Shuru
Apke Nagar Ki App…
हरियाणा के भिवानी जिले में नगरपरिषद के सफाई कर्मचारी एक बार फिर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते देखे गए। कर्मचारियों का आरोप है कि मई माह में उनकी मांगों को लेकर सरकार के साथ एक समझौता हुआ था, जिसका पालन नहीं किया गया है।
J D Duggal
हरियाणा के भिवानी जिले में नगरपरिषद के सफाई कर्मचारी एक बार फिर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते देखे गए। कर्मचारियों का आरोप है कि मई माह में उनकी मांगों को लेकर सरकार के साथ एक समझौता हुआ था, जिसका पालन नहीं किया गया है।
More news from हरियाणा and nearby areas
- Post by PPT News1
- जुलाना कस्बे के तहसील कार्यालय परिसर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। भाकियू के जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा की अध्यक्षता में बड़ी संख्या में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों और आम जनता के हितों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से जुलाना तहसील को उपमंडल का दर्जा मिलने के बावजूद आवश्यक सुविधाओं की अनुपलब्धता और तहसील कार्यालय में कर्मचारियों की असंतोषजनक कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त की, जिससे लोगों को अपने कार्य करवाने में परेशानी हो रही है। ढांडा ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही प्रस्तावित ट्रेड डील का भी कड़ा विरोध किया, जिसे उन्होंने किसान विरोधी बताते हुए देश के किसानों के लिए नुकसानदायक करार दिया। भाकियू ने मांग की कि सरकार इस डील को तुरंत वापस ले और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे। धरने के दौरान किसान नेताओं ने किसान नेता रवि आजाद से जुड़े मामले को भी उठाया, जिसमें नार्को टेस्ट और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से पूरे मामले की जांच की मांग की गई, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। धरने के बाद भाकियू प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन एसडीएम होशियार सिंह को सौंपा। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होगा। इस अवसर पर कुलवंत लाठर, सुमित लाठर, नरेंद्र लाठर, कप्तान सिंह और बिजेंद्र मलिक सहित कई किसान नेता मौजूद थे।1
- रोहतक के मॉडल टाउन इलाके में एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है। इस बार भी, दुकानदारों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे करोड़ों रुपये की संपत्ति का बड़ा नुकसान होने से बच गया।1
- पीजीआई में एक डॉक्टर के साथ 'पंगा' हो गया है।2
- हरियाणा एक्स-सर्विसेज लीग (HESL) के आगामी चुनावों से पहले जारी नई वोटर लिस्ट पर गहरा विवाद छिड़ गया है, जिसने हजारों पूर्व सैनिकों के मतदान अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस नई सूची के कारण कुल सक्रिय मतदाताओं की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे एक बड़े 'वोट घोटाले' और 'चुनाव से पहले बड़े खेल' की आशंका जताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहले HESL चुनावों में कुल 7192 वोटर थे, लेकिन नई सक्रिय वोटर लिस्ट में यह संख्या घटकर केवल 3522 रह गई है। इसमें से 2348 मतदाताओं को 'पैसिव' और 1322 को 'एक्सपायर्ड' घोषित कर दिया गया है, जिसका सीधा मतलब है कि कुल 3670 वोटर सक्रिय मतदान सूची से बाहर हो गए हैं। इस बदलाव का असर चुनावी गणित पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जैसे भिवानी में जहां पहले लगभग 8 डेलीगेट चुने जाने की संभावना थी, वहीं अब नई सूची के तहत सिर्फ 3 डेलीगेट ही चुने जाने की बात कही जा रही है, जिससे चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। पूर्व सैनिक समाज इस बड़े उलटफेर पर कई गंभीर सवाल उठा रहा है। वे जानना चाहते हैं कि क्या 'पैसिव वोटर' का प्रावधान HESL के संविधान में मौजूद है और क्या हजारों पूर्व सैनिकों के मतदान अधिकार इससे प्रभावित हुए हैं। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या यह केवल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया है या फिर चुनावी समीकरणों को बदलने की सोची-समझी रणनीति। समुदाय यह भी तुलना कर रहा है कि पिछली कार्यकारिणी बेहतर थी या नई प्रशासनिक व्यवस्था। FOJI NEWS24 के माध्यम से यह जानकारी सामने आने के बाद, पूरा पूर्व सैनिक समाज अब जानना चाहता है कि आगामी चुनाव में कौन-कौन मैदान में उतरेगा और अंततः HESL की कमान किसके हाथ में जाएगी। इस पूरे मामले पर 'पूर्व सैनिकों के अधिकार' और 'सैनिक सम्मान' के लिए सवाल उठ रहे हैं, और फैसला अब पूर्व सैनिकों के हाथ में है कि वे इस 'मतदाता सूची विवाद' पर अपनी क्या राय रखते हैं। इस खबर को FOJI NEWS24 के मुख्य संपादक महेश चौहान ने उठाया है।1
- चार धाम यात्रा पर जाने वाले सभी भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण सलाह जारी की गई है। इस चेतावनी के अनुसार, साल 2026 की यात्रा के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।1
- जुलाना क्षेत्र के गतौली गांव में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को भड़क उठा। बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव के जलघर पर एकत्रित हुए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें देने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पिछले काफी समय से पीने के पानी की किल्लत है। उन्हें न तो पर्याप्त मात्रा में और न ही नियमित रूप से पानी मिल रहा है, और जो पानी उपलब्ध कराया जा रहा है उसकी गुणवत्ता भी खराब है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला और समस्या ज्यों की त्यों बनी रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सतीश नैन, नायब तहसीलदार सिराज खान और एसडीएम होशियार सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। एसडीएम होशियार सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि पेयजल संकट दूर करने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और स्थिति में जल्द सुधार होगा। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का जल्द ही स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- हरियाणा के चैनत गाँव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच भारी बवाल हो गया। कई जिलों से भारी पुलिस बल गाँव में 'टी' उखाड़ने के लिए पहुँचा था, जिसके बाद ग्रामीण और पुलिस आमने-सामने आ गए। इस तनावपूर्ण टकराव के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े।1