कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेन्द्र राणा द्वारा संविधान और लोकतंत्र को लेकर दिए जा रहे बयानों को उनकी राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति ने अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए जनता के जनादेश और अपने विधानसभा क्षेत्र के सम्मान को दांव पर लगाने में कोई संकोच नहीं किया, उसके मुंह से आज संविधान की दुहाई देना अच्छी नहीं लगती। कटोच ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र और संविधान केवल राजनीतिक भाषणों में इस्तेमाल करने वाले शब्द नहीं हैं, और जिन नेताओं ने अपने व्यक्तिगत हितों के लिए जनता के विश्वास को तोड़ा है, उन्हें दूसरों को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। विवेक कटोच ने यह भी कहा कि राजनीति में जनता यह अच्छी तरह जानती है कि किसने जनादेश का सम्मान किया और किसने अपने व्यक्तिगत राजनीतिक हितों को जनता के हितों से ऊपर रखा। कटोच ने विशेष रूप से सुजानपुर नगर परिषद चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरी तरह लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक प्रावधानों के तहत संपन्न हुआ है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बहुमत के आधार पर अपना नेता चुनने और निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव संविधान और कानून के दायरे में रहकर संपन्न हुआ है, तो उस पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के फैसले पर सवाल खड़े करने के समान है। कांग्रेस नेता ने राजेन्द्र राणा पर दोहरी राजनीति और अवसरवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राजनीतिक परिणाम उनके पक्ष में आते हैं, तो उसे लोकतंत्र की जीत बताया जाता है, और जब परिणाम विपरीत आते हैं, तो उसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है। उन्होंने जोर दिया कि यह दोहरी राजनीति और अवसरवाद अब जनता के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है। विवेक कटोच ने कहा कि सुजानपुर नगर परिषद के चुनाव में किसी संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन नहीं हुआ है; केवल राजनीतिक निराशा के कारण लोकतंत्र और संविधान पर प्रश्नचिह्न लगाना दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना राजनीति है। उन्होंने राजेन्द्र राणा को सलाह दी कि संविधान की दुहाई देने से पहले उन्हें अपने राजनीतिक आचरण और अतीत पर आत्ममंथन करना चाहिए। कटोच ने दोहराया कि लोकतंत्र में हार-जीत तो चलती रहती है, लेकिन जनादेश और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है, और सुजानपुर की जनता राजनीतिक अवसरवाद और दोहरे चरित्र की राजनीति को अच्छी तरह पहचान चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में जनता ही इसका फिर से उचित जवाब देगी।
कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेन्द्र राणा द्वारा संविधान और लोकतंत्र को लेकर दिए जा रहे बयानों को उनकी राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति ने अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए जनता के जनादेश और अपने विधानसभा क्षेत्र के सम्मान को दांव पर लगाने में कोई संकोच नहीं किया, उसके मुंह से आज संविधान की दुहाई देना अच्छी नहीं लगती। कटोच ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र और संविधान केवल राजनीतिक भाषणों में इस्तेमाल करने वाले शब्द नहीं हैं, और जिन नेताओं ने अपने व्यक्तिगत हितों के लिए जनता के विश्वास को तोड़ा है, उन्हें दूसरों को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। विवेक कटोच ने यह भी कहा कि राजनीति में जनता यह अच्छी तरह जानती है कि किसने जनादेश का सम्मान किया और किसने अपने व्यक्तिगत राजनीतिक हितों को जनता के हितों से ऊपर रखा। कटोच ने विशेष रूप से सुजानपुर नगर परिषद चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरी तरह लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक प्रावधानों के तहत संपन्न हुआ है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बहुमत के आधार पर अपना नेता चुनने और निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव संविधान और कानून के दायरे में रहकर संपन्न हुआ है, तो उस पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के फैसले पर सवाल खड़े करने के समान है। कांग्रेस नेता ने राजेन्द्र राणा पर दोहरी राजनीति और अवसरवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राजनीतिक परिणाम