प्रतिमा खंडित होने से भड़का आक्रोश, अधारताल बंद; पचमठा मंदिर में चोरी के विरोध में सड़क पर उतरे लोग लोकेशन - जबलपुर अधारताल रिपोर्टर - विक्रम सिंह ठाकुर जबलपुर। अधारताल सरोबर के किनारे स्थित प्राचीन श्री महालक्ष्मी मंदिर पचमठा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात हुई चोरी और कल्चुरीकालीन माता महालक्ष्मी की प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश है। मंदिर में चोरी के साथ आस्था के केंद्र मानी जाने वाली प्राचीन प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने से लोगों का गुस्सा अब सड़क पर नजर आ रहा है। चोरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने पहले थाने का घेराव किया और इसके बाद विरोध स्वरूप अधारताल बंद रखा गया। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों ने आक्रोश रैली निकालकर पुलिस प्रशासन से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।रैली में क्षेत्र के लगभग हर हिस्से से लोग शामिल हुए। लोगों के हाथों में विरोध से जुड़े बैनर और तख्तियां थीं। रैली के दौरान एक ही मांग प्रमुखता से उठती रही कि मंदिर में चोरी और प्रतिमा खंडित करने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।स्थानीय लोगों के मुताबिक, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में देर रात तक भजन-कीर्तन और जन्मोत्सव का कार्यक्रम चलता रहा। करीब रात 12:30 बजे तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और धार्मिक आयोजन की धूम थी। इसके बाद भक्तों के लौटने के कुछ समय बाद चोरों ने मंदिर को निशाना बनायाआरोप है कि चोर मंदिर में प्रवेश कर वहां रखी सामग्री और अन्य सामान चोरी कर ले गए। इसी दौरान उन्होंने मंदिर में स्थापित कल्चुरीकालीन माता महालक्ष्मी की प्रतिमा को भी नुकसान पहुंचाया। चोरी की घटना से ज्यादा आक्रोश लोगों में इस बात को लेकर है कि क्षेत्र की आस्था और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ी प्राचीन प्रतिमा को भी खंडित कर दिया गया।घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच के लिए मौके पर पहुंची। पुलिस ने खोजी कुत्तों की मदद से भी जांच की। बताया गया कि खोजी कुत्ते एक बैग तक पहुंचे। बैग की तलाशी लेने पर उसमें माता महालक्ष्मी की खंडित प्रतिमा मिली।स्थानीय लोगों का कहना है कि आशंका है कि चोरों ने मंदिर में स्थापित प्रतिमा को उखाड़ने का प्रयास किया होगा। प्रतिमा भारी और वजनदार होने के कारण वे उसे अपने साथ नहीं ले जा सके और उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। हालांकि प्रतिमा किस तरह और किन परिस्थितियों में खंडित हुई, इसका वास्तविक खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अधारताल सरोवर के किनारे एकांत स्थान पर स्थित होने के कारण मंदिर चोरों के लिए आसान निशाना बन गया है। लोगों के मुताबिक, मंदिर में इससे पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैंस्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मंदिर के नजदीक थाना होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। लोगों का कहना है कि कई बार पुलिस प्रशासन से मंदिर की सुरक्षा और रात्रि गश्त बढ़ाने का आग्रह किया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।इसी वजह से लोगों का कहना है कि चोरों के हौसले बढ़े और उन्होंने जन्माष्टमी जैसी रात में, जब मंदिर में देर रात तक धार्मिक आयोजन चल रहा था, उसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम दिया।चोरी और प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना के बाद मंदिर समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे और थाने का घेराव कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। लोगों का कहना था कि घटना को कई दिन बीतने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे नाराजगी और बढ़ती गई। इसके बाद आज विरोध स्वरूप अधारताल बंद रखा गया और क्षेत्रीय लोगों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर आक्रोश रैली निकाली।बंद का असर क्षेत्र में साफ दिखाई दिया। बड़ी संख्या में दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेकर पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।विधायक अशोक रोहाणी ने भी पुलिस से की कार्रवाई की मांगमामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक अशोक रोहाणी ने भी पुलिस प्रशासन को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। बताया गया कि उन्होंने पुलिस से 24 घंटे के भीतर चोरों को पकड़ने की बात कही थीहालांकि दो दिन बीतने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। यही नाराजगी पहले थाने के घेराव और फिर अधारताल बंद एवं आक्रोश रैली के रूप में सामने आई।इधर पुलिस का कहना है कि मंदिर में हुई चोरी की घटना को गंभीरता से लिया गया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, आसपास के क्षेत्र और अन्य संभावित सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।चोरों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा
प्रतिमा खंडित होने से भड़का आक्रोश, अधारताल बंद; पचमठा मंदिर में चोरी के विरोध में सड़क पर उतरे लोग लोकेशन - जबलपुर अधारताल रिपोर्टर - विक्रम सिंह ठाकुर जबलपुर। अधारताल सरोबर के किनारे स्थित प्राचीन श्री महालक्ष्मी मंदिर पचमठा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात हुई चोरी और कल्चुरीकालीन माता महालक्ष्मी की प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश है। मंदिर में चोरी के साथ आस्था के केंद्र मानी जाने वाली प्राचीन प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने से लोगों का गुस्सा अब सड़क पर नजर आ रहा है। चोरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने पहले थाने का घेराव किया और इसके बाद विरोध स्वरूप अधारताल बंद रखा गया। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों ने आक्रोश रैली निकालकर पुलिस प्रशासन से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।रैली में क्षेत्र के लगभग हर हिस्से से लोग शामिल हुए। लोगों के हाथों में विरोध से जुड़े बैनर और तख्तियां थीं। रैली के दौरान एक ही मांग प्रमुखता से उठती रही कि मंदिर में चोरी और प्रतिमा खंडित करने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।स्थानीय लोगों के मुताबिक, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में देर रात तक भजन-कीर्तन
और जन्मोत्सव का कार्यक्रम चलता रहा। करीब रात 12:30 बजे तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और धार्मिक आयोजन की धूम थी। इसके बाद भक्तों के लौटने के कुछ समय बाद चोरों ने मंदिर को निशाना बनायाआरोप है कि चोर मंदिर में प्रवेश कर वहां रखी सामग्री और अन्य सामान चोरी कर ले गए। इसी दौरान उन्होंने मंदिर में स्थापित कल्चुरीकालीन माता महालक्ष्मी की प्रतिमा को भी नुकसान पहुंचाया। चोरी की घटना से ज्यादा आक्रोश लोगों में इस बात को लेकर है कि क्षेत्र की आस्था और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ी प्राचीन प्रतिमा को भी खंडित कर दिया गया।घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच के लिए मौके पर पहुंची। पुलिस ने खोजी कुत्तों की मदद से भी जांच की। बताया गया कि खोजी कुत्ते एक बैग तक पहुंचे। बैग की तलाशी लेने पर उसमें माता महालक्ष्मी की खंडित प्रतिमा मिली।स्थानीय लोगों का कहना है कि आशंका है कि चोरों ने मंदिर में स्थापित प्रतिमा को उखाड़ने का प्रयास किया होगा। प्रतिमा भारी और वजनदार होने के कारण वे उसे अपने साथ नहीं ले जा सके और उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। हालांकि प्रतिमा किस तरह और किन परिस्थितियों में खंडित हुई, इसका वास्तविक खुलासा पुलिस जांच के बाद ही
हो सकेगा। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अधारताल सरोवर के किनारे एकांत स्थान पर स्थित होने के कारण मंदिर चोरों के लिए आसान निशाना बन गया है। लोगों के मुताबिक, मंदिर में इससे पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैंस्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मंदिर के नजदीक थाना होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। लोगों का कहना है कि कई बार पुलिस प्रशासन से मंदिर की सुरक्षा और रात्रि गश्त बढ़ाने का आग्रह किया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।इसी वजह से लोगों का कहना है कि चोरों के हौसले बढ़े और उन्होंने जन्माष्टमी जैसी रात में, जब मंदिर में देर रात तक धार्मिक आयोजन चल रहा था, उसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम दिया।चोरी और प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना के बाद मंदिर समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे और थाने का घेराव कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। लोगों का कहना था कि घटना को कई दिन बीतने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे नाराजगी और बढ़ती गई। इसके
