सिद्धार्थनगर में फर्जी अस्पताल और जांच केंद्र का संचालन: बिना लाइसेंस एक्स-रे सिद्धार्थनगर के मोहाना चौराहे पर संचालित एक अस्पताल और दो जांच केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई है। जिसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विभागीय जांच में भी अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी है। मोगिस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक का स्वास्थ्य विभाग में केवल 10 बेड का पंजीकरण है। इसके बावजूद अस्पताल दो अलग-अलग इमारतों में संचालित हो रहा था और पंजीकरण से कहीं अधिक बेड पर मरीजों का इलाज किया जा रहा था। पड़ताल में यह भी पाया गया कि अस्पताल परिसर में एक्स-रे और सीआर मशीनों से मरीजों की जांच की जा रही थी, जबकि इन मशीनों के संचालन से जुड़े लाइसेंस और अनुमति से संबंधित दस्तावेज मौके पर स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं थे। इसके अगले दिन 27 फरवरी को प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आया कि मोहाना चौराहे पर ही संचालित आदर्श पैथोलॉजी और आर्यन अल्ट्रासाउंड सेंटर का स्वास्थ्य विभाग में कोई वैध पंजीकरण नहीं है। इसके बावजूद यहां मरीजों की जांच और अल्ट्रासाउंड खुलेआम किए जा रहे थे। इन खुलासों के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। सदर नायब तहसीलदार अमित सिंह के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोगिस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के दो इमारतों में संचालित होने और 10 से अधिक बेड लगाए जाने की पुष्टि हुई। साथ ही परिसर में एक्स-रे और सीआर मशीनें भी संचालित अवस्था में मिलीं। जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। नोटिस में पूछा गया था कि जब अस्पताल का पंजीकरण केवल 10 बेड का है तो दो इमारतों में संचालन क्यों किया जा रहा है और एक्स-रे व सीआर मशीन के संचालन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं। XS हालांकि अब 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो अतिरिक्त भवन को सील किया गया है और न ही बिना स्पष्ट लाइसेंस के संचालित मशीनों पर कोई कार्रवाई हुई है। इसी तरह बिना पंजीकरण संचालित आदर्श पैथोलॉजी और आर्यन अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ भी किसी सख्त कदम की जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल और जांच केंद्र पहले की तरह ही खुलेआम संचालित हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब जांच में अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी है, तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जांच की थी। अस्पताल में पंजीकरण से अधिक बेड तथा एक्स-रे और सीआर मशीन मिलने की पुष्टि हुई थी। अस्पताल संचालक से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
सिद्धार्थनगर में फर्जी अस्पताल और जांच केंद्र का संचालन: बिना लाइसेंस एक्स-रे सिद्धार्थनगर के मोहाना चौराहे पर संचालित एक अस्पताल और दो जांच केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई है। जिसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विभागीय जांच में भी अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी है। मोगिस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक का स्वास्थ्य विभाग में केवल 10 बेड का पंजीकरण है। इसके बावजूद अस्पताल दो अलग-अलग इमारतों में संचालित हो रहा था और पंजीकरण से कहीं अधिक बेड पर मरीजों का इलाज किया जा रहा था। पड़ताल में यह भी पाया गया कि अस्पताल परिसर में एक्स-रे और सीआर मशीनों से मरीजों की जांच की जा रही थी, जबकि इन मशीनों के संचालन से जुड़े लाइसेंस और अनुमति से संबंधित दस्तावेज मौके पर स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं थे। इसके अगले दिन 27 फरवरी को प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आया कि मोहाना चौराहे पर ही संचालित आदर्श पैथोलॉजी और आर्यन अल्ट्रासाउंड सेंटर का स्वास्थ्य विभाग में कोई वैध पंजीकरण नहीं है। इसके बावजूद यहां मरीजों की जांच और अल्ट्रासाउंड खुलेआम किए जा रहे थे। इन खुलासों के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। सदर नायब तहसीलदार अमित सिंह के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोगिस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के दो इमारतों में संचालित होने और 10 से अधिक बेड लगाए जाने की पुष्टि हुई। साथ ही परिसर में एक्स-रे और सीआर मशीनें भी संचालित अवस्था में मिलीं। जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। नोटिस में पूछा गया था कि जब अस्पताल का पंजीकरण केवल 10 बेड का है तो दो इमारतों में संचालन क्यों किया जा रहा है और एक्स-रे व