खाद का वजन कम हुआ, दाम बढ़े; 2027 में जनता सिखाएगी सबक: पल्लवी पटेल खाद का वजन कम हुआ, दाम बढ़े; 2027 में जनता सिखाएगी सबक: पल्लवी पटेल लोकभारती न्यूज, खखरेरू /फतेहपुर, केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण आज देश का अन्नदाता पाई-पाई को मोहताज है। किसान अपनी फसल का दाम खुद तय नहीं कर सकता, और सरकार उसे बिजली व खाद के संकट में झोंक रही है। यह तीखा हमला अपना दल (कमेरावादी) की नेता व सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ने खखरेरू के रक्षपालपुर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में बोला कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों को बेनकाब करते हुए पल्लवी पटेल ने कहा, "पहले किसानों को 50 किलो खाद की बोरी मिलती थी, जिसे सरकार ने घटाकर 45 किलो कर दिया। वजन कम हुआ और कीमतें आसमान छू रही हैं, फिर भी किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए विधायक ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग धर्म और आत्मनिर्भरता के झूठे नारों के पीछे अपनी विफलताओं को छिपा रहे हैं नोटबंदी का सच उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि कालेधन पर अंकुश लगाने के दावे खोखले साबित हुए। आम जनता लाइन में खड़ी रही, जबकि बड़े-बड़े घोटालेबाज देश का पैसा लूटकर बाहर भाग गए। यूजीसी पेपर लीक जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है 2027 में 40 सीटों पर तैयारी, किसी से गठबंधन नहीं पल्लवी पटेल ने कार्यकर्ताओं से सड़क से संसद तक जनहित की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया और 23 अगस्त की रायबरेली रैली में जुटने की अपील की। 2027 के विधानसभा चुनाव पर सरकार को ललकारते हुए उन्होंने साफ किया कि अपना दल (कमेरावादी) प्रदेश की 40 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है और फिलहाल किसी भी दल से गठबंधन का कोई इरादा नहीं है सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सीएल पटेल ने की, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ गांव-गांव जाकर संघर्ष का संकल्प लिया सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष सीएल पटेल, प्रयागराज मंडल उपाध्यक्ष सतनारायण पटेल, जिलाध्यक्ष विद्या पटेल, जिला महिला अध्यक्ष सुशील सिंह, युवा विधान सभा अध्यक्ष रत्नेश सिंह ,तेज प्रताप सिंह, धर्मेंद्र सिंह (बालाजी), अंकित सिंह डब्बू, निखिल धोबी, पुष्पराज सिंह, टीकम सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे
खाद का वजन कम हुआ, दाम बढ़े; 2027 में जनता सिखाएगी सबक: पल्लवी पटेल खाद का वजन कम हुआ, दाम बढ़े; 2027 में जनता सिखाएगी सबक: पल्लवी पटेल लोकभारती न्यूज, खखरेरू /फतेहपुर, केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण आज देश का अन्नदाता पाई-पाई को मोहताज है। किसान अपनी फसल का दाम खुद तय नहीं कर सकता, और सरकार उसे बिजली व खाद के संकट में झोंक रही है। यह तीखा हमला अपना दल (कमेरावादी) की नेता व सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ने खखरेरू के रक्षपालपुर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में बोला कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों को बेनकाब करते हुए पल्लवी पटेल ने कहा, "पहले किसानों को 50 किलो खाद की बोरी मिलती थी, जिसे सरकार ने घटाकर 45 किलो कर दिया। वजन कम हुआ और कीमतें आसमान छू रही हैं, फिर भी किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए विधायक ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग धर्म और आत्मनिर्भरता के झूठे नारों के पीछे अपनी विफलताओं को छिपा रहे हैं नोटबंदी का सच उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि कालेधन पर अंकुश लगाने के दावे खोखले साबित हुए। आम
जनता लाइन में खड़ी रही, जबकि बड़े-बड़े घोटालेबाज देश का पैसा लूटकर बाहर भाग गए। यूजीसी पेपर लीक जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है 2027 में 40 सीटों पर तैयारी, किसी से गठबंधन नहीं पल्लवी पटेल ने कार्यकर्ताओं से सड़क से संसद तक जनहित की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया और 23 अगस्त की रायबरेली रैली में जुटने की अपील की। 2027 के विधानसभा चुनाव पर सरकार को ललकारते हुए उन्होंने साफ किया कि अपना दल (कमेरावादी) प्रदेश की 40 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है और फिलहाल किसी भी दल से गठबंधन का कोई इरादा नहीं है सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सीएल पटेल ने की, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ गांव-गांव जाकर संघर्ष का संकल्प लिया सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष सीएल पटेल, प्रयागराज मंडल उपाध्यक्ष सतनारायण पटेल, जिलाध्यक्ष विद्या पटेल, जिला महिला अध्यक्ष सुशील सिंह, युवा विधान सभा अध्यक्ष रत्नेश सिंह ,तेज प्रताप सिंह, धर्मेंद्र सिंह (बालाजी), अंकित सिंह डब्बू, निखिल धोबी, पुष्पराज सिंह, टीकम सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे
- खाद का वजन कम हुआ, दाम बढ़े; 2027 में जनता सिखाएगी सबक: पल्लवी पटेल खाद का वजन कम हुआ, दाम बढ़े; 2027 में जनता सिखाएगी सबक: पल्लवी पटेल लोकभारती न्यूज, खखरेरू /फतेहपुर, केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण आज देश का अन्नदाता पाई-पाई को मोहताज है। किसान अपनी फसल का दाम खुद तय नहीं कर सकता, और सरकार उसे बिजली व खाद के संकट में झोंक रही है। यह तीखा हमला अपना दल (कमेरावादी) की नेता व सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ने खखरेरू के रक्षपालपुर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में बोला कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों को बेनकाब करते हुए पल्लवी पटेल ने कहा, "पहले किसानों को 50 किलो खाद की बोरी मिलती थी, जिसे सरकार ने घटाकर 45 किलो कर दिया। वजन कम हुआ और कीमतें आसमान छू रही हैं, फिर भी किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए विधायक ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग धर्म और आत्मनिर्भरता के झूठे नारों के पीछे अपनी विफलताओं को छिपा रहे हैं नोटबंदी का सच उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि कालेधन पर अंकुश लगाने के दावे खोखले साबित हुए। आम जनता लाइन में खड़ी रही, जबकि बड़े-बड़े घोटालेबाज देश का पैसा लूटकर बाहर भाग गए। यूजीसी पेपर लीक जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है 2027 में 40 सीटों पर तैयारी, किसी से गठबंधन नहीं पल्लवी पटेल ने कार्यकर्ताओं से सड़क से संसद तक जनहित की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया और 23 अगस्त की रायबरेली रैली में जुटने की अपील की। 2027 के विधानसभा चुनाव पर सरकार को ललकारते हुए उन्होंने साफ किया कि अपना दल (कमेरावादी) प्रदेश की 40 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है और फिलहाल किसी भी दल से गठबंधन का कोई इरादा नहीं है सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सीएल पटेल ने की, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ गांव-गांव जाकर संघर्ष का संकल्प लिया सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष सीएल पटेल, प्रयागराज मंडल उपाध्यक्ष सतनारायण पटेल, जिलाध्यक्ष विद्या पटेल, जिला महिला अध्यक्ष सुशील सिंह, युवा विधान सभा अध्यक्ष रत्नेश सिंह ,तेज प्रताप सिंह, धर्मेंद्र सिंह (बालाजी), अंकित सिंह डब्बू, निखिल धोबी, पुष्पराज सिंह, टीकम सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे2
- 108 एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा, महिला डॉक्टर और दो बच्चों की बची जान,, 108 एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा, महिला डॉक्टर और दो बच्चों की बची जान रायबरेली: जनपद के भदोखर थाना क्षेत्र के अंतर्गत दरियापुर स्थित अंकित ढाबा के पास एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जहाँ 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक महिला डॉक्टर और उनके दो मासूम बच्चों की जान बाल-बाल बच गई। मिली जानकारी के अनुसार, प्रयागराज के सिविल लाइंस की रहने वाली डॉक्टर अश्मा (40) अपनी कार से अपने पांच वर्षीय बेटे हसन और नौ वर्षीय बेटी आजमा के साथ कहीं जा रही थीं। इसी दौरान दरियापुर के पास अचानक उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क के नीचे खाई में जा गिरी। यह भीषण दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही कार सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल होकर उसमें फंस गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत आपातकालीन सेवा 108 पर कॉल किया। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के प्रशिक्षित कर्मी बिना एक पल गंवाए तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। एम्बुलेंस कर्मियों ने अत्यंत तत्परता और पेशेवर अंदाज में बचाव कार्य शुरू किया और सभी घायलों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। इसके बाद बिना समय गंवाए, एम्बुलेंस कर्मियों ने घायलों को तुरंत एम्स (AIIMS) रायबरेली पहुंचाया और उन्हें सकुशल डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती कराया। समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण घायलों को समय पर चिकित्सा मिल सकी, जिससे उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। 108 एम्बुलेंस कर्मियों के इस साहसिक, मानवीय और त्वरित प्रयास की हर तरफ सराहना हो रही है। उनकी इस मुस्तैदी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समय पर मिलने वाली आपातकालीन सहायता कई अनमोल जिंदगियां बचा सकती है।1
