पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के नेतृत्व और पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर, प्रदेशभर में चल रहे 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के तहत पलेरा महाविद्यालय में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रभावी उपायों से अवगत कराना है। पलेरा थाना प्रभारी टीआई प्रीति भार्गव के निर्देशन में पुलिस टीम ने महाविद्यालय में यह अभियान चलाया, जिसमें एएसआई फूलचंद बौद्ध, आरक्षक प्रबेंद्र पटेल और ललित कुशवाहा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान एएसआई फूलचंद बौद्ध ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया फ्रॉड और फर्जी निवेश योजनाओं सहित विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में सरल व व्यावहारिक तरीके से जानकारी दी। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य अवधेश प्रताप सिंह सहित समस्त प्राध्यापक एवं स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे। विद्यार्थियों से विशेष रूप से सतर्क रहने और साइबर अपराधियों के झांसे में न आने की अपील की गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध कॉल या संदेशों पर भरोसा न करें, और बैंक खाते, एटीएम कार्ड, यूपीआई पिन, ओटीपी व पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। कार्यक्रम में साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना देने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शीघ्र शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक संचालित 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' का मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है। यह अभियान जिले भर में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगातार चलाया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के नेतृत्व और पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर, प्रदेशभर में चल रहे 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के तहत पलेरा महाविद्यालय में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रभावी उपायों से अवगत कराना है। पलेरा थाना प्रभारी टीआई प्रीति भार्गव के निर्देशन में पुलिस टीम ने महाविद्यालय में यह अभियान चलाया, जिसमें एएसआई फूलचंद बौद्ध, आरक्षक प्रबेंद्र पटेल और ललित कुशवाहा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान एएसआई फूलचंद बौद्ध ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया फ्रॉड और फर्जी निवेश योजनाओं सहित विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में सरल व व्यावहारिक तरीके से जानकारी दी। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य अवधेश प्रताप सिंह सहित समस्त प्राध्यापक एवं स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे। विद्यार्थियों से विशेष रूप से सतर्क रहने और साइबर अपराधियों के झांसे में न आने की अपील की गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध कॉल या संदेशों पर भरोसा न करें, और बैंक खाते, एटीएम कार्ड, यूपीआई पिन, ओटीपी व पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। कार्यक्रम में साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना देने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शीघ्र शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक संचालित 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' का मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है। यह अभियान जिले भर में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगातार चलाया जा रहा है।
- टिकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत बेरवार, जो शिक्षा और स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी पहचान रखती है और जिले की अग्रणी पंचायतों में गिनी जाती है, इन दिनों जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों की लापरवाही और हरकतों के कारण गांव की अच्छी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। बेरवार-दिगौड़ा मार्ग पर हुई बारिश के चलते सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी निकासी का रास्ता अवरुद्ध कर दिए जाने के कारण यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई है। इसका परिणाम यह है कि राहगीरों, वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जमा यह पानी किसी स्विमिंग पूल जैसा दिख रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने ऐसी स्थिति पैदा करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की भी अपील की है, ताकि ग्राम पंचायत बेरवार की अच्छी छवि प्रभावित न हो और लोगों को इस मुसीबत से राहत मिल सके।4
- टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ विकासखंड अंतर्गत खरगापुर थाना की देरी चौकी क्षेत्र के ग्राम कडराई में जमीनी विवाद को लेकर पाल समाज के दो पक्षों के बीच एक बड़ा विवाद हो गया। आरोप है कि इस विवाद के दौरान लाठी-डंडों एवं कुल्हाड़ी का इस्तेमाल करते हुए मारपीट की गई, जिसमें कुछ लोग घायल भी हुए। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने प्रशासन एवं पुलिस से निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। मामले में फिलहाल पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है, और जांच के बाद तथ्य सामने आने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई है।1
