भीलवाड़ा शहर को निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वानों से मुक्त करने के लिए ठोस कार्यवाही करे सरकार - कोठारी भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने राज्य सरकार से भीलवाड़ा शहर में सार्वजनिक स्थलों, मुख्य मार्गों, बाजारों एवं आवासीय क्षेत्रों में विचरण कर रहे निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वानों की समस्या के स्थायी समाधान हेतु तत्काल प्रभाव से ठोस एवं समयबद्ध कार्यवाही करने का आग्रह किया है। कोठारी ने बताया की शहर की सड़कों, चौराहों, बाजारों, कॉलोनियों तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर बड़ी संख्या में निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वान खुले रूप से घूम रहे हैं, जिससे आमजन की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और नागरिक जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। आए दिन सड़क दुर्घटनाओं, बच्चों एवं महिलाओं पर आवारा श्वानों के हमलों तथा यातायात अवरोध जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे शहरवासियों में भय और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में नगरीय क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थलों एवं सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित पशुओं को काईन हाउस, गौशालाओं एवं सुरक्षित आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, किंतु भीलवाड़ा शहर में इन निर्देशों का अपेक्षित प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। यही कारण है कि आज भी शहर के अनेक क्षेत्रों में निराश्रित गौवंश खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं। विधायक कोठारी ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों को निराश्रित गौवंश मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए गंभीर है, तो भीलवाड़ा जैसे प्रमुख शहर में इस दिशा में विशेष अभियान चलाने में शिथिलता क्यों हो रही है ? उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों पर विचरण कर रहे आवारा श्वानों एवं अन्य निराश्रित पशुओं के संबंध में न्यायालयों द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों की पालना सुनिश्चित करना स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार एवं नगर निगम प्रशासन से कहा की भीलवाड़ा शहर में निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वानों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान तत्काल शुरू किया जाए। शहर में पर्याप्त संख्या में काइन हाउस, गौशालाएं, डॉग शेल्टर एवं अस्थायी आश्रय स्थल विकसित किए जाएं। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों, मुख्य सड़कों, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता से निराश्रित पशु मुक्त किया जाए। आवारा श्वानों के लिए पकड़ने, नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास की व्यवस्थित योजना लागू की जाए। नगर निगम एवं संबंधित विभागों की संयुक्त निगरानी में समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर उसका सार्वजनिक क्रियान्वयन किया जाए। नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु विशेष हेल्पलाइन एवं कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। कोठारी ने सरकार को इस दिशा में संवेदनशीलता एवं तत्परता का आग्रह करते हुए कहा कि भीलवाड़ा शहर को निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वानों की समस्या से राहत दिलाने की आवश्यकता है । चूंकि भीलवाड़ा की जनता लंबे समय से इस समस्या से परेशान है और अब इस पर स्थायी एवं प्रभावी समाधान की आवश्यकता है।
भीलवाड़ा शहर को निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वानों से मुक्त करने के लिए ठोस कार्यवाही करे सरकार - कोठारी भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने राज्य सरकार से भीलवाड़ा शहर में सार्वजनिक स्थलों, मुख्य मार्गों, बाजारों एवं आवासीय क्षेत्रों में विचरण कर रहे निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वानों की समस्या के स्थायी समाधान हेतु तत्काल प्रभाव से ठोस एवं समयबद्ध कार्यवाही करने का आग्रह किया है। कोठारी ने बताया की शहर की सड़कों, चौराहों, बाजारों, कॉलोनियों तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर बड़ी संख्या में निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वान खुले रूप से घूम रहे हैं, जिससे आमजन की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और नागरिक जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। आए दिन सड़क दुर्घटनाओं, बच्चों एवं महिलाओं पर आवारा श्वानों के हमलों तथा यातायात अवरोध जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे शहरवासियों में भय और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में नगरीय क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थलों एवं सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित पशुओं को काईन हाउस, गौशालाओं एवं सुरक्षित आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, किंतु भीलवाड़ा शहर में इन निर्देशों का अपेक्षित प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। यही कारण है कि आज भी शहर के अनेक क्षेत्रों में निराश्रित गौवंश खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं। विधायक कोठारी ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों को निराश्रित गौवंश मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए गंभीर है, तो भीलवाड़ा जैसे प्रमुख शहर में इस दिशा में विशेष अभियान चलाने में शिथिलता क्यों हो रही है ? उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों पर विचरण कर रहे आवारा श्वानों एवं अन्य निराश्रित पशुओं के संबंध में न्यायालयों द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों की पालना सुनिश्चित करना स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार एवं नगर निगम प्रशासन से कहा की भीलवाड़ा शहर में निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वानों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान तत्काल शुरू किया जाए। शहर में पर्याप्त संख्या में काइन हाउस, गौशालाएं, डॉग शेल्टर एवं अस्थायी आश्रय स्थल विकसित किए जाएं। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों, मुख्य सड़कों, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता से निराश्रित पशु मुक्त किया जाए। आवारा श्वानों के लिए पकड़ने, नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास की व्यवस्थित योजना लागू की जाए। नगर निगम एवं संबंधित विभागों की संयुक्त निगरानी में समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर उसका सार्वजनिक क्रियान्वयन किया जाए। नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु विशेष हेल्पलाइन एवं कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। कोठारी ने सरकार को इस दिशा में संवेदनशीलता एवं तत्परता का आग्रह करते हुए कहा कि भीलवाड़ा शहर को निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वानों की समस्या से राहत दिलाने की आवश्यकता है । चूंकि भीलवाड़ा की जनता लंबे समय से इस समस्या से परेशान है और अब इस पर स्थायी एवं प्रभावी समाधान की आवश्यकता है।
- भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने राज्य सरकार से भीलवाड़ा शहर में सार्वजनिक स्थलों, मुख्य मार्गों, बाजारों एवं आवासीय क्षेत्रों में विचरण कर रहे निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वानों की समस्या के स्थायी समाधान हेतु तत्काल प्रभाव से ठोस एवं समयबद्ध कार्यवाही करने का आग्रह किया है। कोठारी ने बताया की शहर की सड़कों, चौराहों, बाजारों, कॉलोनियों तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर बड़ी संख्या में निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वान खुले रूप से घूम रहे हैं, जिससे आमजन की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और नागरिक जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। आए दिन सड़क दुर्घटनाओं, बच्चों एवं महिलाओं पर आवारा श्वानों के हमलों तथा यातायात अवरोध जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे शहरवासियों में भय और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में नगरीय क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थलों एवं सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित पशुओं को काईन हाउस, गौशालाओं एवं सुरक्षित आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, किंतु भीलवाड़ा शहर में इन निर्देशों का अपेक्षित प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। यही कारण है कि आज भी शहर के अनेक क्षेत्रों में निराश्रित गौवंश खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं। विधायक कोठारी ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों को निराश्रित गौवंश मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए गंभीर है, तो भीलवाड़ा जैसे प्रमुख शहर में इस दिशा में विशेष अभियान चलाने में शिथिलता क्यों हो रही है ? उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों पर विचरण कर रहे आवारा श्वानों एवं अन्य निराश्रित पशुओं के संबंध में न्यायालयों द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों की पालना सुनिश्चित करना स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार एवं नगर निगम प्रशासन से कहा की भीलवाड़ा शहर में निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वानों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान तत्काल शुरू किया जाए। शहर में पर्याप्त संख्या में काइन हाउस, गौशालाएं, डॉग शेल्टर एवं अस्थायी आश्रय स्थल विकसित किए जाएं। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों, मुख्य सड़कों, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता से निराश्रित पशु मुक्त किया जाए। आवारा श्वानों के लिए पकड़ने, नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास की व्यवस्थित योजना लागू की जाए। नगर निगम एवं संबंधित विभागों की संयुक्त निगरानी में समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर उसका सार्वजनिक क्रियान्वयन किया जाए। नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु विशेष हेल्पलाइन एवं कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। कोठारी ने सरकार को इस दिशा में संवेदनशीलता एवं तत्परता का आग्रह करते हुए कहा कि भीलवाड़ा शहर को निराश्रित गौवंश एवं आवारा श्वानों की समस्या से राहत दिलाने की आवश्यकता है । चूंकि भीलवाड़ा की जनता लंबे समय से इस समस्या से परेशान है और अब इस पर स्थायी एवं प्रभावी समाधान की आवश्यकता है।1
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