logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मंडला सिटी कोतवाली के सामने डॉमिनोज में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, अग्निशमन यंत्र बना मददगार मंडला सिटी कोतवाली के सामने डॉमिनोज में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, अग्निशमन यंत्र बना मददगार

21 hrs ago
user_Sanjay nanda
Sanjay nanda
Local News Reporter Mandla, Madhya Pradesh•
21 hrs ago

मंडला सिटी कोतवाली के सामने डॉमिनोज में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, अग्निशमन यंत्र बना मददगार मंडला सिटी कोतवाली के सामने डॉमिनोज में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, अग्निशमन यंत्र बना मददगार

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • नवरात्रि में बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, दुर्गा पंडालों में पसरा अंधेरा शंकरगंज के लोगों ने बिजली कार्यालय में किया हंगामा नवरात्रि में बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, दुर्गा पंडालों में पसरा अंधेरा शंकरगंज के लोगों ने बिजली कार्यालय में किया हंगामा, निर्बाध आपूर्ति की मांग 14 अक्टूबर बुधवार 11 बजे नारायणगंज शंकरगंज के ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि नवरात्रि पर्व के दौरान लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से नारायणगंज क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बार-बार बिजली गुल होने से दुर्गा पंडालों में होने वाले धार्मिक आयोजनों और आरती में भारी व्यवधान आ रहा है। लगातार कटौती से परेशान होकर विगत रात्रि ग्राम शंकरगंज की दुर्गा पंडाल समिति के सदस्य टिकरिया स्थित बिजली कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नाराजगी जताई। इसके साथ ही ग्राम भावल में भी बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीण उग्र प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। हालांकि समय रहते बिजली विभाग और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाइश दी। इसके अलावा कछारी फीडर क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी लिखित आवेदन देकर विद्युत आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से त्योहार के दौरान निर्बाध बिजली देने की गुहार लगाई है। 000000000000000000000000000000
    1
    नवरात्रि में बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, दुर्गा पंडालों में पसरा अंधेरा
शंकरगंज के लोगों ने बिजली कार्यालय में किया हंगामा
नवरात्रि में बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, दुर्गा पंडालों में पसरा अंधेरा
शंकरगंज के लोगों ने बिजली कार्यालय में किया हंगामा, निर्बाध आपूर्ति की मांग
14 अक्टूबर बुधवार 11 बजे नारायणगंज शंकरगंज के ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि नवरात्रि पर्व के दौरान लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से नारायणगंज क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बार-बार बिजली गुल होने से दुर्गा पंडालों में होने वाले धार्मिक आयोजनों और आरती में भारी व्यवधान आ रहा है। लगातार कटौती से परेशान होकर विगत रात्रि ग्राम शंकरगंज की दुर्गा पंडाल समिति के सदस्य टिकरिया स्थित बिजली कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नाराजगी जताई।
इसके साथ ही ग्राम भावल में भी बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीण उग्र प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। हालांकि समय रहते बिजली विभाग और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाइश दी। इसके अलावा कछारी फीडर क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी लिखित आवेदन देकर विद्युत आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से त्योहार के दौरान निर्बाध बिजली देने की गुहार लगाई है।
000000000000000000000000000000
    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जय जोहार! बोलने पर भड़का पुलिसकर्मी, आदिवासी युवकों को दी धारा प्रवाह गालियां
    1
    जय जोहार! बोलने पर भड़का पुलिसकर्मी, आदिवासी युवकों को दी धारा प्रवाह गालियां
    user_Govardhan kushwaha
