कनावर हादसे पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल का प्रशासन पर तीखा प्रहार:* कनावर हादसे पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल का प्रशासन पर तीखा प्रहार:* *“प्रशासन पहले से तय किया करे विसर्जन पॉइंट, अधिकारियों की हो नियमित मॉनिटरिंग”* *भाजपा सरकार पर साधा निशाना,बोले- सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही से हो रहे हादसे* *तीनों बच्चों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दे प्रशासन* भिण्ड । अटेर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कनावर में क्वारी नदी में गणेश विसर्जन के दौरान कनावर क्षेत्र के तीन नाबालिक बच्चों के डूबने की हृदयविदारक घटना पर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष रामशेष बघेल ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने घटनास्थल पर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की तथा प्रशासन से चर्चा कर तीनों युवकों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान को तेज करने की मांग की । उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान नदी-घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए संवेदनशील स्थानों को पहले से चिन्हित कर निर्धारित विसर्जन पॉइंट बनाए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा यदि समय रहते पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, गोताखोर,पुलिस बल और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते तथा संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी होती,तो ऐसे हादसों की आशंका को कम किया जा सकता था। बघेल ने कहा कि एसडीएम, तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को निर्धारित विसर्जन स्थलों की लगातार मॉनिटरिंग करनी चाहिए, ताकि मौके पर सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न रहे। आगामी नवरात्रि सहित सभी धार्मिक आयोजनों से पहले प्रशासन को नदी-घाटों और अन्य संवेदनशील स्थानों की सूची तैयार कर वहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन को केवल हादसा होने के बाद सक्रिय होने के बजाय पहले से सुरक्षा की ठोस व्यवस्था करनी चाहिए। धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं, इसलिए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। *जिला प्रशासन से मांग :* 1 - क्वारी नदी में लापता तीनों युवकों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान युद्धस्तर पर जारी रखा जाए। 2 - नदी-घाटों पर निर्धारित एवं सुरक्षित विसर्जन पॉइंट बनाए जाएं। 3 - संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त गोताखोर,पुलिस बल एवं रेस्क्यू संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। 4- एसडीएम,तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। आगामी धार्मिक आयोजनों से पहले सभी संवेदनशील स्थलों का सुरक्षा ऑडिट एवं आवश्यक इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि तीन परिवारों का दर्द पूरे भिण्ड का दर्द है। ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और जनहित से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन के समक्ष आवाज उठाती रहेगी। मीडिया प्रभारी पंकज त्रिपाठी,ब्लॉक अध्यक्ष फूफ/ सुरपुरा दिनेश सिंह भदौरिया, पूर्व सरपंच जनक सिंह बघेल, अरविंद यादव हैबतपुरा, सौरभ सिंह भदौरिया,विवेक जामौर,संदीप बघेल,प्रमोद बघेल,पुष्पेंद्र बघेल आदि साथ रहे
कनावर हादसे पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल का प्रशासन पर तीखा प्रहार:* कनावर हादसे पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल का प्रशासन पर तीखा प्रहार:* *“प्रशासन पहले से तय किया करे विसर्जन पॉइंट, अधिकारियों की हो नियमित मॉनिटरिंग”* *भाजपा सरकार पर साधा निशाना,बोले- सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही से हो रहे हादसे* *तीनों बच्चों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दे प्रशासन* भिण्ड । अटेर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कनावर में क्वारी नदी में गणेश विसर्जन के दौरान कनावर क्षेत्र के तीन नाबालिक बच्चों के डूबने की हृदयविदारक घटना पर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष रामशेष बघेल ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने घटनास्थल पर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की तथा प्रशासन से चर्चा कर तीनों युवकों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान को तेज करने की मांग की । उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान नदी-घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित
करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए संवेदनशील स्थानों को पहले से चिन्हित कर निर्धारित विसर्जन पॉइंट बनाए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा यदि समय रहते पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, गोताखोर,पुलिस बल और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते तथा संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी होती,तो ऐसे हादसों की आशंका को कम किया जा सकता था। बघेल ने कहा कि एसडीएम, तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को निर्धारित विसर्जन स्थलों की लगातार मॉनिटरिंग करनी चाहिए, ताकि मौके पर सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न रहे। आगामी नवरात्रि सहित सभी धार्मिक आयोजनों से पहले प्रशासन को नदी-घाटों और अन्य संवेदनशील स्थानों की सूची तैयार कर वहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन को केवल हादसा होने के बाद सक्रिय होने के बजाय पहले से सुरक्षा की ठोस व्यवस्था करनी चाहिए। धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं,
इसलिए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। *जिला प्रशासन से मांग :* 1 - क्वारी नदी में लापता तीनों युवकों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान युद्धस्तर पर जारी रखा जाए। 2 - नदी-घाटों पर निर्धारित एवं सुरक्षित विसर्जन पॉइंट बनाए जाएं। 3 - संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त गोताखोर,पुलिस बल एवं रेस्क्यू संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। 4- एसडीएम,तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। आगामी धार्मिक आयोजनों से पहले सभी संवेदनशील स्थलों का सुरक्षा ऑडिट एवं आवश्यक इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि तीन परिवारों का दर्द पूरे भिण्ड का दर्द है। ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और जनहित से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन के समक्ष आवाज उठाती रहेगी। मीडिया प्रभारी पंकज त्रिपाठी,ब्लॉक अध्यक्ष फूफ/ सुरपुरा दिनेश सिंह भदौरिया, पूर्व सरपंच जनक सिंह बघेल, अरविंद यादव हैबतपुरा, सौरभ सिंह भदौरिया,विवेक जामौर,संदीप बघेल,प्रमोद बघेल,पुष्पेंद्र बघेल आदि साथ रहे
- कनावर हादसे पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल का प्रशासन पर तीखा प्रहार:* कनावर हादसे पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल का प्रशासन पर तीखा प्रहार:* *“प्रशासन पहले से तय किया करे विसर्जन पॉइंट, अधिकारियों की हो नियमित मॉनिटरिंग”* *भाजपा सरकार पर साधा निशाना,बोले- सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही से हो रहे हादसे* *तीनों बच्चों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दे प्रशासन* भिण्ड । अटेर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कनावर में क्वारी नदी में गणेश विसर्जन के दौरान कनावर क्षेत्र के तीन नाबालिक बच्चों के डूबने की हृदयविदारक घटना पर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष रामशेष बघेल ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने घटनास्थल पर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की तथा प्रशासन से चर्चा कर तीनों युवकों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान को तेज करने की मांग की । उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान नदी-घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए संवेदनशील स्थानों को पहले से चिन्हित कर निर्धारित विसर्जन पॉइंट बनाए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा यदि समय रहते पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, गोताखोर,पुलिस बल और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते तथा संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी होती,तो ऐसे हादसों की आशंका को कम किया जा सकता था। बघेल ने कहा कि एसडीएम, तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को निर्धारित विसर्जन स्थलों की लगातार मॉनिटरिंग करनी चाहिए, ताकि मौके पर सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न रहे। आगामी नवरात्रि सहित सभी धार्मिक आयोजनों से पहले प्रशासन को नदी-घाटों और अन्य संवेदनशील स्थानों की सूची तैयार कर वहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन को केवल हादसा होने के बाद सक्रिय होने के बजाय पहले से सुरक्षा की ठोस व्यवस्था करनी चाहिए। धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं, इसलिए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। *जिला प्रशासन से मांग :* 1 - क्वारी नदी में लापता तीनों युवकों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान युद्धस्तर पर जारी रखा जाए। 2 - नदी-घाटों पर निर्धारित एवं सुरक्षित विसर्जन पॉइंट बनाए जाएं। 3 - संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त गोताखोर,पुलिस बल एवं रेस्क्यू संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। 4- एसडीएम,तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। आगामी धार्मिक आयोजनों से पहले सभी संवेदनशील स्थलों का सुरक्षा ऑडिट एवं आवश्यक इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि तीन परिवारों का दर्द पूरे भिण्ड का दर्द है। ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और जनहित से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन के समक्ष आवाज उठाती रहेगी। मीडिया प्रभारी पंकज त्रिपाठी,ब्लॉक अध्यक्ष फूफ/ सुरपुरा दिनेश सिंह भदौरिया, पूर्व सरपंच जनक सिंह बघेल, अरविंद यादव हैबतपुरा, सौरभ सिंह भदौरिया,विवेक जामौर,संदीप बघेल,प्रमोद बघेल,पुष्पेंद्र बघेल आदि साथ रहे3