- रायबरेली: सरेनी गोलीकाण्ड दिवस पर विशेष – 18 अगस्त 1942 के अमर शहीदों को नमन सरेनी (रायबरेली): आजादी की ललक, हाथों में तिरंगा और जुबां पर ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष। स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 18 अगस्त 1942 का दिन रायबरेली जनपद के बैसवारा क्षेत्र स्थित सरेनी के स्वर्णिम इतिहास में दर्ज है। इसी दिन ब्रिटिश हुकूमत की बंदूकों और गोलियों की परवाह किए बिना निहत्थे देशभक्तों ने सरेनी थाने पर तिरंगा फहराने का ऐतिहासिक साहस दिखाया था। 30 अगस्त की जगह 18 अगस्त को ही बोल दिया धावा ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, 11 अगस्त 1942 को रामपुर कला निवासी ठाकुर श्री गुप्तार सिंह के नेतृत्व में सरेनी थाने पर तिरंगा फहराने का निर्णय लिया गया था। 15 अगस्त को हैबतपुर की जनसभा में इसके लिए 30 अगस्त की तिथि तय की गई, लेकिन युवाओं के जुनून ने 18 अगस्त को ही इस योजना को अंजाम देने की ठान ली। जब तत्कालीन थानेदार बहादुर सिंह ने नवयुवक सूरज प्रसाद त्रिपाठी को गिरफ्तार किया, तो जनाक्रोश भड़क उठा। भीड़ ने थाने को घेर लिया, जिसके बाद थानेदार और सिपाहियों ने छत से निहत्थे आंदोलनकारियों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। पाँच वीरों ने दिया सर्वोच्च बलिदान इस निर्मम गोलीकांड में भारत माँ के पाँच वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी: टिर्री सिंह (सुरजीपुर) सुक्खू सिंह (सरेनी) औदान सिंह (गौतमन खेड़ा) राम शंकर त्रिवेदी (मानपुर) चौधरी महादेव (हमीर गांव) इस घटना में सैकड़ों क्रांतिकारी घायल हुए, लेकिन जनता का हौसला नहीं टूटा। शहीद स्मारक पर सजता है मेला अमर शहीदों की स्मृति में सरेनी थाने के ठीक सामने और पास स्थित शहीद जूनियर हाई स्कूल परिसर में स्मारक बनाए गए हैं। वर्ष 1997 से प्रतिवर्ष 18 अगस्त को यहाँ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मेले का आयोजन होता है। यह पावन स्थल आज भी जगदंबिका प्रसाद मिश्र ‘हितैषी’ की इन पंक्तियों को जीवंत करता है: ”शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशाँ होगा।।1
- सिराथू वन्दना हास्पिटर में बच्चे की मौत से परिजनों में भारी आक्रोश कौशाम्बी जिले के सिराथू वन्दना हास्पिटर में 15 अगस्त को काजीपुर टेढ़ी का एक 19 वर्षीय बच्चे की जिम्मेदार डाक्टर राहुल व उनके स्टांप की भारी लापरवाही से मौत हो गई बच्चे की मौत खबर सुन कर परिजनों भारी आक्रोश फैल गया परिजनों का कहना है की इलाज से पहले जब जान हुई सारी रिपोर्ट नार्मल थी फिर बच्चे की मौत कैसे हुई1
- कौशाम्बी में गिरा गरीब का आशियाना! PM आवास योजना की खुली पोल, बारिश में बेघर हुआ परिवार1
- कौशांबी में 112 पुलिस की कार्यशैली पर सवाल, युवक से अभद्रता का वीडियो वायरल कौशांबी के थाना कोखराज क्षेत्र अंतर्गत काशिया पश्चिम गांव में कल रात करीब 10 बजे मकान में कथित रूप से गलत तरीके से निर्माण किए जाने की सूचना एक युवक ने डायल 112 पर दी। आरोप है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची 112 पुलिस ने युवक से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उसे ही डांटने लगी। युवक द्वारा पुलिसकर्मियों की बातचीत का वीडियो बनाने का प्रयास किया गया तो आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल झपटने का भी प्रयास किया। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली और डायल 112 की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।1
- कौशाम्बी- बारिश के चलते गिरा कच्चा माकान। मलबे मे दबने से महिला हुई घायल। परिजनों ने महिला को अस्पताल मे भर्ती कराया। पिपरी थाना के गिरिसा खालसा गांव का मामला।1
- 🚨 कौशाम्बी: तेज रफ्तार कार हादसे का शिकार, डॉक्टर बाल-बाल बचे तेज रफ्तार कार का अचानक टायर फटने से वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक ने भी कार में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में डॉक्टर प्रवीण केशरवानी बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। 📍 कोखराज थाना क्षेत्र के अंदावा, NH-19 का मामला।1