सीबकथॉर्न जूस को पोषण का पावरहाउस माना जाता है, जिसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और फैटी एसिड्स पाए जाते हैं। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से इसके कई महत्वपूर्ण लाभ बताए गए हैं। यह पोषक तत्वों का खजाना है, जिसमें संतरे की तुलना में कई गुना अधिक विटामिन C होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। साथ ही, यह उन बहुत कम पौधों में से एक है जिसमें ओमेगा-3, 6, 9 और अत्यंत दुर्लभ ओमेगा-7 फैटी एसिड एक साथ पाए जाते हैं। हृदय स्वास्थ्य के लिए भी यह फायदेमंद है, क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है और इसके एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त संचार को सुधारते हुए ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायक हैं। सीबकथॉर्न जूस त्वचा और बालों की चमक के लिए भी गुणकारी है। इसमें ओमेगा-7 और विटामिन E की मौजूदगी के कारण यह त्वचा को अंदर से हाइड्रेट करता है, बढ़ती उम्र के लक्षणों जैसे झुर्रियों को कम करने, कील-मुंहासों से राहत दिलाने और बालों को मजबूत बनाने में मददगार है। यह पाचन क्रिया और लिवर के लिए भी अत्यंत लाभकारी है; पेट के अल्सर और एसिडिटी की समस्या में राहत देता है क्योंकि यह पेट की आंतरिक परत (म्यूकस मेम्ब्रेन) को स्वस्थ रखता है। यह लिवर को डिटॉक्सिफाई करने और उसकी कार्यक्षमता को बढ़ाने में भी सहायक है। इसके अतिरिक्त, यह शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान कर शारीरिक थकान दूर करता है और कार्य करने की क्षमता (स्टैमिना) बढ़ाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) गुण भी होते हैं, जो जोड़ों के दर्द, गठिया और शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करने में सहायक हैं। सीबकथॉर्न जूस के सेवन का सही तरीका यह है कि आमतौर पर 20-30 मिलीलीटर जूस को एक गिलास गुनगुने या सामान्य पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट लिया जाए। स्वादानुसार इसमें थोड़ा शहद भी मिलाया जा सकता है। इस 'जड़ी बूटियों के राजा' सीबकथॉर्न का सेवन कर पूरा परिवार लाभ उठा सकता है और फिर दूसरों को भी इसके बारे में बता सकता है। यह प्राप्त करने के लिए डॉ. एस एल. नागर, कीर्ति लाइफ केअर, वैलनेस सेंटर, इंद्रा कॉलोनी, छबड़ा (मो. 9413006192) या स्वामी ध्यान गगन, ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र, अमीरपुर खेड़ी (भुवाखेड़ी), छबड़ा (मो. 9001081824) से संपर्क किया जा सकता है।
सीबकथॉर्न जूस को पोषण का पावरहाउस माना जाता है, जिसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और फैटी एसिड्स पाए जाते हैं। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से इसके कई महत्वपूर्ण लाभ बताए गए हैं। यह पोषक तत्वों का खजाना है, जिसमें संतरे की तुलना में कई गुना अधिक विटामिन C होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। साथ ही, यह उन बहुत कम पौधों में से एक है जिसमें ओमेगा-3, 6, 9 और अत्यंत दुर्लभ ओमेगा-7 फैटी एसिड एक साथ पाए जाते हैं। हृदय स्वास्थ्य के लिए भी यह फायदेमंद है, क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है और इसके एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त संचार को सुधारते हुए ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायक हैं। सीबकथॉर्न जूस त्वचा और बालों की चमक के लिए भी गुणकारी है। इसमें ओमेगा-7 और विटामिन E की मौजूदगी के कारण यह त्वचा को अंदर से हाइड्रेट करता है, बढ़ती उम्र के लक्षणों जैसे झुर्रियों को कम करने, कील-मुंहासों से राहत दिलाने और बालों को मजबूत बनाने में मददगार है। यह पाचन क्रिया और लिवर के लिए भी अत्यंत लाभकारी है; पेट के अल्सर
