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भीम राव अंबेडकर साहेब बाबा का 14अप्रैल को मनाया जाता है जय भीम जय भारत
Rohit Rajbhar
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- स्कूल चलो अभियान के तहत निकली जागरूकता रैली, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल लम्भुआ/सुल्तानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत 1 अप्रैल से प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में आज क्षेत्र के विद्यालयों द्वारा जागरूकता रैली निकालकर अभिभावकों और बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया गया। रैली के दौरान “हर बच्चा पढ़े, हर बच्चा बढ़े” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को सरकारी विद्यालयों में अपने बच्चों का नामांकन कराने के लिए जागरूक किया गया। रैली में शामिल शिक्षक, छात्र-छात्राओं ने गांव और कस्बे के विभिन्न मार्गों से होकर लोगों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। इस अवसर पर शिक्षकों ने सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि एक ओर जहां सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जगह-जगह अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों के खुलने से सरकारी शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शिक्षकों का दावा है कि सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक उच्च योग्यताधारी हैं, जबकि कई निजी स्कूलों में शिक्षण स्तर उतना मजबूत नहीं है, जितना दिखाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को निःशुल्क किताबें, कॉपियां, ड्रेस, जूते आदि उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। इसके बावजूद अभिभावकों के मन में सरकारी स्कूलों को लेकर संदेह बना रहना एक गंभीर चिंता का विषय है। शिक्षकों का मानना है कि शिक्षा विभाग में कार्य करने के लिए जितनी कठिन परीक्षाओं और प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, उतनी अन्य विभागों में नहीं होतीं, इसके बावजूद सरकारी स्कूलों की छवि को लेकर सवाल उठते रहते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी अजय सिंह के नेतृत्व में निकाली गई इस जागरूकता रैली में शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी रही। अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।3
- बंपर धमाका सस्ते दाम पर ई रिक्शा स्कूटी लाए घर1
- अंबेडकरनगर से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां सम्मनपुर थाना क्षेत्र से एक युवती रहस्यमय तरीके से लापता हो गई है। बताया जा रहा है कि युवती अपने ननिहाल में रह रही थी और गुरुवार को सब्जी लेने बाजार गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने हर संभव जगह तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। मोबाइल फोन बंद होने से मामला और गंभीर हो गया है। परिवार ने आशंका जताई है कि युवती को बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह के अनुसार, टीम गठित कर दी गई है और सर्विलांस की मदद से युवती की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।1
- मामला केराकत तहसील के कुसरना बकुलिया गांव का है… अंबेडकर जयंती के अगले ही दिन दिया गया इस घटना को अंजाम! हैरान करने वाली बात— पुलिस चौकी से सिर्फ 800 मीटर दूर हुई ये वारदात! प्रतिमा के आंख के ऊपर का हिस्सा तोड़ा गया… गांव में गुस्सा फूट पड़ा… लोग सड़कों पर! मौके पर पहुंची पुलिस, जांच जारी… इलाके में तनाव का माहौल!1
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- 📰 बड़ी खबर | अम्बेडकरनगर “बसखारी बना ‘मुकदमा और सम्मान’ का खेल मैदान!” दोषी बेदाग, निर्दोष पर वार—पंचायती राज विभाग पर उठे गंभीर सवाल अम्बेडकरनगर, बसखारी। विकासखंड बसखारी में इन दिनों हालात ऐसे बन गए हैं कि कब किस पर मुकदमा दर्ज हो जाए और कब किसे सम्मानित कर दिया जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर लोगों के बीच भारी असमंजस और आक्रोश का माहौल है। सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, पिछले 6 महीनों में लगातार ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां दोषियों को बचाने और निर्दोषों को फंसाने के आरोप लगते रहे हैं। इससे पंचायती राज विभाग की निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। “हर दिन नया मामला, हर दिन नया तमाशा” बसखारी में हर दिन एक नई कहानी सामने आ रही है—कहीं अचानक मुकदमा दर्ज हो जाता है, तो कहीं बिना स्पष्ट कारण के लोगों को सम्मानित किया जाता है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यहां नियमों के बजाय मनमानी चल रही है? जमीनी हकीकत बनाम कागजी खेल ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में सब कुछ सही दिखाया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। कई मामलों में बिना निष्पक्ष जांच के ही कार्रवाई कर दी जाती है, जिससे निर्दोष लोग परेशान हो रहे हैं। जांच और जवाबदेही की मांग स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। --- ⚖️ अब बड़ा सवाल: क्या बसखारी में “नया दिन, नया तमाशा” यूं ही चलता रहेगा, या फिर प्रशासन सख्त कदम उठाकर सच्चाई सामने लाएगा?1