छतरपुर जिले के गौरिहार जनपद के ग्राम खड्डी में बिजली की लंबे समय से चली आ रही समस्या के कारण ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में गौरिहार पावर हाउस पहुंचे और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक दिलीप अहिरवार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली समस्या का समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति के कारण उनका दैनिक जीवन, खेती और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से इस समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है। वहीं, इस मामले में बिजली विभाग और संबंधित जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया अभी तक आना बाकी है।
छतरपुर जिले के गौरिहार जनपद के ग्राम खड्डी में बिजली की लंबे समय से चली आ रही समस्या के कारण ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में गौरिहार पावर हाउस पहुंचे और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक दिलीप अहिरवार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली समस्या का समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति के कारण उनका दैनिक जीवन, खेती और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से इस समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है। वहीं, इस मामले में बिजली विभाग और संबंधित जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया अभी तक आना बाकी है।
- मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, छतरपुर जिले में आगामी 11 जुलाई तक अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। यह जानकारी जिले के लिए मौसम संबंधी पूर्वानुमान के तौर पर साझा की गई है।1
- छतरपुर जिले के भगवां थाना क्षेत्र के ग्राम घुवारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर और स्टाफ पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ ने उसके साथ अभद्रता की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, यह घटना 30 जून 2026 की रात की है, जब पीड़िता अपने बीमार परिजन का इलाज कराने अस्पताल पहुंची थी। महिला का दावा है कि डॉक्टर ने इलाज करने के बजाय उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी, और जब उसने इसका विरोध किया तो डॉक्टर ने अस्पताल स्टाफ के साथ मिलकर महिला व उसके परिजनों के साथ मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने आए अन्य परिजनों को भी कथित तौर पर पीटा गया। पीड़िता ने बताया कि इस घटना की शिकायत पहले पुलिस चौकी और बाद में एसडीओपी से भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद, महिला ने आज 07 जुलाई दोपहर करीब 2:00 बजे पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती आवेदन सौंपा है, जिसमें उसने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित पक्ष ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।1
- कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देश पर मंगलवार को छतरपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एडीएम विनय द्विवेदी, एसडीएम प्रशांत अग्रवाल और अन्य विभागीय जिलाधिकारी मौजूद रहे, जबकि विभिन्न अनुभागों के एसडीएम व तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस पहल का उद्देश्य जिले के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले नागरिकों की आधार और समग्र आईडी से संबंधित समस्याओं का त्वरित और सकारात्मक समाधान करना है, जिसमें कुल 152 शिकायती आवेदनों पर सुनवाई हुई। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने अपने कक्ष में ही चार आवेदनों को तत्काल स्वीकृति प्रदान की और निराकरण पत्र हितग्राहियों को सौंपे, जिससे आवेदकों ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। विशेष रूप से, छतरपुर तहसील के छात्र शिवा प्रजापति का आधार कार्ड, जो UIDAI नियम 27 के तहत निष्क्रिय हो गया था और उसे सरकारी योजनाओं व स्कूली शिक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा था, कलेक्टर श्री जैसवाल के प्रयासों से पुनः सक्रिय हो गया। इसके लिए निदेशक UIDAI क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल के सुझाव पर जिला प्रबंधक ई-गवर्नेस राहुल तिवारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद छात्र का पुनः आधार पंजीयन कराकर उसे सौंप दिया गया। इसी तरह, सटई तहसील के ग्राम बॉदनी निवासी दिव्यांश अहिरवार की समग्र आईडी में गलत आधार लिंक होने की समस्या का भी त्वरित निराकरण किया गया, जिससे उसका स्कूल प्रवेश संभव हो सका। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर के निर्देश पर आधार डीलिंक के 150 से अधिक, माता-पिता के नाम संशोधन के 9, पति-पत्नी के 20 और मृत्यु सुधार के 5 अनुरोध सहित 150 से अधिक समग्र आईडी संबंधित प्रकरणों का स्थानीय निकाय अधिकारियों द्वारा तत्काल निराकरण किया गया। अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों में, छतरपुर निकाय वार्ड नं 38 की 63 वर्षीय उर्मिला विश्वकर्मा के पेंशन आवेदन पर तुरंत कार्रवाई करते हुए वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत की गई, जिससे उन्हें अब प्रतिमाह 600 रुपये मिलेंगे। वहीं, छतरपुर जनपद के ग्राम मौराहा निवासी कन्हैया लाल पटेल की सामान्य दुखद मृत्यु के बाद उनके परिवार की सदस्य चंद्र कुमारी पटेल को मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना के तहत 2 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत की गई। जनसुनवाई में प्राप्त सभी 152 आवेदनों का परीक्षण कर संबंधित विभागों को निराकरण के निर्देश दिए गए, और दिव्यांगों के लिए अलग से सुनवाई आयोजित की गई। जिला पंचायत सीईओ ने लंबित प्रकरणों की गंभीरता से समीक्षा कर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।1
- टीकमगढ़ जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन तथा पर्यटन विकास को गति देने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद (DATCC) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले की प्राचीन धरोहरों के जीर्णोद्धार एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई और अहम निर्णय लिए गए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले के 75 वर्ष से अधिक पुराने ऐतिहासिक स्मारकों और विरासत स्थलों पर 'हेरिटेज टीकमगढ़' लोगोयुक्त विशेष विवरण पट्टिकाएं स्थापित की जाएंगी, जिन पर भवन के निर्माण वर्ष और ऐतिहासिक महत्व का संक्षिप्त विवरण अंकित होगा। इसके अतिरिक्त, नजरबाग स्थित ऐतिहासिक प्राचीन स्कूल भवन को संरक्षित करते हुए उसे 'गीता भवन एवं संस्कृति केंद्र' के रूप में विकसित किया जाएगा। इस केंद्र में एक जिला पुस्तकालय, संग्रहालय, दुर्लभ पुस्तकों का संकलन तथा नृत्य, नाटक, साहित्यिक गोष्ठियों एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुउद्देशीय सभागार बनाया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में असुरक्षित अवस्था में रखी प्राचीन मूर्तियों का संरक्षण कर उन्हें राजमहल भवन में सुरक्षित स्थापित किया जाएगा। स्थानीय बुंदेली कलाकारों, साहित्यकारों और रंगकर्मियों के लिए अभ्यास, संवाद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन हेतु स्वतंत्र भवन उपलब्ध कराने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। जिले की सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल माध्यमों से व्यापक पहचान दिलाने के लिए आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) एवं राज्य शासन की राशि से संचालित विभिन्न विकास एवं संरक्षण कार्यों की समीक्षा भी की गई। लोक निर्माण विभाग को नजरबाग मंदिर, हनुमान चालीसा स्थल और जानकीबाग मंदिर में प्रकाश व्यवस्था के कार्यों तथा मड़खेरा स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर परिसर में पर्यटकों की सुविधा के लिए स्मृति-विक्रय केंद्र एवं रिसेप्शन सेंटर के निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। ज्ञान भारतम मिशन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 30 जून 2026 तक जिले में 1141 आवेदकों का पंजीयन किया जा चुका है और अन्य लोगों से भी संपर्क कर निरंतर कार्य किया जा रहा है। कुंडेश्वर मंदिर के पीछे स्थित खेरई वन को इको पर्यटन क्षेत्र में विकसित करने पर भी चर्चा हुई, जिस पर डीएफओ श्री राजाराम परमार ने बताया कि वन विभाग द्वारा इस क्षेत्र में विकास कार्य करने हेतु अनुमति का प्रस्ताव भेजा गया है। बैठक में जिला वनमण्डलाधिकारी श्री राजाराम परमार, अपर कलेक्टर श्री शिवप्रसाद मंडराह, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अंजली शर्मा एवं श्री निशांत भूरिया, सीएमओ टीकमगढ़ श्री ओमपाल सिंह भदौरिया सहित अन्य संबंधित नागरिक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- टीकमगढ़ जिले के प्रसिद्ध आस्था केंद्र सिद्ध बाबा हवेली मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से प्रस्तावित इस कार्य के लिए ₹23.60 लाख की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से ₹15.58 लाख की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। इससे उम्मीद है कि मंदिर का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर इस जीर्णोद्धार कार्य को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। राशि जारी होने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है, और विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। बताया गया है कि जिला प्रशासन के प्रयासों से यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ी है। इस जीर्णोद्धार से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि यह जिले के धार्मिक और पर्यटन विकास को भी नई गति प्रदान करेगा। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए विश्वास जताया है कि मंदिर का नया स्वरूप क्षेत्र की पहचान को और मजबूत करेगा, साथ ही धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।1
