अल्मोड़ा में फर्जी पुलिस और जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर एक व्यक्ति को 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' में रखने और 8.80 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में भतरौजखान थाना पुलिस, साइबर और सर्विलांस टीम ने 22 जुलाई को आरोपी रंजोत सिंह को उसके घर जगमालवाली (जिला सिरसा, हरियाणा) से दबोच लिया। भतरौजखान थाना क्षेत्र के धारड़ निवासी पीड़ित जीवन सिंह रावत ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लोगों ने उन्हें कथित 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' में रखकर जेल भेजने की धमकी दी और 8.80 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। शिकायत पर भतरौजखान थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और थानाध्यक्ष अवनीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को पकड़ा। पुलिस जांच में सामने आया कि 10 मार्च को पीड़ित को व्हाट्सएप पर कॉल कर खुद को एटीएस पुणे का इंस्पेक्टर सुमित मिश्रा बताने वाले ठग ने आतंकवाद के फर्जी मामले में नाम होने का दावा किया था। इसके बाद नकली दस्तावेज और कोर्ट के आदेश भेजकर गिरफ्तारी का भय दिखाया गया। ठगों ने लगातार वीडियो कॉल कर पीड़ित को किसी से बात न करने, हर घंटे रिपोर्ट देने और मोबाइल सर्विलांस पर होने का झांसा देकर मानसिक रूप से भयभीत रखा। आरोपियों ने पीड़ित के फोन में गूगल पे पर अपनी ईमेल आईडी लॉगिन कराई और 18 से 31 मार्च के बीच जांच के नाम पर नौ अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 8.80 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। कार्रवाई के बाद अल्मोड़ा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि 'डिजिटल अरेस्ट' या 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल या फोन पर डराकर पैसे मांगता है तो उस पर विश्वास न करें और ऐसे मामलों की तत्काल सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।
अल्मोड़ा में फर्जी पुलिस और जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर एक व्यक्ति को 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' में रखने और 8.80 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में भतरौजखान थाना पुलिस, साइबर और सर्विलांस टीम ने 22 जुलाई को आरोपी रंजोत सिंह को उसके घर जगमालवाली (जिला सिरसा, हरियाणा) से दबोच लिया। भतरौजखान थाना क्षेत्र के धारड़ निवासी पीड़ित जीवन सिंह रावत ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लोगों ने उन्हें कथित 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' में रखकर जेल भेजने की धमकी दी और 8.80 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। शिकायत पर भतरौजखान थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और थानाध्यक्ष अवनीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को पकड़ा। पुलिस जांच में सामने आया कि 10 मार्च को पीड़ित को व्हाट्सएप पर कॉल कर खुद को एटीएस पुणे का इंस्पेक्टर सुमित मिश्रा बताने वाले ठग ने आतंकवाद के फर्जी मामले में नाम होने का दावा किया था। इसके बाद नकली दस्तावेज और कोर्ट के आदेश भेजकर गिरफ्तारी का भय दिखाया गया। ठगों ने लगातार वीडियो कॉल कर पीड़ित को किसी से बात न करने, हर घंटे रिपोर्ट देने और मोबाइल सर्विलांस पर होने का झांसा देकर मानसिक रूप से भयभीत रखा। आरोपियों ने पीड़ित के फोन में गूगल पे पर अपनी ईमेल आईडी लॉगिन कराई और 18 से 31 मार्च के बीच जांच के नाम पर नौ अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 8.80 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। कार्रवाई के बाद अल्मोड़ा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि 'डिजिटल अरेस्ट' या 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल या फोन पर डराकर पैसे मांगता है तो उस पर विश्वास न करें और ऐसे मामलों की तत्काल सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।
