जतारा नगर के मुख्य मार्केट क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस स्थान पर यह निर्माण कार्य चल रहा है, वहाँ से हाईटेंशन विद्युत लाइन भी गुजर रही है, जिससे सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। राहगीरों और व्यापारियों ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि हाईटेंशन लाइन के नीचे बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे इस निर्माण कार्य से मजदूरों के साथ-साथ आम नागरिकों की जान भी जोखिम में है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और बिजली विभाग ने समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद, विद्युत विभाग और प्रशासन से तत्काल इस मामले की जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि यदि निर्माण कार्य बिना वैधानिक अनुमति के किया जा रहा है, तो उसे तुरंत रोका जाए और निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
जतारा नगर के मुख्य मार्केट क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस स्थान पर यह निर्माण कार्य चल रहा है, वहाँ से हाईटेंशन विद्युत लाइन भी गुजर रही है, जिससे सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। राहगीरों और व्यापारियों ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि हाईटेंशन लाइन के नीचे बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे इस निर्माण कार्य से मजदूरों के साथ-साथ आम नागरिकों की जान भी जोखिम में है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और बिजली विभाग ने समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद, विद्युत विभाग और प्रशासन से तत्काल इस मामले की जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि यदि निर्माण कार्य बिना वैधानिक अनुमति के किया जा रहा है, तो उसे तुरंत रोका जाए और निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
- जतारा नगर के मुख्य मार्केट क्षेत्र में बिना अनुमति के निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है, जिससे एक बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह निर्माण कार्य उस जगह पर हो रहा है जहां से हाईटेंशन विद्युत लाइन गुजर रही है, लेकिन सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। राहगीरों और व्यापारियों ने चिंता जताई है कि यदि प्रशासन और बिजली विभाग ने समय रहते इस गंभीर विषय पर ध्यान नहीं दिया, तो कभी भी एक बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बिना हाईटेंशन लाइन के नीचे चल रहे इस निर्माण से मजदूरों के साथ-साथ आम नागरिकों की जान भी जोखिम में है। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद, विद्युत विभाग और प्रशासन से तत्काल मामले की जांच करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने यह भी अपील की है कि यदि यह निर्माण कार्य वैधानिक अनुमति के बिना हो रहा है, तो इसे तुरंत रोका जाए और निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।1
- भारत वर्ष में लोकतंत्र, नीति, न्याय और ईमानदारी के लिए यदि कोई सबसे ज्यादा संघर्ष कर रहा है, तो वे अंबेडकरवादी लोग हैं। देश में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो संविधान को ही समाप्त कर देना चाहते हैं, जबकि संवैधानिक लोकतंत्र भारत में अत्यंत अनिवार्य है। जय लोकतंत्र।1
- टीकमगढ़ जिले के बैरवार गांव में एक आदिवासी बेटी की विदाई का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसने इस भावनात्मक क्षण को और भी खास बना दिया।1
- टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव में प्रशासन ने अवैध रेत पर बड़ी कार्रवाई की है। तहसीलदार ने रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके पर पकड़ा और उसे थाने में रखवाया। सूत्रों के अनुसार, जब्त किया गया यह ट्रैक्टर मंडल अध्यक्ष सुनील रैकवार का बताया जा रहा है।1
- सूर्य कला क्षेत्र में नालियों की सफाई न होने के कारण सड़कों की हालत खराब हो गई है। यह स्थिति क्षेत्र में सड़क व्यवस्था पर सीधा प्रभाव डाल रही है।1
- टिकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत बेरवार, जो शिक्षा और स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी पहचान रखती है और जिले की अग्रणी पंचायतों में गिनी जाती है, इन दिनों जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों की लापरवाही और हरकतों के कारण गांव की अच्छी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। बेरवार-दिगौड़ा मार्ग पर हुई बारिश के चलते सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी निकासी का रास्ता अवरुद्ध कर दिए जाने के कारण यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई है। इसका परिणाम यह है कि राहगीरों, वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जमा यह पानी किसी स्विमिंग पूल जैसा दिख रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने ऐसी स्थिति पैदा करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की भी अपील की है, ताकि ग्राम पंचायत बेरवार की अच्छी छवि प्रभावित न हो और लोगों को इस मुसीबत से राहत मिल सके।4
- पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के नेतृत्व और पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर, प्रदेशभर में चल रहे 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के तहत पलेरा महाविद्यालय में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रभावी उपायों से अवगत कराना है। पलेरा थाना प्रभारी टीआई प्रीति भार्गव के निर्देशन में पुलिस टीम ने महाविद्यालय में यह अभियान चलाया, जिसमें एएसआई फूलचंद बौद्ध, आरक्षक प्रबेंद्र पटेल और ललित कुशवाहा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान एएसआई फूलचंद बौद्ध ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया फ्रॉड और फर्जी निवेश योजनाओं सहित विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में सरल व व्यावहारिक तरीके से जानकारी दी। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य अवधेश प्रताप सिंह सहित समस्त प्राध्यापक एवं स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे। विद्यार्थियों से विशेष रूप से सतर्क रहने और साइबर अपराधियों के झांसे में न आने की अपील की गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध कॉल या संदेशों पर भरोसा न करें, और बैंक खाते, एटीएम कार्ड, यूपीआई पिन, ओटीपी व पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। कार्यक्रम में साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना देने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शीघ्र शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक संचालित 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' का मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है। यह अभियान जिले भर में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगातार चलाया जा रहा है।1
- बड़ागांव धसान में तहसीलदार ने अवैध रेत के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान, रेत से भरे एक ट्रैक्टर को पकड़ा गया और उसे पुलिस थाने में रखवाया गया।1
- टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ क्षेत्र में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग गंभीर रूप से परेशान हैं। इस उपद्रव के कारण घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। हाल ही में, भदभदा गाँव में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग को बंदर ने हमला कर घायल कर दिया, जिसके बाद उन्हें बल्देवगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए ले जाया गया। क्षेत्र में बंदरों के लगातार हमलों और घायलों के बढ़ते मामलों से लोगों की चिंता और परेशानी बढ़ गई है।1