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1 hr ago
user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • जन विश्वास अभियान का संकल्प हर समस्या का समाधान हर पात्र को योजनाओं का लाभ मिलेगा
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    जन  विश्वास अभियान का संकल्प हर समस्या का समाधान हर पात्र को योजनाओं का लाभ मिलेगा
    user_मुकेश कुमार दुबे
    मुकेश कुमार दुबे
    Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • नर्मदा उद्गम से निकली आस्था की कांवड़‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठी अनूपपूर - सारस डोली के 51 शिवभक्त कांवरियों ने नर्मदा उद्गम कुंड से पवित्र जल लेकर शुरू की सात दिवसीय पदयात्रा कांवड़ यात्र मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में श्रावण मास की पुण्य बेला में शनिवार, 8 अगस्त 2026 को आस्था, भक्ति और शिव आराधना का अद्भुत दृश्य साकार हुआ। डिंडोरी जिले के सारस डोली से आए 51 शिवभक्त कांवरियों ने मां नर्मदा के पावन उद्गम कुंड से विधिवत पूजा-अर्चना कर पवित्र नर्मदा जल अपनी कांवड़ में धारण किया और भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ सात दिवसीय पदयात्रा कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया। प्रातः लगभग 10 बजे प्रारंभ हुई इस धार्मिक यात्रा में शिवभक्त कांवरियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़ में नर्मदा जल धारण किए श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय मां नर्मदा’ के जयघोष करते हुए भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। पूरी यात्रा श्रद्धा, संकल्प और शिवभक्ति की त्रिवेणी का अनुपम संगम बनी हुई है। कांवरिया दल द्वारा भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा के साथ शिवलिंग, भगवान हनुमान जी महाराज, भगवान कार्तिकेय स्वामी तथा प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी की आकर्षक प्रतिमाओं को सुसज्जित वाहन में विराजमान किया गया है। वाहन पर विराजित देव प्रतिमाओं के दर्शन तथा डीजे पर गूंजते मधुर भजन-कीर्तन से यात्रा मार्ग आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। नर्मदा उद्गम से जल धारण कर निकली यह कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि मां नर्मदा की पावन धाराओं को भगवान शिव के चरणों तक पहुंचाने वाली श्रद्धा और संकल्प की आध्यात्मिक यात्रा है। मान्यता है कि मां नर्मदा स्वयं भगवान शिव की आराध्या एवं शिव से अभिन्न रूप से जुड़ी पवित्र नदी हैं। इसी आस्था के साथ शिवभक्त नर्मदा जल को कांवड़ में धारण कर अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए आगे बढ़ रहे हैं। सात दिवसीय पदयात्रा पूर्ण करने के उपरांत सारस डोली पहुंचकर कांवरिया दल द्वारा भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा के समक्ष विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन, जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर नर्मदा उद्गम से लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-शांति, समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की जाएगी। श्रावण मास में नर्मदा उद्गम की पावन धरती से प्रारंभ हुई यह यात्रा अमरकंटक की उस सनातन आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत स्वरूप है, जहां नर्मदा की कल-कल धारा और शिवभक्ति का जयघोष मिलकर भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित करते हैं। 51 शिवभक्तों का यह कांवड़ दल आस्था, अनुशासन और भक्ति के साथ अपने गंतव्य की ओर अग्रसर है।
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    नर्मदा उद्गम से निकली आस्था की कांवड़‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठी
अनूपपूर - 
सारस डोली के 51 शिवभक्त कांवरियों ने नर्मदा उद्गम कुंड से पवित्र जल लेकर शुरू की सात दिवसीय पदयात्रा कांवड़ यात्र
मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में श्रावण मास की पुण्य बेला में शनिवार, 8 अगस्त 2026 को आस्था, भक्ति और शिव आराधना का अद्भुत दृश्य साकार हुआ। डिंडोरी जिले के सारस डोली से आए 51 शिवभक्त कांवरियों ने मां नर्मदा के पावन उद्गम कुंड से विधिवत पूजा-अर्चना कर पवित्र नर्मदा जल अपनी कांवड़ में धारण किया और भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ सात दिवसीय पदयात्रा कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया।
प्रातः लगभग 10 बजे प्रारंभ हुई इस धार्मिक यात्रा में शिवभक्त कांवरियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़ में नर्मदा जल धारण किए श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय मां नर्मदा’ के जयघोष करते हुए भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। पूरी यात्रा श्रद्धा, संकल्प और शिवभक्ति की त्रिवेणी का अनुपम संगम बनी हुई है।
