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पीजीआई में एक डॉक्टर के साथ 'पंगा' हो गया है।
Kamaldagar
पीजीआई में एक डॉक्टर के साथ 'पंगा' हो गया है।
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- रोहतक के मॉडल टाउन इलाके में एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है। इस बार भी, दुकानदारों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे करोड़ों रुपये की संपत्ति का बड़ा नुकसान होने से बच गया।1
- पीजीआई में एक डॉक्टर के साथ 'पंगा' हो गया है।2
- जुलाना कस्बे के तहसील कार्यालय परिसर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। भाकियू के जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा की अध्यक्षता में बड़ी संख्या में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों और आम जनता के हितों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से जुलाना तहसील को उपमंडल का दर्जा मिलने के बावजूद आवश्यक सुविधाओं की अनुपलब्धता और तहसील कार्यालय में कर्मचारियों की असंतोषजनक कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त की, जिससे लोगों को अपने कार्य करवाने में परेशानी हो रही है। ढांडा ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही प्रस्तावित ट्रेड डील का भी कड़ा विरोध किया, जिसे उन्होंने किसान विरोधी बताते हुए देश के किसानों के लिए नुकसानदायक करार दिया। भाकियू ने मांग की कि सरकार इस डील को तुरंत वापस ले और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे। धरने के दौरान किसान नेताओं ने किसान नेता रवि आजाद से जुड़े मामले को भी उठाया, जिसमें नार्को टेस्ट और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से पूरे मामले की जांच की मांग की गई, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। धरने के बाद भाकियू प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन एसडीएम होशियार सिंह को सौंपा। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होगा। इस अवसर पर कुलवंत लाठर, सुमित लाठर, नरेंद्र लाठर, कप्तान सिंह और बिजेंद्र मलिक सहित कई किसान नेता मौजूद थे।1
- हाल ही में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहाँ बारिश के दौरान एक सड़क धुलती हुई दिखाई दी। इस घटना को 'इंजीनियरिंग का अनोखा चमत्कार' करार दिया जा रहा है। इस पूरे मामले का पर्दाफाश एक कैमरे ने किया, जिसने सड़क को बारिश के पानी से धुलते हुए कैद कर लिया।1
- भिवानी में प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और इसी दौरान उसका पुतला भी फूंका गया। यह विरोध प्रदर्शन भिवानी में हुआ, जहाँ लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ये कदम उठाए।1
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- भिवानी में एक कारोबारी को 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। कारोबारी को विदेशी नंबरों से जान से मारने की धमकी देते हुए यह बड़ी रकम मांगी गई है, जिससे उसकी चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। रंगदारी की धमकी से दहले भिवानी में पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई है और मामले की जांच में जुट गई है। इस घटना के बाद व्यापारी की सुरक्षा तत्काल बढ़ा दी गई है।1
- जुलाना क्षेत्र के गतौली गांव में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को भड़क उठा। बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव के जलघर पर एकत्रित हुए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें देने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पिछले काफी समय से पीने के पानी की किल्लत है। उन्हें न तो पर्याप्त मात्रा में और न ही नियमित रूप से पानी मिल रहा है, और जो पानी उपलब्ध कराया जा रहा है उसकी गुणवत्ता भी खराब है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला और समस्या ज्यों की त्यों बनी रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सतीश नैन, नायब तहसीलदार सिराज खान और एसडीएम होशियार सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। एसडीएम होशियार सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि पेयजल संकट दूर करने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और स्थिति में जल्द सुधार होगा। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का जल्द ही स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1