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बैरिया प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष अवधकिशोर सिंह ने बैरिया अंचलाधिकारी के खिलाफ राजस्व विभाग मंत्री को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में सिंह ने अंचलाधिकारी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अंचलाधिकारी अंचल कार्यालय में उपस्थित नहीं होते, बल्कि किसी निजी होटल में बैठकर अपना कार्य करते हैं। इस व्यवस्था के चलते अंचल में दूर-दराज से आने वाले लोग इंतजार करते रहते हैं और शाम को बिना काम करवाए ही अपने घर लौट जाते हैं।
BN Chitranjan
बैरिया प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष अवधकिशोर सिंह ने बैरिया अंचलाधिकारी के खिलाफ राजस्व विभाग मंत्री को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में सिंह ने अंचलाधिकारी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अंचलाधिकारी अंचल कार्यालय में उपस्थित नहीं होते, बल्कि किसी निजी होटल में बैठकर अपना कार्य करते हैं। इस व्यवस्था के चलते अंचल में दूर-दराज से आने वाले लोग इंतजार करते रहते हैं और शाम को बिना काम करवाए ही अपने घर लौट जाते हैं।
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- जनसुराज पार्टी पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को मजबूती से लड़ेगी। पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर ने इस संबंध में बयान देते हुए कहा कि बिहार में लोगों के पास यह एकमात्र अवसर है कि वे जनसुराज पार्टी को एक सीट पर जीत दिलाएं।1
- पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड अंतर्गत चुरिहारवा टोला के वार्ड संख्या-1 में बुधवार रात करीब 10:30 बजे मारपीट की घटना होने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं और चोरी भी की गई है।1
- एक सभा के दौरान प्रशांत किशोर से एक युवक ने सीधा और तीखा सवाल पूछा, जिसने पूरे माहौल में सन्नाटा ला दिया। युवक ने जानना चाहा कि जब वे पहले उन्हीं नेताओं के लिए चुनावी रणनीति बनाते थे, तो अब खुद को बाकी नेताओं से अलग कैसे बताते हैं। प्रशांत किशोर ने इस सवाल का ऐसा जवाब दिया, जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग सोचने पर मजबूर हो गए। इस पूरी बातचीत का वीडियो देखने और उस पर अपनी राय साझा करने के लिए कहा गया है।1
- पश्चिमी चंपारण के बेतिया स्थित बैरिया में गंडक नदी में डूबने से एक सात वर्षीय मासूम की मौत हो गई है, जिसके बाद उसके परिवार में गहरा कोहराम मच गया है। इस दुखद खबर से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान सात वर्षीय चिंटू कुमार के रूप में हुई है, जो गहरे पानी में डूब गया था। इस दर्दनाक घटना के कारण पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 44वीं वाहिनी ने एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और एक हरित भविष्य का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। यह कार्यक्रम कमांडेंट श्री बलवंत सिंह नेगी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें वाहिनी के अधिकारियों, जवानों, संदिक्षा अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अभियान के तहत वाहिनी मुख्यालय और रेलवे प्रवेशिका +2 विद्यालय परिसर में लगभग 200 पौधे रोपे गए, वहीं 44वीं वाहिनी के कार्यक्षेत्र में स्थित सभी सीमा चौकियों पर सामूहिक रूप से 750 फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट श्री बलवंत सिंह नेगी ने रेखांकित किया कि पर्यावरण न केवल मानव अस्तित्व का आधार है, बल्कि इसकी रक्षा और संवर्धन प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और सतत विकास की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते दुष्प्रभावों से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति से अपने स्तर पर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने की आदत विकसित करने का आग्रह किया। कमांडेंट ने यह भी कहा कि वृक्ष हमें स्वच्छ वायु देने के साथ-साथ जैव विविधता, जल संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास ही पृथ्वी को सुरक्षित और हरित बना सकते हैं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर द्वितीय कमान अधिकारी श्री गोविन्द कुमार ठाकुर, सहायक कमांडेंट श्री रामवीर कुमार, सहायक कमांडेंट श्री गुलाब यादव सहित वाहिनी के सभी अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, बलकर्मी, समवाय प्रभारी, संदिक्षा अध्यक्ष एवं सदस्य, तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के माध्यम से एसएसबी ने सीमा सुरक्षा के अपने दायित्व के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित किया, 'सीमा से समाज तक हरियाली का संदेश' पहुंचाया।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर समाहरणालय परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में माननीय जिला पदाधिकारी श्री तरण जोत सिंह और जिले के अन्य पदाधिकारियों द्वारा वृक्षारोपण किया गया। यह कार्यक्रम 05.06.2026 और 5 जून को आयोजित हुआ।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को मझौलिया स्थित शुगर इंडस्ट्रीज परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मिल प्रबंधन के अधिकारियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया और लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की। कार्यक्रम में यूनिट हेड सह सीजीएम उदयवीर सिंह, जीएम प्रोडक्शन सर्वेश कुमार दुबे, सीसीएम अखिलेश कुमार सिंह, जीएम परचेज आनंद पाल, डिप्टी जीएम अकाउंट्स विजय आनंद, नरेंद्र कुमार मिश्रा, जीएम कमर्शियल उपेंद्र नाथ राय, जीएम आईटी प्रवेश कुमार, चीफ कैशियर राजकुमार झुनझुनवाला, एसआर मैनेजर प्रोडक्शन बलजीत कुमार और टाइम ऑफिसर सूरज कुमार सहित कई अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पौधारोपण किया। इस मौके पर, यूनिट हेड उदयवीर सिंह ने जोर देकर कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण को अपनी जिम्मेदारी समझने का आह्वान किया। उदयवीर सिंह ने यह भी बताया कि "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत सभी लोगों को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल का भी संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने पेड़ों के महत्व को समझाते हुए कहा कि ये न केवल वातावरण को स्वच्छ और शुद्ध रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखते हैं, क्योंकि हरियाली से ही पर्यावरण संतुलित रहता है और शुद्ध हवा मिलती है। इसलिए, उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अधिकाधिक वृक्षारोपण का संकल्प लिया।4
- बैरिया प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष अवधकिशोर सिंह ने बैरिया अंचलाधिकारी के खिलाफ राजस्व विभाग मंत्री को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में सिंह ने अंचलाधिकारी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अंचलाधिकारी अंचल कार्यालय में उपस्थित नहीं होते, बल्कि किसी निजी होटल में बैठकर अपना कार्य करते हैं। इस व्यवस्था के चलते अंचल में दूर-दराज से आने वाले लोग इंतजार करते रहते हैं और शाम को बिना काम करवाए ही अपने घर लौट जाते हैं।1