- *खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।*खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। *खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।1
- पिनाहट थाना क्षेत्र के कप्तानपुर गांव में बड़ा हादसा बरामदे की छत गिरने से 14 लोग हुए घायल आगरा ब्रेकिंग पिनाहट थाना क्षेत्र के कप्तानपुर गांव में बड़ा हादसा बरामदे की छत गिरने से 14 लोग हुए घायल हादसे के बाद मौके पर मची चीख-पुकार घायलों में चार की हालत बताई जा रही गंभीर गंभीर घायलों को इलाज के लिए आगरा किया रेफर 10 घायलों का सीएचसी पर चल रहा इलाज घर में गमी के माहौल के बीच हुआ दर्दनाक हादसा घटना के बाद गांव में मचा हड़कंप4
- इटावा - बसरेहर के सोनू कुमार को इंतज़ार है कभी तो मिलेगा हुनर को मुकाम… बसरेहर की गलियों से निकलकर पहचान बनाने को बेताब प्रतिभा1
- यूपी इंटरनेशनल टेस्ट शो ग्रेटर नोएडा में इटावा के माता के आलू खीर मोहन का जलवा *यूपी इन्टरनेशनल टेड शो ग्रेटर नोयडा में इटावा के मठ्ठा के आलू और खीर मोहन का जलवा* *इटावा* एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) के तहत ग्रेटर नोएडा में लगे यूपी इन्टरनेशनल टेड शो में इटावा के मठ्ठा के आलू और खीर मोहन अपना जलवा बिखेर रहे हैं,२५ सितंबर से २९ सितम्बर तक चलने वाले इस टेड शो में जहां पूरे देश सहित विदेशों से भी लोग आ रहे हैं वहां ठेठ इटावी मठ्ठा के आलू और खीर मोहन का स्वाद लेने को भीड़ लगी हुई है,इन व्यंजनों के व्यापार मेले में दो स्टाल लगे हुए हैं जिन पर लगातार भीड़ उमड़ रही है आज उघोग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष आलोक दीक्षित ने नोएडा पहुंच कर इटावा के व्यापारियों का उत्साह वर्धन किया, उन्होंने बताया कि इटावा के इन व्यंजनों का स्वाद फास्ट फूड के इस दौर में सबसे अलग है इसलिए लोग इसे बहुत पसंद कर रहे हैं, यहां मेले में अन्य जनपदों के व्यंजनों के स्टाल लगे हुए जिसमें मैनपुरी जनपद के सोनपापड़ी और औरया जनपद की बालूशाही तथा कानपुर के ठग्गू के लड्डू, और आगरा का,पेठा, कन्नौज के गट्टा, मथुरा के पेड़े आदि प्रमुख हैं1
- *NHAI की पुलिया बंद होने से परसूपुरा में जलभराव घरों और खेतों में भरा पानी ग्रामीण परेशान* इटावा विकासखंड महेवा क्षेत्र के ग्राम परसूपुरा में अत्यधिक जलभराव से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार NHAI की पुलिया बंद होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है, जिससे गांव के कई घरों और खेतों में पानी भर गया है। जलभराव के कारण ग्रामीणों को आवागमन और रोजमर्रा के कामों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी इटावा उपजिलाधिकारी भरथना और खंड विकास अधिकारी महेवा से जलभराव की समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराए जाने की मांग की है। रजत यादव पत्रकार जन नीति 24 इटावा मो.74171970641
- पिनाहट थाना क्षेत्र के कप्तानपुर गांव में बड़ा हादसा बरामदे की छत गिरने से 14 लोग हुए घायल आगरा पिनाहट थाना क्षेत्र के कप्तानपुर गांव में बड़ा हादसा बरामदे की छत गिरने से 14 लोग हुए घायल हादसे के बाद मौके पर मची चीख-पुकार घायलों में चार की हालत बताई जा रही गंभीर गंभीर घायलों को इलाज के लिए आगरा किया रेफर 10 घायलों का सीएचसी पर चल रहा इलाज घर में गमी के माहौल के बीच हुआ दर्दनाक हादसा घटना के बाद गांव में मचा हड़कंप4
- कनाबर में क्वारी नदी में मिले डूबे तीनों शव, NDRF ने किया रेस्क्यू ऊमरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कनाबर में क्वारी नदी में मृतकों के शवों को NDRF ने रेस्क्यू करके बाहर निकाल लिया।दरअसल शुक्रबार की रोज कनाबर में क्वारी नदी पर तीन लोग गणेश प्रतिमा को विसर्जन करने क्वारी नदी पर गए थे विसर्जन के दौरान ही नदी की गहराई में पैर कृष्णा भदौरिया फिसल गया वेसे ही उसके साथ मे मौजूद अभिजीत सिंह ओर मदन भी कृष्णा भदौरिया को बचाने के लिए नदी में कूद गए लेकिन वह भी नदी में डूब गए तो मौके पर मौजूद लोगों ने तुरन्त ही घटना की सूचना पुलिस को दी जिसके पुलिस और SDRF टीम मौके पर पहुँची रेस्क्यू किया अंधेरा होने के चलते रेस्क्यू बंद करना पड़ा लेकिन शनिबार की रोज सुबह से रेस्क्यू फिर से चालू कर दिया गया जिसमे NDRF ओर SDRF टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू किया लेकिन सफलता हासिल नही हो सकी जिसके बाद रविबार की रोज सुबह करीब 6 बजे दो NDRF टीम दो SDRF टीम ने रेस्क्यू शुरू किया तो NDRF टीम ने तीनो शवों को रेस्क्यू करके नदी से बाहर निकाल लिया जिसके बाद जिला अस्पताल शव ग्रह तीनो शवों को भेज दिया जहाँ पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई1