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ग्वालियर जिले के टेकनपुर में बदमाशों द्वारा एक युवक का कथित रूप से अपहरण कर बेरहमी से मारपीट करने और 'तालिबानी सजा' देने का मामला सामने आया है। पीड़ित टेकनपुर निवासी मुकेश वंशकार ने आरोप लगाया है कि शनिवार शाम करीब 5 बजे जब वह बस स्टॉप पर बाल कटवाने जा रहे थे, तभी 5-6 लोगों ने उन्हें जबरन एक वाहन में बैठाकर उनका अपहरण कर लिया। पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, जान से मारने की कोशिश की और उनके परिवार को भी धमकी दी। पीड़ित मुकेश के अनुसार, चीनोर थाने के पास मौका मिलते ही वह आरोपियों के चंगुल से भाग निकले और सीधे थाने पहुंचे, जिससे उनकी जान बच सकी। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर पहले शिकायत को गंभीरता से न लेने का भी आरोप लगाया है। इस मामले में डबरा सिटी थाना पुलिस ने मुकेश वंशकार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। डबरा सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि शिकायत में अजय कुशवाह, नीरज कुशवाह, सोनू कुशवाह तथा तीन अन्य लोगों पर जबरन वाहन में बैठाकर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की विवेचना के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

16 hrs ago
user_Rajesh kumar soni
Rajesh kumar soni
Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
16 hrs ago

ग्वालियर जिले के टेकनपुर में बदमाशों द्वारा एक युवक का कथित रूप से अपहरण कर बेरहमी से मारपीट करने और 'तालिबानी सजा' देने का मामला सामने आया है। पीड़ित टेकनपुर निवासी मुकेश वंशकार ने आरोप लगाया है कि शनिवार शाम करीब 5 बजे जब वह बस स्टॉप पर बाल कटवाने जा रहे थे, तभी 5-6 लोगों ने उन्हें जबरन एक वाहन में बैठाकर उनका अपहरण कर लिया। पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, जान से मारने की कोशिश की और उनके परिवार को भी धमकी दी। पीड़ित मुकेश के अनुसार, चीनोर थाने के पास मौका मिलते ही वह आरोपियों के चंगुल से भाग निकले और सीधे थाने पहुंचे, जिससे उनकी जान बच सकी। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर पहले शिकायत को गंभीरता से न लेने का भी आरोप लगाया है। इस मामले में डबरा सिटी थाना पुलिस ने मुकेश वंशकार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। डबरा सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि शिकायत में अजय कुशवाह, नीरज कुशवाह, सोनू कुशवाह तथा तीन अन्य लोगों पर जबरन वाहन में बैठाकर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की विवेचना के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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  • एक समय था जब महंगाई को लेकर तत्कालीन सरकार पर लगातार सवाल उठाए जाते थे और पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर व रसोई का बढ़ता खर्च चुनावी भाषणों का मुख्य मुद्दा हुआ करता था। लेकिन आज 2026 में महंगाई को लेकर जनता एक बार फिर सवाल पूछ रही है। सोशल मीडिया पर वर्ष 2013 और 2026 की कीमतों की तुलना करने वाले पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस सिलेंडर और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को दिखाया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग वर्षों की कीमतों की तुलना करते समय वैश्विक कच्चे तेल के दाम, टैक्स, आर्थिक परिस्थितियां और मुद्रास्फीति जैसे कई कारकों को भी ध्यान में रखना जरूरी होता है। इसके बावजूद, आम लोगों का साफ कहना है कि रसोई का खर्च बढ़ा है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है और आमदनी के मुकाबले उनके खर्च बहुत तेजी से बढ़े हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि क्या महंगाई से जूझ रही जनता को वाकई कोई राहत मिलेगी या फिर किए गए वादे केवल चुनावी भाषणों तक ही सीमित रह जाएंगे? पहले जहां महंगाई को देश का सबसे बड़ा मुद्दा बताया जाता था, वहीं आज 2026 के आंकड़े जनता के सामने हैं और लोग पूछ रहे हैं कि वादे पूरे हुए या सिर्फ भाषण बदल गए हैं।
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    एक समय था जब महंगाई को लेकर तत्कालीन सरकार पर लगातार सवाल उठाए जाते थे और पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर व रसोई का बढ़ता खर्च चुनावी भाषणों का मुख्य मुद्दा हुआ करता था। लेकिन आज 2026 में महंगाई को लेकर जनता एक बार फिर सवाल पूछ रही है। सोशल मीडिया पर वर्ष 2013 और 2026 की कीमतों की तुलना करने वाले पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस सिलेंडर और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को दिखाया जा रहा है।

