108 एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा, महिला डॉक्टर और दो बच्चों की बची जान,, 108 एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा, महिला डॉक्टर और दो बच्चों की बची जान रायबरेली: जनपद के भदोखर थाना क्षेत्र के अंतर्गत दरियापुर स्थित अंकित ढाबा के पास एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जहाँ 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक महिला डॉक्टर और उनके दो मासूम बच्चों की जान बाल-बाल बच गई। मिली जानकारी के अनुसार, प्रयागराज के सिविल लाइंस की रहने वाली डॉक्टर अश्मा (40) अपनी कार से अपने पांच वर्षीय बेटे हसन और नौ वर्षीय बेटी आजमा के साथ कहीं जा रही थीं। इसी दौरान दरियापुर के पास अचानक उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क के नीचे खाई में जा गिरी। यह भीषण दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही कार सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल होकर उसमें फंस गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत आपातकालीन सेवा 108 पर कॉल किया। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के प्रशिक्षित कर्मी बिना एक पल गंवाए तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। एम्बुलेंस कर्मियों ने अत्यंत तत्परता और पेशेवर अंदाज में बचाव कार्य शुरू किया और सभी घायलों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। इसके बाद बिना समय गंवाए, एम्बुलेंस कर्मियों ने घायलों को तुरंत एम्स (AIIMS) रायबरेली पहुंचाया और उन्हें सकुशल डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती कराया। समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण घायलों को समय पर चिकित्सा मिल सकी, जिससे उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। 108 एम्बुलेंस कर्मियों के इस साहसिक, मानवीय और त्वरित प्रयास की हर तरफ सराहना हो रही है। उनकी इस मुस्तैदी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समय पर मिलने वाली आपातकालीन सहायता कई अनमोल जिंदगियां बचा सकती है।
108 एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा, महिला डॉक्टर और दो बच्चों की बची जान,, 108 एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा, महिला डॉक्टर और दो बच्चों की बची जान रायबरेली: जनपद के भदोखर थाना क्षेत्र के अंतर्गत दरियापुर स्थित अंकित ढाबा के पास एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जहाँ 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक महिला डॉक्टर और उनके दो मासूम बच्चों की जान बाल-बाल बच गई। मिली जानकारी के अनुसार, प्रयागराज के सिविल लाइंस की रहने वाली डॉक्टर अश्मा (40) अपनी कार से अपने पांच वर्षीय बेटे हसन और नौ वर्षीय बेटी आजमा के साथ कहीं जा रही थीं। इसी दौरान दरियापुर के पास अचानक उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क के नीचे खाई में जा गिरी। यह भीषण दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही कार सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल होकर उसमें फंस गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत आपातकालीन सेवा 108 पर कॉल किया। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के प्रशिक्षित कर्मी बिना एक पल गंवाए तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। एम्बुलेंस कर्मियों ने अत्यंत तत्परता और पेशेवर अंदाज में बचाव कार्य शुरू किया और सभी घायलों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। इसके बाद बिना समय गंवाए, एम्बुलेंस कर्मियों ने घायलों को तुरंत एम्स (AIIMS) रायबरेली पहुंचाया और उन्हें सकुशल डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती कराया। समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण घायलों को समय पर चिकित्सा मिल सकी, जिससे उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। 108 एम्बुलेंस कर्मियों के इस साहसिक, मानवीय और त्वरित प्रयास की हर तरफ सराहना हो रही है। उनकी इस मुस्तैदी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समय पर मिलने वाली आपातकालीन सहायता कई अनमोल जिंदगियां बचा सकती है।
