छतरपुर जिले के भगवां थाना क्षेत्र के ग्राम घुवारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर और स्टाफ पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ ने उसके साथ अभद्रता की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, यह घटना 30 जून 2026 की रात की है, जब पीड़िता अपने बीमार परिजन का इलाज कराने अस्पताल पहुंची थी। महिला का दावा है कि डॉक्टर ने इलाज करने के बजाय उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी, और जब उसने इसका विरोध किया तो डॉक्टर ने अस्पताल स्टाफ के साथ मिलकर महिला व उसके परिजनों के साथ मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने आए अन्य परिजनों को भी कथित तौर पर पीटा गया। पीड़िता ने बताया कि इस घटना की शिकायत पहले पुलिस चौकी और बाद में एसडीओपी से भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद, महिला ने आज 07 जुलाई दोपहर करीब 2:00 बजे पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती आवेदन सौंपा है, जिसमें उसने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित पक्ष ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
छतरपुर जिले के भगवां थाना क्षेत्र के ग्राम घुवारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर और स्टाफ पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ ने उसके साथ अभद्रता की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, यह घटना 30 जून 2026 की रात की है, जब पीड़िता अपने बीमार परिजन का इलाज कराने अस्पताल पहुंची थी। महिला का दावा है कि डॉक्टर ने इलाज करने के बजाय उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी, और जब उसने इसका विरोध किया तो डॉक्टर ने अस्पताल स्टाफ के साथ मिलकर महिला व उसके परिजनों के साथ मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने आए अन्य परिजनों को भी कथित तौर पर पीटा गया। पीड़िता ने बताया कि इस घटना की शिकायत पहले पुलिस चौकी और बाद में एसडीओपी से भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद, महिला ने आज 07 जुलाई दोपहर करीब 2:00 बजे पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती आवेदन सौंपा है, जिसमें उसने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित पक्ष ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
- नौगांव में एक महिला ने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र पांडेय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि डॉ. पांडेय के इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार होने के बजाय वह और बिगड़ गई। पीड़िता के अनुसार, डॉक्टर के उपचार के कारण उसके घाव में संक्रमण बढ़ गया और उसे इलाज से कोई राहत नहीं मिली। महिला ने डॉ. राजेंद्र पांडेय पर इलाज में लापरवाही बरतने और 50 से 60 हजार रुपये की मोटी रकम लेने का आरोप लगाया है। इन गंभीर आरोपों के बाद डॉक्टर के इलाज पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता ने इस मामले को लेकर पुलिस से शिकायत की है और डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- छतरपुर जिले के राजनगर तहसील अंतर्गत ग्राम डुमरा में बन रहे रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही देरी और कथित लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इस निर्माण कार्य के चलते लवकुशनगर-छतरपुर मुख्य मार्ग लगभग बंद हो गया है, जिससे क्षेत्र के कई गांवों के लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। डुमरा, बरा, डिगोनी, उमरिया, सुरा और बम्हौरी जैसे गांवों के हजारों निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें छात्र, मरीज और किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। अपनी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि एक सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग तुरंत खोला जाए और ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- छतरपुर जिले के गौरिहार जनपद के ग्राम खड्डी में बिजली की लंबे समय से चली आ रही समस्या के कारण ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में गौरिहार पावर हाउस पहुंचे और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक दिलीप अहिरवार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली समस्या का समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति के कारण उनका दैनिक जीवन, खेती और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से इस समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है। वहीं, इस मामले में बिजली विभाग और संबंधित जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया अभी तक आना बाकी है।1
- नौगांव पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के अंतर्गत एक पैदल मार्च निकाला, जिसका उद्देश्य छात्रों और आम नागरिकों को साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूक करना था। थाना प्रभारी संजय राय ने इस दौरान लोगों को साइबर ठगी से बचाव के तरीके बताए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।1
- छतरपुर सिटी कोतवाली पुलिस ने दो लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। इस घटना की जानकारी आज, 7 जुलाई को दोपहर करीब 3:30 बजे कोतवाली थाना प्रभारी सतीश सिंह ने दी है। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में से एक की पहचान रविंद्र यादव के रूप में हुई है, जो एमकेसी इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी के एक कर्मचारी के अपहरण के मामले में आरोपी था और काफी समय से फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक द्वारा उस पर ₹2,000 का इनाम घोषित किया गया था। वहीं, दूसरा गिरफ्तार व्यक्ति वह है जिस पर एनआईए एक्ट के तहत दो वारंट लंबित थे और वह पिछले 5 वर्षों से फरार चल रहा था। पुलिस ने इन दोनों पर 2-2 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।1
- पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के नेतृत्व और पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर, प्रदेशभर में चल रहे 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के तहत पलेरा महाविद्यालय में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रभावी उपायों से अवगत कराना है। पलेरा थाना प्रभारी टीआई प्रीति भार्गव के निर्देशन में पुलिस टीम ने महाविद्यालय में यह अभियान चलाया, जिसमें एएसआई फूलचंद बौद्ध, आरक्षक प्रबेंद्र पटेल और ललित कुशवाहा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान एएसआई फूलचंद बौद्ध ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया फ्रॉड और फर्जी निवेश योजनाओं सहित विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में सरल व व्यावहारिक तरीके से जानकारी दी। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य अवधेश प्रताप सिंह सहित समस्त प्राध्यापक एवं स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे। विद्यार्थियों से विशेष रूप से सतर्क रहने और साइबर अपराधियों के झांसे में न आने की अपील की गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध कॉल या संदेशों पर भरोसा न करें, और बैंक खाते, एटीएम कार्ड, यूपीआई पिन, ओटीपी व पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। कार्यक्रम में साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना देने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शीघ्र शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक संचालित 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' का मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है। यह अभियान जिले भर में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगातार चलाया जा रहा है।1
- टीकमगढ़ के शासकीय प्राथमिक विद्यालय आनंदपुरा (बल्देवगढ़) में पदस्थ शिक्षक घनश्याम दास वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शिक्षक के स्कूल देरी से आने और ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत संज्ञान लिया और निलंबन के आदेश जारी किए। इस कदम से जिला प्रशासन ने यह कड़ा संदेश दिया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही और आमजन से बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और कलेक्टर के त्वरित एक्शन की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के घुवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पीड़िता अनीता अहिरवार ने अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर और अन्य स्टाफ पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अनीता अहिरवार के अनुसार, उन्हें इलाज से इनकार किया गया, उनके साथ अभद्रता की गई और मारपीट के साथ-साथ जातिसूचक गालियां भी दी गईं। इन गंभीर आरोपों के बाद, पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक (SP) से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वीडियो में बताए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1