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सहर्षा के सोनवर्षा स्थित चकला टोला में सड़क की हालत बेहद खराब है। पानी और कीचड़ के कारण यह दलदल में बदल गई है, जिससे राहगीर आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क ठीक कराने की मांग की है।
Rustam kumar Rustam kumar
सहर्षा के सोनवर्षा स्थित चकला टोला में सड़क की हालत बेहद खराब है। पानी और कीचड़ के कारण यह दलदल में बदल गई है, जिससे राहगीर आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क ठीक कराने की मांग की है।
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- सोनवर्षा प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार को हुई तेज़ बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं सहरसा जिला के सोनवर्षा प्रखंड क्षेत्र में हुई तेज़ बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कटाई के समय हुई इस बारिश से किसानों की कमर टूटती नजर आ रही है। खेतों में तैयार खड़ी फसलें पानी में भींग गई हैं, वहीं जिन किसानों ने मकई की फसल काटकर सुखाने के लिए रखा था, उन्हें भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण मकई ठीक से सूख नहीं पा रही है, जिससे दानों के खराब होने और फसल की गुणवत्ता गिरने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि इस बार मौसम की मार ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन अब नुकसान की चिंता उन्हें सताने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह खेतों में पानी जमा हो गया है, जिससे कटाई और मड़ाई का काम भी प्रभावित हो रहा है।1
- सहर्षा के सोनवर्षा स्थित चकला टोला में सड़क की हालत बेहद खराब है। पानी और कीचड़ के कारण यह दलदल में बदल गई है, जिससे राहगीर आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क ठीक कराने की मांग की है।1
- gwalpara . Gram Post Shyam ward number 13 main nal ki problem hai jismein 1 sal se Pani nahin a Raha Hai peene Wale1
- Post by Sanjay kumar Rj3
- पटना में 8 मई को BPSC TRE 4 के छात्रों ने अपने हक के लिए आंदोलन किया और सरकार का घेराव किया। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाईं, जिसमें सैकड़ों छात्र घायल हुए और कई बेहोश हो गए। इस कार्रवाई ने छात्रों के विरोध के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- बिहार के सहरसा जिले के सौर बाज़ार में मध्यान्ह भोजन खाने के बाद दर्जनों बच्चे बीमार हो गए। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सभी बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।1
- मधेपुरा के सोनाय अनूप उच्च माध्यमिक विद्यालय में चार कमरों के भरोसे 800 छात्रों को पढ़ाया जा रहा है, जबकि उसकी क्षमता महज 200 की है। एक बेंच पर 5-6 बच्चे बैठने को मजबूर हैं, जिससे कई छात्र स्कूल छोड़ रहे हैं और पढ़ाई बाधित हो रही है। प्रशासन ने कई बार गुहार लगाई, पर अब तक नए कमरों के निर्माण पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।4
- बिहार के सहरसा जिले के सौर बाजार स्थित निजी विद्यालयों में नाबालिग ई-रिक्शा चालक बच्चों को स्कूल लाते-ले जाते हैं। यह बच्चों की ज़िंदगी के साथ सीधा खिलवाड़ है, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1