    Govardhan kushwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आदिवासी की जमीन पर छात्रावास निर्माण का आरोप, नौकरी और ₹10 हजार महीने देने का वादा अधूरा! मंडला जिले के बीजाडांडी विकासखंड के ग्राम लावरमुडिया में जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। जमीन मालिक रोशन लाल वरकड़े का आरोप है कि उनकी करीब एक हेक्टेयर निजी जमीन पर उचित मुआवजे के बिना छात्रावास का निर्माण कराया गया। नौकरी और हर महीने ₹10 हजार देने का वादा भी पूरा नहीं होने का दावा किया गया है। देखिए पूरी खबर और सुनिए पीड़ित की बात!
    1
    आदिवासी की जमीन पर छात्रावास निर्माण का आरोप, नौकरी और ₹10 हजार महीने देने का वादा अधूरा!
मंडला जिले के बीजाडांडी विकासखंड के ग्राम लावरमुडिया में जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। जमीन मालिक रोशन लाल वरकड़े का आरोप है कि उनकी करीब एक हेक्टेयर निजी जमीन पर उचित मुआवजे के बिना छात्रावास का निर्माण कराया गया। नौकरी और हर महीने ₹10 हजार देने का वादा भी पूरा नहीं होने का दावा किया गया है।
देखिए पूरी खबर और सुनिए पीड़ित की बात!
    user_Neelesh THAKUR
    Neelesh THAKUR
    Mandla, Madhya Pradesh•
    20 hrs ago
  • मंडला सिटी कोतवाली के सामने डॉमिनोज में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, अग्निशमन यंत्र बना मददगार मंडला सिटी कोतवाली के सामने डॉमिनोज में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, अग्निशमन यंत्र बना मददगार
    1
    मंडला सिटी कोतवाली के सामने डॉमिनोज में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, अग्निशमन यंत्र बना मददगार
मंडला सिटी कोतवाली के सामने डॉमिनोज में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, अग्निशमन यंत्र बना मददगार
    user_Sanjay nanda
    Sanjay nanda
    Local News Reporter Mandla, Madhya Pradesh•
    21 hrs ago
  • शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहगांव मे इमरजेंसी मे मरीज को CPR देने शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहगांव में प्रभारी प्राचार्य दीपक कछवाहा हेल्थ केयर शिक्षक ममता कानतोड़े के निर्देशन में आपातकालीन स्थिति में छात्र-छात्राओं को सीपीआर देने की विधि का प्रदर्शन और उन्हें सिखाया गया गेस्ट लेक्चरर साहू जी मेंहन्दवानी के द्वारा यह डमी (आदगी की प्रतिकृति) के माध्यम से सिखाया और ज्ञान प्रदान किया गया जिसमें सभी छात्राओं ने आपातकालीन स्थिति में सीपीआई देने की विधि उसके तीन तरीके सीखे सभी छात्राओं और शिक्षकों ने इस जानकारी को आपातकालीन स्थिति के लिए अत्यधिक ज्ञानवर्धक बताया।
    1
    शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहगांव मे इमरजेंसी मे मरीज को CPR देने
शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहगांव में प्रभारी प्राचार्य दीपक कछवाहा हेल्थ केयर शिक्षक  ममता कानतोड़े के निर्देशन में आपातकालीन स्थिति में छात्र-छात्राओं को सीपीआर देने की विधि का प्रदर्शन और उन्हें सिखाया गया गेस्ट लेक्चरर साहू जी मेंहन्दवानी के द्वारा यह डमी (आदगी की प्रतिकृति) के माध्यम से सिखाया और ज्ञान प्रदान किया गया जिसमें सभी छात्राओं ने आपातकालीन स्थिति में सीपीआई देने की विधि उसके तीन तरीके सीखे सभी छात्राओं और शिक्षकों ने इस जानकारी को आपातकालीन स्थिति के लिए अत्यधिक ज्ञानवर्धक बताया।
    user_Akash Chakarwarti
    Akash Chakarwarti
    Local News Reporter घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • घंसौर में मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का निकला टायर, बाल-बाल बची मरीज की जान घंसौर में मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का निकला टायर, बाल-बाल बची मरीज की जान सिवनी/घंसौर। मध्य प्रदेश में बदहाल एंबुलेंस व्यवस्था मरीजों की जान के लिए खतरा बनती जा रही है। घंसौर थाना क्षेत्र में मंडला रोड पर थाने के सामने मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का अचानक टायर निकल गया। टायर निकलकर सड़क किनारे स्थित एक घर की ओर जा पहुंचा। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हादसा नहीं हुआ और एंबुलेंस में बैठे मरीज सहित अन्य लोग बाल-बाल बच गए। घटना ने घंसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एंबुलेंस व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में पहले भी खराब एंबुलेंस और टायरों की जर्जर हालत को लेकर खबरें सामने आ चुकी हैं, लेकिन हालात में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? मरीजों की जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस ही यदि सड़क पर खतरा बन जाए, तो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कैसे कायम रहेगा? अब जरूरत है कि जिम्मेदार विभाग तत्काल एंबुलेंस की तकनीकी