बाद आज विरोध स्वरूप अधारताल बंद रखा गया और क्षेत्रीय लोगों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर आक्रोश रैली निकाली।बंद का असर क्षेत्र में साफ दिखाई दिया। बड़ी संख्या में दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेकर पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।विधायक अशोक रोहाणी ने भी पुलिस से की कार्रवाई की मांगमामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक अशोक रोहाणी ने भी पुलिस प्रशासन को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। बताया गया कि उन्होंने पुलिस से 24 घंटे के भीतर चोरों को पकड़ने की बात कही थीहालांकि दो दिन बीतने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। यही नाराजगी पहले थाने के घेराव और फिर अधारताल बंद एवं आक्रोश रैली के रूप में सामने आई।इधर पुलिस का कहना है कि मंदिर में हुई चोरी की घटना को गंभीरता से लिया गया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, आसपास के क्षेत्र और अन्य संभावित सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।चोरों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा
- प्रतिमा खंडित होने से भड़का आक्रोश, अधारताल बंद; पचमठा मंदिर में चोरी के विरोध में सड़क पर उतरे लोग लोकेशन - जबलपुर अधारताल रिपोर्टर - विक्रम सिंह ठाकुर जबलपुर। अधारताल सरोबर के किनारे स्थित प्राचीन श्री महालक्ष्मी मंदिर पचमठा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात हुई चोरी और कल्चुरीकालीन माता महालक्ष्मी की प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश है। मंदिर में चोरी के साथ आस्था के केंद्र मानी जाने वाली प्राचीन प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने से लोगों का गुस्सा अब सड़क पर नजर आ रहा है। चोरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने पहले थाने का घेराव किया और इसके बाद विरोध स्वरूप अधारताल बंद रखा गया। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों ने आक्रोश रैली निकालकर पुलिस प्रशासन से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।रैली में क्षेत्र के लगभग हर हिस्से से लोग शामिल हुए। लोगों के हाथों में विरोध से जुड़े बैनर और तख्तियां थीं। रैली के दौरान एक ही मांग प्रमुखता से उठती रही कि मंदिर में चोरी और प्रतिमा खंडित करने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।स्थानीय लोगों के मुताबिक, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में देर रात तक भजन-कीर्तन और जन्मोत्सव का कार्यक्रम चलता रहा। करीब रात 12:30 बजे तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और धार्मिक आयोजन की धूम थी। इसके बाद भक्तों के लौटने के कुछ समय बाद चोरों ने मंदिर को निशाना बनायाआरोप है कि चोर मंदिर में प्रवेश कर वहां रखी सामग्री और अन्य सामान चोरी कर ले गए। इसी दौरान उन्होंने मंदिर में स्थापित कल्चुरीकालीन माता महालक्ष्मी की प्रतिमा को भी नुकसान पहुंचाया। चोरी की घटना से ज्यादा आक्रोश लोगों में इस बात को लेकर है कि क्षेत्र की आस्था और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ी प्राचीन प्रतिमा को भी खंडित कर दिया गया।घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच के लिए मौके पर पहुंची। पुलिस ने खोजी कुत्तों की मदद से भी जांच की। बताया गया कि खोजी कुत्ते एक बैग तक पहुंचे। बैग की तलाशी लेने पर उसमें माता महालक्ष्मी की खंडित प्रतिमा मिली।स्थानीय लोगों का कहना है कि आशंका है कि चोरों ने मंदिर में स्थापित प्रतिमा को उखाड़ने का प्रयास किया होगा। प्रतिमा भारी और वजनदार होने के कारण वे उसे अपने साथ नहीं ले जा सके और उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। हालांकि प्रतिमा किस तरह और किन परिस्थितियों में खंडित हुई, इसका वास्तविक खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अधारताल सरोवर के किनारे एकांत स्थान पर स्थित होने के कारण मंदिर चोरों के लिए आसान निशाना बन गया है। लोगों के मुताबिक, मंदिर में इससे पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैंस्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मंदिर के नजदीक थाना होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। लोगों का कहना है कि कई बार पुलिस प्रशासन से मंदिर की सुरक्षा और रात्रि गश्त बढ़ाने का आग्रह किया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।इसी वजह से लोगों का कहना है कि चोरों के हौसले बढ़े और उन्होंने जन्माष्टमी जैसी रात में, जब मंदिर में देर रात तक धार्मिक आयोजन चल रहा था, उसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम दिया।