और एसिडिटी की समस्या में राहत देता है क्योंकि यह पेट की आंतरिक परत (म्यूकस मेम्ब्रेन) को स्वस्थ रखता है। यह लिवर को डिटॉक्सिफाई करने और उसकी कार्यक्षमता को बढ़ाने में भी सहायक है। इसके अतिरिक्त, यह शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान कर शारीरिक थकान दूर करता है और कार्य करने की क्षमता (स्टैमिना) बढ़ाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) गुण भी होते हैं, जो जोड़ों के दर्द, गठिया और शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करने में सहायक हैं। सीबकथॉर्न जूस के सेवन का सही तरीका यह है कि आमतौर पर 20-30 मिलीलीटर जूस को एक गिलास गुनगुने या सामान्य पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट लिया जाए। स्वादानुसार इसमें थोड़ा शहद भी मिलाया जा सकता है। इस 'जड़ी बूटियों के राजा' सीबकथॉर्न का सेवन कर पूरा परिवार लाभ उठा सकता है और फिर दूसरों को भी इसके बारे में बता सकता है। यह प्राप्त करने के लिए डॉ. एस एल. नागर, कीर्ति लाइफ केअर, वैलनेस सेंटर, इंद्रा कॉलोनी, छबड़ा (मो. 9413006192) या स्वामी ध्यान गगन, ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र, अमीरपुर खेड़ी (भुवाखेड़ी), छबड़ा (मो. 9001081824) से संपर्क किया जा सकता है।
- सीबकथॉर्न जूस को पोषण का पावरहाउस माना जाता है, जिसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और फैटी एसिड्स पाए जाते हैं। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से इसके कई महत्वपूर्ण लाभ बताए गए हैं। यह पोषक तत्वों का खजाना है, जिसमें संतरे की तुलना में कई गुना अधिक विटामिन C होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। साथ ही, यह उन बहुत कम पौधों में से एक है जिसमें ओमेगा-3, 6, 9 और अत्यंत दुर्लभ ओमेगा-7 फैटी एसिड एक साथ पाए जाते हैं। हृदय स्वास्थ्य के लिए भी यह फायदेमंद है, क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है और इसके एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त संचार को सुधारते हुए ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायक हैं। सीबकथॉर्न जूस त्वचा और बालों की चमक के लिए भी गुणकारी है। इसमें ओमेगा-7 और विटामिन E की मौजूदगी के कारण यह त्वचा को अंदर से हाइड्रेट करता है, बढ़ती उम्र के लक्षणों जैसे झुर्रियों को कम करने, कील-मुंहासों से राहत दिलाने और बालों को मजबूत बनाने में मददगार है। यह पाचन क्रिया और लिवर के लिए भी अत्यंत लाभकारी है; पेट के अल्सर और एसिडिटी की समस्या में राहत देता है क्योंकि यह पेट की आंतरिक परत (म्यूकस मेम्ब्रेन) को स्वस्थ रखता है। यह लिवर को डिटॉक्सिफाई करने और उसकी कार्यक्षमता को बढ़ाने में भी सहायक है। इसके अतिरिक्त, यह शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान कर शारीरिक थकान दूर करता है और कार्य करने की क्षमता (स्टैमिना) बढ़ाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) गुण भी होते हैं, जो जोड़ों के दर्द, गठिया और शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करने में सहायक हैं। सीबकथॉर्न जूस के सेवन का सही तरीका यह है कि आमतौर पर 20-30 मिलीलीटर जूस को एक गिलास गुनगुने या सामान्य पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट लिया जाए। स्वादानुसार इसमें थोड़ा शहद भी मिलाया जा सकता है। इस 'जड़ी बूटियों के राजा' सीबकथॉर्न का सेवन कर पूरा परिवार लाभ उठा सकता है और फिर दूसरों को भी इसके बारे में बता सकता है। यह प्राप्त करने के लिए डॉ. एस एल. नागर, कीर्ति लाइफ केअर, वैलनेस सेंटर, इंद्रा कॉलोनी, छबड़ा (मो. 9413006192) या स्वामी ध्यान गगन, ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र, अमीरपुर खेड़ी (भुवाखेड़ी), छबड़ा (मो. 9001081824) से संपर्क किया जा सकता है।2
- छिपाबड़ौद के स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियाँ चल रही हैं। इस दौरान, शारीरिक लचीलेपन को बढ़ाने के उद्देश्य से कंधे के घुमाव का अभ्यास किया जा रहा है।1
