*खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।*खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। *खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
*खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।*खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। *खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
- *खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।*खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। *खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।1
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- कनावर हादसे पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल का प्रशासन पर तीखा प्रहार:* कनावर हादसे पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल का प्रशासन पर तीखा प्रहार:* *“प्रशासन पहले से तय किया करे विसर्जन पॉइंट, अधिकारियों की हो नियमित मॉनिटरिंग”* *भाजपा सरकार पर साधा निशाना,बोले- सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही से हो रहे हादसे* *तीनों बच्चों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दे प्रशासन* भिण्ड । अटेर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कनावर में क्वारी नदी में गणेश विसर्जन के दौरान कनावर क्षेत्र के तीन नाबालिक बच्चों के डूबने की हृदयविदारक घटना पर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष रामशेष बघेल ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने घटनास्थल पर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की तथा प्रशासन से चर्चा कर तीनों युवकों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान को तेज करने की मांग की । उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान नदी-घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए संवेदनशील स्थानों को पहले से चिन्हित कर निर्धारित विसर्जन पॉइंट बनाए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा यदि समय रहते पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, गोताखोर,पुलिस बल और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते तथा संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी होती,तो ऐसे हादसों की आशंका को कम किया जा सकता था। बघेल ने कहा कि एसडीएम, तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को निर्धारित विसर्जन स्थलों की लगातार मॉनिटरिंग करनी चाहिए, ताकि मौके पर सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न रहे। आगामी नवरात्रि सहित सभी धार्मिक आयोजनों से पहले प्रशासन को नदी-घाटों और अन्य संवेदनशील स्थानों की सूची तैयार कर वहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन को केवल हादसा होने के बाद सक्रिय होने के बजाय पहले से सुरक्षा की ठोस व्यवस्था करनी चाहिए। धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं, इसलिए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। *जिला प्रशासन से मांग :* 1 - क्वारी नदी में लापता तीनों युवकों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान युद्धस्तर पर जारी रखा जाए। 2 - नदी-घाटों पर निर्धारित एवं सुरक्षित विसर्जन पॉइंट बनाए जाएं। 3 - संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त गोताखोर,पुलिस बल एवं रेस्क्यू संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। 4- एसडीएम,तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। आगामी धार्मिक आयोजनों से पहले सभी संवेदनशील स्थलों का सुरक्षा ऑडिट एवं आवश्यक इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि तीन परिवारों का दर्द पूरे भिण्ड का दर्द है। ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और जनहित से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन के समक्ष आवाज उठाती रहेगी। मीडिया प्रभारी पंकज त्रिपाठी,ब्लॉक अध्यक्ष फूफ/ सुरपुरा दिनेश सिंह भदौरिया, पूर्व सरपंच जनक सिंह बघेल, अरविंद यादव हैबतपुरा, सौरभ सिंह भदौरिया,विवेक जामौर,संदीप बघेल,प्रमोद बघेल,पुष्पेंद्र बघेल आदि साथ रहे3
- गोहद गौसेवकों की भूख हड़ताल खत्म, 5 दिन में तीनों मांगें पूरी करने का आश्वासन विधायक केशव देसाई पहुंचे धरना स्थल पर अधिकारियों ने जूस पिलाकर कराया आंदोलन समाप्त दैनिक पुष्पांजलि टुडे गोहद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आवारा गौवंश की समस्या को लेकर सौरभ खटाना के नेतृत्व में चल रही गौसेवकों की भूख हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई आंदोलन स्थल पर गोहद विधायक केशव देसाई पहुंचे और गौसेवकों से चर्चा की इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आंदोलन समाप्त कराया गया धरना स्थल पर तहसीलदार शाक्य, जनपद सीईओ एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे गौसेवकों द्वारा रखी गई तीनों प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए प्रशासन ने पांच दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करने का आश्वासन दियाअधिकारियों और जनप्रतिनिधि की मौजूदगी में भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई गई इसके साथ ही आंदोलन फिलहाल समाप्त कर दिया गया है गौसेवकों का कहना है कि आवारा गायों की समस्या लंबे समय से क्षेत्र में बनी हुई है और इसके समाधान के लिए लगातार आवाज उठाई जा रही थी पांच दिन में मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद भूख हड़ताल समाप्त की गई है अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर रहेगी एक सैकड़ा से अधिक कार्यकर्ता एवं गौसेवक मौजूद रहे आंदोलन समाप्त होने के साथ ही प्रशासन के सामने अब पांच दिन की समय-सीमा तय की गई है गौसेवकों ने जिन मांगों को लेकर आंदोलन किया, उन पर अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है अब देखना होगा कि शासन प्रशासन क्या कार्यवाही करता है1