- 108 एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा, महिला डॉक्टर और दो बच्चों की बची जान,, 108 एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा, महिला डॉक्टर और दो बच्चों की बची जान रायबरेली: जनपद के भदोखर थाना क्षेत्र के अंतर्गत दरियापुर स्थित अंकित ढाबा के पास एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जहाँ 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक महिला डॉक्टर और उनके दो मासूम बच्चों की जान बाल-बाल बच गई। मिली जानकारी के अनुसार, प्रयागराज के सिविल लाइंस की रहने वाली डॉक्टर अश्मा (40) अपनी कार से अपने पांच वर्षीय बेटे हसन और नौ वर्षीय बेटी आजमा के साथ कहीं जा रही थीं। इसी दौरान दरियापुर के पास अचानक उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क के नीचे खाई में जा गिरी। यह भीषण दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही कार सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल होकर उसमें फंस गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत आपातकालीन सेवा 108 पर कॉल किया। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के प्रशिक्षित कर्मी बिना एक पल गंवाए तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। एम्बुलेंस कर्मियों ने अत्यंत तत्परता और पेशेवर अंदाज में बचाव कार्य शुरू किया और सभी घायलों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। इसके बाद बिना समय गंवाए, एम्बुलेंस कर्मियों ने घायलों को तुरंत एम्स (AIIMS) रायबरेली पहुंचाया और उन्हें सकुशल डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती कराया। समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण घायलों को समय पर चिकित्सा मिल सकी, जिससे उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। 108 एम्बुलेंस कर्मियों के इस साहसिक, मानवीय और त्वरित प्रयास की हर तरफ सराहना हो रही है। उनकी इस मुस्तैदी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समय पर मिलने वाली आपातकालीन सहायता कई अनमोल जिंदगियां बचा सकती है।1
- रायबरेली: सरेनी गोलीकाण्ड दिवस पर विशेष – 18 अगस्त 1942 के अमर शहीदों को नमन सरेनी (रायबरेली): आजादी की ललक, हाथों में तिरंगा और जुबां पर ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष। स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 18 अगस्त 1942 का दिन रायबरेली जनपद के बैसवारा क्षेत्र स्थित सरेनी के स्वर्णिम इतिहास में दर्ज है। इसी दिन ब्रिटिश हुकूमत की बंदूकों और गोलियों की परवाह किए बिना निहत्थे देशभक्तों ने सरेनी थाने पर तिरंगा फहराने का ऐतिहासिक साहस दिखाया था। 30 अगस्त की जगह 18 अगस्त को ही बोल दिया धावा ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, 11 अगस्त 1942 को रामपुर कला निवासी ठाकुर श्री गुप्तार सिंह के नेतृत्व में सरेनी थाने पर तिरंगा फहराने का निर्णय लिया गया था। 15 अगस्त को हैबतपुर की जनसभा में इसके लिए 30 अगस्त की तिथि तय की गई, लेकिन युवाओं के जुनून ने 18 अगस्त को ही इस योजना को अंजाम देने की ठान ली। जब तत्कालीन थानेदार बहादुर सिंह ने नवयुवक सूरज प्रसाद त्रिपाठी को गिरफ्तार किया, तो जनाक्रोश भड़क उठा। भीड़ ने थाने को घेर लिया, जिसके बाद थानेदार और सिपाहियों ने छत से निहत्थे आंदोलनकारियों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। पाँच वीरों ने दिया सर्वोच्च बलिदान इस निर्मम गोलीकांड में भारत माँ के पाँच वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी: टिर्री सिंह (सुरजीपुर) सुक्खू सिंह (सरेनी) औदान सिंह (गौतमन खेड़ा) राम शंकर त्रिवेदी (मानपुर) चौधरी महादेव (हमीर गांव) इस घटना में सैकड़ों क्रांतिकारी घायल हुए, लेकिन जनता का हौसला नहीं टूटा। शहीद स्मारक पर सजता है मेला अमर शहीदों की स्मृति में सरेनी थाने के ठीक सामने और पास स्थित शहीद जूनियर हाई स्कूल परिसर में स्मारक बनाए गए हैं। वर्ष 1997 से प्रतिवर्ष 18 अगस्त को यहाँ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मेले का आयोजन होता है। यह पावन स्थल आज भी जगदंबिका प्रसाद मिश्र ‘हितैषी’ की इन पंक्तियों को जीवंत करता है: ”शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशाँ होगा।।1
