झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग के चर्चित वन भूमि घोटाला मामले में आरोपी राजस्व उप निरीक्षक संतोष कुमार वर्मा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की एकल पीठ ने मामले की जांच जारी रहने और कई महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड के अब तक गायब होने का हवाला देते हुए आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ देने से इनकार किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जांच एजेंसी द्वारा बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद संतोष कुमार वर्मा जांच में शामिल नहीं हुए। साथ ही, अदालत के समक्ष पेश दस्तावेजों और शपथ पत्र में उनकी संलिप्तता से जुड़े कई तथ्यों का उल्लेख किया गया है, और एक सह-आरोपी के बयान में भी उनका नाम सामने आया है। सुनवाई के दौरान, संतोष कुमार वर्मा के अधिवक्ता ने दावा किया कि विवादित दाखिल-खारिज एक फर्जी रिपोर्ट पर आधारित था जिस पर उनके मुवक्किल के हस्ताक्षर नहीं थे, और उन्होंने शुरू से ही इस प्रक्रिया का विरोध किया था। बचाव पक्ष ने तत्कालीन उपायुक्त और आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे पर कथित रूप से फर्जी रिपोर्ट में बदलाव करने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्मा के इनकार पर वर्ष 2010 में उनका तबादला कर दिया गया था, और संबंधित रिकॉर्ड अभी भी गायब हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अग्रिम जमानत याचिका का कड़ा विरोध करते हुए अदालत को बताया कि यह मामला सरकारी और वन भूमि को अवैध तरीके से निजी लोगों के नाम दर्ज कराने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। एसीबी के अनुसार, इस पूरे खेल में भूमि माफिया और तत्कालीन अंचल कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत थी, और घोटाले से जुड़े कई सरकारी रिकॉर्ड या तो नष्ट कर दिए गए हैं या गायब हैं। जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि आरोपी को कई बार समन भेजा गया, लेकिन वह लगातार जांच से बचता रहा, जबकि इसी अवधि के अन्य दाखिल-खारिज मामलों के दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर मौजूद हैं और सह-आरोपी अलका कुमारी ने भी अपने बयान में उसकी भूमिका का उल्लेख किया है। एसीबी ने यह भी जानकारी दी कि आरोपी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में अलग से प्रारंभिक जांच चल रही है। हजारीबाग का यह चर्चित मामला करोड़ों रुपये मूल्य की 28 डिसमिल 'गैर मजरूआ खास जंगल झाड़' श्रेणी की सरकारी वन भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री से संबंधित है, जिसे नियमों के विपरीत निजी नाम पर दर्ज कराकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से उसका दाखिल-खारिज भी करा दिया गया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एसीबी ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया है और तत्कालीन उपायुक्त एवं आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे, नेक्सजेन कंपनी के संचालक विनय कुमार सिंह और उनकी पत्नी सहित कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। एसीबी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग के चर्चित वन भूमि घोटाला मामले में आरोपी राजस्व उप निरीक्षक संतोष कुमार वर्मा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की एकल पीठ ने मामले की जांच जारी रहने और कई महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड के अब तक गायब होने का हवाला देते हुए आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ देने से इनकार किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जांच एजेंसी द्वारा बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद संतोष कुमार वर्मा जांच में शामिल नहीं हुए। साथ ही, अदालत के समक्ष पेश दस्तावेजों और शपथ पत्र में उनकी संलिप्तता से जुड़े कई तथ्यों का उल्लेख किया गया है, और एक सह-आरोपी के बयान में भी उनका नाम सामने आया है। सुनवाई के दौरान, संतोष कुमार वर्मा के अधिवक्ता ने दावा किया कि विवादित दाखिल-खारिज एक फर्जी रिपोर्ट पर आधारित था जिस पर उनके मुवक्किल के हस्ताक्षर नहीं थे, और उन्होंने शुरू से ही इस प्रक्रिया का विरोध किया था। बचाव पक्ष ने तत्कालीन उपायुक्त और आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे पर कथित रूप से फर्जी रिपोर्ट में बदलाव करने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्मा के इनकार पर वर्ष 2010 में उनका तबादला कर दिया गया था, और संबंधित रिकॉर्ड अभी भी गायब हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अग्रिम जमानत याचिका का कड़ा विरोध करते हुए अदालत