    1
    घंसौर में मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का निकला टायर, बाल-बाल बची मरीज की जान
घंसौर में मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का निकला टायर, बाल-बाल बची मरीज की जान
सिवनी/घंसौर। मध्य प्रदेश में बदहाल एंबुलेंस व्यवस्था मरीजों की जान के लिए खतरा बनती जा रही है। घंसौर थाना क्षेत्र में मंडला रोड पर थाने के सामने मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का अचानक टायर निकल गया। टायर निकलकर सड़क किनारे स्थित एक घर की ओर जा पहुंचा। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हादसा नहीं हुआ और एंबुलेंस में बैठे मरीज सहित अन्य लोग बाल-बाल बच गए।
घटना ने घंसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एंबुलेंस व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में पहले भी खराब एंबुलेंस और टायरों की जर्जर हालत को लेकर खबरें सामने आ चुकी हैं, लेकिन हालात में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है।
सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? मरीजों की जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस ही यदि सड़क पर खतरा बन जाए, तो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कैसे कायम रहेगा? अब जरूरत है कि जिम्मेदार विभाग तत्काल एंबुलेंस की तकनीकी
    user_Umesh Srivastava
    Umesh Srivastava
    घनसौर, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बबेहा पुल पर पलटा हाईवा, केबिन में फंसा चालक कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर अस्पताल में कराया भर्ती बबेहा पुल पर पलटा हाईवा, केबिन में फंसा चालक कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर अस्पताल में कराया भर्ती 14 अक्टूबर बुधवार 11 बजे बबैहा के ग्रामीणों ने बताया कि नेशनल हाईवे-30 पर मंडला-जबलपुर मार्ग स्थित टिकरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बबेहा पुल पर मंगलवार रात करीब 10 बजे एक खाली हाईवा अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में वाहन का चालक केबिन के अंदर ही बुरी तरह फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए मंडला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। जानकारी अनुसार यह हाईवा रिपेयरिंग के लिए मंडला से जबलपुर गया हुआ था। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद रात के समय खाली वाहन लेकर वापस मंडला लौटते वक्त बबेहा पुल पर यह हादसा हो गया। दुर्घटना के कारण पुल पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। घटना के बाद से पुल से बड़े भारी वाहनों का निकलना बंद है, हालांकि छोटे चारपहिया और दोपहिया वाहनों की आवाजाही एक किनारे से जारी है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था को संभाला है। दुर्घटनाग्रस्त हाईवा को पुल से हटाने के लिए क्रेन बुलाई गई है। वाहन को हटाए जाने के बाद ही मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह से सामान्य हो सकेगा। 000000000000000000000000000000
    1
    बबेहा पुल पर पलटा हाईवा, केबिन में फंसा चालक
कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर अस्पताल में कराया भर्ती
बबेहा पुल पर पलटा हाईवा, केबिन में फंसा चालक
कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर अस्पताल में कराया भर्ती
14 अक्टूबर बुधवार 11 बजे बबैहा के ग्रामीणों ने बताया कि नेशनल हाईवे-30 पर मंडला-जबलपुर मार्ग स्थित टिकरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बबेहा पुल पर मंगलवार रात करीब 10 बजे एक खाली हाईवा अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में वाहन का चालक केबिन के अंदर ही बुरी तरह फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए मंडला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है।
