TGT-PGT की पुरानी नियमावली पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने समाप्त किया धरना रिपोर्ट अजय द्विवेदी प्रयागराज Slug:TGT-PGT की पुरानी नियमावली पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने समाप्त किया धरना डीएम-पुलिस कमिश्नर ने जूस पिलाकर कराया आंदोलन समाप्त Anchor:प्रयागराज में शिक्षक भर्ती में पुराने नियमावली को लेकर शिक्षा निदेशालय में चल रहा छात्रों का आंदोलन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद खत्म हो गया है। बात दे प्रयागराज में TGT-PGT की पुरानी नियमावली बहाल करने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे चार अभ्यर्थियों का बुधवार को अनशन खत्म हो गया। प्रयागराज डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। पांच सितंबर से शिमला पटेल, रोशन सरोज, प्रवीण यादव और मीना सरोज भूख हड़ताल पर बैठे थे। अभ्यर्थियों की मांग थी कि TGT-PGT भर्ती परीक्षा पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर कराई जाए। मंगलवार रात करीब दो घंटे तक प्रशासन ने आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। बुधवार सुबह डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया फिर अनशन स्थल पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराई। अभ्यर्थियों का कहना था कि जब तक लिखित नोटिस नहीं मिलेगा, तब तक वे अनशन नहीं तोड़ेंगे। 31 अगस्त से चल रहा था धरना, सोमवार को 300 छात्रों ने घेरा शिक्षा निदेशालय अभ्यर्थियों का 31 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन चल रहा था। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे से करीब 300 छात्रों ने शिक्षा निदेशालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इससे पहले, सीएम ने लखनऊ में मंगलवार को धरना दे रहे TGT-PGT अभ्यर्थियों के मुद्दे का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा- प्रयागराज में कुछ युवा धरने पर बैठे हैं। मैंने आज माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि वे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र लिखें। एक बार के लिए उन बच्चों को रिलैक्स (छूट) किया जाए। उनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए या कोई ऐसी व्यवस्था बना दो कि एक समय के बाद वे बच्चे उसमें अपीयर (शामिल) हो सकें। कोई एक सिस्टम तो तैयार किया जाना चाहिए।
TGT-PGT की पुरानी नियमावली पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने समाप्त किया धरना रिपोर्ट अजय द्विवेदी प्रयागराज Slug:TGT-PGT की पुरानी नियमावली पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने समाप्त किया धरना डीएम-पुलिस कमिश्नर ने जूस पिलाकर कराया आंदोलन समाप्त Anchor:प्रयागराज में शिक्षक भर्ती में पुराने नियमावली को लेकर शिक्षा निदेशालय में चल रहा छात्रों का आंदोलन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद खत्म हो गया है। बात दे प्रयागराज में TGT-PGT की पुरानी नियमावली बहाल करने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे चार अभ्यर्थियों का बुधवार को अनशन खत्म हो गया। प्रयागराज डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। पांच सितंबर से शिमला पटेल, रोशन सरोज, प्रवीण यादव और मीना सरोज भूख हड़ताल पर बैठे थे। अभ्यर्थियों की मांग थी कि TGT-PGT भर्ती परीक्षा पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर कराई जाए। मंगलवार रात करीब दो घंटे तक प्रशासन ने आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। बुधवार सुबह डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया फिर अनशन स्थल पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराई। अभ्यर्थियों का कहना था कि जब तक लिखित नोटिस नहीं मिलेगा, तब तक वे अनशन नहीं तोड़ेंगे। 31 अगस्त से चल रहा था धरना, सोमवार को 300 छात्रों ने घेरा शिक्षा निदेशालय अभ्यर्थियों का 31 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन चल रहा था। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे से करीब 300 छात्रों ने शिक्षा निदेशालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इससे पहले, सीएम ने लखनऊ में मंगलवार को धरना दे रहे TGT-PGT अभ्यर्थियों के मुद्दे का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा- प्रयागराज में कुछ युवा धरने पर बैठे हैं। मैंने आज माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि वे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र लिखें। एक बार के लिए उन बच्चों को रिलैक्स (छूट) किया जाए। उनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए या कोई ऐसी व्यवस्था बना दो कि एक समय के बाद वे बच्चे उसमें अपीयर (शामिल) हो सकें। कोई एक सिस्टम तो तैयार किया जाना चाहिए।