- छतरपुर जिले के राजनगर तहसील अंतर्गत ग्राम डुमरा में बन रहे रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही देरी और कथित लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इस निर्माण कार्य के चलते लवकुशनगर-छतरपुर मुख्य मार्ग लगभग बंद हो गया है, जिससे क्षेत्र के कई गांवों के लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। डुमरा, बरा, डिगोनी, उमरिया, सुरा और बम्हौरी जैसे गांवों के हजारों निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें छात्र, मरीज और किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। अपनी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि एक सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग तुरंत खोला जाए और ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- भारत वर्ष में लोकतंत्र, नीति, न्याय और ईमानदारी के लिए यदि कोई सबसे ज्यादा संघर्ष कर रहा है, तो वे अंबेडकरवादी लोग हैं। देश में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो संविधान को ही समाप्त कर देना चाहते हैं, जबकि संवैधानिक लोकतंत्र भारत में अत्यंत अनिवार्य है। जय लोकतंत्र।1
- छतरपुर जिले के गौरिहार जनपद के ग्राम खड्डी में बिजली की लंबे समय से चली आ रही समस्या के कारण ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में गौरिहार पावर हाउस पहुंचे और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक दिलीप अहिरवार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली समस्या का समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति के कारण उनका दैनिक जीवन, खेती और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से इस समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है। वहीं, इस मामले में बिजली विभाग और संबंधित जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया अभी तक आना बाकी है।1
- नौगांव पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के अंतर्गत एक पैदल मार्च निकाला, जिसका उद्देश्य छात्रों और आम नागरिकों को साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूक करना था। थाना प्रभारी संजय राय ने इस दौरान लोगों को साइबर ठगी से बचाव के तरीके बताए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।1
- पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के नेतृत्व और पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर, प्रदेशभर में चल रहे 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के तहत पलेरा महाविद्यालय में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रभावी उपायों से अवगत कराना है। पलेरा थाना प्रभारी टीआई प्रीति भार्गव के निर्देशन में पुलिस टीम ने महाविद्यालय में यह अभियान चलाया, जिसमें एएसआई फूलचंद बौद्ध, आरक्षक प्रबेंद्र पटेल और ललित कुशवाहा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान एएसआई फूलचंद बौद्ध ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया फ्रॉड और फर्जी निवेश योजनाओं सहित विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में सरल व व्यावहारिक तरीके से जानकारी दी। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य अवधेश प्रताप सिंह सहित समस्त प्राध्यापक एवं स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे। विद्यार्थियों से विशेष रूप से सतर्क रहने और साइबर अपराधियों के झांसे में न आने की अपील की गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध कॉल या संदेशों पर भरोसा न करें, और बैंक खाते, एटीएम कार्ड, यूपीआई पिन, ओटीपी व पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। कार्यक्रम में साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना देने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शीघ्र शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक संचालित 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' का मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है। यह अभियान जिले भर में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगातार चलाया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के घुवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पीड़िता अनीता अहिरवार ने अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर और अन्य स्टाफ पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अनीता अहिरवार के अनुसार, उन्हें इलाज से इनकार किया गया, उनके साथ अभद्रता की गई और मारपीट के साथ-साथ जातिसूचक गालियां भी दी गईं। इन गंभीर आरोपों के बाद, पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक (SP) से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वीडियो में बताए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र में शराब ठेकेदार राहुल राय और उनके मुनीम हर्ष मिडक्या पर दबंगों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, मुनीम हर्ष मिडक्या शराब दुकान का कैश लेकर बोलेरो वाहन से मड़िया गांव से कैरीपुरा जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में नन्हे और उसके साथियों ने उनका वाहन रोक लिया, जातिसूचक गालियां दीं और पैसों की मांग की। जब हर्ष ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। घटना की सूचना मिलने पर जब शराब ठेकेदार राहुल राय मौके पर पहुंचे, तो कथित तौर पर आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और उनकी थार गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी। इस हमले में घायल हुए राहुल राय और हर्ष मिडक्या को पहले पृथ्वीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने पर दोनों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में 9 नामजद और 1 अज्ञात आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1