हालांकि, अलग-अलग वर्षों की कीमतों की तुलना करते समय वैश्विक कच्चे तेल के दाम, टैक्स, आर्थिक परिस्थितियां और मुद्रास्फीति जैसे कई कारकों को भी ध्यान में रखना जरूरी होता है। इसके बावजूद, आम लोगों का साफ कहना है कि रसोई का खर्च बढ़ा है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है और आमदनी के मुकाबले उनके खर्च बहुत तेजी से बढ़े हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि क्या महंगाई से जूझ रही जनता को वाकई कोई राहत मिलेगी या फिर किए गए वादे केवल चुनावी भाषणों तक ही सीमित रह जाएंगे? पहले जहां महंगाई को देश का सबसे बड़ा मुद्दा बताया जाता था, वहीं आज 2026 के आंकड़े जनता के सामने हैं और लोग पूछ रहे हैं कि वादे पूरे हुए या सिर्फ भाषण बदल गए हैं।
    user_राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    पत्रकार इंदरगढ़, दतिया, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के दतिया में कांग्रेस की आम सभा के दौरान भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी खुद वहां वोट मांगने पहुंच गए। कांग्रेस की सभा में पहुंचे भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने वहां मौजूद लोगों से वोट की अपील की और कहा, 'आप सभी का आशीर्वाद हमें मिले।'
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    मध्य प्रदेश के दतिया में कांग्रेस की आम सभा के दौरान भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी खुद वहां वोट मांगने पहुंच गए। कांग्रेस की सभा में पहुंचे भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने वहां मौजूद लोगों से वोट की अपील की और कहा, 'आप सभी का आशीर्वाद हमें मिले।'
    user_Sanjeev Richhariya
    Sanjeev Richhariya
    Court reporter इंदरगढ़, दतिया, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के भोपाल में 1,76,000 नौकरियों के लिए पिछड़ा वर्ग के समर्थन में भीम आर्मी और जयस आदिवासी संगठन मैदान में उतर आए हैं और उन्होंने विधानसभा घेराव का बड़ा ऐलान किया है। "भोपाल चलो भोपाल चलो" के पुरजोर आह्वान के साथ आगामी 20 जुलाई 2026 को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन को ओबीसी महासभा का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। इस प्रदर्शन के जरिए तीन प्रमुख मांगें दृढ़ता से रखी जा रही हैं। पहली मांग नौकरियों पर लगे 13% होल्ड को हटाने की है, दूसरी मांग 27% आरक्षण को तुरंत लागू करने की है, और तीसरी मुख्य मांग पिछड़ा वर्ग की जातिगत जनगणना कराकर उसके आंकड़ों को सार्वजनिक करने की है। राष्ट्रीय कर कमेटी कार्यकारी जिला अध्यक्ष और जिला मीडिया ओबीसी महासभा पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी मध्य प्रदेश द्वारा इन मांगों को लेकर हुंकार भरी जा रही है।
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    मध्यप्रदेश के भोपाल में 1,76,000 नौकरियों के लिए पिछड़ा वर्ग के समर्थन में भीम आर्मी और जयस आदिवासी संगठन मैदान में उतर आए हैं और उन्होंने विधानसभा घेराव का बड़ा ऐलान किया है। "भोपाल चलो भोपाल चलो" के पुरजोर आह्वान के साथ आगामी 20 जुलाई 2026 को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन को ओबीसी महासभा का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है।