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- ऊंचाहार पुलिस की अनोखी पहल: कांवड़ियों पर की पुष्प वर्षा, बांटे फल और पानी,,,,, ऊंचाहार (रायबरेली): पवित्र सावन माह के अवसर पर देशभर में फैली धार्मिक उमंग के बीच ऊंचाहार में आस्था और जनसेवा की एक खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। रविवार दोपहर लगभग 4 बजे, ऊंचाहार कोतवाली गेट पर पुलिस कर्मियों ने गंगा घाटों से जल भरकर शिव मंदिरों की ओर बढ़ रहे शिवभक्त कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया। विभिन्न गंगा घाटों से पवित्र जल लेकर जलाभिषेक के लिए जा रहे कांवड़ियों के स्वागत में पुलिस कर्मियों ने न केवल उन पर पुष्प वर्षा की, बल्कि प्रचंड गर्मी और थकान के बीच उन्हें राहत पहुंचाने के लिए पानी की बोतलें, फल, बिस्किट और वेफर्स भी वितरित किए। पुलिस के इस आत्मीय और सम्मानजनक व्यवहार से अभिभूत होकर कांवड़ियों का उत्साह दोगुना हो गया और पूरा वातावरण "हर-हर महादेव" के जयकारों से गूंज उठा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था को संबल देना और पुलिस व आम जनता के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करना था। कांवड़ियों ने पुलिस कर्मियों के इस समर्पण और आतिथ्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से उपनिरीक्षक सुमित शेओरान, उपनिरीक्षक अभिजीत मिश्रा, उपनिरीक्षक उमाशंकर सिंह तथा उपनिरीक्षक विनोद कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी मौजूद रहे। पुलिस की इस संवेदनशील और सराहनीय पहल की स्थानीय लोगों में काफी चर्चा और सराहना हो रही है।1
- खाद का वजन कम हुआ, दाम बढ़े; 2027 में जनता सिखाएगी सबक: पल्लवी पटेल खाद का वजन कम हुआ, दाम बढ़े; 2027 में जनता सिखाएगी सबक: पल्लवी पटेल लोकभारती न्यूज, खखरेरू /फतेहपुर, केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण आज देश का अन्नदाता पाई-पाई को मोहताज है। किसान अपनी फसल का दाम खुद तय नहीं कर सकता, और सरकार उसे बिजली व खाद के संकट में झोंक रही है। यह तीखा हमला अपना दल (कमेरावादी) की नेता व सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ने खखरेरू के रक्षपालपुर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में बोला कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों को बेनकाब करते हुए पल्लवी पटेल ने कहा, "पहले किसानों को 50 किलो खाद की बोरी मिलती थी, जिसे सरकार ने घटाकर 45 किलो कर दिया। वजन कम हुआ और कीमतें आसमान छू रही हैं, फिर भी किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए विधायक ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग धर्म और आत्मनिर्भरता के झूठे नारों के पीछे अपनी विफलताओं को छिपा रहे हैं नोटबंदी का सच उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि कालेधन पर अंकुश लगाने के दावे खोखले साबित हुए। आम जनता लाइन में खड़ी रही, जबकि बड़े-बड़े घोटालेबाज देश का पैसा लूटकर बाहर भाग गए। यूजीसी पेपर लीक जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है 2027 में 40 सीटों पर तैयारी, किसी से गठबंधन नहीं पल्लवी पटेल ने कार्यकर्ताओं से सड़क से संसद तक जनहित की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया और 23 अगस्त की रायबरेली रैली में जुटने की अपील की। 2027 के विधानसभा चुनाव पर सरकार को ललकारते हुए उन्होंने साफ किया कि अपना दल (कमेरावादी) प्रदेश की 40 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है और फिलहाल किसी भी दल से गठबंधन का कोई इरादा नहीं है सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सीएल पटेल ने की, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ गांव-गांव जाकर संघर्ष का संकल्प लिया सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष सीएल पटेल, प्रयागराज मंडल उपाध्यक्ष सतनारायण पटेल, जिलाध्यक्ष विद्या पटेल, जिला महिला अध्यक्ष सुशील सिंह, युवा विधान सभा अध्यक्ष रत्नेश सिंह ,तेज प्रताप सिंह, धर्मेंद्र सिंह (बालाजी), अंकित सिंह डब्बू, निखिल धोबी, पुष्पराज सिंह, टीकम सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे2