जानकारी अनुसार यह हाईवा रिपेयरिंग के लिए मंडला से जबलपुर गया हुआ था। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद रात के समय खाली वाहन लेकर वापस मंडला लौटते वक्त बबेहा पुल पर यह हादसा हो गया।  दुर्घटना के कारण पुल पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। घटना के बाद से पुल से बड़े भारी वाहनों का निकलना बंद है, हालांकि छोटे चारपहिया और दोपहिया वाहनों की आवाजाही एक किनारे से जारी है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था को संभाला है। दुर्घटनाग्रस्त हाईवा को पुल से हटाने के लिए क्रेन बुलाई गई है। वाहन को हटाए जाने के बाद ही मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह से सामान्य हो सकेगा।
000000000000000000000000000000
    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • 🔴 जबलपुर: बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था अस्पताल, जांच में मिलीं 23 तरह की दवाएं युवक की मौत के बाद सील अश्वनी अस्पताल में जांच; कई दवाएं एक्सपायरी मिलीं, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी जब्त जबलपुर। जिले के बेलखाड़ू के पास स्थित अश्वनी अस्पताल में जांच के दौरान 23 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं मिली हैं। इनमें एक्सपायरी दवाएं भी शामिल थीं। मंगलवार शाम ड्रग इंस्पेक्टर, पुलिस और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) की टीम ने सील अस्पताल खुलवाकर जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 12 हजार रुपये की दवाएं जब्त की गई हैं। प्रारंभिक जांच में अस्पताल का आवश्यक रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। अधिकारियों का यह भी कहना है कि अस्पताल संचालिका सरिता साहू के पास एलोपैथिक चिकित्सा की मान्य डिग्री नहीं थी। इन परिस्थितियों में अस्पताल के संचालन और मरीजों के इलाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। 🚨 युवक की मौत के बाद सील किया गया था अस्पताल अश्वनी अस्पताल को 19 वर्षीय शेखर चौधरी की मौत के बाद सील किया गया था। मंगलवार को जांच के दौरान यहां बच्चों और गर्भवती महिलाओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी मिलीं। अधिकारियों ने दवाओं की जांच कर उन्हें जब्त किया। ⚠️ पेट दर्द के इलाज के बाद बिगड़ी थी तबीयत जानकारी के मुताबिक, बेलखाड़ू के भट्टा मोहल्ला निवासी शेखर चौधरी को 2 अक्टूबर को अचानक तेज पेट दर्द हुआ था। परिजन उन्हें खैरी गांव स्थित अश्वनी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां इलाज के बाद वे उन्हें घर ले आए, लेकिन कुछ देर बाद शेखर के हाथ-पैरों में तेज जलन होने लगी। परिजन उन्हें दोबारा अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, शेखर को इंजेक्शन लगाए गए थे और ग्लूकोज की ड्रिप चढ़ाई गई थी। ड्रिप चढ़ने के करीब आधे घंटे बाद उनकी मौत हो गई। 🧪 ग्लूकोज की बोतल पर मिली थी एक्सपायरी डेट परिजनों के आरोपों और घटनास्थल से मिले सामान के आधार पर पुलिस पहले से मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, ग्लूकोज की एक बोतल पर नवंबर 2025 की एक्सपायरी डेट दर्ज थी। पुलिस ने बोतल, ड्रिप, निडिल, इंजेक्शन की खाली शीशी और दवाइयों के रैपर जब्त किए थे। अब यह भी जांच की जा रही है कि शेखर को चढ़ाई गई ड्रिप में कौन-सी दवाएं या इंजेक्शन मिलाए गए थे और क्या उनका उसकी मौत से कोई संबंध था। 🏥 संचालिका जांच के दौरान नहीं पहुंचीं ड्रग इंस्पेक्टर प्रवीण पटेल, बीएमओ डॉ. श्रीपति मिश्रा और बेलखाड़ू चौकी प्रभारी अमित मिश्रा की टीम ने अस्पताल में दवाओं की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल के पास आवश्यक रजिस्ट्रेशन नहीं मिला और संचालिका की एलोपैथिक चिकित्सा संबंधी मान्य डिग्री भी सामने नहीं आई। जांच टीम ने अस्पताल संचालिका सरिता साहू को मौके पर बुलाया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुईं। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग अस्पताल के संचालन, एक्सपायरी दवाओं तथा शेखर चौधरी की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। महत्वपूर्ण: युवक की मौत का वास्तविक कारण और उसमें दवाओं या ड्रिप की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। अभी किसी दवा को मौत का निश्चित कारण बताना उचित नहीं होगा। 📍 स्थान: अश्वनी अस्पताल, बेलखाड़ू के पास, जबलपुर, मध्य प्रदेश 🎤 रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा, जबलपुर 📰 सच तक पत्रिका न्यूज़ — हर खबर तक, सच के साथ।
    1
    🔴 जबलपुर: बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था अस्पताल, जांच में मिलीं 23 तरह की दवाएं