सीआर मशीन के संचालन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं। XS हालांकि अब 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो अतिरिक्त भवन को सील किया गया है और न ही बिना स्पष्ट लाइसेंस के संचालित मशीनों पर कोई कार्रवाई हुई है। इसी तरह बिना पंजीकरण संचालित आदर्श पैथोलॉजी और आर्यन अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ भी किसी सख्त कदम की जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल और जांच केंद्र पहले की तरह ही खुलेआम संचालित हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब जांच में अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी है, तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जांच की थी। अस्पताल में पंजीकरण से अधिक बेड तथा एक्स-रे और सीआर मशीन मिलने की पुष्टि हुई थी। अस्पताल संचालक से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
- सिद्धार्थनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक अपराधी के पैर में गोली लगी है, जबकि उसके साथी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना 12 और 13 मार्च की दरमियानी रात करीब 2:45 बजे सनई-शोहरतगढ़ मार्ग पर पतसिया के पास हुई। पुलिस ने इनके कब्जे से बिना नंबर प्लेट की एक इनोवा कार, एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। एसओजी प्रभारी मिथिलेश कुमार राय अपनी टीम के साथ कोतवाली नौगढ़ पुलिस के सहयोग से साडी तिराहा क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक बिना नंबर प्लेट की इनोवा कार तेज गति से आती दिखाई दी। पुलिस ने उसे रोकने का संकेत दिया, लेकिन चालक गाड़ी रोकने के बजाय तेजी से भागने लगा। भागते समय वाहन डिवाइडर से टकरा गया और फिर शोहरतगढ़ की ओर बढ़ गया। संदिग्ध स्थिति को देखते हुए इसकी सूचना जिला नियंत्रण कक्ष और आसपास की पुलिस टीमों को दी गई। शेयर पुलिसिद्धार्थनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक अपराधी के पैर में गोली लगी है, जबकि उसके साथी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना 12 और 13 मार्च की दरमियानी रात करीब 2:45 बजे सनई-शोहरतगढ़ मार्ग पर पतसिया के पास हुई। पुलिस ने इनके कब्जे से बिना नंबर प्लेट की एक इनोवा कार, एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। एसओजी प्रभारी मिथिलेश कुमार राय अपनी टीम के साथ कोतवाली नौगढ़ पुलिस के सहयोग से साडी तिराहा क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक बिना नंबर प्लेट की इनोवा कार तेज गति से आती दिखाई दी। पुलिस ने उसे रोकने का संकेत दिया, लेकिन चालक गाड़ी रोकने के बजाय तेजी से भागने लगा। भागते समय वाहन डिवाइडर से टकरा गया और फिर शोहरतगढ़ की ओर बढ़ गया। संदिग्ध स्थिति को देखते हुए इसकी सूचना जिला नियंत्रण कक्ष और आसपास की पुलिस टीमों को दी गई। शेयर पुलिस की कई टीमों ने घेराबंदी करके आरोपियों को भागने का मौका नहीं दिया। पुलिस की टीमें लगातार पीछा करती रहीं शोहरतगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह अपनी टीम के साथ आगे से घेराबंदी करने लगे, जबकि जोगिया उदयपुर थानाध्यक्ष अभय सिंह भी अपनी टीम के साथ मौके की ओर रवाना हुए। पीछे से मिथिलेश कुमार राय अपनी एसओजी टीम और कोतवाली नौगढ़ पुलिस के साथ बदमाशों का पीछा करते रहे। एसओजी टीम की गाड़ी में लगी गोली कुछ ही दूरी पर सनई-शोहरतगढ़ मार्ग स्थित पतसिया के पास पुलिस ने बदमाशों को घेर लिया। घिरते देख बदमाश इनोवा से उतरकर भागने लगे और पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। एक गोली एसओजी टीम की गाड़ी में लगी, हालांकि पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। घायलों का अस्पताल में चल रहा इलाज घायल बदमाश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने उसके साथी को मौके से ही पकड़ लिया। दोनों आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और लूटी गई इस कार को नंबर प्लेट हटाकर नेपाल में तस्करी के लिए ले जाने की तैयारी में थे बिहार के रहने वाले हैं आरोपी पकड़े गए बदमाशों की पहचान अंकित कुमार निवासी भरतपुर थाना महुआ जिला वैशाली (बिहार) और विजय सिंह निवासी आमी थाना अवतारनगर जिला छपरा (बिहार) के रूप में हुई। मुठभेड़ में घायल अंकित कुमार को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। आरोपियों ने फायरिंग की तो एसओजी की गाड़ी पर गोली लगी। चालक को नशीला पदार्थ पिलाया पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि 22 फरवरी 2026 को उन्होंने नौगढ़ रेलवे स्टेशन क्षेत्र से इनोवा कार बुक कराई थी। रास्ते में बिहार के गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र के पास उन्होंने वाहन चालक को नशीला पदार्थ पिला दिया और कार