कांवरिया दल द्वारा भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा के साथ शिवलिंग, भगवान हनुमान जी महाराज, भगवान कार्तिकेय स्वामी तथा प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी की आकर्षक प्रतिमाओं को सुसज्जित वाहन में विराजमान किया गया है। वाहन पर विराजित देव प्रतिमाओं के दर्शन तथा डीजे पर गूंजते मधुर भजन-कीर्तन से यात्रा मार्ग आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा।
नर्मदा उद्गम से जल धारण कर निकली यह कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि मां नर्मदा की पावन धाराओं को भगवान शिव के चरणों तक पहुंचाने वाली श्रद्धा और संकल्प की आध्यात्मिक यात्रा है। मान्यता है कि मां नर्मदा स्वयं भगवान शिव की आराध्या एवं शिव से अभिन्न रूप से जुड़ी पवित्र नदी हैं। इसी आस्था के साथ शिवभक्त नर्मदा जल को कांवड़ में धारण कर अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
सात दिवसीय पदयात्रा पूर्ण करने के उपरांत सारस डोली पहुंचकर कांवरिया दल द्वारा भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा के समक्ष विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन, जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर नर्मदा उद्गम से लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-शांति, समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की जाएगी।
श्रावण मास में नर्मदा उद्गम की पावन धरती से प्रारंभ हुई यह यात्रा अमरकंटक की उस सनातन आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत स्वरूप है, जहां नर्मदा की कल-कल धारा और शिवभक्ति का जयघोष मिलकर भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित करते हैं। 51 शिवभक्तों का यह कांवड़ दल आस्था, अनुशासन और भक्ति के साथ अपने गंतव्य की ओर अग्रसर है।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से लगवाया बस को धक्का मानपुर बस स्टैंड पर खराब हुई सांदीपनि विद्यालय की बस, बच्चों की सुरक्षा और फिटनेस पर उठे सवाल भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से लगवाया बस को धक्का मानपुर बस स्टैंड पर खराब हुई सांदीपनि विद्यालय की बस, बच्चों की सुरक्षा और फिटनेस पर उठे सवाल उमरिया। सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर अचानक खराब हो गई। बस में सवार स्कूली बच्चों को भीषण गर्मी के बीच नीचे उतरकर बस को धक्का लगाना पड़ा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स को दिया गया है। इसी व्यवस्था के तहत संचालित एक बस शनिवार सुबह बस स्टैंड पर खराब हो गई। बस को चालू करने के लिए बच्चों को ही धक्का लगाते देखा गया। बार-बार बस खराब होने की शिकायत अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों के परिवहन में लगी बसों के खराब होने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कुछ अभिभावकों ने बसों की उम्र और उनके रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, संबंधित बस की वास्तविक उम्र, तकनीकी स्थिति और फिटनेस की पुष्टि अधिकृत जांच के बाद ही हो सकेगी। बच्चों की सुरक्षा पर सवाल स्कूली बस का रास्ते में खराब होना तकनीकी खराबी का सामान्य मामला हो सकता है, लेकिन भीषण गर्मी के बीच बच्चों का सड़क पर उतरकर बस को धक्का लगाना चिंता का विषय है। ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों के परिवहन में लगी बसों की नियमित तकनीकी जांच और सर्विसिंग कितनी गंभीरता से की जा रही है। क्या बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है? क्या वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप है? क्या बच्चों के परिवहन के लिए बस की नियमित जांच की जाती है? इन सवालों का जवाब अब परिवहन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। डीईओ बोले- आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और आरटीओ से बस का निरीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के बाद बस की तकनीकी स्थिति और फिटनेस संबंधी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच के बाद सामने आएगी हकीकत मामला केवल बस खराब होने तक सीमित नहीं है। यदि जांच में बस की फिटनेस या रखरखाव में कमी पाई जाती है तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी तय करना जरूरी होगा। वहीं यदि बस निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है तो बार-बार खराब होने के कारणों की भी जांच की जानी चाहिए। फिलहाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता के बीच सभी की नजर आरटीओ के निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।