युवक की मौत के बाद सील अश्वनी अस्पताल में जांच; कई दवाएं एक्सपायरी मिलीं, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी जब्त

जबलपुर। जिले के बेलखाड़ू के पास स्थित अश्वनी अस्पताल में जांच के दौरान 23 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं मिली हैं। इनमें एक्सपायरी दवाएं भी शामिल थीं। मंगलवार शाम ड्रग इंस्पेक्टर, पुलिस और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) की टीम ने सील अस्पताल खुलवाकर जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 12 हजार रुपये की दवाएं जब्त की गई हैं।

प्रारंभिक जांच में अस्पताल का आवश्यक रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। अधिकारियों का यह भी कहना है कि अस्पताल संचालिका सरिता साहू के पास एलोपैथिक चिकित्सा की मान्य डिग्री नहीं थी। इन परिस्थितियों में अस्पताल के संचालन और मरीजों के इलाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

🚨 युवक की मौत के बाद सील किया गया था अस्पताल

अश्वनी अस्पताल को 19 वर्षीय शेखर चौधरी की मौत के बाद सील किया गया था। मंगलवार को जांच के दौरान यहां बच्चों और गर्भवती महिलाओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी मिलीं। अधिकारियों ने दवाओं की जांच कर उन्हें जब्त किया।

⚠️ पेट दर्द के इलाज के बाद बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के मुताबिक, बेलखाड़ू के भट्टा मोहल्ला निवासी शेखर चौधरी को 2 अक्टूबर को अचानक तेज पेट दर्द हुआ था। परिजन उन्हें खैरी गांव स्थित अश्वनी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां इलाज के बाद वे उन्हें घर ले आए, लेकिन कुछ देर बाद शेखर के हाथ-पैरों में तेज जलन होने लगी।

परिजन उन्हें दोबारा अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, शेखर को इंजेक्शन लगाए गए थे और ग्लूकोज की ड्रिप चढ़ाई गई थी। ड्रिप चढ़ने के करीब आधे घंटे बाद उनकी मौत हो गई।

🧪 ग्लूकोज की बोतल पर मिली थी एक्सपायरी डेट

परिजनों के आरोपों और घटनास्थल से मिले सामान के आधार पर पुलिस पहले से मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, ग्लूकोज की एक बोतल पर नवंबर 2025 की एक्सपायरी डेट दर्ज थी। पुलिस ने बोतल, ड्रिप, निडिल, इंजेक्शन की खाली शीशी और दवाइयों के रैपर जब्त किए थे।

अब यह भी जांच की जा रही है कि शेखर को चढ़ाई गई ड्रिप में कौन-सी दवाएं या इंजेक्शन मिलाए गए थे और क्या उनका उसकी मौत से कोई संबंध था।

🏥 संचालिका जांच के दौरान नहीं पहुंचीं

ड्रग इंस्पेक्टर प्रवीण पटेल, बीएमओ डॉ. श्रीपति मिश्रा और बेलखाड़ू चौकी प्रभारी अमित मिश्रा की टीम ने अस्पताल में दवाओं की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल के पास आवश्यक रजिस्ट्रेशन नहीं मिला और संचालिका की एलोपैथिक चिकित्सा संबंधी मान्य डिग्री भी सामने नहीं आई।

जांच टीम ने अस्पताल संचालिका सरिता साहू को मौके पर बुलाया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुईं। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग अस्पताल के संचालन, एक्सपायरी दवाओं तथा शेखर चौधरी की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

महत्वपूर्ण: युवक की मौत का वास्तविक कारण और उसमें दवाओं या ड्रिप की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। अभी किसी दवा को मौत का निश्चित कारण बताना उचित नहीं होगा।

📍 स्थान: अश्वनी अस्पताल, बेलखाड़ू के पास, जबलपुर, मध्य प्रदेश
🎤 रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा, जबलपुर
📰 सच तक पत्रिका न्यूज़ — हर खबर तक, सच के साथ।
    user_Deepak Vishwakarma
    Deepak Vishwakarma
    Photographer जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    13 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.