चोरी और प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना के बाद मंदिर समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे और थाने का घेराव कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। लोगों का कहना था कि घटना को कई दिन बीतने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे नाराजगी और बढ़ती गई। इसके बाद आज विरोध स्वरूप अधारताल बंद रखा गया और क्षेत्रीय लोगों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर आक्रोश रैली निकाली।बंद का असर क्षेत्र में साफ दिखाई दिया। बड़ी संख्या में दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेकर पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।विधायक अशोक रोहाणी ने भी पुलिस से की कार्रवाई की मांगमामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक अशोक रोहाणी ने भी पुलिस प्रशासन को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। बताया गया कि उन्होंने पुलिस से 24 घंटे के भीतर चोरों को पकड़ने की बात कही थीहालांकि दो दिन बीतने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। यही नाराजगी पहले थाने के घेराव और फिर अधारताल बंद एवं आक्रोश रैली के रूप में सामने आई।इधर पुलिस का कहना है कि मंदिर में हुई चोरी की घटना को गंभीरता से लिया गया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, आसपास के क्षेत्र और अन्य संभावित सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।चोरों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा4
- चलो बाबा ने बुलाया है हारे का सहारा है जो दुख दर्द है हमारी जिंदगी में बाबा दूर करेंगे चलो बुलावा आया है जय श्याम जय श्री राम1
- रक्तदान के साथ भोजन सेवा, मानवता की मिसाल पेश कर रही जबलपुर ब्लड डोनेशन सोसायटी रक्तदान के साथ भोजन सेवा, मानवता की मिसाल पेश कर रही जबलपुर ब्लड डोनेशन सोसायटी 2017 से निरंतर सेवा कार्य, मरीजों और उनके परिजनों के लिए रक्तदान के साथ भोजन की व्यवस्था जबलपुर। मानव सेवा का सबसे बड़ा धर्म जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए जबलपुर ब्लड डोनेशन सोसायटी एवं खमरिया सेवा समिति वर्ष 2017 से निरंतर सेवा कार्यों में जुटी हुई है। संस्था द्वारा रक्तदान के साथ-साथ मेडिकल अस्पताल में आने वाले जरूरतमंद मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए भोजन सेवा भी लगातार की जा रही है। मेडिकल अस्पताल में उपचार के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर कई परिवारों के सामने रहने और भोजन की समस्या भी रहती है। ऐसे जरूरतमंद लोगों के लिए संस्था से जुड़े रक्तवीर और सेवाभावी सदस्य आगे आकर भोजन सेवा करते हैं। विशेष बात यह है कि संस्था से जुड़े कई रक्तवीर अपने जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ एवं अन्य विशेष अवसरों को केवल उत्सव तक सीमित न रखते हुए मानव सेवा के लिए समर्पित करते हैं। इन अवसरों पर जरूरतमंद मरीजों एवं उनके परिजनों को भोजन कराया जाता है। संस्था का मानना है कि रक्तदान किसी जरूरतमंद का जीवन बचा सकता है, वहीं भोजन सेवा किसी परेशान परिवार के लिए उस कठिन समय में बड़ा सहारा बन सकती है। इसी सोच के साथ रक्तवीर लगातार सेवा की इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। जबलपुर ब्लड डोनेशन सोसायटी एवं खमरिया सेवा समिति की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश देती है कि खुशियां तभी सार्थक हैं, जब उन्हें जरूरतमंदों के साथ साझा किया जाए। संस्था से जुड़े रक्तवीरों की सेवा भावना निश्चित रूप से युवाओं और समाज के अन्य लोगों को भी रक्तदान एवं मानव सेवा के लिए प्रेरित कर रही है। सेवा का संकल्प—रक्तदान भी, अन्नदान भी और मानवता के लिए समर्पण भी।4
- ब्रेकिंग न्यूज़ गोरा बाजार थाने से 200 मीटर की दूरी पर हुआ एक्सीडेंट, एलपीडी माल वाहक ने मारा कार को पीछे से टक्कर, कार क्षतिग्रस्त, मौके पर पहुंची गोरा बाजार थाना पुलिस1
- जबलपुर से सामने आई यह खबर सिर्फ गरीबी और मजबूरी की कहानी नहीं, बल्कि मानवता, परोपकार और अनेकता में एकता की ऐसी मिसाल है, जो समाज को आईना दिखाती है। जिला अस्पताल विक्टोरिया में उपचार के दौरान 45 से 50 वर्षीय आरती विश्वकर्मा की मौत हो गई। आरती के पति श्याम विश्वकर्मा के सामने पत्नी के अंतिम संस्कार का संकट खड़ा हो गया। आर्थिक तंगी इतनी गहरी थी कि अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे। बताया गया कि पति श्याम विश्वकर्मा बार-बार कह रहे थे कि उनके पास अंतिम संस्कार के पैसे नहीं हैं और वे शव को नर्मदा में प्रवाहित कर देंगे। नर्सों को जब इस मजबूरी की जानकारी हुई, तो सूचना गरीब नवाज कमेटी के सदस्यों