को बताया कि यह मामला सरकारी और वन भूमि को अवैध तरीके से निजी लोगों के नाम दर्ज कराने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। एसीबी के अनुसार, इस पूरे खेल में भूमि माफिया और तत्कालीन अंचल कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत थी, और घोटाले से जुड़े कई सरकारी रिकॉर्ड या तो नष्ट कर दिए गए हैं या गायब हैं। जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि आरोपी को कई बार समन भेजा गया, लेकिन वह लगातार जांच से बचता रहा, जबकि इसी अवधि के अन्य दाखिल-खारिज मामलों के दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर मौजूद हैं और सह-आरोपी अलका कुमारी ने भी अपने बयान में उसकी भूमिका का उल्लेख किया है। एसीबी ने यह भी जानकारी दी कि आरोपी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में अलग से प्रारंभिक जांच चल रही है। हजारीबाग का यह चर्चित मामला करोड़ों रुपये मूल्य की 28 डिसमिल 'गैर मजरूआ खास जंगल झाड़' श्रेणी की सरकारी वन भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री से संबंधित है, जिसे नियमों के विपरीत निजी नाम पर दर्ज कराकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से उसका दाखिल-खारिज भी करा दिया गया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एसीबी ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया है और तत्कालीन उपायुक्त एवं आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे, नेक्सजेन कंपनी के संचालक विनय कुमार सिंह और उनकी पत्नी सहित कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। एसीबी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
- NEET परीक्षा 2026 को लेकर हजारीबाग जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिले में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से गत रात जिला प्रशासन की टीम ने कई होटलों और रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया। यह अभियान आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली NEET परीक्षा के मद्देनजर विशेष रूप से चलाया जा रहा है, जिसकी सतर्कता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि 2024 में हजारीबाग से प्रश्नपत्र लीक हुआ था। उपायुक्त हजारीबाग हेमंत सती और पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रूपक कुमार सिंह, डीएसपी सीसीआर अरमानुल हक, कोर्रा थाना प्रभारी और सशस्त्र बल के जवानों द्वारा गत रात्रि कोर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न होटलों में ठहरे हुए व्यक्तियों का सत्यापन और जांच की गई। जांच के दौरान, होटल संचालकों और प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे आगंतुकों के उचित पहचान पत्रों का सत्यापन सुनिश्चित करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन एवं पुलिस को दें। अधिकारियों ने होटल संचालकों से परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग करने का आग्रह किया। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि NEET परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अवैध कार्य अथवा परीक्षा से संबंधित अनियमितताओं पर प्रशासन की कड़ी नजर है और ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।3
- हजारीबाग में आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (NEET) परीक्षा के मद्देनजर, उपायुक्त हेमंत सती और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इसी क्रम में, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) श्री रूपक कुमार सिंह, डीएसपी सीसीआर श्री अरमानुल हक, कोर्रा थाना प्रभारी और सशस्त्र बल के जवानों ने गत रात्रि कोर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न होटलों में ठहरे हुए व्यक्तियों का सत्यापन एवं जांच की। इस जांच अभियान के दौरान, मनोकामना होटल, स्वागत पैलेस, होटल मीत मिलन, होटल वनांचल सहित अन्य होटलों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने होटल संचालकों और प्रबंधकों को आगंतुकों का समुचित अभिलेख संधारित करने, पहचान पत्रों का सत्यापन सुनिश्चित करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन एवं पुलिस को देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, होटल संचालकों से परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग करने का आग्रह भी किया गया। जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नीट परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन की कड़ी नजर किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अवैध कार्य अथवा परीक्षा से संबंधित अनियमितताओं पर है, और ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- रामगढ़ जिले के डीएवी आरा कुजू में एक 'नशा मुक्ति अभियान' का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत बच्चों ने मिलकर एक जागरूकता रैली निकाली।1