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    भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से लगवाया बस को धक्का मानपुर बस स्टैंड पर खराब हुई सांदीपनि विद्यालय की बस, बच्चों की सुरक्षा और फिटनेस पर उठे सवाल


भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से लगवाया बस को धक्का मानपुर बस स्टैंड पर खराब हुई सांदीपनि विद्यालय की बस, बच्चों की सुरक्षा और फिटनेस पर उठे सवाल
उमरिया। सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर अचानक खराब हो गई। बस में सवार स्कूली बच्चों को भीषण गर्मी के बीच नीचे उतरकर बस को धक्का लगाना पड़ा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स को दिया गया है। इसी व्यवस्था के तहत संचालित एक बस शनिवार सुबह बस स्टैंड पर खराब हो गई। बस को चालू करने के लिए बच्चों को ही धक्का लगाते देखा गया।
बार-बार बस खराब होने की शिकायत
अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों के परिवहन में लगी बसों के खराब होने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कुछ अभिभावकों ने बसों की उम्र और उनके रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, संबंधित बस की वास्तविक उम्र, तकनीकी स्थिति और फिटनेस की पुष्टि अधिकृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
स्कूली बस का रास्ते में खराब होना तकनीकी खराबी का सामान्य मामला हो सकता है, लेकिन भीषण गर्मी के बीच बच्चों का सड़क पर उतरकर बस को धक्का लगाना चिंता का विषय है। ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों के परिवहन में लगी बसों की नियमित तकनीकी जांच और सर्विसिंग कितनी गंभीरता से की जा रही है।
क्या बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है? क्या वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप है? क्या बच्चों के परिवहन के लिए बस की नियमित जांच की जाती है? इन सवालों का जवाब अब परिवहन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
डीईओ बोले- आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और आरटीओ से बस का निरीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के बाद बस की तकनीकी स्थिति और फिटनेस संबंधी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद सामने आएगी हकीकत
मामला केवल बस खराब होने तक सीमित नहीं है। यदि जांच में बस की फिटनेस या रखरखाव में कमी पाई जाती है तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी तय करना जरूरी होगा। वहीं यदि बस निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है तो बार-बार खराब होने के कारणों की भी जांच की जानी चाहिए।
फिलहाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता के बीच सभी की नजर आरटीओ के निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।
    user_Deepak kumar verma
    Deepak kumar verma
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • बिरसिंहपुर पाली ,जीरो ढाबा के पास 11kb line की केबल जल जाने के कारण दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे रहे और मजे की बात यह है कि यह केवल हर साल जलता है इसके बावजूद विभाग कोई स्थाई समाधान की बजाय हमेशा काम चलआऊ समाधान देता है जबकि मेंटेनेंस के नाम पर कई बार दिन दिन भर लाइट बंद कर रखी जाती है लेकिन मेंटेनेंस के नाम पर होता कुछ नहीं
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    बिरसिंहपुर पाली ,जीरो ढाबा के पास 11kb line की केबल जल जाने के कारण दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे रहे और मजे की बात यह है कि यह केवल हर साल जलता है इसके बावजूद विभाग कोई स्थाई समाधान की बजाय हमेशा काम चलआऊ समाधान देता है जबकि मेंटेनेंस के नाम पर कई बार दिन दिन भर लाइट बंद कर रखी जाती है लेकिन मेंटेनेंस के नाम पर होता कुछ नहीं
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • नर्मदा पुल के ऊपर आया पानी, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कलेक्टर ने लोगों को किया सतर्क, अनावश्यक रूप से पुल एवं नदी क्षेत्र में नहीं जाने की दी सलाह डिंडौरी, 09 अगस्त 2026। जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। डिंडौरी में नर्मदा पुल के ऊपर से पानी आने की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से जलस्तर एवं मौके की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मौके से लोगों को एडवाइजरी जारी करते हुए सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान नागरिक अनावश्यक रूप से नर्मदा नदी, पुल एवं जलभराव वाले क्षेत्रों की ओर न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें। विशेष रूप से बच्चों एवं बुजुर्गों को नदी अथवा पानी के आसपास जाने से रोकने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए नागरिक किसी भी प्रकार का जोखिम न लें। पुल के ऊपर पानी का बहाव होने की स्थिति में आवागमन करने का प्रयास न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि तेज बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मौके से आमजन को संदेश देते हुए कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नदी एवं पुल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
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    नर्मदा पुल के ऊपर आया पानी, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कलेक्टर ने लोगों को किया सतर्क, अनावश्यक रूप से पुल एवं नदी क्षेत्र में नहीं जाने की दी सलाह
डिंडौरी, 09 अगस्त 2026।
जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। डिंडौरी में नर्मदा पुल के ऊपर से पानी आने की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से जलस्तर एवं मौके की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मौके से लोगों को एडवाइजरी जारी करते हुए सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान नागरिक अनावश्यक रूप से नर्मदा नदी, पुल एवं जलभराव वाले क्षेत्रों की ओर न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें। विशेष रूप से बच्चों एवं बुजुर्गों को नदी अथवा पानी के आसपास जाने से रोकने की अपील की गई।
उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए नागरिक किसी भी प्रकार का जोखिम न लें। पुल के ऊपर पानी का बहाव होने की स्थिति में आवागमन करने का प्रयास न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि तेज बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मौके से आमजन को संदेश देते हुए कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नदी एवं पुल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अमरकंटक नगर परिषद ने अतिक्रमण के विरुद्ध चलाया सघन अभियान अनूपपुर - मुख्य मार्गों से अवैध कब्जे हटाए, व्यापारियों को निर्धारित सीमा में व्यवसाय करने की हिदायत प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल तथा पर्यटन नगरी अमरकंटक में नगर परिषद द्वारा अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सघन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास व्यापारियों द्वारा निर्धारित सीमा से बाहर किए गए अवैध कब्जों एवं निर्माण को हटाया गया तथा संबंधित व्यापारियों को भविष्य में निर्धारित सीमा के भीतर ही व्यवसाय करने की सख्त हिदायत दी गई। नगर परिषद के अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान दिगंबर जैन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र परिसर के मुख्य मार्ग पर व्यापारियों द्वारा दुकानों से आगे बढ़कर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। वहीं जैन मंदिर परिसर के पीछे किए गए पांच अवैध निर्माणों को भी बलपूर्वक हटाया गया। मुख्य मार्ग पर दुकानों के सामने निर्धारित स्थल से अतिरिक्त स्थान घेरकर रखी गई सामग्री एवं किए गए कब्जे को हटाते हुए व्यापारियों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित सीमा के भीतर ही अपनी दुकानें संचालित करें। इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 10 स्थित कोटि तीर्थ घाट एवं गांधी कुंड मुख्य मार्ग पर किए गए अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण का भी निरीक्षण किया गया। नगर परिषद द्वारा संबंधित व्यापारियों को 24 घंटे की मोहलत देते हुए निर्देशित किया गया कि वे मुख्य मार्ग से पांच फीट अंदर रहकर ही व्यापार करें तथा मार्ग को बाधित करने वाले अवैध निर्माण एवं कब्जे स्वयं हटा लें। नगर परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जेसीबी मशीन के माध्यम से बलपूर्वक अवैध कब्जा हटाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित व्यापारी की होगी। इसी तरह नर्मदा मंदिर के आसपास के व्यापारियों को भी अवैध कब्जे एवं निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए। नगर परिषद अमरकंटक के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने व्यापारियों से कहा कि वे अपनी दुकान की सामग्री मुख्य मार्ग पर न रखें और न ही निर्धारित सीमा से बाहर किसी प्रकार का अवैध कब्जा करें। इससे श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कहा कि मार्ग पर अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित होने अथवा जाम की स्थिति निर्मित होने पर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी तथा अवैध कब्जों को सख्ती से बलपूर्वक हटाया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से नगर की व्यवस्था एवं सुगम यातायात बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नगर परिषद अमरकंटक का अमला, अमरकंटक थाना पुलिस बल तथा उप तहसील अमरकंटक के नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। नगर परिषद की कार्रवाई से मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण कर व्यापार करने वाले लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।