लेकर फरार हो गए। इस मामले में वाहन स्वामी नागेंद्र गुप्ता निवासी शिवपुरी कॉलोनी शास्त्री नगर थाना कोतवाली नौगढ़ की तहरीर पर 22 फरवरी को कोतवाली नौगढ़ में मुकदमा दर्ज कराया गया था। नंबर प्लेट हटाकर बेचने की योजना थी आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे इनोवा कार की नंबर प्लेट हटाकर उसे नेपाल ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से बिना नंबर प्लेट की इनोवा कार, 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। कार्रवाई में शामिल टीम इस कार्रवाई में एसओजी प्रभारी मिथिलेश कुमार राय, शोहरतगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह, जोगिया उदयपुर थानाध्यक्ष अभय सिंह, उपनिरीक्षक विजयशंकर सिंह, उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव, उपनिरीक्षक संतोष सिंह, हेड कांस्टेबल राजीव शुक्ला, मनोज राय, दिलीप कुमार, आशुतोष दूबे, पुष्पेंद्र गौतम, कांस्टेबल वीरेंद्र तिवारी, सत्येंद्र यादव, छविराज यादव, कृष्णपाल और धर्मनाथ सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने इस मामले में जोगिया उदयपुर थाने में मुठभेड़ और अवैध हथियार से संबंधित धाराओं में नया मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।स की कई टीमों ने घेराबंदी करके आरोपियों को भागने का मौका नहीं दिया। पुलिस की टीमें लगातार पीछा करती रहीं शोहरतगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह अपनी टीम के साथ आगे से घेराबंदी करने लगे, जबकि जोगिया उदयपुर थानाध्यक्ष अभय सिंह भी अपनी टीम के साथ मौके की ओर रवाना हुए। पीछे से मिथिलेश कुमार राय अपनी एसओजी टीम और कोतवाली नौगढ़ पुलिस के साथ बदमाशों का पीछा करते रहे। एसओजी टीम की गाड़ी में लगी गोली कुछ ही दूरी पर सनई-शोहरतगढ़ मार्ग स्थित पतसिया के पास पुलिस ने बदमाशों को घेर लिया। घिरते देख बदमाश इनोवा से उतरकर भागने लगे और पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। एक गोली एसओजी टीम की गाड़ी में लगी, हालांकि पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। घायलों का अस्पताल में चल रहा इलाज घायल बदमाश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने उसके साथी को मौके से ही पकड़ लिया। दोनों आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और लूटी गई इस कार को नंबर प्लेट हटाकर नेपाल में तस्करी के लिए ले जाने की तैयारी में थे। शेयर आरोपियों के कब्जे से बरामद कार, जिसे वो बेचने जा रहे थे। बिहार के रहने वाले हैं आरोपी पकड़े गए बदमाशों की पहचान अंकित कुमार निवासी भरतपुर थाना महुआ जिला वैशाली (बिहार) और विजय सिंह निवासी आमी थाना अवतारनगर जिला छपरा (बिहार) के रूप में हुई। मुठभेड़ में घायल अंकित कुमार को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। आरोपियों ने फायरिंग की तो एसओजी की गाड़ी पर गोली लगी। चालक को नशीला पदार्थ पिलाया पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि 22 फरवरी 2026 को उन्होंने नौगढ़ रेलवे स्टेशन क्षेत्र से इनोवा कार बुक कराई थी। रास्ते में बिहार के गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र के पास उन्होंने वाहन चालक को नशीला पदार्थ पिला दिया और कार लेकर फरार हो गए। इस मामले में वाहन स्वामी नागेंद्र गुप्ता निवासी शिवपुरी कॉलोनी शास्त्री नगर थाना कोतवाली नौगढ़ की तहरीर पर 22 फरवरी को कोतवाली नौगढ़ में मुकदमा दर्ज कराया गया था। नंबर प्लेट हटाकर बेचने की योजना थी आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे इनोवा कार की नंबर प्लेट हटाकर उसे नेपाल ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से बिना नंबर प्लेट की इनोवा कार, 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। कार्रवाई में शामिल टीम इस कार्रवाई में एसओजी प्रभारी मिथिलेश कुमार राय, शोहरतगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह, जोगिया उदयपुर थानाध्यक्ष अभय सिंह, उपनिरीक्षक विजयशंकर सिंह, उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव, उपनिरीक्षक संतोष सिंह, हेड कांस्टेबल राजीव शुक्ला, मनोज राय, दिलीप कुमार, आशुतोष दूबे, पुष्पेंद्र गौतम, कांस्टेबल वीरेंद्र तिवारी, सत्येंद्र यादव, छविराज यादव, कृष्णपाल और धर्मनाथ सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने इस मामले में जोगिया उदयपुर थाने में मुठभेड़ और अवैध हथियार से संबंधित धाराओं में नया मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- ईरान बोला- शिप के लिए होर्मुज का रास्ता नहीं खुलेगा; सिलेंडर दोगुने रेट में बिक रहा; यूपी में HP के 2 अफसरों की हत्या1
- थाना पीपीगंज क्षेत्रान्तर्गत शव मिलने के संबंध में क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज द्वारा दी गयी वीडियो बाइट-1
- लाइन में खड़े गरीब उपभोक्ताओं को नहीं मिला गैस सिलेंडर! पैसा और शोहरत वालों को बाहर से मिल रहा सिलेंडर , ग्राहकों का आरोप! #Maharajganj #Anandnagar #gas #cylinder #Israel #iran #war #person #indian1
- आकाशवनी, 14 -3- 2026 ई0, 👉🏾 वैश्वीक संकट में क्यों जरूरी है❓ ➡️ आत्मनिर्भर भारत❗ No matter of the global challenges our priority remains clear, The welfar, 140 crore India's.1
- संतकबीरनगर। जिलाधिकारी संतकबीरनगर आलोक कुमार व पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना द्वारा संयुक्त रुप से उ0नि0 नागरिक पुलिस भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढ़ग से संपन्न कराने के उद्देश्य से एचआरपीजी कॉलेज, एचआरआईसी कॉलेज, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज तथा राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खलीलाबाद सहित अन्य परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था, व्यवस्थापन एवं परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया गया तथा निरीक्षण के दौरान ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने, अभ्यर्थियों की सुगम व व्यवस्थित प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने, संदिग्ध व्यक्तियों पर सतर्क दृष्टि रखने तथा परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न होने देने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अनुचित गतिविधि या नकल से संबंधित प्रयासों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा सभी अधिकारी पूरी सतर्कता, निष्पक्षता एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें एवं उ0नि0 नागरिक पुलिस भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा को सकुशल एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है तथा सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ।4
- bahut achcha quality1
- सिद्धार्थनगर के मोहाना चौराहे पर संचालित एक अस्पताल और दो जांच केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई है। जिसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विभागीय जांच में भी अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी है। मोगिस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक का स्वास्थ्य विभाग में केवल 10 बेड का पंजीकरण है। इसके बावजूद अस्पताल दो अलग-अलग इमारतों में संचालित हो रहा था और पंजीकरण से कहीं अधिक बेड पर मरीजों का इलाज किया जा रहा था। पड़ताल में यह भी पाया गया कि अस्पताल परिसर में एक्स-रे और सीआर मशीनों से मरीजों की जांच की जा रही थी, जबकि इन मशीनों के संचालन से जुड़े लाइसेंस और अनुमति से संबंधित दस्तावेज मौके पर स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं थे। इसके अगले दिन 27 फरवरी को प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आया कि मोहाना चौराहे पर ही संचालित आदर्श पैथोलॉजी और आर्यन अल्ट्रासाउंड सेंटर का स्वास्थ्य विभाग में कोई वैध पंजीकरण नहीं है। इसके बावजूद यहां मरीजों की जांच और अल्ट्रासाउंड खुलेआम किए जा रहे थे। इन खुलासों के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। सदर नायब तहसीलदार अमित सिंह के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोगिस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के दो इमारतों में संचालित होने और 10 से अधिक बेड लगाए जाने की पुष्टि हुई। साथ ही परिसर में एक्स-रे और सीआर मशीनें भी संचालित अवस्था में मिलीं। जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। नोटिस में पूछा गया था कि जब अस्पताल का पंजीकरण केवल 10 बेड का है तो दो इमारतों में संचालन क्यों किया जा रहा है और एक्स-रे व सीआर मशीन के संचालन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं। XS हालांकि अब 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो अतिरिक्त भवन को सील किया गया है और न ही बिना स्पष्ट लाइसेंस के संचालित मशीनों पर कोई कार्रवाई हुई है। इसी तरह बिना पंजीकरण संचालित आदर्श पैथोलॉजी और आर्यन अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ भी किसी सख्त कदम की जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल और जांच केंद्र पहले की तरह ही खुलेआम संचालित हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब जांच में अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी है, तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जांच की थी। अस्पताल में पंजीकरण से अधिक बेड तथा एक्स-रे और सीआर मशीन मिलने की पुष्टि हुई थी। अस्पताल संचालक से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।1