उत्तर प्रदेश के हापुड़ में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करने दिल्ली के किसान घाट जा रहे किसान नेताओं को पुलिस प्रशासन ने होम अरेस्ट कर लिया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वी एम सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ग्राम ततारपुर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महासचिव चौधरी वीरपाल सिंह के साथ दिल्ली रवाना हो रहा था, तभी पुलिस ने अचानक चौधरी वीरपाल सिंह को उनके निवास पर नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान, ततारपुर बाईपास से दिल्ली के लिए रवाना हो रहे राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रतिनिधिमंडल को भी पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। प्रदेश प्रवक्ता व हापुड़ के जिला अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र त्यागी के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल में मुकेश प्रजापति, राजकुमार वर्मा, दीपचंद प्रजापति, जगमेर सिंह और हरेंद्र सिंह शामिल थे, जिन्हें हिरासत में लेकर चौधरी वीरपाल सिंह के कैंप कार्यालय पर बैठा दिया गया। इसके अलावा, पुलिस प्रशासन ने राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता अधिवक्ता मुकुल कुमार त्यागी, मंडल उपाध्यक्ष वीरेश चौधरी और जिला अध्यक्ष अशोक डींगरा को भी होम अरेस्ट कर लिया। किसान नेताओं ने इस पुलिसिया कार्रवाई और सरकारी नीतियों पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। चौधरी वीरपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर है और वे चाहते हैं कि किसानों के कृषि उत्पाद, दुग्ध और डेयरी उत्पादों को इस ट्रेड डील के दायरे से बाहर रखा जाए। उन्होंने सरकार को किसान और नौजवान विरोधी बताते हुए कहा कि सरकार का यह रवैया देश के भविष्य के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। वहीं, राष्ट्रीय सैनिक संस्था के ज्ञानेन्द्र त्यागी ने कहा कि उनकी संस्था किसानों की जायज मांगों के लिए किसान संगठनों के साथ है और सरकार किसानों की आवाज को दबा नहीं सकती है।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करने दिल्ली के किसान घाट जा रहे किसान नेताओं को पुलिस प्रशासन ने होम अरेस्ट कर लिया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वी एम सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ग्राम ततारपुर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महासचिव चौधरी वीरपाल सिंह के साथ दिल्ली रवाना हो रहा था, तभी पुलिस ने अचानक चौधरी वीरपाल सिंह को उनके निवास पर नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान, ततारपुर बाईपास से दिल्ली के लिए रवाना हो रहे राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रतिनिधिमंडल को भी पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। प्रदेश प्रवक्ता व हापुड़ के जिला अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र त्यागी के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल में मुकेश प्रजापति, राजकुमार वर्मा, दीपचंद प्रजापति, जगमेर सिंह और हरेंद्र सिंह शामिल थे, जिन्हें हिरासत में लेकर चौधरी वीरपाल सिंह के कैंप कार्यालय पर बैठा दिया गया। इसके अलावा, पुलिस प्रशासन ने राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता अधिवक्ता मुकुल कुमार त्यागी, मंडल उपाध्यक्ष वीरेश चौधरी और जिला अध्यक्ष अशोक डींगरा को भी होम अरेस्ट कर लिया। किसान नेताओं ने इस पुलिसिया कार्रवाई और सरकारी नीतियों पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। चौधरी वीरपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर है और वे चाहते हैं कि किसानों के कृषि उत्पाद, दुग्ध और डेयरी उत्पादों को इस ट्रेड डील के दायरे से बाहर रखा जाए। उन्होंने सरकार को किसान और नौजवान विरोधी बताते हुए कहा कि सरकार का यह रवैया देश के भविष्य के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। वहीं, राष्ट्रीय सैनिक संस्था के ज्ञानेन्द्र त्यागी ने कहा कि उनकी संस्था किसानों की जायज मांगों के लिए किसान संगठनों के साथ है और सरकार किसानों की आवाज को दबा नहीं सकती है।
- हापुड़ में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के प्रथम आगमन पर कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत कर शक्ति प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की गई। इसके बाद आयोजित पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में संगठन की गहन समीक्षा की गई और 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई। सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष ने संविधान, युवाओं और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर अपने विचार रखे, जहाँ पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने आगामी चुनाव के लिए बड़ा संकल्प लिया।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में महिला थाने पर काउंसलिंग के लिए बुलाए गए एक पीड़ित परिवार के साथ महिला थाना प्रभारी द्वारा किए गए व्यवहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पीड़ित परिवार अपनी समस्या लेकर महिला थाने पहुंचा था, लेकिन महिला थाना प्रभारी पीड़ितों की बात सुनने की बजाय उन्हीं के साथ फोटो खिंचवाकर 1090 हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार करती नजर आ रही हैं। महिला थाने पर हुई इस लापरवाही और काउंसलिंग पर आए परिवारों के साथ 1090 का प्रचार करने की इस घटना से पीड़ित परिवार और आम जनता में भारी आक्रोश है। लोग अब यह गंभीर सवाल उठा रहे हैं कि जब थाने में न्याय मांगने आए लोगों की सुनवाई ही नहीं होगी, तो महिला सुरक्षा के दावे कैसे पूरे होंगे?1