- प्रयागराज मे चोरी के अभियोग से सम्बन्धित 01 अभियुक्त थाना कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार व उसके कब्जे से 01 सफेद धातु का कुण्डल व 230 रुपये नकद बरामदगी के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली द्वारा दी गई बाइट। प्रयागराज मे चोरी के अभियोग से सम्बन्धित 01 अभियुक्त थाना कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार व उसके कब्जे से 01 सफेद धातु का कुण्डल व 230 रुपये नकद बरामदगी के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली द्वारा दी गई बाइट।1
- मेजा में रात बिजली कटौती से नाराज यमुनापार विकास मंच ने किया प्रदर्शन मेजा, प्रयागराज। रात में हो रही अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ यमुना पार विकास मंच और मेजारोड व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का आक्रोश बुधवार को खुलकर सामने आया। यमुना पार विकास मंच के अध्यक्ष बाबा तिवारी और मेजारोड व्यापार मंडल अध्यक्ष पप्पू उपाध्याय के नेतृत्व में पदाधिकारी अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड मेजारोड के कार्यालय परिसर में सत्याग्रह पर बैठ गए। हाथों में पंखा और डफली लेकर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और अधिकारियों का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित कराया। करीब सप्ताहभर पहले अघोषित बिजली कटौती से नाराज बाबा तिवारी ने अधिशासी अभियंता अभिनव गर्ग से मुलाकात कर रात्रिकालीन कटौती रोकने और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की थी। इसके बावजूद कटौती जारी रहने पर संगठन के पदाधिकारियों ने बुधवार को कार्यालय पहुंचकर सत्याग्रह शुरू कर दिया। सत्याग्रह बुधवार 23 सितंबर को सुबह 11 बजे शुरू हुआ। आंदोलनकारियों ने रात्रि में हो रही अघोषित बिजली कटौती बंद करने की मांग उठाई। हाथों में पंखा लेकर और डफली बजाकर विभागीय अधिकारियों का ध्यान समस्या की ओर खींचा गया। यमुना पार विकास मंच के अध्यक्ष बाबा तिवारी ने कहा कि रात में अघोषित बिजली कटौती से आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। शिकायत और अधिकारियों से वार्ता के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। मजबूर होकर संगठन को सत्याग्रह का रास्ता अपनाना पड़ा है। रात्रिकालीन कटौती बंद होने तक समस्या को लगातार उठाया जाएगा। मेजारोड व्यापार मंडल अध्यक्ष पप्पू उपाध्याय ने कहा कि शाम होते ही बिजली कटौती शुरू होने से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। दुकानों और पूरे बाजार में अंधेरा पसर जाता है, जिससे ग्राहक भी परेशान होते हैं। बिजली के भरोसे चलने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। विभाग को शाम और रात की अघोषित कटौती तत्काल बंद कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। मामले में अधिशासी अभियंता अभिनव गर्ग ने कहा कि यह हमारे प्रयास के बाहर का मामला है । फिलहाल इन बातों को अपने उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया1
- गौहनिया स्थित होटल का वीडियो वायरल, पुलिस से की गई जांच की मांग *होटल का वीडियो वायरल, पुलिस से की गई जांच की मांग* *प्रयागराज।* घूरपुर थाना क्षेत्र के गौहनिया स्थित बुदावां गांव में एक होटल परिसर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के आधार पर होटल में कथित तौर पर अनैतिक गतिविधियों के संचालन का आरोप लगाया जा रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग होटल परिसर से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले कुछ लोग वहां से निकल गए। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर एक प्रॉपर्टी और होटल समूह का नाम चर्चा में है, हालांकि वायरल वीडियो की सत्यता, उसमें दिख रहे लोगों की पहचान और लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है और लोग मामले में जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है, जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि होटल में कोई अवैध गतिविधि संचालित हो रही थी या नहीं।2
- *कानपुर बुढ़वा मंगल पर्व पर पनकी मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, DCP पश्चिम ने किया निरीक्षण*1