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    अमरकंटक नगर परिषद ने अतिक्रमण के विरुद्ध चलाया सघन अभियान
अनूपपुर - 
मुख्य मार्गों से अवैध कब्जे हटाए, व्यापारियों को निर्धारित सीमा में व्यवसाय करने की हिदायत
प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल तथा पर्यटन नगरी अमरकंटक में नगर परिषद द्वारा अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सघन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास व्यापारियों द्वारा निर्धारित सीमा से बाहर किए गए अवैध कब्जों एवं निर्माण को हटाया गया तथा संबंधित व्यापारियों को भविष्य में निर्धारित सीमा के भीतर ही व्यवसाय करने की सख्त हिदायत दी गई।
नगर परिषद के अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान दिगंबर जैन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र परिसर के मुख्य मार्ग पर व्यापारियों द्वारा दुकानों से आगे बढ़कर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। वहीं जैन मंदिर परिसर के पीछे किए गए पांच अवैध निर्माणों को भी बलपूर्वक हटाया गया। मुख्य मार्ग पर दुकानों के सामने निर्धारित स्थल से अतिरिक्त स्थान घेरकर रखी गई सामग्री एवं किए गए कब्जे को हटाते हुए व्यापारियों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित सीमा के भीतर ही अपनी दुकानें संचालित करें।
इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 10 स्थित कोटि तीर्थ घाट एवं गांधी कुंड मुख्य मार्ग पर किए गए अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण का भी निरीक्षण किया गया। नगर परिषद द्वारा संबंधित व्यापारियों को 24 घंटे की मोहलत देते हुए निर्देशित किया गया कि वे मुख्य मार्ग से पांच फीट अंदर रहकर ही व्यापार करें तथा मार्ग को बाधित करने वाले अवैध निर्माण एवं कब्जे स्वयं हटा लें। नगर परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जेसीबी मशीन के माध्यम से बलपूर्वक अवैध कब्जा हटाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित व्यापारी की होगी।
इसी तरह नर्मदा मंदिर के आसपास के व्यापारियों को भी अवैध कब्जे एवं निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए। नगर परिषद अमरकंटक के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने व्यापारियों से कहा कि वे अपनी दुकान की सामग्री मुख्य मार्ग पर न रखें और न ही निर्धारित सीमा से बाहर किसी प्रकार का अवैध कब्जा करें। इससे श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कहा कि मार्ग पर अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित होने अथवा जाम की स्थिति निर्मित होने पर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी तथा अवैध कब्जों को सख्ती से बलपूर्वक हटाया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से नगर की व्यवस्था एवं सुगम यातायात बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नगर परिषद अमरकंटक का अमला, अमरकंटक थाना पुलिस बल तथा उप तहसील अमरकंटक के नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। नगर परिषद की कार्रवाई से मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण कर व्यापार करने वाले लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • उमरिया: सुशासन का आधार न्याय, हर नागरिक को न्याय दिलाने सरकार प्रतिबद्ध- सीएम उमरिया: सुशासन का आधार न्याय, हर नागरिक को न्याय दिलाने सरकार प्रतिबद्ध- सीएम उमरिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों को सरल, सुलभ और समान न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इंदौर में आयोजित ‘इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस’ वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय में देरी भी अन्याय के समान है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से छोटे-छोटे विवादों का समाधान कर न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने ई-केस फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई, ई-जीरो एफआईआर और आधुनिक न्याय व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार न्याय प्रणाली को अधिक सरल और नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और सम्राट विक्रमादित्य की न्याय परंपरा का उदाहरण देते हुए सुशासन के लिए न्याय को जरूरी बताया।
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    उमरिया: सुशासन का आधार न्याय, हर नागरिक को न्याय दिलाने सरकार प्रतिबद्ध- सीएम
