EMI नहीं भरी तो इंसानियत की सारी हदें पार! गरीब युवक को 4 दिन तक बंधक बनाकर जबरन निकाला खून। EMI वसूली के नाम पर इंसानियत शर्मसार! लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि मोबाइल की बकाया EMI वसूलने के नाम पर मोबाइल दुकानदार और रिकवरी एजेंटों ने एक गरीब युवक को उसके गांव से अगवा कर लिया। परिजनों का आरोप है कि युवक को लखनऊ ले जाकर करीब चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और अस्पताल ले जाकर जबरन एक यूनिट खून निकलवाने का भी आरोप लगाया गया। मामला ग्राम पंचायत पुरहिया का बताया जा रहा है, जहां रहने वाले नेवल कुमार ने करीब एक साल पहले निगोहां की गीता मोबाइल शॉप से किस्त पर मोबाइल खरीदा था। आरोप है कि दो महीने बाद किस्त जमा न होने पर दुकानदार और कंपनी से जुड़े लोगों ने उसका मोबाइल छीन लिया था। पीड़ित के भाई राजकुमार ने वीडियो जारी कर पूरे मामले की जानकारी दी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या बकाया EMI की वसूली के नाम पर किसी इंसान के साथ ऐसी बर्बरता जायज हो सकती है? कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई कब होगी? आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताएं। #Lucknow #LucknowNews #Nigohan #CrimeNews #UPNews #RecoveryAgent #HumanRights
EMI नहीं भरी तो इंसानियत की सारी हदें पार! गरीब युवक को 4 दिन तक बंधक बनाकर जबरन निकाला खून। EMI वसूली के नाम पर इंसानियत शर्मसार! लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि मोबाइल की बकाया EMI वसूलने के नाम पर मोबाइल दुकानदार और रिकवरी एजेंटों ने एक गरीब युवक को उसके गांव से अगवा कर लिया। परिजनों का आरोप है कि युवक को लखनऊ ले जाकर करीब चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और अस्पताल ले जाकर जबरन एक यूनिट खून निकलवाने का भी आरोप लगाया गया। मामला ग्राम पंचायत पुरहिया का बताया जा रहा है, जहां रहने वाले नेवल कुमार ने करीब एक साल पहले निगोहां की गीता मोबाइल शॉप से किस्त पर मोबाइल खरीदा था। आरोप है कि दो महीने बाद किस्त जमा न होने पर दुकानदार और कंपनी से जुड़े लोगों ने उसका मोबाइल छीन लिया था। पीड़ित के भाई राजकुमार ने वीडियो जारी कर पूरे मामले की जानकारी दी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या बकाया EMI की वसूली के नाम पर किसी इंसान के साथ ऐसी बर्बरता जायज हो सकती है? कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई कब होगी? आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताएं। #Lucknow #LucknowNews #Nigohan #CrimeNews #UPNews #RecoveryAgent #HumanRights
- 13 साल तक चला मुकदमा, लेकिन शिकायतकर्ता युवती ही कोर्ट नहीं पहुंची... आखिरकार आरोपी बरी! 13 साल तक चला मुकदमा, लेकिन शिकायतकर्ता युवती ही कोर्ट नहीं पहुंची... आखिरकार आरोपी बरी! लखनऊ में छेड़छाड़ और पीछा किए जाने के एक मामले में कोर्ट का फैसला सामने आया है, जिसने पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला 1 जुलाई 2013 का है। आरोप था कि इंजीनियरिंग कॉलेज से हजरतगंज जा रही एक युवती का युवक पीछा कर रहा था। परिवर्तन चौक पर युवती ने एक पुलिसकर्मी को रोककर शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने उसी दिन आरोपी युवक को पकड़ लिया। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस ने महज छह दिन में विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी। मामला कोर्ट पहुंचा और करीब 13 साल तक चलता रहा। लेकिन सुनवाई के दौरान सामने आया कि जिस युवती की शिकायत पर पूरा मुकदमा खड़ा हुआ था, वह न तो तहरीर लेने वाली सिपाही के सामने आई, न कोर्ट में गवाही देने पहुंची और न ही उसका मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया गया। लखनऊ कोर्ट ने साक्ष्यों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए लक्ष्मणखेड़ा निवासी गोविंद कुमार मिश्रा को बरी कर दिया। यह मामला सिर्फ एक आरोपी के बरी होने की कहानी नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि आखिर पुलिस ने जिस शिकायत के आधार पर इतनी तेजी से कार्रवाई की, उस मामले की सबसे महत्वपूर्ण गवाह को न्यायिक प्रक्रिया में शामिल क्यों नहीं किया गया? 13 साल बाद आया फैसला कई सवाल छोड़ गया है। #Lucknow #StalkingCase #CourtVerdict #Justice #PoliceInvestigation #HindNews2471
- एक और समोसा को देखो मिश्रा का क्या कहते हैं कैसे सीवी लेना1
- बिग ब्रेकिंग न्यूज़ एटा *एटा* थाना जलेसर पुलिस को मिली सफलता, 01 नफर अभियुक्त को मय 22 अदद पौवा देशी शराब नाजायज के किया गिरफ्तार मुखबिर खास की सूचना पर ग्राम पत्थर की सराय से समय करीब 01.10 बजे मय 22 अदद पौवा देशी शराब ( मस्तीह् ) नाजायज के साथ गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध थाना हाजा पर मु0अ0सं0 386/2026 धारा 60 आब0 अधिनियम पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गयी |2
- पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर जी की आत्मसम्मान रैली में पहुंचा लोगों का जन सैलाब लखनऊ पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर जी की आत्मसम्मान रैली में पहुंचा लोगों का जन सैलाब लखनऊ! राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर पारख महासंघ के बैनर तले पूर्व केंद्रीय मंत्री की आत्मसम्मान रैली में हजारों की संख्या में पहुंची भीड़ आत्म सम्मान की इस रैली में ना तो सांसद थे और ना पूर्व केंद्रीय मंत्री थे बल्कि पारख महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कौशल किशोर जी थे जिनके सम्मान में पूरे भारत से लोग राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर हजारों की तादाद में पहुंचकर यह दिखाने का काम किया की सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा पारख महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कौशल किशोर ने बताया कि रैली को रोकने के लिए तमाम लोगों ने बहुत कोशिश की उसके बावजूद भी इतनी बड़ी संख्या में लोग पहुंच कर आत्म सम्मान की इस रैली को सफल बनायाl l1
- 14 date को एटा शहर में गणेश चतुर्थी के दिन जगह जगह गणेश जी सथापित कर उनकी पूजा की3
- आकाशवाणी आगरा के ग्राम्यालोक कार्यक्रम में ज़िला उद्यान अधिकारी श्याम सिंह जी ने दी बाज़ार हस्त क्षेप योजना के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी1
- Rk न्यूज़ पीरज़ादा तौकी़र निजा़मी पूर्व AIMIM नेता मध्यप्रदेश ने औवेसी साहब aimim राष्ट्रीय अध्यक्ष भोपाल आगमन पर पूछे कुछ बड़ा सवाल क्या औवेसी साहब भोपाल की अपनी सभा में देगें इन सवालों के जवाब1
- बालाघाट में 30+ बच्चों की मौत के बाद Abhijeet Dipke का CM इस्तीफा पोस्ट! FIR की मांग, MP High Court सख्त | GD News मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बैगा और गोंड जनजाति के 30 से अधिक बच्चों की मौत के मामले ने पूरे राज्य में गंभीर बहस छेड़ दी है। स्वास्थ्य सुविधाओं, कुपोषण, मलेरिया, खसरा और डिहाइड्रेशन जैसे मुद्दों पर सवाल उठ ही रहे थे कि इसी बीच CJP नेता अभिजीत दीपके के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने विवाद को नई दिशा दे दी। इस वीडियो में GD News Network आपको पूरे मामले की शुरुआत से लेकर अब तक की हर अहम जानकारी आसान और स्पष्ट भाषा में समझाएगा। बालाघाट में बच्चों की मौत: बैगा और गोंड जनजाति के 30 से अधिक बच्चों की मौत की खबर सामने आई, जिसके बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे। अभिजीत दीपके का दौरा: CJP नेता अभिजीत दीपके अपनी टीम के साथ पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे, जहां उन्हें स्थानीय विरोध का सामना करना पड़ा। विवादित पोस्ट: दौरे के बाद उन्होंने X पर खुद को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बताते हुए इस्तीफे जैसा पोस्ट शेयर किया, जिसे सरकार पर व्यंग्य के रूप में देखा गया। FIR की मांग: पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने मुख्यमंत्री के पद और सरकारी लेटरहेड के कथित गलत इस्तेमाल का मुद्दा उठाते हुए FIR की मांग की। High Court की कार्रवाई: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बच्चों की मौत और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब किया। GD News Network सच, तथ्य और तेज़ खबरें अगर वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Subscribe जरूर करें। नोट: यह वीडियो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। मामले से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक घटनाक्रम आगे बदल सकते हैं।1
- EMI नहीं भरी तो इंसानियत की सारी हदें पार! गरीब युवक को 4 दिन तक बंधक बनाकर जबरन निकाला खून। EMI वसूली के नाम पर इंसानियत शर्मसार! लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि मोबाइल की बकाया EMI वसूलने के नाम पर मोबाइल दुकानदार और रिकवरी एजेंटों ने एक गरीब युवक को उसके गांव से अगवा कर लिया। परिजनों का आरोप है कि युवक को लखनऊ ले जाकर करीब चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और अस्पताल ले जाकर जबरन एक यूनिट खून निकलवाने का भी आरोप लगाया गया। मामला ग्राम पंचायत पुरहिया का बताया जा रहा है, जहां रहने वाले नेवल कुमार ने करीब एक साल पहले निगोहां की गीता मोबाइल शॉप से किस्त पर मोबाइल खरीदा था। आरोप है कि दो महीने बाद किस्त जमा न होने पर दुकानदार और कंपनी से जुड़े लोगों ने उसका मोबाइल छीन लिया था। पीड़ित के भाई राजकुमार ने वीडियो जारी कर पूरे मामले की जानकारी दी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या बकाया EMI की वसूली के नाम पर किसी इंसान के साथ ऐसी बर्बरता जायज हो सकती है? कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई कब होगी? आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताएं। #Lucknow #LucknowNews #Nigohan #CrimeNews #UPNews #RecoveryAgent #HumanRights1