होली पर सिंगरौली पुलिस का तोहफा: 172 गुम मोबाइल लौटाए, लाखों की संपत्ति वापस मिली होली पर सिंगरौली पुलिस का तोहफा: 172 गुम मोबाइल लौटाए, लाखों की संपत्ति वापस मिली दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित संचार साथी पोर्टल (CEIR) के प्रभावी उपयोग से सिंगरौली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए होली पर्व के अवसर पर गुम हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किए। इस पहल से सैकड़ों आवेदकों के चेहरों पर खुशी लौट आई। पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक हेमंत चौहान के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के मार्गदर्शन में, प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक विंध्यनगर राहुल सैयाम के नेतृत्व में सायबर सेल सिंगरौली एवं थाना/चौकी टीमों ने विगत तीन माह में कुल 172 गुम मोबाइल फोन की सफल रिकवरी की है। इनमें से 122 मोबाइल पहले ही थानों के माध्यम से वितरित किए जा चुके थे, जबकि शेष 50 मोबाइल फोन आज पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा आवेदकों को सौंपे गए। वर्ष 2026 में अब तक सभी 172 गुम मोबाइल उनके मालिकों तक सुरक्षित पहुंचाए जा चुके हैं। बरामद मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 42 लाख रुपये बताई जा रही है। *कई राज्यों से हुई बरामदगी* पुलिस जांच में सामने आया कि गुम मोबाइल फोन मध्यप्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे। सायबर सेल और थाना/चौकी टीमों ने तकनीकी ट्रेसिंग के माध्यम से इन्हें बरामद किया। नामी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन शामिल बरामद मोबाइल फोनों में वन प्लस, सैमसंग, रेडमी, वीवो, ओप्पो, रियलमी, नार्जो, टेक्नो, मोटोरोला, पोको, हॉनर, नथिंग, इनफिक्स और आइटेल जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। CEIR पोर्टल: गुम मोबाइल की आसान शिकायत दूरसंचार विभाग के Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक घर बैठे गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही मोबाइल को ब्लॉक किया जा सकता है और उसके पुनः सक्रिय होने पर पुलिस को सूचना मिल जाती है, जिससे बरामदगी संभव होती है। सराहनीय भूमिका इस अभियान में उपनिरीक्षक पवन कुमार सिंह सहित सायबर सेल व विभिन्न थाना/चौकी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उल्लेखनीय भूमिका रही। सिंगरौली पुलिस की अपील सिंगरौली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे CEIR पोर्टल का अधिकतम उपयोग करें। इससे न केवल कीमती समय की बचत होगी, बल्कि गुम मोबाइल की शीघ्र बरामदगी में पुलिस को भी प्रभावी सहायता मिलेगी।
होली पर सिंगरौली पुलिस का तोहफा: 172 गुम मोबाइल लौटाए, लाखों की संपत्ति वापस मिली होली पर सिंगरौली पुलिस का तोहफा: 172 गुम मोबाइल लौटाए, लाखों की संपत्ति वापस मिली दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित संचार साथी पोर्टल (CEIR) के प्रभावी उपयोग से सिंगरौली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए होली पर्व के अवसर पर गुम हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किए। इस पहल से सैकड़ों आवेदकों के चेहरों पर खुशी लौट आई। पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक हेमंत चौहान के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के
मार्गदर्शन में, प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक विंध्यनगर राहुल सैयाम के नेतृत्व में सायबर सेल सिंगरौली एवं थाना/चौकी टीमों ने विगत तीन माह में कुल 172 गुम मोबाइल फोन की सफल रिकवरी की है। इनमें से 122 मोबाइल पहले ही थानों के माध्यम से वितरित किए जा चुके थे, जबकि शेष 50 मोबाइल फोन आज पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा आवेदकों को सौंपे गए। वर्ष 2026 में अब तक सभी 172 गुम मोबाइल उनके मालिकों तक सुरक्षित पहुंचाए जा चुके हैं। बरामद मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 42 लाख रुपये बताई जा रही है। *कई राज्यों से हुई बरामदगी* पुलिस
जांच में सामने आया कि गुम मोबाइल फोन मध्यप्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे। सायबर सेल और थाना/चौकी टीमों ने तकनीकी ट्रेसिंग के माध्यम से इन्हें बरामद किया। नामी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन शामिल बरामद मोबाइल फोनों में वन प्लस, सैमसंग, रेडमी, वीवो, ओप्पो, रियलमी, नार्जो, टेक्नो, मोटोरोला, पोको, हॉनर, नथिंग, इनफिक्स और आइटेल जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। CEIR पोर्टल: गुम मोबाइल की आसान शिकायत दूरसंचार विभाग के Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक घर बैठे गुम या चोरी हुए