- रायबरेली के ऊंचाहार को स्वतंत्रता दिवस पर मिली बड़ी सौगात: गगनचुंबी तिरंगे से सजा आसमान, जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया भव्य शुभारंभ ऊंचाहार, रायबरेली:स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर शनिवार को रायबरेली जिले के ऊंचाहार नगर में देशभक्ति, गर्व और उत्साह का एक नया अध्याय जुड़ गया। नगर के मुख्य मार्ग पर स्थापित एक विशाल और गगनचुंबी राष्ट्रीय ध्वज अब ऊंचाहार की शान बढ़ा रहा है। इस भव्य तिरंगे का विधिवत शुभारंभ शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजना चौधरी के कर-कमलों द्वारा पूरे विधि-विधान और राष्ट्रीय सम्मान के साथ किया गया। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए पूरा ऊंचाहार उमड़ पड़ा और पूरा क्षेत्र 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों से गूंज उठा। आकर्षण का केंद्र बना नवनिर्मित परिसर और विशाल तिरंगा यह विशाल राष्ट्रीय ध्वज ऊंचाहार में कोतवाली रोड पर नगर पंचायत कार्यालय के ठीक सामने स्थित नवनिर्मित जिला पंचायत दुकानों के परिसर में स्थापित किया गया है। लंबे समय से क्षेत्रवासियों को इस तिरंगे के फहराए जाने का इंतजार था, जो स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ अवसर पर पूरा हुआ। आसमान में शान से लहराता यह विशाल तिरंगा दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक ध्वज नहीं है, बल्कि अमर शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और नई पीढ़ी के लिए राष्ट्रप्रेम का एक बड़ा प्रतीक है। नवनिर्मित व्यावसायिक परिसर में इसकी स्थापना से इस क्षेत्र की भव्यता और भी बढ़ गई है। कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, इन प्रमुख हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस ध्वजारोहण और लोकार्पण कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, राजनीतिक हस्तियां और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से एमएलसी प्रतिनिधि, कनक बिहारी सिंह, ऊंचाहार ग्राम प्रधान, धनराज यादव, ग्राम प्रधान, बभनपुर पुत्ती लाल मौर्या, ग्राम प्रधान, सवैया राजे शेखर वर्मा, खोजनपुर प्रधान प्रतिनिधि, सुधीर गुप्ता समेत स्थानीय लोग शामिल मौजूद रहे। देशभक्ति के रंग में रंगा नगर कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और देश के विकास में एकजुट होकर योगदान देने का आह्वान किया। अतिथियों ने कहा कि यह विशाल तिरंगा हर दिन यहां से गुजरने वाले नागरिकों और युवाओं के दिलों में देश के प्रति समर्पण की भावना को जागृत करेगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय आम जनमानस, व्यापारी वर्ग और युवा मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और मिष्ठान वितरण के साथ हुआ, जिसने स्वतंत्रता दिवस के इस पर्व को ऊंचाहार के निवासियों के लिए हमेशा के लिए यादगार बना दिया।1
- कौशांबी: मामूली विवाद में मारपीट और जान से मारने की कोशिश, पीड़िता ने थाने में दी तहरीर* कौशांबी: मामूली विवाद में मारपीट और जान से मारने की कोशिश, पीड़िता ने थाने में दी तहरीर* *कौशांबी* : जनपद के मंझनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गोरा में मामूली विवाद को लेकर एक महिला और उसके परिवार के साथ मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। पीड़िता ने थानाध्यक्ष को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। प्राप्त तहरीर के अनुसार ग्राम गोरा निवासी संगीता देवी पत्नी रघुराम ने बताया कि 17 अगस्त को उनके पति घर के सामने पशुओं के लिए खूंटा गाड़ रहे थे। इसी दौरान संगीता के मामा नरेश, ओमप्रकाश, संतोष, पिंटू, दुर्गेश, ओमप्रकाश की पत्नी, उनके बेटे देद्दू, मामा राम खेतान और रामनरेश की पत्नी सहित कई लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि सभी ने मिलकर संगीता, उनके पति और पिता के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की और अभद्र गालियां दीं। संगीता का आरोप है कि हमलावरों ने उनके पति पर चाकू से हमला कर जान से मारने की भी कोशिश की। किसी तरह उनके पति भागकर घर के अंदर घुसे और दरवाजा बंद कर लिया। तहरीर मिलने के बाद मंझनपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। _रिपोर्ट: शाहनवाज आलम, साधना न्यूज़ चैनल, कौशांबी_1
- कौशाम्बी- बारिश के चलते गिरा कच्चा माकान। मलबे मे दबने से महिला हुई घायल। परिजनों ने महिला को अस्पताल मे भर्ती कराया। पिपरी थाना के गिरिसा खालसा गांव का मामला।1