- झारखंड में संजय मेहता ने डुमरी के विधायक जयराम महतो से सीधा सवाल किया है। मेहता ने विधायक महतो से सीधे तौर पर पूछा कि क्या वे ‘बिक गए’ हैं।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हजारीबाग के दारू थाना परिसर में एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर थाना के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों ने एकजुटता दिखाते हुए सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान, सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए, जिसके माध्यम से उन्होंने स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।1
- मेडीफर्स्ट हॉस्पिटल ने केवल दो साल की छोटी अवधि में ही लोगों के बीच भरोसे का दूसरा नाम स्थापित कर लिया है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के शुभ अवसर पर हजारीबाग में जिला आयुष समिति और आयुष विभाग द्वारा जन-जागरूकता अभियान के तहत एक भव्य प्रभातफेरी का आयोजन किया गया। इस प्रभातफेरी का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को योग के प्रति जागरूक करना तथा आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले विश्व योग दिवस कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना था। यह प्रभातफेरी हजारीबाग शहर की हृदयस्थली झील परिसर स्थित त्रिमूर्ति चौक से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहाँ “करे योग, रहे निरोग” और “योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को योग अपनाने का संदेश दिया गया। जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी हजारीबाग डॉ. श्यामानंद तिवारी ने प्रभातफेरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है। उन्होंने योग को केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति बताया तथा लोगों से नियमित रूप से योग करने एवं अपने परिवार व समाज को भी इससे जोड़ने का आह्वान किया। जिला आयुष नोडल सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. आनन्द शाही ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “Yoga for Healthy Ageing” निर्धारित की गई है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, विशेष रूप से बढ़ती उम्र में। आयुष विभाग के अनुसार, 21 जून 2026 को विश्व योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम जिला आयुष समिति हजारीबाग के तत्वावधान में कर्जन ग्राउंड, हजारीबाग में सुबह 6 बजे से 8 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस भव्य आयोजन में जिले के हजारों योग प्रेमियों, विद्यार्थियों, सरकारी कर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना है, जिसके मुख्य अतिथि हजारीबाग के उपायुक्त श्री हेमंत सती होंगे। योग दिवस को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत प्रचार वाहन के माध्यम से जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों में योग के लाभों की जानकारी दी जा रही है। जिला आयुष समिति हजारीबाग ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं, क्योंकि योग रोगों से बचाव के साथ-साथ एक स्वस्थ, सुखी और सकारात्मक जीवन की आधारशिला भी है। प्रभातफेरी कार्यक्रम में डॉ. आनन्द शाही, झारखंड सेवा मंडल के सचिव सुबोध ओझा, पंचकर्म प्रभारी डॉ. विजय तिवारी, डीपीएम आयुष जमाल, डॉ. रंजीत कुमार दांगी, डॉ. नीरज उपाध्याय, डॉ. राजेश मिश्रा, डॉ. जोशी कुमार, डॉ. संतोष कुमार, योग शिक्षक संजीव कुमार, सुमित कुमार, अजय सिंह, रीना कुमारी, कांति कुमारी, अंशु कुमार, अर्चना देवी, आरती कुमारी, आयुष कार्यालय की कर्मचारी राजनंदनी, हरिनंदन यादव, संतोष कुमार सहित बड़ी संख्या में आयुष विभाग के चिकित्सक, कर्मचारी एवं योग साधक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वयं नियमित योग करने और समाज के अधिक से अधिक लोगों को योग के प्रति जागरूक कर स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का संकल्प लिया।1
