घंसौर में मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का निकला टायर, बाल-बाल बची मरीज की जान घंसौर में मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का निकला टायर, बाल-बाल बची मरीज की जान सिवनी/घंसौर। मध्य प्रदेश में बदहाल एंबुलेंस व्यवस्था मरीजों की जान के लिए खतरा बनती जा रही है। घंसौर थाना क्षेत्र में मंडला रोड पर थाने के सामने मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का अचानक टायर निकल गया। टायर निकलकर सड़क किनारे स्थित एक घर की ओर जा पहुंचा। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हादसा नहीं हुआ और एंबुलेंस में बैठे मरीज सहित अन्य लोग बाल-बाल बच गए। घटना ने घंसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एंबुलेंस व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में पहले भी खराब एंबुलेंस और टायरों की जर्जर हालत को लेकर खबरें सामने आ चुकी हैं, लेकिन हालात में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? मरीजों की जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस ही यदि सड़क पर खतरा बन जाए, तो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कैसे कायम रहेगा? अब जरूरत है कि जिम्मेदार विभाग तत्काल एंबुलेंस की तकनीकी
घंसौर में मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का निकला टायर, बाल-बाल बची मरीज की जान घंसौर में मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का निकला टायर, बाल-बाल बची मरीज की जान सिवनी/घंसौर। मध्य प्रदेश में बदहाल एंबुलेंस व्यवस्था मरीजों की जान के लिए खतरा बनती जा रही है। घंसौर थाना क्षेत्र में मंडला रोड पर थाने के सामने मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का अचानक टायर निकल गया। टायर निकलकर सड़क किनारे स्थित एक घर की ओर जा पहुंचा। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हादसा नहीं हुआ और एंबुलेंस में बैठे मरीज सहित अन्य लोग बाल-बाल बच गए। घटना ने घंसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एंबुलेंस व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में पहले भी खराब एंबुलेंस और टायरों की जर्जर हालत को लेकर खबरें सामने आ चुकी हैं, लेकिन हालात में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? मरीजों की जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस ही यदि सड़क पर खतरा बन जाए, तो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कैसे कायम रहेगा? अब जरूरत है कि जिम्मेदार विभाग तत्काल एंबुलेंस की तकनीकी
- घंसौर में मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का निकला टायर, बाल-बाल बची मरीज की जान घंसौर में मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का निकला टायर, बाल-बाल बची मरीज की जान सिवनी/घंसौर। मध्य प्रदेश में बदहाल एंबुलेंस व्यवस्था मरीजों की जान के लिए खतरा बनती जा रही है। घंसौर थाना क्षेत्र में मंडला रोड पर थाने के सामने मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस का अचानक टायर निकल गया। टायर निकलकर सड़क किनारे स्थित एक घर की ओर जा पहुंचा। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हादसा नहीं हुआ और एंबुलेंस में बैठे मरीज सहित अन्य लोग बाल-बाल बच गए। घटना ने घंसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एंबुलेंस व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में पहले भी खराब एंबुलेंस और टायरों की जर्जर हालत को लेकर खबरें सामने आ चुकी हैं, लेकिन हालात में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? मरीजों की जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस ही यदि सड़क पर खतरा बन जाए, तो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कैसे कायम रहेगा? अब जरूरत है कि जिम्मेदार विभाग तत्काल एंबुलेंस की तकनीकी1
