केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने की खबर सामने आने के बाद अमेठी में युवा संगठन के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने खुशी का इजहार किया। देशभर में जारी छात्र आंदोलनों और बढ़ते दबाव के बीच यह फैसला आने पर अमेठी कस्बे के एक निजी कॉलेज के सामने बड़ी संख्या में युवा और छात्र एकत्र हुए। इस दौरान छात्रों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और "छात्र एकता जिंदाबाद" के जोरदार नारे लगाए। युवा संगठन के नेता आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने इसे छात्रों की एकजुटता और लंबे समय से चल रहे संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाई थी। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे का मामला नहीं है, बल्कि छात्र हितों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही छात्रों ने सरकार से मांग की कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किया जाए और उनके भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न होने दिया जाए। शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में युवाओं ने अपनी खुशी साझा की। युवा संगठन के पदाधिकारियों ने साफ किया कि वे आगे भी छात्रों के अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह सक्रिय रहेंगे तथा जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने की खबर सामने आने के बाद अमेठी में युवा संगठन के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने खुशी का इजहार किया। देशभर में जारी छात्र आंदोलनों और बढ़ते दबाव के बीच यह फैसला आने पर अमेठी कस्बे के एक निजी कॉलेज के सामने बड़ी संख्या में युवा और छात्र एकत्र
हुए। इस दौरान छात्रों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और "छात्र एकता जिंदाबाद" के जोरदार नारे लगाए। युवा संगठन के नेता आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने इसे छात्रों की एकजुटता और लंबे समय से चल रहे संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर
लगातार आवाज उठाई थी। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे का मामला नहीं है, बल्कि छात्र हितों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही छात्रों ने सरकार से मांग की कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किया जाए और उनके
भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न होने दिया जाए। शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में युवाओं ने अपनी खुशी साझा की। युवा संगठन के पदाधिकारियों ने साफ किया कि वे आगे भी छात्रों के अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह सक्रिय रहेंगे तथा जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर खुशी जताते हुए सोनाक्षी सिन्हा ने 'उठक-बैठक' लगाकर Gen-Z को सलाम किया है। सोनाक्षी लंबे समय से CJP प्रोटेस्ट के बारे में रोजाना 10 से 15 स्टोरीज और रील्स पोस्ट कर रही हैं। इस प्रोटेस्ट में उनकी इतनी दिलचस्पी को लेकर सवाल उठाए गए हैं कि वह इस तरह बर्ताव कर रही हैं जैसे खुद NEET की स्टूडेंट हों। किसी सेलिब्रिटी को किसी प्रोटेस्ट में इतनी दिलचस्पी लेते पहले कभी नहीं देखा गया है। ऐसा लगता है कि बॉलीवुड और यूट्यूब करियर में नाकाम होने के बाद वह केवल अटेंशन पाना चाहती हैं।1
- अमेठी के विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में शनिवार को जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक सांसद किशोरी लाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार की 30 से अधिक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों और सुझावों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। समीक्षा के दौरान मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना, डिजिटल इंडिया और सांसद आदर्श ग्राम योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा हुई। परियोजना निदेशक डीआरडीए ऐश्वर्य यादव ने पिछली बैठक में उठाए गए मुद्दों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसे समिति ने अनुमोदित किया। वहीं जिलाधिकारी संजय चौहान ने जनप्रतिनिधियों के सभी निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन कराने का भरोसा दिलाया। बैठक में एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ल, विधायक राकेश प्रताप सिंह, विधायक महाराजी प्रजापति, पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, पुलिस अधीक्षक सरवणन टी और मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सांसद ने राकेश पांडेय द्वारा लिखित पुस्तक "उत्तर प्रदेश का स्वतंत्रता संग्राम : अमेठी" का विमोचन भी किया।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने की खबर सामने आने के बाद अमेठी में युवा संगठन के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने खुशी का इजहार किया। देशभर में जारी छात्र आंदोलनों और बढ़ते दबाव के बीच यह फैसला आने पर अमेठी कस्बे के एक निजी कॉलेज के सामने बड़ी संख्या में युवा और छात्र एकत्र हुए। इस दौरान छात्रों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और "छात्र एकता जिंदाबाद" के जोरदार नारे लगाए। युवा संगठन के नेता आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने इसे छात्रों की एकजुटता और लंबे समय से चल रहे संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाई थी। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे का मामला नहीं है, बल्कि छात्र हितों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही छात्रों ने सरकार से मांग की कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किया जाए और उनके भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न होने दिया जाए। शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में युवाओं ने अपनी खुशी साझा की। युवा संगठन के पदाधिकारियों ने साफ किया कि वे आगे भी छात्रों के अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह सक्रिय रहेंगे तथा जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।4
- केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र देने की खबर सामने आते ही छात्र संगठनों और समाजवादी पार्टी के नेताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। शनिवार दोपहर बाद जैसे ही केंद्रीय मंत्री के त्यागपत्र की सूचना पहुंची, छात्र खुश होकर सड़कों पर निकल आए और आपस में मिठाइयां बांटने लगे। इसी क्रम में सपा नेताओं ने भी जमकर खुशी का इजहार किया। सपा नेता शिव प्रताप यादव ने तहसील परिसर में जश्न मनाते हुए लोगों के बीच मिठाइयां बांटी। केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की खबर से छात्र संगठन और सपा नेता बेहद उत्साहित नजर आए।2
- सुल्तानपुर के आजाद पार्क में शनिवार शाम को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च और सत्याग्रह कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। अभिषेक सिंह राणा ने आरोप लगाया कि 2014 में भाजपा सरकार बनने के बाद से नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लगातार लीक हो रहे हैं। इससे युवाओं और छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है और वे मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने जंतर-मंतर से लेकर देश भर की सड़कों पर उतरे छात्रों के संघर्ष को सलाम करते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों के दबाव में आकर ही कदम उठाए हैं, क्योंकि छात्रों के बिना कोई आंदोलन सफल नहीं हुआ है। राणा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को भी मजबूरी का नतीजा बताया और कहा कि यदि वे छात्र हित सोचते तो बहुत पहले ही इस्तीफा दे देते। इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, दोषियों को दंडित करने और पीड़ित छात्रों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की। अभिषेक सिंह राणा ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को धन्यवाद दिया और कहा कि जब भी छात्रों पर अत्याचार हुआ, इन नेताओं ने सड़क पर उतरकर उनकी आवाज बुलंद की। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस कार्यकर्ता संसद से लेकर सड़क तक युवाओं और किसानों के हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे।3
- रायबरेली के खीरों थाना परिसर में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 19 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से एक का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसीलदार और थाना प्रभारी संतोष सिंह ने की, जिन्होंने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में आए सभी 19 प्रार्थना पत्र राजस्व विभाग से संबंधित थे, जबकि पुलिस विभाग से जुड़ी कोई शिकायत नहीं प्राप्त हुई। राजस्व विभाग की एक शिकायत का समाधान कराने के लिए तत्काल पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया, जहां मामला हल कराया गया। शेष प्रार्थना पत्रों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया। थाना प्रभारी संतोष सिंह ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनसमस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि लोगों को त्वरित न्याय मिल सके।2
- अमेठी में विकास भवन में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे आंदोलनकारी छात्रों और इंडिया गठबंधन के लगातार विरोध की बड़ी जीत करार दिया। सांसद का कहना था कि छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी और पूरा इंडिया गठबंधन उनके समर्थन में खड़ा रहा। सांसद किशोरी लाल शर्मा ने केंद्र सरकार के फैसले में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह निर्णय बहुत पहले ही ले लिया जाना चाहिए था। यदि समय रहते फैसला लिया जाता तो आंदोलन के दौरान कई छात्रों को चोटें नहीं लगतीं। उन्होंने कहा, "देर आए, दुरुस्त आए। सरकार ने आखिरकार छात्रों की भावनाओं और मांगों को समझा है। शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय में छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। विपक्ष इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक लगातार उठाता रहा और अंततः सरकार को झुकना पड़ा।" हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। मीडिया से बातचीत के बाद सांसद किशोरी लाल शर्मा ने दिशा समिति की बैठक में जिले के विकास कार्यों की समीक्षा की और उपस्थित अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।1
- अलीगढ़ में जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान एक इंस्पेक्टर ने पिस्टल निकाल ली। सपा कार्यकर्ता यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में लगातार प्रोटेस्ट कर रहे थे, जिस दौरान यह घटना घटी।1