- जूनियर अधिवक्ताओं के चैंबर के लिए विवाद अज्ञात लोगों तोड़ा चैंबर फाड़ डाला बैग में रखा मूल पत्रावली एवं दस्तावेज मेजा प्रयागराज मेजा तहसील के तहसील परिसर में जूनियर अधिवक्ताओं द्वारा चैंबर लगाया गया था जिसे कुछ अधिवक्ताओं द्वारा दबंगई से सैकड़ों लोगों के साथ आकर चैम्बर क्षतिग्रस्त कर दिया गया बैग में रखे दस्तावेज फाड़ कर फेंक दिया गया और चैम्बर में बैठे मुवक्किलों को भी मारा पीटा प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील मेजा परिसर में पिछड़े एवं दलित वर्ग जूनियर अधिवक्ताओं द्वारा विधि व्यवसाय करने हेतु चैंबर बनाया गया था जिसे अवैध कहते हुए वर्तमान अध्यक्ष मंत्री द्वारा चैंबर हटाने हेतु नोटिस दिया गया था जिस पर जूनियर अधिवक्ताओं द्वारा समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र देकर अधिकारियों को अवगत कराया गया था कि हमारे चैम्बर को क्षतिग्रस्त करने की धमकी दिया गया है अधिकारियों के लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि आज तहसील परिसर में जूनियर अधिवक्ताओं के साथ यह घटना घटी है फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है1
- तहसील परिसर में दूसरे दिन भी गहमागहमी, पुलिस ने किया फ्लैग मार्च अधिवक्ताओं के दो गुटों में मारपीट के बाद बढ़ी सतर्कता, एहतियातन पुलिस बल तैनात एसीपी व थाना प्रभारी दोनों पक्षों को समझाने में जुटे, बाजार में भी पुलिस ने संभाला मोर्चा मेजा, प्रयागराज। तहसील मुख्यालय में चैंबर बनाने को लेकर अधिवक्ताओं के दो गुटों में हुई मारपीट के बाद बुधवार को दूसरे दिन भी माहौल गहमागहमी भरा रहा। विवाद दोबारा न बढ़े, इसके लिए एहतियात के तौर पर नजदीकी थाने की पुलिस फोर्स तहसील परिसर में बुला ली गई। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। एसीपी बृजेश पाठक और थाना प्रभारी धनंजय पांडेय तहसील परिसर में दोनों गुटों के अधिवक्ताओं को समझाने में जुटे रहे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से संयम बनाए रखने और किसी भी तरह की स्थिति को बिगड़ने से रोकने की अपील की। तहसील परिसर में पुलिस की मौजूदगी के चलते पूरे दिन लोगों की नजरें घटनाक्रम पर टिकी रहीं। बताया गया कि नए चैंबर बनाने को लेकर सोमवार से अधिवक्ताओं के दो गुटों में विवाद चल रहा था। मंगलवार को मामला बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे और मारपीट के साथ पथराव भी हुआ था। घटना में दोनों पक्षों के कई अधिवक्ता चोटिल हुए थे। इसके बाद एक पक्ष ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से भी तहरीर देने की बात कही गई थी। विवाद को लेकर पुलिस ने बाजार में भी सतर्कता बढ़ा दी। स्थिति सामान्य बनाए रखने और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस टीम ने बुधवार को समूचे बाजार में फ्लैग मार्च किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को शांति बनाए रखने का संदेश दिया। तहसील परिसर से लेकर बाजार तक पुलिस की सक्रियता बनी रही। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी स्थिति में माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।1
- जब नाई की दुकान पर मसाज कराने पहूंचा बंदर, वीडियो वायरल। देखना वालो की लगी भीड़ जब नाई की दुकान पर मसाज कराने पहूंचा बंदर, वीडियो वायरल। देखना वालो की लगी भीड़1
- आजमगढ़ में खुनी खेल, पत्नी, बेटे व दो पुरोहितों कि हत्या के बाद, हत्यारा भी हूआ एनकाउंटर में ढेर.... आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम दिल दहला देने वाली घटना सामने आई जहाँ मानसिक रूप से परेशान अरविंद सिंह नामक व्यक्ति ने घर में चल रहे महामृत्युंजय अनुष्ठान का विरोध करते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर दी। आरोपी ने अपनी पत्नी बबीता सिंह (34 वर्ष) और पूजा करा रहे दो पुरोहितों महेंद्र पाठक (60) व अखिलेश मिश्रा (51) की गोली मारकर हत्या कर दी, इसके बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। करीब 7 घंटे चले बंधक संकट के दौरान जब पुलिस ने रेस्क्यू की कोशिश की, तो आरोपी ने अपने 8 वर्षीय बेटे शौर्य को भी गोली मार दी और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी और नियंत्रित कार्रवाई (मुठभेड़) में आरोपी अरविंद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान आरोपी अरविंद और उसके बेटे शौर्य दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की दो बेटियों को सकुशल बचा लिया है।1
- महोबा में कर्ज से परेशान किसान ने दी जान, अतिवृष्टि से फसल बर्बाद, बैंक और साहूकारों का करीब ढाई लाख कर्ज बताया, 70 वर्षीय किसान फांसी लगाई*1