तक पहुंची। सूचना मिलते ही कमेटी आगे आई और कहा कि मौत के बाद भी इंसान की गरिमा से समझौता नहीं होने दिया जाएगा। कमेटी ने मृतिका के पति से संपर्क किया और अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी उठाई। इसके बाद ग्वारीघाट मुक्ति धाम में हिन्दू रीति रिवाजों के अनुसार आरती विश्वकर्मा का अंतिम संस्कार उनके पति श्याम विश्वकर्मा के हाथों कराया गया। यह घटना एक बड़ा संदेश देती है कि इंसानियत की कोई जाति नहीं होती, मदद का कोई मजहब नहीं होता और दुख के समय बढ़ाया गया एक हाथ समाज को जोड़ने की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। आज जब समाज में धर्म और जाति के नाम पर दूरियां बढ़ाने की कोशिशें दिखाई देती हैं, ऐसे समय में गरीब नवाज कमेटी की यह पहल अनेकता में एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल बनकर सामने आती है। आरती अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके अंतिम संस्कार में मिली इंसानियत की यह मदद शायद समाज को लंबे समय तक यह याद दिलाती रहेगी। मजहब अलग हो सकते हैं,लेकिन इंसानियत का दर्द एक होता है।1
- 🔴 जबलपुर | सीनियर छात्रों पर 2 नाबालिगों से मारपीट का आरोप, वीडियो वायरल जबलपुर में स्कूल छात्रों के बीच वर्चस्व को लेकर दो नाबालिग छात्रों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने दोनों नाबालिगों को सिद्ध बाबा पहाड़ी पर बुलाया और उनके साथ मारपीट की। वायरल वीडियो में पीड़ित छात्रों के साथ बेल्ट से मारपीट और बाल पकड़कर घसीटने के दृश्य सामने आए हैं। वीडियो में दोनों छात्र हाथ जोड़कर उन्हें छोड़ने की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि पीड़ित छात्र 10वीं कक्षा में पढ़ते हैं, जबकि मारपीट के आरोप में शामिल छात्र 12वीं कक्षा के बताए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद घमापुर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल छात्रों की पहचान कर रही है। पुलिस के अनुसार, कुछ लड़कों की पहचान की जा चुकी है और मामले की जांच जारी है। 📍 स्थान: जबलपुर, मध्य प्रदेश 🎙️ Report: Deepak Vishwakarma सच तक पत्रिका NEWS — हर खबर सच के साथ1
- घमापुर की टोरिया पहाड़ी पर छात्रों की ‘तालिबानी सजा’! बेल्ट-चप्पलों से बेरहमी, वीडियो वायरल जबलपुर | घमापुर थाना क्षेत्र वायरल वीडियो में कुछ युवक दो छात्रों को घेरकर उनके साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि छात्रों को अर्धनग्न कर बेल्ट और चप्पलों से पीटा गया। वीडियो में दोनों छात्र हाथ जोड़कर रहम की गुहार लगाते भी दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और घटना की पूरी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। आखिर किसी को कानून हाथ में लेकर ‘सजा’ देने का अधिकार किसने दिया? मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है। पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई। #Jabalpur #Ghampur #ToriyaPahadi #BreakingNews #ViralVideo #StudentSafety #CrimeNews #MadhyaPradesh #JabalpurNews #LawAndOrder #घमापुर #जबलपुर #ब्रेकिंगन्यूज़ #वायरलवीडियो #छात्रोंकीसुरक्षा #कानूनव्यवस्था #NewsUpdate #MPNews #CrimeNews2
- 🔴 जबलपुर | हिरन नदी में मिला अज्ञात शव, कलाई पर बंधी राखी से पहचान की कोशिश में पुलिस - जबलपुर के कटंगी थाना क्षेत्र में हिरन नदी के पुल के पास एक अज्ञात पुरुष का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने नदी में शव तैरता देखा और पुलिस को सूचना दी। - पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नदी से बाहर निकालकर पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं। मृतक की उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है। उसने काले रंग की टी-शर्ट और काली पैंट पहन रखी थी। टी-शर्ट पर अंग्रेजी में “Just For You” लिखा हुआ है। - मृतक की कलाई पर राखी बंधी हुई मिली है, लेकिन उसके पास से कोई पहचान पत्र या अन्य सामान नहीं मिला है। कटंगी थाना पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों और गांवों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों के आधार पर मृतक की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। - शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि हुलिए, कपड़ों या कलाई पर बंधी राखी के आधार पर यदि कोई मृतक को पहचानता है तो पुलिस को सूचना दें। - 👍 Like | 💬 Comment | 🔄 Share | 🔔 Follow - सच तक पत्रिका NEWS — हर खबर सच के साथ 🎙️ Report: Deepak Vishwakarma - Follow 📲 @deepak_vishwakarma_89 Follow 📲 @sachtakpatrikanews1