इस प्रदर्शन के जरिए तीन प्रमुख मांगें दृढ़ता से रखी जा रही हैं। पहली मांग नौकरियों पर लगे 13% होल्ड को हटाने की है, दूसरी मांग 27% आरक्षण को तुरंत लागू करने की है, और तीसरी मुख्य मांग पिछड़ा वर्ग की जातिगत जनगणना कराकर उसके आंकड़ों को सार्वजनिक करने की है। राष्ट्रीय कर कमेटी कार्यकारी जिला अध्यक्ष और जिला मीडिया ओबीसी महासभा पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी मध्य प्रदेश द्वारा इन मांगों को लेकर हुंकार भरी जा रही है।
    user_Jay Jawan Jay Kisan
    Jay Jawan Jay Kisan
    Lawyer Indergarh, Datia•
    14 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव को लेकर निचरौली में चुनावी माहौल गर्माया हुआ है। इस उपचुनाव में कौन जीत दर्ज करने जा रहा है और क्षेत्र का चुनावी माहौल क्या है, इसकी जानकारी लक्ष्य न्यूज़ चैनल पर देखी जा सकती है।
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    मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव को लेकर निचरौली में चुनावी माहौल गर्माया हुआ है। इस उपचुनाव में कौन जीत दर्ज करने जा रहा है और क्षेत्र का चुनावी माहौल क्या है, इसकी जानकारी लक्ष्य न्यूज़ चैनल पर देखी जा सकती है।
    user_Lakshya News
    Lakshya News
    Datia, Madhya Pradesh•
    6 hrs ago
  • भितरवार में सांदीपनी सीएम राइज (मॉडल) स्कूल तक पहुंचने वाला मार्ग शनिवार को हुई हल्की बारिश के बाद एक बार फिर कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया। इस बदहाल मार्ग के कारण स्कूल आने-जाने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क पर फिसलन इतनी बढ़ गई कि छुट्टी के बाद घर जा रहे विद्यार्थियों की साइकिलें और स्कूटियां कीचड़ में फिसलने लगीं, जिसके कारण कई बच्चों को अपने वाहन हाथ में पकड़कर खींचने पड़े और पैदल चलने वालों को भी काफी कठिनाई हुई। विद्यार्थियों की इस दुर्दशा को देखकर स्कूल की जागरूक शिक्षिका मनीषा राजोरिया ने इस बदहाल सड़क के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दिए, जो देखते ही देखते व्यापक रूप से वायरल हो गए। इन वीडियो और तस्वीरों में छात्र-छात्राएं किसी तरह कीचड़ से बचकर निकलते और दोपहिया वाहन फिसलते दिखाई दे रहे हैं, जिसने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रवासियों और अभिभावकों के अनुसार, यह समस्या काफी समय से बनी हुई है और कई बार जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में लाने के बावजूद इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। यह विद्यालय क्षेत्र का प्रमुख शिक्षण संस्थान है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में छात्र पहुंचते हैं। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए इस मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए और पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। अब सभी की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर समस्या का कब तक स्थायी समाधान कराते हैं।
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    भितरवार में सांदीपनी सीएम राइज (मॉडल) स्कूल तक पहुंचने वाला मार्ग शनिवार को हुई हल्की बारिश के बाद एक बार फिर कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया। इस बदहाल मार्ग के कारण स्कूल आने-जाने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क पर फिसलन इतनी बढ़ गई कि छुट्टी के बाद घर जा रहे विद्यार्थियों की साइकिलें और स्कूटियां कीचड़ में फिसलने लगीं, जिसके कारण कई बच्चों को अपने वाहन हाथ में पकड़कर खींचने पड़े और पैदल चलने वालों को भी काफी कठिनाई हुई।

