदिग्ध गतिविधियों का आरोप,* *पुलिस पहुंचने से पहले कई लोग फरार* *वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की मांग,* *पुलिस की कार्यशैली पर भी उठे सवाल* प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के गौहनिया के बुदावां गांव स्थित एक होटल परिसर में कथित रूप से देह व्यापार जैसी गतिविधियां संचालित होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों तथा वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर मामले की जांच की मांग की जा रही है। बताया जा रहा है कि बुदावां गांव में स्थित 'इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप' के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की सूचना स्थानीय लोगों को मिली थी। इसके बाद बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने इसकी सूचना पुलिस को दी और मौके पर पहुंचे। इसी दौरान होटल परिसर से कई लोगों के बाहर निकलने और भागने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से जल्दबाजी में बाहर निकलती दिखाई दे रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान भी स्पष्ट नहीं है। मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि पुलिस को पहले ही सूचना दे दी गई थी, तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर में मौजूद लोग वहां से कैसे निकल गए। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा सकती थी और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सकती थी। स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि होटल में लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही थीं, तो संबंधित क्षेत्र की पुलिस और बीट स्तर के कर्मचारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, होटल परिसर की गतिविधियों की जांच करने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के शांत वातावरण में इस प्रकार की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जनसंगठनों और ग्रामीणों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है। मामले में घूरपुर पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी। फिलहाल वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों के आरोपों के आधार पर मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है।1
- TGT-PGT की पुरानी नियमावली पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने समाप्त किया धरना रिपोर्ट अजय द्विवेदी प्रयागराज Slug:TGT-PGT की पुरानी नियमावली पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने समाप्त किया धरना डीएम-पुलिस कमिश्नर ने जूस पिलाकर कराया आंदोलन समाप्त Anchor:प्रयागराज में शिक्षक भर्ती में पुराने नियमावली को लेकर शिक्षा निदेशालय में चल रहा छात्रों का आंदोलन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद खत्म हो गया है। बात दे प्रयागराज में TGT-PGT की पुरानी नियमावली बहाल करने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे चार अभ्यर्थियों का बुधवार को अनशन खत्म हो गया। प्रयागराज डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। पांच सितंबर से शिमला पटेल, रोशन सरोज, प्रवीण यादव और मीना सरोज भूख हड़ताल पर बैठे थे। अभ्यर्थियों की मांग थी कि TGT-PGT भर्ती परीक्षा पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर कराई जाए। मंगलवार रात करीब दो घंटे तक प्रशासन ने आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। बुधवार सुबह डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया फिर अनशन स्थल पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराई। अभ्यर्थियों का कहना था कि जब तक लिखित नोटिस नहीं मिलेगा, तब तक वे अनशन नहीं तोड़ेंगे। 31 अगस्त से चल रहा था धरना, सोमवार को 300 छात्रों ने घेरा शिक्षा निदेशालय अभ्यर्थियों का 31 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन चल रहा था। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे से करीब 300 छात्रों ने शिक्षा निदेशालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इससे पहले, सीएम ने लखनऊ में मंगलवार को धरना दे रहे TGT-PGT अभ्यर्थियों के मुद्दे का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा- प्रयागराज में कुछ युवा धरने पर बैठे हैं। मैंने आज माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि वे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र लिखें। एक बार के लिए उन बच्चों को रिलैक्स (छूट) किया जाए। उनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए या कोई ऐसी व्यवस्था बना दो कि एक समय के बाद वे बच्चे उसमें अपीयर (शामिल) हो सकें। कोई एक सिस्टम तो तैयार किया जाना चाहिए।1
- प्रयागराज के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत रामपुर गांव में गुरुवार सुबह करीब 5 बजे दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई प्रयागराज के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत रामपुर गांव में गुरुवार सुबह करीब 5 बजे दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई मृतक की पहचान रामनारायण गुप्ता उम्र 48 वर्ष के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मृतक मूल रूप से सिलोंधी मेजा के निवासी थे, जो वर्तमान में रामपुर करछना में रहते थे। वह 5 भाइयों में सबसे छोटे थे और जनहित हॉस्पिटल के बगल में चाय की दुकान खोलकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके 3 बच्चे हैं। परिजनों ने बताया कि वह कल ही मुंबई से घूमकर लौटे थे। रोज की तरह वह सुबह 5 बजे साइकिल से अपनी दुकान खोलने जा रहे थे। तभी प्रयागराज से मिर्जापुर की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार प्राइवेट बस ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामनारायण बस में फंस गए और करीब 200 मीटर तक सड़क पर घिसटते चले गए। स्थानीय लोगों ने शोर मचाया लेकिन चालक ने बस नहीं रोकी। गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर औद्योगिक क्षेत्र थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।1
- रेरा-जसरा की गौशाला बनी गोवंशों का कब्रिस्तान, गड्ढे में मिले 12 मृत गोवंश रेरा-जसरा की गौशाला बनी गोवंशों का कब्रिस्तान, गड्ढे में मिले 12 मृत गोवंश जसरा, प्रयागराज। योगी सरकार गोवंश संरक्षण के लिए करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं जसरा ब्लॉक के रेरा गांव की गौशाला में लापरवाही का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने गौशाला के अंदर गड्ढे में करीब 12 मृत गोवंश सड़ते हुए पाए। शवों से उठ रही दुर्गंध से पूरे गांव में हाहाकार मचा है। ग्रामीणों ने इसका वीडियो वायरल किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में न भूसा, न पानी और न इलाज है। भूख-प्यास से गोवंशों की मौत हो रही है। शिकायत के बाद भी अधिकारी मौन हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने 24 घंटे में कार्रवाई न होने पर गौशाला पर ताला जड़कर धरने की चेतावनी दी है।1