- नवरात्रि में बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, दुर्गा पंडालों में पसरा अंधेरा शंकरगंज के लोगों ने बिजली कार्यालय में किया हंगामा नवरात्रि में बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, दुर्गा पंडालों में पसरा अंधेरा शंकरगंज के लोगों ने बिजली कार्यालय में किया हंगामा, निर्बाध आपूर्ति की मांग 14 अक्टूबर बुधवार 11 बजे नारायणगंज शंकरगंज के ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि नवरात्रि पर्व के दौरान लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से नारायणगंज क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बार-बार बिजली गुल होने से दुर्गा पंडालों में होने वाले धार्मिक आयोजनों और आरती में भारी व्यवधान आ रहा है। लगातार कटौती से परेशान होकर विगत रात्रि ग्राम शंकरगंज की दुर्गा पंडाल समिति के सदस्य टिकरिया स्थित बिजली कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नाराजगी जताई। इसके साथ ही ग्राम भावल में भी बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीण उग्र प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। हालांकि समय रहते बिजली विभाग और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाइश दी। इसके अलावा कछारी फीडर क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी लिखित आवेदन देकर विद्युत आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से त्योहार के दौरान निर्बाध बिजली देने की गुहार लगाई है। 0000000000000000000000000000001
- जय जोहार! बोलने पर भड़का पुलिसकर्मी, आदिवासी युवकों को दी धारा प्रवाह गालियां1
- आदिवासी की जमीन पर छात्रावास निर्माण का आरोप, नौकरी और ₹10 हजार महीने देने का वादा अधूरा! मंडला जिले के बीजाडांडी विकासखंड के ग्राम लावरमुडिया में जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। जमीन मालिक रोशन लाल वरकड़े का आरोप है कि उनकी करीब एक हेक्टेयर निजी जमीन पर उचित मुआवजे के बिना छात्रावास का निर्माण कराया गया। नौकरी और हर महीने ₹10 हजार देने का वादा भी पूरा नहीं होने का दावा किया गया है। देखिए पूरी खबर और सुनिए पीड़ित की बात!1
- मंडला सिटी कोतवाली के सामने डॉमिनोज में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, अग्निशमन यंत्र बना मददगार मंडला सिटी कोतवाली के सामने डॉमिनोज में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, अग्निशमन यंत्र बना मददगार1
- नवरात्रि पर्व को लेकर हिंदू टाईगर फोर्स ने थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन नवरात्रि पर्व को लेकर हिंदू टाईगर फोर्स ने थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन जबलपुर। नवरात्रि एवं आगामी हिंदू त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर हिंदू टाईगर फोर्स संगठन द्वारा आधारताल थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम विभिन्न मांगों से अवगत कराया। संगठन ने नवरात्रि के दौरान जबलपुर सहित प्रदेश के सभी जिलों में मांस की बिक्री पर रोक लगाने, खुले में शराब पिलाने पर प्रतिबंध लगाने तथा शराब के अहातों को पूर्ण रूप से बंद रखने की मांग रखी। इसके साथ ही शहर एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था, बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा किसी भी प्रकार की दुर्घटना एवं जनहानि की स्थिति उत्पन्न न होने देने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान हिंदू टाईगर फोर्स के वरिष्ठ सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। संगठन की ओर से नितेश पटेल, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू टाईगर फोर्स संगठन, राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा मध्यप्रदेश युवा शिवसेना गौ रक्षा न्यास एवं प्रदेश उपाध्यक्ष किसान महापंचायत सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। — न्यूज़ रिपोर्टर मोहित संघी4
- बबेहा पुल पर पलटा हाईवा, केबिन में फंसा चालक कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर अस्पताल में कराया भर्ती बबेहा पुल पर पलटा हाईवा, केबिन में फंसा चालक कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर अस्पताल में कराया भर्ती 14 अक्टूबर बुधवार 11 बजे बबैहा के ग्रामीणों ने बताया कि नेशनल हाईवे-30 पर मंडला-जबलपुर मार्ग स्थित टिकरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बबेहा पुल पर मंगलवार रात करीब 10 बजे एक खाली हाईवा अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में वाहन का चालक केबिन के अंदर ही बुरी तरह फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए मंडला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। जानकारी अनुसार यह हाईवा रिपेयरिंग के लिए मंडला से जबलपुर गया हुआ था। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद रात के समय खाली वाहन लेकर वापस मंडला लौटते वक्त बबेहा पुल पर यह हादसा हो गया। दुर्घटना के कारण पुल पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। घटना के बाद से पुल से बड़े भारी वाहनों का निकलना बंद है, हालांकि छोटे चारपहिया और दोपहिया वाहनों की आवाजाही एक किनारे से जारी है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था को संभाला है। दुर्घटनाग्रस्त हाईवा को पुल से हटाने के लिए क्रेन बुलाई गई है। वाहन को हटाए जाने के बाद ही मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह से सामान्य हो सकेगा। 0000000000000000000000000000001
- 🔴 जबलपुर: बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था अस्पताल, जांच में मिलीं 23 तरह की दवाएं युवक की मौत के बाद सील अश्वनी अस्पताल में जांच; कई दवाएं एक्सपायरी मिलीं, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी जब्त जबलपुर। जिले के बेलखाड़ू के पास स्थित अश्वनी अस्पताल में जांच के दौरान 23 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं मिली हैं। इनमें एक्सपायरी दवाएं भी शामिल थीं। मंगलवार शाम ड्रग इंस्पेक्टर, पुलिस और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) की टीम ने सील अस्पताल खुलवाकर जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 12 हजार रुपये की दवाएं जब्त की गई हैं। प्रारंभिक जांच में अस्पताल का आवश्यक रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। अधिकारियों का यह भी कहना है कि अस्पताल संचालिका सरिता साहू के पास एलोपैथिक चिकित्सा की मान्य डिग्री नहीं थी। इन परिस्थितियों में अस्पताल के संचालन और मरीजों के इलाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। 🚨 युवक की मौत के बाद सील किया गया था अस्पताल अश्वनी अस्पताल को 19 वर्षीय शेखर चौधरी की मौत के बाद सील किया गया था। मंगलवार को जांच के दौरान यहां बच्चों और गर्भवती महिलाओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी मिलीं। अधिकारियों ने दवाओं की जांच कर उन्हें जब्त किया। ⚠️ पेट दर्द के इलाज के बाद बिगड़ी थी तबीयत जानकारी के मुताबिक, बेलखाड़ू के भट्टा मोहल्ला निवासी शेखर चौधरी को 2 अक्टूबर को अचानक तेज पेट दर्द हुआ था। परिजन उन्हें खैरी गांव स्थित अश्वनी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां इलाज के बाद वे उन्हें घर ले आए, लेकिन कुछ देर बाद शेखर के हाथ-पैरों में तेज जलन होने लगी। परिजन उन्हें दोबारा अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, शेखर को इंजेक्शन लगाए गए थे और ग्लूकोज की ड्रिप चढ़ाई गई थी। ड्रिप चढ़ने के करीब आधे घंटे बाद उनकी मौत हो गई। 🧪 ग्लूकोज की बोतल पर मिली थी एक्सपायरी डेट परिजनों के आरोपों और घटनास्थल से मिले सामान के आधार पर पुलिस पहले से मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, ग्लूकोज की एक बोतल पर नवंबर 2025 की एक्सपायरी डेट दर्ज थी। पुलिस ने बोतल, ड्रिप, निडिल, इंजेक्शन की खाली शीशी और दवाइयों के रैपर जब्त किए थे। अब यह भी जांच की जा रही है कि शेखर को चढ़ाई गई ड्रिप में कौन-सी दवाएं या इंजेक्शन मिलाए गए थे और क्या उनका उसकी मौत से कोई संबंध था। 🏥 संचालिका जांच के दौरान नहीं पहुंचीं ड्रग इंस्पेक्टर प्रवीण पटेल, बीएमओ डॉ. श्रीपति मिश्रा और बेलखाड़ू चौकी प्रभारी अमित मिश्रा की टीम ने अस्पताल में दवाओं की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल के पास आवश्यक रजिस्ट्रेशन नहीं मिला और संचालिका की एलोपैथिक चिकित्सा संबंधी मान्य डिग्री भी सामने नहीं आई। जांच टीम ने अस्पताल संचालिका सरिता साहू को मौके पर बुलाया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुईं। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग अस्पताल के संचालन, एक्सपायरी दवाओं तथा शेखर चौधरी की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। महत्वपूर्ण: युवक की मौत का वास्तविक कारण और उसमें दवाओं या ड्रिप की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। अभी किसी दवा को मौत का निश्चित कारण बताना उचित नहीं होगा। 📍 स्थान: अश्वनी अस्पताल, बेलखाड़ू के पास, जबलपुर, मध्य प्रदेश 🎤 रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा, जबलपुर 📰 सच तक पत्रिका न्यूज़ — हर खबर तक, सच के साथ।1