उमरिया: सुशासन का आधार न्याय, हर नागरिक को न्याय दिलाने सरकार प्रतिबद्ध- सीएम
उमरिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों को सरल, सुलभ और समान न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इंदौर में आयोजित ‘इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस’ वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय में देरी भी अन्याय के समान है।
उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से छोटे-छोटे विवादों का समाधान कर न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने ई-केस फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई, ई-जीरो एफआईआर और आधुनिक न्याय व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार न्याय प्रणाली को अधिक सरल और नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और सम्राट विक्रमादित्य की न्याय परंपरा का उदाहरण देते हुए सुशासन के लिए न्याय को जरूरी बताया।
    user_Deepak kumar verma
    Deepak kumar verma
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल बच्चों से बस को धक्का लगवाया, सिस्टम को किसका इंतजार? सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया मानपुर। स्कूली बच्चों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के दावों के बीच मानपुर में सामने आई एक तस्वीर ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर सांदीपनि विद्यालय के बच्चों को लेकर जा रही बस अचानक खराब हो गई। भीषण गर्मी के बीच बच्चों को बस से नीचे उतरना पड़ा और इसके बाद बच्चों से ही बस को धक्का लगवाया गया। घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि जब बच्चों की सुरक्षा के लिए बसें संचालित की जा रही हैं, तो क्या उनके रखरखाव और तकनीकी फिटनेस की नियमित निगरानी की जा रही है? फिटनेस प्रमाण-पत्र सिर्फ कागज पर तो नहीं? बताया जा रहा है कि सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स की बसों के माध्यम से कराया जा रहा है। बस के बीच रास्ते में खराब होने की घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता है। कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि बच्चों के परिवहन में पुरानी बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, संबंधित बस की उम्र और तकनीकी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अधिकृत जांच के बिना नहीं की जा सकती। यही वजह है कि अब आरटीओ की जांच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है। जांच में बस की फिटनेस, परमिट, बीमा, ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, लाइट्स और अन्य सुरक्षा मानकों की स्थिति स्पष्ट होना चाहिए। बच्चों से धक्का लगवाना बना सबसे बड़ा सवाल बस खराब होना एक तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या आपात स्थिति में बच्चों को बस से उतारकर उनसे भारी वाहन को धक्का लगवाना सुरक्षित व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है? भीषण गर्मी में सड़क पर बच्चों को खड़ा करना और उनसे बस को धक्का लगवाना उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। डीईओ बोले—आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा— “आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। हम आरटीओ से बस का निरीक्षण कर लेंगे।” अब सवाल यह है कि आरटीओ की जांच में क्या सामने आता है और उसके बाद क्या कार्रवाई होती है। जिम्मेदारों से 5 सीधे सवाल 1. बच्चों को लेकर चलने वाली बस की प्रतिदिन तकनीकी जांच कौन करता है? 2. संबंधित बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं? 3. बस की नियमित सर्विसिंग और मेंटेनेंस का रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं? 4. बस खराब होने की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्या है? 5. क्या बच्चों से बस को धक्का लगवाने की घटना की जिम्मेदारी तय होगी? अब जांच सिर्फ बस की नहीं, पूरी व्यवस्था की होनी चाहिए मामला केवल एक बस खराब होने का नहीं है। मामला उन बच्चों की सुरक्षा का है, जिन्हें अभिभावक विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं। यदि बस पूरी तरह फिट थी तो वह अचानक क्यों खराब हुई? और यदि तकनीकी खामी थी तो उसे बच्चों के परिवहन में क्यों लगाया गया? अब आरटीओ की जांच यह तय करेगी कि बस वास्तव में 'फिट' थी या केवल कागजों में।फ्रंट पेज के लिए वैकल्पिक सबसे तीखी हेडलाइन: “बच्चे पढ़ने निकले थे, बस धक्का लगाने लगे!” सांदीपनि विद्यालय की बस खराब होने से परिवहन व्यवस्था पर सवाल, भीषण गर्मी में बच्चों को सड़क पर उतारने की नौबत।
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    सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल

बच्चों से बस को धक्का लगवाया, सिस्टम को किसका इंतजार?
सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल
आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया
मानपुर। स्कूली बच्चों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के दावों के बीच मानपुर में सामने आई एक तस्वीर ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर सांदीपनि विद्यालय के बच्चों को लेकर जा रही बस अचानक खराब हो गई। भीषण गर्मी के बीच बच्चों को बस से नीचे उतरना पड़ा और इसके बाद बच्चों से ही बस को धक्का लगवाया गया।
घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि जब बच्चों की सुरक्षा के लिए बसें संचालित की जा रही हैं, तो क्या उनके रखरखाव और तकनीकी फिटनेस की नियमित निगरानी की जा रही है?
फिटनेस प्रमाण-पत्र सिर्फ कागज पर तो नहीं?
बताया जा रहा है कि सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स की बसों के माध्यम से कराया जा रहा है। बस के बीच रास्ते में खराब होने की घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता है।
कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि बच्चों के परिवहन में पुरानी बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, संबंधित बस की उम्र और तकनीकी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अधिकृत जांच के बिना नहीं की जा सकती।
यही वजह है कि अब आरटीओ की जांच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है। जांच में बस की फिटनेस, परमिट, बीमा, ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, लाइट्स और अन्य सुरक्षा मानकों की स्थिति स्पष्ट होना चाहिए।
बच्चों से धक्का लगवाना बना सबसे बड़ा सवाल
बस खराब होना एक तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या आपात स्थिति में बच्चों को बस से उतारकर उनसे भारी वाहन को धक्का लगवाना सुरक्षित व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है?
भीषण गर्मी में सड़क पर बच्चों को खड़ा करना और उनसे बस को धक्का लगवाना उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।
डीईओ बोले—आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा—
“आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। हम आरटीओ से बस का निरीक्षण कर लेंगे।”
अब सवाल यह है कि आरटीओ की जांच में क्या सामने आता है और उसके बाद क्या कार्रवाई होती है।
जिम्मेदारों से 5 सीधे सवाल
1. बच्चों को लेकर चलने वाली बस की प्रतिदिन तकनीकी जांच कौन करता है?
2. संबंधित बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं?
3. बस की नियमित सर्विसिंग और मेंटेनेंस का रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं?
4. बस खराब होने की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्या है?
5. क्या बच्चों से बस को धक्का लगवाने की घटना की जिम्मेदारी तय होगी?
अब जांच सिर्फ बस की नहीं, पूरी व्यवस्था की होनी चाहिए
मामला केवल एक बस खराब होने का नहीं है। मामला उन बच्चों की सुरक्षा का है, जिन्हें अभिभावक विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं।
यदि बस पूरी तरह फिट थी तो वह अचानक क्यों खराब हुई? और यदि तकनीकी खामी थी तो उसे बच्चों के परिवहन में क्यों लगाया गया?
अब आरटीओ की जांच यह तय करेगी कि बस वास्तव में 'फिट' थी या केवल कागजों में।फ्रंट पेज के लिए वैकल्पिक सबसे तीखी हेडलाइन:
“बच्चे पढ़ने निकले थे, बस धक्का लगाने लगे!”
सांदीपनि विद्यालय की बस खराब होने से परिवहन व्यवस्था पर सवाल, भीषण गर्मी में बच्चों को सड़क पर उतारने की नौबत।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
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