उनके पक्ष में आते हैं, तो उसे लोकतंत्र की जीत बताया जाता है, और जब परिणाम विपरीत आते हैं, तो उसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है। उन्होंने जोर दिया कि यह दोहरी राजनीति और अवसरवाद अब जनता के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है। विवेक कटोच ने कहा कि सुजानपुर नगर परिषद के चुनाव में किसी संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन नहीं हुआ है; केवल राजनीतिक निराशा के कारण लोकतंत्र और संविधान पर प्रश्नचिह्न लगाना दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना राजनीति है। उन्होंने राजेन्द्र राणा को सलाह दी कि संविधान की दुहाई देने से पहले उन्हें अपने राजनीतिक आचरण और अतीत पर आत्ममंथन करना चाहिए। कटोच ने दोहराया कि लोकतंत्र में हार-जीत तो चलती रहती है, लेकिन जनादेश और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है, और सुजानपुर की जनता राजनीतिक अवसरवाद और दोहरे चरित्र की राजनीति को अच्छी तरह पहचान चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में जनता ही इसका फिर से उचित जवाब देगी।
- हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर में हुए चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जमकर हंगामा किया। यह पूरा बवाल अध्यक्ष पद के चुनाव को रद्द करने की मांग को लेकर हुआ, जिसके चलते मौके पर स्थिति काफी हंगामेदार रही।1
- हमीरपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लोहारली में विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सर्वसम्मति से श्री राजेश कुमार (काकू) को विद्यालय प्रबंधन समिति का प्रधान निर्विरोध चुना गया। इसके साथ ही, समिति के गठन के दौरान श्री जसवंत सिंह ढटवालिया को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक के दौरान, विद्यालय के विकास, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विद्यालय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने नवनिर्वाचित प्रधान श्री राजेश कुमार (काकू) और उपाध्यक्ष श्री जसवंत सिंह ढटवालिया को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। दोनों पदाधिकारियों ने विद्यालय के सर्वांगीण विकास, विद्यार्थियों के हितों की रक्षा और शिक्षा के बेहतर वातावरण के लिए सभी सदस्यों के सहयोग से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। यह बैठक एक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें विद्यालय की उन्नति के लिए सामूहिक प्रयासों पर विशेष बल दिया गया।1
- कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेन्द्र राणा द्वारा संविधान और लोकतंत्र को लेकर दिए जा रहे बयानों को उनकी राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति ने अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए जनता के जनादेश और अपने विधानसभा क्षेत्र के सम्मान को दांव पर लगाने में कोई संकोच नहीं किया, उसके मुंह से आज संविधान की दुहाई देना अच्छी नहीं लगती। कटोच ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र और संविधान केवल राजनीतिक भाषणों में इस्तेमाल करने वाले शब्द नहीं हैं, और जिन नेताओं ने अपने व्यक्तिगत हितों के लिए जनता के विश्वास को तोड़ा है, उन्हें दूसरों को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। विवेक कटोच ने यह भी कहा कि राजनीति में जनता यह अच्छी तरह जानती है कि किसने जनादेश का सम्मान किया और किसने अपने व्यक्तिगत राजनीतिक हितों को जनता के हितों से ऊपर रखा। कटोच ने विशेष रूप से सुजानपुर नगर परिषद चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरी तरह लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक प्रावधानों के तहत संपन्न हुआ है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बहुमत के आधार पर अपना नेता चुनने और निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव संविधान और कानून के दायरे में रहकर संपन्न हुआ है, तो उस पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के फैसले पर सवाल खड़े करने के समान है। कांग्रेस नेता ने राजेन्द्र राणा पर दोहरी राजनीति और अवसरवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राजनीतिक परिणाम उनके पक्ष में आते हैं, तो उसे लोकतंत्र की जीत बताया जाता है, और जब परिणाम विपरीत आते हैं, तो उसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है। उन्होंने जोर दिया कि यह दोहरी राजनीति और अवसरवाद अब जनता