मोबाइल की शिकायत दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही मोबाइल को ब्लॉक किया जा सकता है और उसके पुनः सक्रिय होने पर पुलिस को सूचना मिल जाती है, जिससे बरामदगी संभव होती है। सराहनीय भूमिका इस अभियान में उपनिरीक्षक पवन कुमार सिंह सहित सायबर सेल व विभिन्न थाना/चौकी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उल्लेखनीय भूमिका रही। सिंगरौली पुलिस की अपील सिंगरौली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे CEIR पोर्टल का अधिकतम उपयोग करें। इससे न केवल कीमती समय की बचत होगी, बल्कि गुम मोबाइल की शीघ्र बरामदगी में पुलिस को भी प्रभावी सहायता मिलेगी।
- Singrauli “जब रखवाले ही बन जाएं लाभार्थी, जनता को कैसे मिलेगा न्याय?” — नेता प्रतिपक्ष1
- होली पर सिंगरौली पुलिस का तोहफा: 172 गुम मोबाइल लौटाए, लाखों की संपत्ति वापस मिली दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित संचार साथी पोर्टल (CEIR) के प्रभावी उपयोग से सिंगरौली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए होली पर्व के अवसर पर गुम हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किए। इस पहल से सैकड़ों आवेदकों के चेहरों पर खुशी लौट आई। पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक हेमंत चौहान के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के मार्गदर्शन में, प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक विंध्यनगर राहुल सैयाम के नेतृत्व में सायबर सेल सिंगरौली एवं थाना/चौकी टीमों ने विगत तीन माह में कुल 172 गुम मोबाइल फोन की सफल रिकवरी की है। इनमें से 122 मोबाइल पहले ही थानों के माध्यम से वितरित किए जा चुके थे, जबकि शेष 50 मोबाइल फोन आज पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा आवेदकों को सौंपे गए। वर्ष 2026 में अब तक सभी 172 गुम मोबाइल उनके मालिकों तक सुरक्षित पहुंचाए जा चुके हैं। बरामद मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 42 लाख रुपये बताई जा रही है। *कई राज्यों से हुई बरामदगी* पुलिस जांच में सामने आया कि गुम मोबाइल फोन मध्यप्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे। सायबर सेल और थाना/चौकी टीमों ने तकनीकी ट्रेसिंग के माध्यम से इन्हें बरामद किया। नामी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन शामिल बरामद मोबाइल फोनों में वन प्लस, सैमसंग, रेडमी, वीवो, ओप्पो, रियलमी, नार्जो, टेक्नो, मोटोरोला, पोको, हॉनर, नथिंग, इनफिक्स और आइटेल जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। CEIR पोर्टल: गुम मोबाइल की आसान शिकायत दूरसंचार विभाग के Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक घर बैठे गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही मोबाइल को ब्लॉक किया जा सकता है और उसके पुनः सक्रिय होने पर पुलिस को सूचना मिल जाती है, जिससे बरामदगी संभव होती है। सराहनीय भूमिका इस अभियान में उपनिरीक्षक पवन कुमार सिंह सहित सायबर सेल व विभिन्न थाना/चौकी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उल्लेखनीय भूमिका रही। सिंगरौली पुलिस की अपील सिंगरौली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे CEIR पोर्टल का अधिकतम उपयोग करें। इससे न केवल कीमती समय की बचत होगी, बल्कि गुम मोबाइल की शीघ्र बरामदगी में पुलिस को भी प्रभावी सहायता मिलेगी।4
- महापौर ने किया तुलसी वार्ड 38 चल रहे निर्माण कार्यो का औचक निरीक्षण निर्माण कार्यो को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय पर करे पूर्णः-रानी अग्रवाल सिंगरौली सुनील पांडेय की रिपोर्ट सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली की महापौर रानी अग्रवाल ने वार्ड क्रमांक 38 तुलसी वार्ड बलियरी में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने अमृत नल-जल योजना 2.