- बारां में फ्रेंड्स महिला क्लब ने बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ गंगा दशहरा का पर्व मनाया। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाए जाने वाले इस पवित्र त्योहार को सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी पावन तिथि पर मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। फ्रेंड्स महिला क्लब की संस्थापिका अध्यक्ष सपना गोयल ने इस उत्सव के धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी दी, और इस अवसर पर गर्मी से राहत देने वाली शीतल शरबत का वितरण भी किया गया। सपना गोयल ने पर्व के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राजा सगर के 60,000 पुत्रों के उद्धार के लिए उनके वंशज राजा भगीरथ ने वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। भगीरथ की भक्ति से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने गंगा को पृथ्वी पर भेजने की अनुमति दी, लेकिन गंगा का प्रचंड वेग संभालने के लिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण किया, जिसके बाद वे पृथ्वी पर प्रवाहित हुईं। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन ही मां गंगा पृथ्वी पर प्रकट हुईं, जिसे 'गंगा अवतरण दिवस' या गंगा का जन्मदिन भी कहा जाता है। इस पवित्र दिन पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है, और इसके साथ ही दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। क्लब अध्यक्ष ने बताया कि परंपरा के अनुसार, इस दिन मुख्य रूप से गर्मी से राहत देने वाली और शीतल वस्तुओं का दान किया जाता है। इनमें सत्तू, जल, मिट्टी का मटका (घड़ा), हाथ का पंखा, मौसमी फल जैसे तरबूज और आम, तथा वस्त्र आदि शामिल हैं। सपना गोयल ने सभी श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर पर मां गंगा की आराधना करने और जरूरतमंदों को शीतल वस्तुओं का दान कर पुण्य कमाने की अपील की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सपना गोयल के साथ अंजना अरोड़ा, आशा बटला, हेमलता सोनी और अन्य महिलाओं का विशेष सहयोग रहा।4
- विश्व हिंदू परिषद (विहिप) गौ रक्षा विभाग, जिला राघोगढ़ ने चाचौड़ा में अनुविभागीय अधिकारी महोदय के माध्यम से महामहिम राज्यपाल, भोपाल को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में विहिप ने स्पष्ट मांग की है कि बकरा ईद के मौके पर राज्य में पुलिस प्रशासन गोवंश हत्यारों और गो तस्करों के खिलाफ स्वतः कठोर कार्रवाई करे, ताकि गौ रक्षकों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर न होना पड़े। संगठन ने प्रदेश में हो रही अवैध गो तस्करी पर तत्काल प्रभाव से लगाम लगाने की अपील की है। विहिप ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जहाँ कुछ राज्यों में गोवंश हत्यारोधी कानून कमजोर हैं, वहीं इस राज्य (मध्य प्रदेश) में कठोर कानून होने के बावजूद पुलिस प्रशासन का लचर रवैया, लापरवाही या मिलीभगत के कारण गोवंश हत्यारे और गो तस्कर सक्रिय हैं। इस संवेदनशील स्थिति के कारण गौ रक्षकों को अपने प्राण संकट में डालकर सड़कों पर उतरना पड़ता है, जो कि अत्यंत चिंताजनक है। ज्ञापन सौंपते समय विभाग मंत्री दिलीप सिंह कुशवाह, जिला मंत्री श्री राम सोनी, जिला सह मंत्री सोनू नाथ योगी, जिला सह मंत्री राजकुमार कुशवाह, जिला गौ रक्षा प्रमुख प्रीतम योगी, जिला सेवा प्रमुख नमित अग्रवाल, नगर उपाध्यक्ष सुखदीप कुशवाह, रवि कुशवाहा, लखन प्रजापति, मोहित लोधा सहित सभी कार्यकर्तागण उपस्थित रहे। विश्व हिंदू परिषद गौ रक्षा विभाग ने महामहिम राज्यपाल से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।2
- गुना जिले के बमौरी विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित विद्युत कटौती को लेकर क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर ऋषि अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। क्षेत्र की बदहाल बिजली व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों को साथ लेकर विधायक इंजी. ऋषि अग्रवाल सीधे बिजली कंपनी के मुख्यालय पहुंचे और वहां महाप्रबंधक से मुलाकात की। विधायक ऋषि अग्रवाल ने महाप्रबंधक को जमीनी हकीकत से अवगत कराते हुए बताया कि बिजली कंपनी द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर लगातार अघोषित कटौती की जा रही है, जिससे पूरा बमौरी क्षेत्र गंभीर रूप से प्रभावित है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि बिजली गुल रहने के कारण किसानों की फसलों और सब्जियों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में भी रोजाना 4 से 5 घंटे की भारी कटौती की जा रही है। चर्चा के दौरान, विधायक ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को विद्युत प्रदाय और तकनीकी सुधार से संबंधित कई महत्वपूर्ण व्यावहारिक सुझाव भी दिए, ताकि अकारण होने वाली ट्रिपिंग और कटौती को रोका जा सके। इस पर बिजली कंपनी के महाप्रबंधक ने विधायक और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था में जल्द ही आवश्यक सुधार किया जाएगा और सुचारू रूप से बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी।2
- मध्यप्रदेश के गुना जिले में भीषण गर्मी और अघोषित बिजली कटौती से परेशान लगभग 100 गाँवों के ग्रामीणों का सब्र टूट गया। नौतपा के शुरू होते ही पारे के 40 डिग्री के पार जाने से लोग बेहाल हैं, और इसी बीच बिजली कटौती की 'डबल मार' ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अपनी समस्या को लेकर बमोरी विधानसभा से लगे इन गाँवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल के साथ गुना स्थित मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कार्यालय पहुंचे और उसका घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत मंडल सालभर मेंटेनेंस के नाम पर दिन या रात किसी भी समय बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट देता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद, लोड शेडिंग का बहाना बनाकर रात में भी कई दफा बिजली गुल कर दी जाती है। ग्रामीणों ने अपनी इस गंभीर समस्या से बमोरी विधायक ऋषि अग्रवाल को अवगत कराया। विधायक ने तुरंत विद्युत मंडल के अधिकारियों से चर्चा की, जिस पर अधिकारियों ने जल्द से जल्द सुधार का आश्वासन दिया है।2
- झालावाड़-बारां मेगा हाईवे पर बिलासरा के समीप सोमवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहाँ सड़क किनारे गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन का तार अचानक टूटकर गिरने से चार बकरियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बिलासरा निवासी उदयलाल गुर्जर ने बताया कि उनकी बकरियाँ रोज़ाना की तरह खेत से चरकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान, तेज़ हवा चलने के कारण पास ही स्थित सोलर प्लांट से आ रही बिजली की लाइन मुख्य हाईटेंशन लाइन के खंभे से टकरा गई, जिससे चालू तार टूटकर सीधे नीचे से गुजर रही बकरियों पर जा गिरा और तेज़ करंट की चपेट में आने से चारों बकरियों ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए बिजली विभाग और संबंधित कंपनी की लापरवाही को ज़िम्मेदार ठहराते हुए पीड़ित पशुपालक के लिए उचित मुआवज़े की मांग की है। पीड़ित के मुताबिक, मृत बकरियों में से दो का बीमा कराया हुआ था। इस घटना के बाद से क्षेत्र के ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है।3
- राजस्थान के छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इन तैयारियों के क्रम में, लोगों को दैनिक रूप से सुबह योग और प्राणायाम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।1