विद्यार्थियों की इस दुर्दशा को देखकर स्कूल की जागरूक शिक्षिका मनीषा राजोरिया ने इस बदहाल सड़क के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दिए, जो देखते ही देखते व्यापक रूप से वायरल हो गए। इन वीडियो और तस्वीरों में छात्र-छात्राएं किसी तरह कीचड़ से बचकर निकलते और दोपहिया वाहन फिसलते दिखाई दे रहे हैं, जिसने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्षेत्रवासियों और अभिभावकों के अनुसार, यह समस्या काफी समय से बनी हुई है और कई बार जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में लाने के बावजूद इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। यह विद्यालय क्षेत्र का प्रमुख शिक्षण संस्थान है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में छात्र पहुंचते हैं। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए इस मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए और पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। अब सभी की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर समस्या का कब तक स्थायी समाधान कराते हैं।
    user_KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
    KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
    पत्रकार भितरवार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • देश की शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ खड़ी हुई है। एक तरफ जहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का एक ट्वीट सोशल मीडिया पर अपनी स्पेलिंग की गलतियों को लेकर चर्चा में है और वायरल हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ नीट (NEET) समेत कई अन्य परीक्षाओं के विवादों और पेपर लीक के मामलों ने देश के लाखों छात्रों की चिंता को बढ़ा दिया है। इस गंभीर स्थिति के बीच, सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन और आंदोलन लगातार जारी हैं, जिसमें प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार आखिर मौन क्यों है? इसके साथ ही, लंबे समय से भूख हड़ताल और आंदोलन से जुड़े रहे महान समाजसेवी सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर बहस बेहद तेज हो गई है। उनके समर्थकों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बताया है, जबकि प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया है। इन लगातार होते आंदोलनों और विवादों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर छात्रों का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा, ये पेपर लीक कब रुकेंगे और शिक्षा व्यवस्था में जनता का भरोसा कैसे बहाल होगा।
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    देश की शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ खड़ी हुई है। एक तरफ जहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का एक ट्वीट सोशल मीडिया पर अपनी स्पेलिंग की गलतियों को लेकर चर्चा में है और वायरल हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ नीट (NEET) समेत कई अन्य परीक्षाओं के विवादों और पेपर लीक के मामलों ने देश के लाखों छात्रों की चिंता को बढ़ा दिया है।

इस गंभीर स्थिति के बीच, सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन और आंदोलन लगातार जारी हैं, जिसमें प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार आखिर मौन क्यों है? इसके साथ ही, लंबे समय से भूख हड़ताल और आंदोलन से जुड़े रहे महान समाजसेवी सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर बहस बेहद तेज हो गई है। उनके समर्थकों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बताया है, जबकि प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया है।

इन लगातार होते आंदोलनों और विवादों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर छात्रों का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा, ये पेपर लीक कब रुकेंगे और शिक्षा व्यवस्था में जनता का भरोसा कैसे बहाल होगा।
    user_राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    पत्रकार इंदरगढ़, दतिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • चलती ट्रेन में सामान पर हाथ डालने आए एक चोर को चोरी का दांव बेहद भारी पड़ गया है। ट्रेन में चोरी की कोशिश कर रहे इस चोर को यात्री ने ऐसा सबक सिखाया कि वह खुद चलती ट्रेन से नीचे जा गिरा। इस घटना का वीडियो अब वायरल हो गया है, जिसके बाद जीआरपी हर एंगल से मामले की जांच में जुट गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर आरोपी कौन है—चोरी की कोशिश करने वाला चोर या फिर यात्री?
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    चलती ट्रेन में सामान पर हाथ डालने आए एक चोर को चोरी का दांव बेहद भारी पड़ गया है। ट्रेन में चोरी की कोशिश कर रहे इस चोर को यात्री ने ऐसा सबक सिखाया कि वह खुद चलती ट्रेन से नीचे जा गिरा। इस घटना का वीडियो अब वायरल हो गया है, जिसके बाद जीआरपी हर एंगल से मामले की जांच में जुट गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर आरोपी कौन है—चोरी की कोशिश करने वाला चोर या फिर यात्री?
    user_Ashish shukla
    Ashish shukla
    Social Media Manager पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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