- अल्मोड़ा में फर्जी पुलिस और जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर एक व्यक्ति को 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' में रखने और 8.80 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में भतरौजखान थाना पुलिस, साइबर और सर्विलांस टीम ने 22 जुलाई को आरोपी रंजोत सिंह को उसके घर जगमालवाली (जिला सिरसा, हरियाणा) से दबोच लिया। भतरौजखान थाना क्षेत्र के धारड़ निवासी पीड़ित जीवन सिंह रावत ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लोगों ने उन्हें कथित 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' में रखकर जेल भेजने की धमकी दी और 8.80 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। शिकायत पर भतरौजखान थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और थानाध्यक्ष अवनीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को पकड़ा। पुलिस जांच में सामने आया कि 10 मार्च को पीड़ित को व्हाट्सएप पर कॉल कर खुद को एटीएस पुणे का इंस्पेक्टर सुमित मिश्रा बताने वाले ठग ने आतंकवाद के फर्जी मामले में नाम होने का दावा किया था। इसके बाद नकली दस्तावेज और कोर्ट के आदेश भेजकर गिरफ्तारी का भय दिखाया गया। ठगों ने लगातार वीडियो कॉल कर पीड़ित को किसी से बात न करने, हर घंटे रिपोर्ट देने और मोबाइल सर्विलांस पर होने का झांसा देकर मानसिक रूप से भयभीत रखा। आरोपियों ने पीड़ित के फोन में गूगल पे पर अपनी ईमेल आईडी लॉगिन कराई और 18 से 31 मार्च के बीच जांच के नाम पर नौ अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 8.80 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। कार्रवाई के बाद अल्मोड़ा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि 'डिजिटल अरेस्ट' या 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल या फोन पर डराकर पैसे मांगता है तो उस पर विश्वास न करें और ऐसे मामलों की तत्काल सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।1
- उत्तराखंड के नैनीताल स्थित क्लब सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) भावना मेहरा ने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि जनता को राहत देना ही प्राधिकरण और सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। भवन मानचित्रों की स्वीकृति में अनावश्यक आपत्तियां लगाकर लोगों को कार्यालयों के चक्कर कटवाने पर सख्त नाराजगी जताते हुए उन्होंने सभी पात्र मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी और एकमुश्त निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान राज्यमंत्री ने भीमताल, सातताल और भवाली क्षेत्र में निर्माणाधीन पार्किंग, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा अन्य विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में कार्य पूरा करने और नियमित मॉनिटरिंग का आदेश दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में 18 हजार से अधिक आवास निर्माणाधीन हैं, जबकि रुद्रपुर में 1,872 फ्लैट बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि धामी सरकार 24×7 जनसेवा, पारदर्शिता और समयबद्ध विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और प्राधिकरण का काम जनहित में बाधा बनना नहीं बल्कि समाधान देना है। इस समीक्षा बैठक में विधायक सरिता आर्या, मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत, महिला आयोग सदस्य विमला अधिकारी, हरीश राणा, प्राधिकरण सचिव मनीष कुमार सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्य, जिला पंचायत अधिकारी अनिल जोशी, अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा, अधिशासी अभियंता शिवम धीमान तथा रामनगर, लालकुआं, भीमताल, भवाली और कालाढूंगी नगर पालिकाओं के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।1
- नैनीताल के ऑल सेंट्स कॉलेज में शुक्रवार से सीआईएससीई जोनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता की उत्साहपूर्ण शुरुआत हुई। 25 जुलाई से शुरू हुई इस प्रतियोगिता का उद्घाटन विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजिना रिचर्ड्स ने खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन और निष्पक्षता की शपथ दिलाकर किया। 26 जुलाई को प्रतियोगिता का समापन होगा, जिसके बाद चयनित खिलाड़ियों की टीम 1 और 2 अगस्त को देहरादून में होने वाली आगामी प्रतियोगिता में कुमाऊँ का प्रतिनिधित्व करेगी। प्रतियोगिता के पहले मुकाबले में बालिका वर्ग के तहत एचडी फाउंडेशन स्कूल, हल्द्वानी ने सेंट मेरीज़ कॉन्वेंट कॉलेज, नैनीताल को 12–5 के स्कोर से हराया। इसमें विजेता टीम के सभी खिलाड़ियों ने 2-2 अंक हासिल किए, जबकि सेंट मेरीज़ की रिधिमा साह ने 4 अंक बनाए। बालक वर्ग के दूसरे मैच में सेंट जोसेफ्स कॉलेज, नैनीताल ने एचडी फाउंडेशन स्कूल, हल्द्वानी को 20–7 से पराजित किया। सेंट जोसेफ्स के खुशनवाज़ ने 9 और आयुष ने 4 अंक जोड़े, जबकि एचडी फाउंडेशन के सिद्धांत लोहनी ने 5 अंक बनाए। तीसरे मुकाबले में बालिका वर्ग की मेजबान ऑल सेंट्स कॉलेज ने एचडी फाउंडेशन स्कूल को 36–3 के बड़े अंतर से हराया, जिसमें ज़ायना रहमान ने सर्वाधिक 24 अंक और जज़म ने 6 अंक अर्जित किए। एचडी फाउंडेशन की ओर से नियति पंत ने 3 अंक बनाए। प्रतियोगिता के दौरान मुकाबलों का संचालन रेफरी राजीव गुप्ता, हरीश चौधरी, फरीद अहमद, शेरब खम्पा एवं विनोद कनारी ने किया। इस अवसर पर खेल विभागाध्यक्ष गोपाल बिष्ट के साथ श्री नाइट, दीक्षित बिष्ट, मयंक रावत, कामाक्षी बिष्ट, फैज़ान, करण शर्मा, हर्षिता बिष्ट, प्रिया पुजारी और भूपेंद्र रावत सहित अनेक खेल प्रेमी मौजूद रहे।2
- उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को उरेडा के परियोजना अधिकारी धीरेंद्र सिंह पटवाल को 40,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। अधिकारी की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और मौके पर विजिलेंस अधिकारी तैनात रहे। मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ने हल्द्वानी सेक्टर के विजिलेंस कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उरेडा कार्यालय में उनके चार सोलर प्लांटों की संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट लंबित रखी जा रही है। फाइल आगे बढ़ाने के एवज में परियोजना अधिकारी प्रति फाइल 10 से 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। रिश्वत दिए बिना फाइल आगे न भेजे जाने पर शिकायतकर्ता ने अधिकारी को रंगे हाथ पकड़वाने का फैसला किया। विजिलेंस द्वारा शिकायत का गोपनीय सत्यापन करने पर मामला सही पाया गया, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान, हल्द्वानी के निर्देश पर निरीक्षक के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई। योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी धीरेंद्र सिंह पटवाल को कुल 40,000 रुपये सौंपे, विजिलेंस टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जाँच जारी है।1
- कालाढुंगी विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 1 छोटी हल्द्वानी में शुक्रवार को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के तत्वावधान में लाभार्थी सम्मेलन आयोजित किया गया। मोर्चे के प्रदेश महामंत्री महमूद हसन बंजारा के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष अनीश गौड़ ने शिरकत कर अल्पसंख्यक समाज के लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष इंतजार हुसैन, मोर्चे के प्रदेश उपाध्यक्ष परवेज खान और पंजाब प्रभारी गुलाम मुस्तफा प्रमुख रूप से मौजूद रहे। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने भाजपा सरकार द्वारा चलाई जा रही जनहित की योजनाओं की जानकारी दी और 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। वहीं स्थानीय क्षेत्रवासियों ने नेताओं को अपनी समस्याओं के बारे में अवगत कराया, जिस पर मोर्चे के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से वार्ता कर समस्याओं का समाधान करवाने की बात कही।2
- सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर देश के वरिष्ठ वकीलों और बार एसोसिएशन के सदस्यों ने छात्रों के समर्थन में भारत के संविधान की प्रस्तावना (Preamble) का सामूहिक पाठ किया। इस ऐतिहासिक दृश्य और घटनाक्रम ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सुप्रीम कोर्ट परिसर में गूंजती संविधान की प्रस्तावना ने लोकतंत्र, न्याय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। वकीलों ने एकजुट होकर कहा कि यदि छात्रों के अधिकारों का उल्लंघन होता है या उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय होता है, तो देश का विधिक समुदाय संविधान और कानून के दायरे में रहकर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाएगा।1
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार जी ने सभी से अपनी मातृभाषा का सम्मान करने का आह्वान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि जब भाषा बचेगी, तभी ज्ञान और इतिहास सुरक्षित रह सकेगा।1
- देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर विरोध की गूंज अब नैनीताल भी पहुंच गई है। शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में युवाओं, छात्रों और अधिवक्ताओं ने नगर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए जुलूस निकाला। मल्लीताल से शुरू होकर तल्लीताल तक निकाले गए इस जुलूस में हाईकोर्ट के अधिवक्ता भी बड़ी संख्या में शामिल नजर आए। प्रदर्शन के दौरान युवाओं और अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान "जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है" और "वी वांट जस्टिस" जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता लाने और धांधली के दोषियों पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।2