- सिलेंडर में पानी निकलने का दावा, बदलने को लेकर विवाद; वीडियो वायरल गैस सिलेंडर में पानी निकलने के दावे से विवाद, वीडियो वायरल मुरैना। शहर में बृजेश्वरी गैस एजेंसी से लिए गए गैस सिलेंडर को लेकर एक उपभोक्ता और दूसरे पक्ष के बीच विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उपभोक्ता ने सिलेंडर से पानी निकलने का दावा करते हुए उसे बदलने की मांग की है। वायरल वीडियो में उपभोक्ता सिलेंडर को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराता दिखाई दे रहा है। उपभोक्ता का आरोप है कि सिलेंडर बदलने की बात कहने पर एजेंसी से जुड़े व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा सिलेंडर बदलने के लिए पैसे मांगे गए। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि सिलेंडर में वास्तव में पानी था या नहीं और सिलेंडर बदलने के लिए पैसे मांगे जाने का आरोप कितना सही है। मामले में संबंधित गैस एजेंसी का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। यदि उपभोक्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ सकती है। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों के बीच चर्चा है। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्ष के स्पष्टीकरण और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- कैलारस में 400 क्वार्टर अवैध शराब जब्त दुकान से शराब बेचने की सूचना पर पुलिस की कार्रवाई, एक आरोपी गिरफ्तार मुरैना/कैलारस। अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत कैलारस थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 400 क्वार्टर अवैध देशी शराब जब्त की है। जब्त शराब की कीमत करीब 40 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति दुकान से अवैध रूप से शराब बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध को पकड़ा और तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से अवैध देशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने शराब जब्त कर आरोपी के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार आरोपी की तलाश की जा रही है और उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। कार्रवाई में कैलारस थाना प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र सिंह कुशवाह सहित पुलिस बल शामिल रहा।1
- 50 मीटर तक कार को घसीटता रहा ट्रैक्टर... सीसीटीवी ने खोला रेत के खेल का खौफनाक चेहरा! मुरैना। पुलिस से बचकर भागने की कोशिश में रेत से भरे ट्रैक्टर ने सड़क पर ऐसा तांडव मचाया कि एक कार को करीब 50 मीटर तक घसीटता ले गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि ट्रैक्टर तेज रफ्तार में आगे बढ़ता है और इसी दौरान कार उसकी चपेट में आ जाती है। टक्कर के बाद भी ट्रैक्टर चालक वाहन रोकने के बजाय कार को घसीटता हुआ आगे बढ़ता रहता है। कुछ सेकंड तक कार ट्रैक्टर के साथ सड़क पर घिसटती नजर आती है। गनीमत रही कि कार सवारों की जान बच गई। लेकिन वायरल सीसीटीवी ने अवैध रेत परिवहन में लगे वाहनों के दुस्साहस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सवाल सिर्फ रेत के अवैध परिवहन का नहीं, बल्कि सड़क पर दौड़ते इन वाहनों से आम लोगों की सुरक्षा का भी है। सीसीटीवी में कैद यह पूरा घटनाक्रम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- कनाबर में क्वारी नदी में मिले डूबे तीनों शव, NDRF ने किया रेस्क्यू ऊमरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कनाबर में क्वारी नदी में मृतकों के शवों को NDRF ने रेस्क्यू करके बाहर निकाल लिया।दरअसल शुक्रबार की रोज कनाबर में क्वारी नदी पर तीन लोग गणेश प्रतिमा को विसर्जन करने क्वारी नदी पर गए थे विसर्जन के दौरान ही नदी की गहराई में पैर कृष्णा भदौरिया फिसल गया वेसे ही उसके साथ मे मौजूद अभिजीत सिंह ओर मदन भी कृष्णा भदौरिया को बचाने के लिए नदी में कूद गए लेकिन वह भी नदी में डूब गए तो मौके पर मौजूद लोगों ने तुरन्त ही घटना की सूचना पुलिस को दी जिसके पुलिस और SDRF टीम मौके पर पहुँची रेस्क्यू किया अंधेरा होने के चलते रेस्क्यू बंद करना पड़ा लेकिन शनिबार की रोज सुबह से रेस्क्यू फिर से चालू कर दिया गया जिसमे NDRF ओर SDRF टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू किया लेकिन सफलता हासिल नही हो सकी जिसके बाद रविबार की रोज सुबह करीब 6 बजे दो NDRF टीम दो SDRF टीम ने रेस्क्यू शुरू किया तो NDRF टीम ने तीनो शवों को रेस्क्यू करके नदी से बाहर निकाल लिया जिसके बाद जिला अस्पताल शव ग्रह तीनो शवों को भेज दिया जहाँ पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई1