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शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहगांव मे इमरजेंसी मे मरीज को CPR देने शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहगांव में प्रभारी प्राचार्य दीपक कछवाहा हेल्थ केयर शिक्षक ममता कानतोड़े के निर्देशन में आपातकालीन स्थिति में छात्र-छात्राओं को सीपीआर देने की विधि का प्रदर्शन और उन्हें सिखाया गया गेस्ट लेक्चरर साहू जी मेंहन्दवानी के द्वारा यह डमी (आदगी की प्रतिकृति) के माध्यम से सिखाया और ज्ञान प्रदान किया गया जिसमें सभी छात्राओं ने आपातकालीन स्थिति में सीपीआई देने की विधि उसके तीन तरीके सीखे सभी छात्राओं और शिक्षकों ने इस जानकारी को आपातकालीन स्थिति के लिए अत्यधिक ज्ञानवर्धक बताया।
Akash Chakarwarti
शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहगांव मे इमरजेंसी मे मरीज को CPR देने शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहगांव में प्रभारी प्राचार्य दीपक कछवाहा हेल्थ केयर शिक्षक ममता कानतोड़े के निर्देशन में आपातकालीन स्थिति में छात्र-छात्राओं को सीपीआर देने की विधि का प्रदर्शन और उन्हें सिखाया गया गेस्ट लेक्चरर साहू जी मेंहन्दवानी के द्वारा यह डमी (आदगी की प्रतिकृति) के माध्यम से सिखाया और ज्ञान प्रदान किया गया जिसमें सभी छात्राओं ने आपातकालीन स्थिति में सीपीआई देने की विधि उसके तीन तरीके सीखे सभी छात्राओं और शिक्षकों ने इस जानकारी को आपातकालीन स्थिति के लिए अत्यधिक ज्ञानवर्धक बताया।
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- नवरात्रि में बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, दुर्गा पंडालों में पसरा अंधेरा शंकरगंज के लोगों ने बिजली कार्यालय में किया हंगामा नवरात्रि में बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, दुर्गा पंडालों में पसरा अंधेरा शंकरगंज के लोगों ने बिजली कार्यालय में किया हंगामा, निर्बाध आपूर्ति की मांग 14 अक्टूबर बुधवार 11 बजे नारायणगंज शंकरगंज के ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि नवरात्रि पर्व के दौरान लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से नारायणगंज क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बार-बार बिजली गुल होने से दुर्गा पंडालों में होने वाले धार्मिक आयोजनों और आरती में भारी व्यवधान आ रहा है। लगातार कटौती से परेशान होकर विगत रात्रि ग्राम शंकरगंज की दुर्गा पंडाल समिति के सदस्य टिकरिया स्थित बिजली कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नाराजगी जताई। इसके साथ ही ग्राम भावल में भी बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीण उग्र प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। हालांकि समय रहते बिजली विभाग और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाइश दी। इसके अलावा कछारी फीडर क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी लिखित आवेदन देकर विद्युत आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से त्योहार के दौरान निर्बाध बिजली देने की गुहार लगाई है। 0000000000000000000000000000001
- जय जोहार! बोलने पर भड़का पुलिसकर्मी, आदिवासी युवकों को दी धारा प्रवाह गालियां1
- आदिवासी की जमीन पर छात्रावास निर्माण का आरोप, नौकरी और ₹10 हजार महीने देने का वादा अधूरा! मंडला जिले के बीजाडांडी विकासखंड के ग्राम लावरमुडिया में जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। जमीन मालिक रोशन लाल वरकड़े का आरोप है कि उनकी करीब एक हेक्टेयर निजी जमीन पर उचित मुआवजे के बिना छात्रावास का निर्माण कराया गया। नौकरी और हर महीने ₹10 हजार देने का वादा भी पूरा नहीं होने का दावा किया गया है। देखिए पूरी खबर और सुनिए पीड़ित की बात!1
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- सफलता की कहानी* *जैविक खेती और बायोगैस से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं कृषक श्रीमती सुशीला बाई धुर्वे* *जैविक खेती, पशुपालन, जैविक खाद निर्माण और बायोगैस के उपयोग से टिकाऊ कृषि की ओर बढ़ाए कदम* *डिंडौरी, 14 अक्टूबर 2026* जिले में कृषकों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में अमरपुर विकासखंड के ग्राम जल्दामुड़िया निवासी कृषक श्रीमती सुशीला बाई धुर्वे ने जैविक खेती, पशुपालन, जैविक खाद निर्माण एवं बायोगैस के उपयोग को अपनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय पहल की है। शासन की आत्मा परियोजना के अंतर्गत बीआरसी यूनिट के माध्यम से कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जैविक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है। पशुपालन से प्राप्त गोबर का उपयोग जैविक खाद तैयार करने में किया जा सकता है, वहीं बायोगैस संयंत्र घरेलू ईंधन की आवश्यकता पूरी करने में सहायक होता है। कृषि एवं पशुपालन के बीच बेहतर समन्वय से कृषक परिवार उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग कर खेती को अधिक टिकाऊ और आत्मनिर्भर बना सकते हैं। शासन की आत्मा परियोजना के माध्यम से कृषकों को उन्नत एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करने और स्थानीय संसाधनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। श्रीमती सुशीला बाई धुर्वे की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ खेती एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायक साबित हो सकती है।4
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- बबेहा पुल पर पलटा हाईवा, केबिन में फंसा चालक कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर अस्पताल में कराया भर्ती बबेहा पुल पर पलटा हाईवा, केबिन में फंसा चालक कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर अस्पताल में कराया भर्ती 14 अक्टूबर बुधवार 11 बजे बबैहा के ग्रामीणों ने बताया कि नेशनल हाईवे-30 पर मंडला-जबलपुर मार्ग स्थित टिकरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बबेहा पुल पर मंगलवार रात करीब 10 बजे एक खाली हाईवा अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में वाहन का चालक केबिन के अंदर ही बुरी तरह फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए मंडला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। जानकारी अनुसार यह हाईवा रिपेयरिंग के लिए मंडला से जबलपुर गया हुआ था। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद रात के समय खाली वाहन लेकर वापस मंडला लौटते वक्त बबेहा पुल पर यह हादसा हो गया। दुर्घटना के कारण पुल पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। घटना के बाद से पुल से बड़े भारी वाहनों का निकलना बंद है, हालांकि छोटे चारपहिया और दोपहिया वाहनों की आवाजाही एक किनारे से जारी है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था को संभाला है। दुर्घटनाग्रस्त हाईवा को पुल से हटाने के लिए क्रेन बुलाई गई है। वाहन को हटाए जाने के बाद ही मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह से सामान्य हो सकेगा। 0000000000000000000000000000001