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन पानी टंकी एवं पार्षद कार्यालय के कार्यों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान वार्ड 38 के पार्षद अनिल वैश्य, वार्ड 43 के पार्षद मोहम्मद खुर्शीद आलम सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। महापौर ने निर्माण कार्य कर रहे संविदाकार को निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर एवं पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्यो को पूरा किया जाए। महापौर ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर कार्यों की प्रगति का अवलोकन किया और कहा कि नगर निगम के सभी 45 वार्ड उनके लिए समान हैं तथा प्रत्येक वार्ड में चल रहे विकास कार्यों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे स्वयं, संबंधित वार्ड पार्षद एवं निगम के सहायक यंत्री एवं उपयंत्री समय-समय पर निर्माण कार्यो का निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने वार्ड में बिजली, पानी, सड़क एवं नाली जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता से कार्य करने की बात कही। साथ ही वार्ड पार्षद अनिल वैश्य द्वारा क्षेत्र की समस्याओं को चिन्हित कर उनके निराकरण के प्रयासों की सराहना करते हुए आश्वस्त किया और कहा की नगर निगम जनता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर है।1
- इजराइल में फंस गए भारत के पत्रकार1
- मोबाइल गुम होते ही लोगों की दुनिया जैसे ठहर जाती है। बैंकिंग ऐप, निजी तस्वीरें, जरूरी दस्तावेज, व्यापारिक संपर्क—सब कुछ एक झटके में ओझल। लेकिन इस निराशा को उम्मीद में बदलने का काम किया है सिंगरौली पुलिस ने। बीते तीन महीनों में 172 गुम मोबाइल फोन बरामद कर पुलिस ने न सिर्फ तकनीकी दक्षता का परिचय दिया, बल्कि जनता के टूटते भरोसे को भी नई मजबूती दी है। यह सिर्फ बरामदगी नहीं, बल्कि भरोसे की वापसी है। हर मोबाइल के पीछे एक कहानी थी—किसी छात्र की पढ़ाई, किसी व्यापारी का कारोबार, किसी परिवार की यादें। गुमशुदगी की शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने इसे सामान्य मामला मानकर फाइलों में नहीं दबाया, बल्कि इसे मिशन मोड में लिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर सेल और तकनीकी टीम ने IMEI ट्रैकिंग, डिजिटल सर्विलांस और लोकेशन एनालिसिस के जरिए जिले से बाहर तक जाल बिछाया। कई मोबाइल दूसरे जिलों और राज्यों में सक्रिय पाए गए, कुछ बाजार में बेचे जा चुके थे। लेकिन तकनीकी सटीकता और निरंतर मॉनिटरिंग ने एक-एक डिवाइस को ट्रेस कर लिया। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत 42 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस अधिक्षक कार्यालय में जब मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए, तो माहौल भावुक हो उठा। कई लोगों की आंखों में खुशी के आंसू थे। कुछ ने कहा—“हमें लगा था फोन कभी वापस नहीं मिलेगा।” सिंगरौली पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने स्पष्ट किया कि मोबाइल गुम होते ही तत्काल CEIR Portal का अधिकतम उपयोग करें. और IMEI नंबर सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। साथ ही साइबर फ्रॉड से बचाव को लेकर भी जागरूक रहने की अपील की गई है। तीन महीने, 172 मोबाइल और सैकड़ों मुस्कानें—यह आंकड़ा बताता है कि अगर नीयत साफ हो और तकनीक का सही इस्तेमाल हो, तो खोई हुई चीजें भी वापस लाई जा सकती हैं। सिंगरौली में यह अभियान सिर्फ रिकवरी नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के रिश्ते को मजबूत करने वाली मिसाल बन गया है।1
- ईरान भूटान नेपाल सहित भारत के पहलवानों को दंगल सीजन देखने के लिए पेज को फॉलो करें...? आप इस वीडियो को शुरू ऐप पर देख रहे हैं, सिंगरौली दंगल देखने के लिए शुरू ऐप के वीडियो को शेयरकरें।1
- सोनभद्र.... - बिजली पोल पर कार्य के दौरान बिजली निविदा कर्मी की मौत का मामला - एक्सियन राबर्ट्सगंज एस. बी. ठाकुर, एसडीओ घोरावल कृष्ण नंदन भी हुए निलंबित - कल जेई शैलेश प्रजापति निलंबित, दो निविदा कर्मी अश्वनी कुमार और राजेश को किया गया बर्खास्त - मुख्य अभियंता मिर्जापुर ने घटना में लापरवाही बरतने पर की कार्रवाई - बीते गुरुवार की रात बिजली पोल पर ट्रांसफार्मर लगाने के दौरान करंट चालू करने से हुआ था हादसा - बिजली सप्लाई शुरू होने से बिजली पोल पर चढ़े निविदा कर्मी संतोष करंट की चपेट में आए - ज्यादा झुलस जाने के कारण वाराणसी रेफर के दौरान हुई मौत - करमा थाना क्षेत्र के जोगिनी गांव की घटना। Byte: रमेश चंद्र, अधीक्षण अभियंता, पीसीएल।2
- SUGRAULI जिले में अदानी परियोजना से प्रभावित गरीब आदिवासियों को मिलने वाले मुआवजे (मौजा) में अब कथित घोटाले के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि एक पटवारी ने नियमों को दरकिनार करते हुए धीरौली क्षेत्र में अपनी ही पत्नी के नाम पर मौजा दिलाने का काम किया...1