के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है। विवेक कटोच ने कहा कि सुजानपुर नगर परिषद के चुनाव में किसी संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन नहीं हुआ है; केवल राजनीतिक निराशा के कारण लोकतंत्र और संविधान पर प्रश्नचिह्न लगाना दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना राजनीति है। उन्होंने राजेन्द्र राणा को सलाह दी कि संविधान की दुहाई देने से पहले उन्हें अपने राजनीतिक आचरण और अतीत पर आत्ममंथन करना चाहिए। कटोच ने दोहराया कि लोकतंत्र में हार-जीत तो चलती रहती है, लेकिन जनादेश और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है, और सुजानपुर की जनता राजनीतिक अवसरवाद और दोहरे चरित्र की राजनीति को अच्छी तरह पहचान चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में जनता ही इसका फिर से उचित जवाब देगी।1
- सुजानपुर के कुठेड़ा में दो बसों के बीच टक्कर हो गई, जिसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, इस घटना ने सवारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया है कि एक प्राइवेट बस वाले ने सरकारी बस को बीच रास्ते में रोक दिया, जिससे यह टक्कर हुई। सवाल उठाया जा रहा है कि प्राइवेट बस वाले की तरफ से यह किस तरह की गलती थी, और अगर इस दौरान किसी सवारी का सिर या बाजू कट जाता, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती। लोगों ने सरकार से ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, क्योंकि ऐसी लापरवाही सवारियों के लिए मौत का कारण बन सकती है।1
- बम्म में स्थानीय लोगों ने एक जल सेवा छबील और पकौड़े के भंडारे का आयोजन किया। इस दौरान लोगों ने वहां उपस्थित सभी लोगों को पानी और पकौड़े वितरित किए।1
- जिला स्तरीय पिपलू मेला में कुटलैहड़ भाजपा मंडल उपाध्यक्ष राज कुमार मनकोटिया ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर उन्होंने टमक बजाया।1
- ऊना जिले में एक बंदर नसबंदी केंद्र का बंद पड़ा भवन अब नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। इस स्थिति के चलते लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति बदहाली का शिकार हो रही है, जिससे सार्वजनिक संपत्ति की दुर्दशा उजागर हुई है।1
- मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस तथा नशा निवारण सप्ताह के उपलक्ष्य पर हमीरपुर में जिला प्रशासन एवं पुलिस ने वीरवार सुबह एक मिनी मैराथन दौड़ का आयोजन किया। यह दौड़ हीरानगर के चिल्ड्रन पार्क से पक्का भरो चौक तक लगाई गई, जिसका मुख्य उद्देश्य नशे के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस मिनी मैराथन में उपायुक्त गंधर्वा राठौड़, एसपी बलवीर सिंह, एडीसी अभिषेक कुमार गर्ग, एसी टू डीसी चिराग शर्मा, सीएमओ डॉ. अजय अत्री, डीएफओ अंकित सिंह, जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा, डीएसपी नितिन चौहान, एडीपीईओ राजेंद्र शर्मा सहित कई अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। उनके साथ शहर के गणमान्य नागरिक, बच्चे, युवा और अन्य धावक भी शामिल हुए। मैराथन को हरी झंडी दिखाने से पहले उपायुक्त ने सभी उपस्थित लोगों को नशे का विरोध करने की शपथ दिलाई। वहीं, एसपी ने भी बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। मिनी मैराथन की समाप्ति पर पक्का भरो चौक पर विजेताओं को नकद पुरस्कार वितरित किए गए। लड़कियों के अंडर-16 वर्ग में हाई स्कूल चौकी जमवालां की कामिनी पहले, हिम अकादमी स्कूल की प्रियांशी वशिष्ठ दूसरे, चौकी जमवालां की धनेश्वरी तीसरे, इसी स्कूल की शबनम चौथे और मनीता पांचवें स्थान पर रहीं। अंडर-16 ब्वॉयज में हिम अकादमी के रकुल प्रथम, सीनियर सेकेंडरी स्कूल हमीरपुर के पंकज खरयाल द्वितीय, सिल्वर बैल्स स्कूल के अर्पित तृतीय, न्यू गुरुकुल के कौशल ठाकुर चतुर्थ और नक्ष चौहान पंचम स्थान पर रहे। 16 वर्ष से अधिक के आयु वर्ग में डिग्री कालेज की राशि ने पहला, इसी कालेज की सुहानी ने दूसरा, धलोट की शिवाली ने तीसरा, डिग्री कालेज की ऋचा ने चौथा और कुठेड़ा स्कूल की शाइन ने पांचवां स्थान हासिल किया। जबकि पुरुषों के वर्ग में रोहड़ू के आर्यन पहले, ताल क्षेत्र के गांव पट्टियां के आदित्य दूसरे, गांव ककरू के नवीन तीसरे, कुठेड़ा क्षेत्र के गांव उबक के अतुल चौथे और गांव अवाह देवी के दीपक पांचवें स्थान पर रहे। यह मिनी मैराथन नशे के विरुद्ध जागरुकता पैदा करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें डीसी, एसपी, अन्य अधिकारियों, बच्चों और युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।2