- झारखंड के बरकट्ठा थाना क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा बालू खनन पर रोक लगाए जाने के बावजूद अवैध बालू खनन और तस्करी का कारोबार दिन-रात बेखौफ जारी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इन बालू तस्करों को पुलिस-प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, एनजीटी ने 10 जून से लेकर 15 अक्टूबर तक झारखंड की सभी नदियों से बालू खनन, भंडारण और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। यह फैसला हर साल मॉनसून के दौरान पर्यावरण संरक्षण और नदियों के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया जाता है, जिसके तहत राज्य के सभी 444 बालू घाट बंद रहेंगे। राज्य सरकार और खनन विभाग ने सभी जिलों को इस प्रतिबंध अवधि में अवैध खनन और परिवहन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी जारी किए हैं, और 15 अक्टूबर के बाद ही परिस्थितियों की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, बरकट्ठा थाना क्षेत्र के बेडोकला गांव में तीन स्थानों पर बालू का अवैध भंडारण और स्टॉक पॉइंट बनाकर व्यापक पैमाने पर इसका परिवहन किया जा रहा है। बराकर नदी घाट के गढ़गी, जतघघरा, सलैयडीह, बरकंनगांगों, छुतहरी कटिया समेत अन्य स्थानों से दिन-रात बालू का खनन कर उसे बेडोकला गांव में जमा किया जाता है। इसके बाद, इसे प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से होकर जीटी रोड पार करते हुए बरकट्ठा, कोनहरा, चेचकप्पी और इचाक होते हुए हजारीबाग तक बेखौफ ट्रैक्टर और मिनी हाइवा टिपर से ले जाया जा रहा है। एक कारोबारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह अवैध खनन और परिवहन स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मिलकर किया जाता है, जिससे बरकट्ठा सीओ और थाना पुलिस की मिलीभगत पर सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि जानकारी होने के बावजूद वे इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।1
- हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर ने सरकारी स्कूलों की बदहाली के बीच एक नई मिसाल कायम की है। रविवार सुबह विद्यालय प्रांगण में गुरु और शिष्यों ने एक साथ योगाभ्यास किया, जिससे प्राचीन गुरुकुल की परंपरा पुनर्जीवित होती दिखी। इस आयोजन ने शिक्षकों के सम्मान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी, और एक पत्रकार को सकारात्मक खबर भी दी। विद्यालय के बरामदे और प्रांगण में बिछे हरे तिरपाल पर हरे-सफेद वर्दी में दर्जनों छात्र-छात्राएं योग कर रहे थे। एक ओर प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं बालासन और पद्मासन में लीन थे, तो दूसरी ओर बच्चे भी पूर्ण अनुशासन से उनका अनुसरण कर रहे थे। 'ऊँच्च विद्यालय दैहर' का बोर्ड, दीवारों पर बने तिरंगा, उगते सूरज और रानी लक्ष्मी बाई के चित्र इस आयोजन को और गौरवशाली बना रहे थे। बारिश से भीगे मैदान और निर्माण सामग्री के बीच भी बच्चों का यह समर्पण सबको अभिभूत कर गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक उपेंद्र वर्मा ने किया, जिन्होंने माइक के माध्यम से प्रत्येक योगासन की बारीकियां समझाईं और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। एक शिक्षक की टी-शर्ट पर लिखा 'आयुष विभाग हजारीबाग, योग रहे निरोग' यह दर्शाता था कि यह पहल स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हो रही है। इस अवसर पर मौजूद समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने बच्चों और शिक्षकों का हौसला बढ़ाते हुए योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि योगाभ्यास से मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, जिससे अच्छे विचार आते हैं और अच्छे समाज तथा सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने विद्यालय परिवार के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि आज के बच्चे मानसिक तनाव से घिरे हैं, और उनका लक्ष्य है कि बच्चे केवल अंक पाने वाली मशीन न बनकर अच्छे इंसान बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योग से एकाग्रता, अनुशासन और आत्मबल बढ़ता है, और जब गुरु स्वयं मैदान में उतरकर झुकेंगे, तभी शिष्य भी सीखेगा, यहीं से नए भारत की नींव तैयार होगी। बच्चों की आंखों में दिखा आत्मविश्वास बता रहा था कि यह पहल उनके भविष्य को नई दिशा दे रही है। अक्सर सरकारी स्कूलों की नकारात्मक खबरें ही सुर्खियां बनती हैं, लेकिन दैहर का यह विद्यालय उन हजारों समर्पित शिक्षकों का सम्मान है जो बिना प्रचार के चुपचाप देश का भविष्य गढ़ रहे हैं। यह खबर समाज से अपील करती है कि अपने शिक्षकों पर भरोसा करें और सरकारी स्कूलों का मान बढ़ाएं, क्योंकि यहां भी हीरे तराशे जा रहे हैं। उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर अब केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि 'संस्कारशाला' बन गया है, जहाँ गुरु-शिष्य का रिश्ता, समाजसेवी का सहयोग और बच्चों का समर्पण मिलकर एक नया इतिहास रच रहे हैं। ऐसे गुरुओं को सलाम, नागेंद्र कुमार कुशवाहा जैसे मार्गदर्शकों का आभार, और उन बच्चों को नमन जो कल का नया भारत बनेंगे। 'ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः॥' मंत्रोच्चारण के साथ यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।4