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भिवानी में एक कारोबारी को 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। कारोबारी को विदेशी नंबरों से जान से मारने की धमकी देते हुए यह बड़ी रकम मांगी गई है, जिससे उसकी चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। रंगदारी की धमकी से दहले भिवानी में पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई है और मामले की जांच में जुट गई है। इस घटना के बाद व्यापारी की सुरक्षा तत्काल बढ़ा दी गई है।
FojiNews24
भिवानी में एक कारोबारी को 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। कारोबारी को विदेशी नंबरों से जान से मारने की धमकी देते हुए यह बड़ी रकम मांगी गई है, जिससे उसकी चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। रंगदारी की धमकी से दहले भिवानी में पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई है और मामले की जांच में जुट गई है। इस घटना के बाद व्यापारी की सुरक्षा तत्काल बढ़ा दी गई है।
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- हाल ही में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहाँ बारिश के दौरान एक सड़क धुलती हुई दिखाई दी। इस घटना को 'इंजीनियरिंग का अनोखा चमत्कार' करार दिया जा रहा है। इस पूरे मामले का पर्दाफाश एक कैमरे ने किया, जिसने सड़क को बारिश के पानी से धुलते हुए कैद कर लिया।1
- भिवानी में प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और इसी दौरान उसका पुतला भी फूंका गया। यह विरोध प्रदर्शन भिवानी में हुआ, जहाँ लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ये कदम उठाए।1
- भिवानी में एक कारोबारी को 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। कारोबारी को विदेशी नंबरों से जान से मारने की धमकी देते हुए यह बड़ी रकम मांगी गई है, जिससे उसकी चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। रंगदारी की धमकी से दहले भिवानी में पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई है और मामले की जांच में जुट गई है। इस घटना के बाद व्यापारी की सुरक्षा तत्काल बढ़ा दी गई है।1
- चरखी दादरी के तीन बार के ईमानदार और संघर्षशील विधायक बाबू गणपत राय ने 'धाकड़ है हरियाणा' के साथ एक खास मुलाकात में अपने जीवन के कई अहम राज खोले हैं। उनकी यह कहानी सादगी, ईमानदारी और संघर्ष की एक अनूठी मिसाल है, जिसे आज के नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया गया है। बाबू गणपत राय ने बताया कि उन्हें चंडीगढ़ जाने में दो दिन का समय लगता था। उनकी सादगी का प्रमाण यह भी है कि वे आज भी उसी पुराने मकान में रहते हैं, और उन्होंने दो चुनाव तो झोपड़ी में रहकर ही जीते थे। बाहर से उनसे मिलने आने वाले लोग उनकी झोपड़ी देखकर दंग रह जाते थे। इमरजेंसी के दौरान वे भूमिगत हो गए थे, जिससे वे जेल जाने से बच गए थे। हालांकि, उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया कि इमरजेंसी के समय वे कहाँ रहे थे। उनकी संपूर्ण जीवनगाथा को आज के नेताओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया गया है।1
- भिवानी में एक व्यापारी को ₹5 करोड़ की रंगदारी के लिए जान से मारने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। धमकाने वाले ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि "5 करोड़ तैयार रखो वरना अंजाम भुगतो!" इस गंभीर मामले की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल अलर्ट हो गई है और पूरी सक्रियता के साथ जांच में जुट गई है।1
- चार धाम यात्रा पर जाने वाले सभी भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण सलाह जारी की गई है। इस चेतावनी के अनुसार, साल 2026 की यात्रा के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।1
- जुलाना कस्बे के तहसील कार्यालय परिसर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। भाकियू के जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा की अध्यक्षता में बड़ी संख्या में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों और आम जनता के हितों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से जुलाना तहसील को उपमंडल का दर्जा मिलने के बावजूद आवश्यक सुविधाओं की अनुपलब्धता और तहसील कार्यालय में कर्मचारियों की असंतोषजनक कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त की, जिससे लोगों को अपने कार्य करवाने में परेशानी हो रही है। ढांडा ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही प्रस्तावित ट्रेड डील का भी कड़ा विरोध किया, जिसे उन्होंने किसान विरोधी बताते हुए देश के किसानों के लिए नुकसानदायक करार दिया। भाकियू ने मांग की कि सरकार इस डील को तुरंत वापस ले और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे। धरने के दौरान किसान नेताओं ने किसान नेता रवि आजाद से जुड़े मामले को भी उठाया, जिसमें नार्को टेस्ट और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से पूरे मामले की जांच की मांग की गई, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। धरने के बाद भाकियू प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन एसडीएम होशियार सिंह को सौंपा। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होगा। इस अवसर पर कुलवंत लाठर, सुमित लाठर, नरेंद्र लाठर, कप्तान सिंह और बिजेंद्र मलिक सहित कई किसान नेता मौजूद थे।1
- हरियाणा के भिवानी में 65 वर्षों से रह रहे छह गरीब परिवारों को कथित रूप से उजाड़ने की कार्रवाई के विरोध में जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को दिनोद गेट क्षेत्र में हजारों लोगों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन का पुतला फूंककर अपना तीव्र विरोध दर्ज कराया। परिवारों के समर्थन में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक, किसान, कर्मचारी, व्यापारिक एवं जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से बसे गरीब परिवारों को बेदखल करने का यह प्रयास अन्यायपूर्ण है, जिससे आम लोगों में भारी रोष है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह केवल छह परिवारों की नहीं, बल्कि गरीब और कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई है। संघर्ष समिति ने प्रशासन से मांग की कि इन परिवारों को सुरक्षा प्रदान की जाए और उनके साथ किसी प्रकार का अन्याय न होने दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिला और प्रशासन ने अपनी कार्रवाई वापस नहीं ली, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को पूरे शहर में बड़े स्तर पर छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।1