- टीकमगढ़ जिले के थाना पलेरा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टौरी में सरपंच और सचिव पर मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक और संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद, पीड़ित को अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर पीड़ित को अब तक न्याय क्यों नहीं मिला है।1
- छतरपुर के बक्सवाहा थाना क्षेत्र की रहने वाली 60 वर्षीय कौशल्या रैकवार ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से स्थानीय पुलिस और एक जांच अधिकारी के खिलाफ गंभीर शिकायत की है। महिला का आरोप है कि मारपीट में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पुलिस ने उनके मामले में उचित कार्रवाई नहीं की। पीड़िता के अनुसार, जांच अधिकारी ने कार्रवाई करने और उनके मेडिकल दस्तावेज़ मंगवाने के नाम पर ₹2500 की रिश्वत की मांग की है। महिला ने बताया कि घटना के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार उन्हें धमकी दे रहे हैं। अब कौशल्या रैकवार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।1
- छतरपुर जिले की एक विवाहिता ने अपने पति, सास और ससुर पर दहेज की मांग, मारपीट करने और घर से निकालने का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है, जिसमें उसने कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महिला ने न्याय की गुहार लगाते हुए एक आवेदन भी दिया है। शिकायत के अनुसार, महिला की शादी करीब छह वर्ष पहले हटवाहा निवासी कालीचरण कुशवाहा से हुई थी। विवाहिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसके पति, सास चम्पा कुशवाहा और ससुर नन्हू कुशवाहा लगातार उससे एक लाख रुपये नकद और सोने की चेन की मांग कर रहे थे और उसे प्रताड़ित करते थे। जब यह मांग पूरी नहीं हुई, तो उसके साथ मारपीट की गई और लगभग डेढ़ माह पहले उसे घर से निकाल दिया गया। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि वह इस समय अपने मायके में रह रही है। उसका यह भी आरोप है कि 27 अगस्त 2025 को उसका पति उसके मायके पहुंचा और उसके साथ मारपीट की। शोर सुनकर उसके परिजन और मोहल्ले के लोग मौके पर आए, जिन्होंने बीच-बचाव किया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके पति ने उसे जान से मारने और शिकायत करने पर उनके दोनों बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी है। इसके अतिरिक्त, महिला का आरोप है कि उसके पति का किसी अन्य युवती से संबंध है और उसने फोन पर दूसरी शादी करने की बात भी कही है। आज, 07 जुलाई को दोपहर करीब 1:00 बजे पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और धमकी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में पुलिस जांच की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।1
- पन्ना जिले में पदस्थ एक पुलिस आरक्षक सोनू खटीक ने टीकमगढ़ जिले के भड़रा जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा है, जहाँ मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा। मृतक आरक्षक सोनू खटीक टीकमगढ़ जिले के जतारा नगर का निवासी था और वर्तमान में पन्ना जिले के धर्मपुरा थाने में पदस्थ था। परिजनों के अनुसार, वह पन्ना से टीकमगढ़ आया था और जतारा की ओर जा रहा था, तभी टीकमगढ़-जतारा मार्ग पर स्थित भड़रा के जंगल में एक पेड़ पर उसका शव लटका मिला। पुलिस को सूचना मिलने पर तत्काल सर्चिंग अभियान चलाया गया, जिसके बाद शव बरामद हुआ। मौके पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए क्षेत्र को सुरक्षित किया और एफएसएल टीम को जांच के लिए बुलाया। टीकमगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा ने बताया कि मजना पुलिस चौकी में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। एफएसएल अधिकारी प्रदीप यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बताया कि कोई संदिग्ध वस्तु या संघर्ष के निशान नहीं मिले। मृतक की कार सड़क किनारे खड़ी मिली थी, जबकि शव जंगल के भीतर एक पेड़ से लटका हुआ था। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। एफएसएल अधिकारी के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक कारणों से जुड़ा लग रहा है, हालांकि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है और मृतक के परिजनों व परिचितों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सके। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों का इंतजार कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1