- अहमदाबाद के रखियाल रोड पर सुखरामनगर वॉटर टैंक के सामने स्थित जय श्री राम वस्त्र भंडार NX ने प्लेन कुर्ता और पायजामा कॉम्बो के लिए ऑफर जारी किया है। इस कॉम्बो की कीमत ₹250 (जोड़ी) तय की गई है, जिसमें 34 से 44 तक की साइज उपलब्ध हैं। ऑनलाइन खरीदारी करने के लिए ग्राहक उत्पाद का स्क्रीनशॉट और साइज रिटेल नंबर 9316223024 पर व्हाट्सएप कर सकते हैं। दुकान में रिटेल के साथ-साथ होलसेल का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। यह शोरूम रोजाना सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है। यह प्रतिष्ठान साल में 365 दिन सेवा देता है और केवल महीने की आखिरी तारीख को बंद रहता है।1
- छात्रों के खून का हिसाब मांगने के लिए प्रदर्शनकारी सीधे प्रधानमंत्री के घर पहुंचे हैं। सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा गया है कि युवाओं की गुनहगार मोदी सरकार अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा से भाग नहीं सकती। देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने और उनके खिलाफ हुई क्रूरता का सीधा आरोप लगाते हुए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में अपनी लंबित मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों का कलेक्ट्रेट घेराव और धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। मंगलवार दोपहर को मेरठ की तीन तहसीलों से किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और निजी वाहनों में सवार होकर कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और कमिश्नरी चौराहे पर डेरा डाल दिया। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी सुरक्षा और पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन के दौरान भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि कई बार ज्ञापन सौंपने और किसान दिवस में गंभीर मुद्दों को उठाने के बावजूद प्रशासन ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासनिक अधिकारियों से स्पष्ट आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।1
- दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद हापुड़ में राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। किसी भी संभावित विरोध-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस ने एहतियाती तौर पर समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष आनंद गुर्जर सहित पार्टी के कई अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को नगर कोतवाली हापुड़ में रोक लिया है। इस कार्रवाई के विरोध में जिला अध्यक्ष आनंद गुर्जर ने अखिलेश यादव की तुरंत रिहाई की मांग की है और कहा कि पार्टी छात्रों के मुद्दों पर लगातार अपनी आवाज उठाती रहेगी। दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक कदम उठाए गए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करने दिल्ली के किसान घाट जा रहे किसान नेताओं को पुलिस प्रशासन ने होम अरेस्ट कर लिया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वी एम सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ग्राम ततारपुर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महासचिव चौधरी वीरपाल सिंह के साथ दिल्ली रवाना हो रहा था, तभी पुलिस ने अचानक चौधरी वीरपाल सिंह को उनके निवास पर नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान, ततारपुर बाईपास से दिल्ली के लिए रवाना हो रहे राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रतिनिधिमंडल को भी पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। प्रदेश प्रवक्ता व हापुड़ के जिला अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र त्यागी के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल में मुकेश प्रजापति, राजकुमार वर्मा, दीपचंद प्रजापति, जगमेर सिंह और हरेंद्र सिंह शामिल थे, जिन्हें हिरासत में लेकर चौधरी वीरपाल सिंह के कैंप कार्यालय पर बैठा दिया गया। इसके अलावा, पुलिस प्रशासन ने राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता अधिवक्ता मुकुल कुमार त्यागी, मंडल उपाध्यक्ष वीरेश चौधरी और जिला अध्यक्ष अशोक डींगरा को भी होम अरेस्ट कर लिया। किसान नेताओं ने इस पुलिसिया कार्रवाई और सरकारी नीतियों पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। चौधरी वीरपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर है और वे चाहते हैं कि किसानों के कृषि उत्पाद, दुग्ध और डेयरी उत्पादों को इस ट्रेड डील के दायरे से बाहर रखा जाए। उन्होंने सरकार को किसान और नौजवान विरोधी बताते हुए कहा कि सरकार का यह रवैया देश के भविष्य के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। वहीं, राष्ट्रीय सैनिक संस्था के ज्ञानेन्द्र त्यागी ने कहा कि उनकी संस्था किसानों की जायज मांगों के लिए किसान संगठनों के साथ है और सरकार किसानों की आवाज को दबा नहीं सकती है।1