जसवंतनगर में वीरांगना अवंतीबाई लोधी की जयंती मनाई गई: प्रेरणा स्थल पर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन जसवंतनगर ब्लॉक कार्यालय परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर रविवार को वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज मोंटी यादव ने अपने साथियों के साथ वीरांगना की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम के दौरान वीरांगना के शौर्य, साहस और देश की स्वतंत्रता के लिए दिए गए योगदान को याद किया गया। जसवंतनगर ब्लॉक कार्यालय परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर रविवार को वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज मोंटी यादव ने अपने साथियों के साथ वीरांगना की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम के दौरान वीरांगना के शौर्य, साहस और देश की स्वतंत्रता के लिए दिए गए योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज मोंटी यादव ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी भारतीय इतिहास की उन महान वीरांगनाओं में से हैं, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया। उनका जीवन देशभक्ति, स्वाभिमान और मातृभूमि के लिए त्याग की प्रेरणा देता है। उन्होंने नई पीढ़ी को वीरांगना अवंतीबाई लोधी जैसी महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान से परिचित कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। अनुज मोंटी यादव ने आगे बताया कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों के विरुद्ध रामगढ़ राज्य की ओर से मोर्चा संभाला था। उन्होंने अपने अदम्य साहस से अंग्रेजी सेना का मुकाबला किया। उनका संघर्ष केवल एक राज्य या क्षेत्र की रक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि वह स्वाधीनता और स्वाभिमान की लड़ाई का प्रतीक बन गया। गौरतलब है कि वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी का जन्म 16 अगस्त 1831 को हुआ था। उनकी जयंती प्रत्येक वर्ष 16 अगस्त को मनाई जाती है। उन्होंने अंग्रेजों की नीतियों का विरोध करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके साहस और बलिदान को आज भी देशभर में श्रद्धा के साथ याद किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस मौके पर क्षेत्र के अनेक लोग और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल भारत माता और वीरांगना अवंतीबाई लोधी के जयकारों से देशभक्तिमय बना रहा।
जसवंतनगर में वीरांगना अवंतीबाई लोधी की जयंती मनाई गई: प्रेरणा स्थल पर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन जसवंतनगर ब्लॉक कार्यालय परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर रविवार को वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज मोंटी यादव ने अपने साथियों के साथ वीरांगना की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम के दौरान वीरांगना के शौर्य, साहस और देश की स्वतंत्रता के लिए दिए गए योगदान को याद किया गया। जसवंतनगर ब्लॉक कार्यालय परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर रविवार को वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज मोंटी यादव ने अपने साथियों के साथ वीरांगना की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम के दौरान वीरांगना के शौर्य, साहस और देश की स्वतंत्रता के लिए दिए गए योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज मोंटी यादव ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी भारतीय इतिहास की उन महान वीरांगनाओं में से हैं, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया। उनका जीवन देशभक्ति, स्वाभिमान और मातृभूमि के लिए त्याग की प्रेरणा देता है। उन्होंने नई पीढ़ी को वीरांगना अवंतीबाई लोधी जैसी महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान से परिचित कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। अनुज मोंटी यादव ने आगे बताया कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों के विरुद्ध रामगढ़ राज्य की ओर से मोर्चा संभाला था। उन्होंने अपने अदम्य साहस से अंग्रेजी सेना का मुकाबला किया। उनका संघर्ष केवल एक राज्य या क्षेत्र की रक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि वह स्वाधीनता और स्वाभिमान की लड़ाई का प्रतीक बन गया। गौरतलब है कि वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी का जन्म 16 अगस्त 1831 को हुआ था। उनकी जयंती प्रत्येक वर्ष 16 अगस्त को मनाई जाती है। उन्होंने अंग्रेजों की नीतियों का विरोध करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके साहस और बलिदान को आज भी देशभर में श्रद्धा के साथ याद किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस मौके पर क्षेत्र के अनेक लोग और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल भारत माता और वीरांगना अवंतीबाई लोधी के जयकारों से देशभक्तिमय बना रहा।
- *संपत्ति बंटते ही रिश्ते हुए बेगाने! सैफई में बुजुर्ग की मौत के बाद अपनों ने नहीं दी अंतिम विदाई, रक्तदाता समूह ने निभाया फर्ज* पैसे की पहचान यहां इन्सान की कीमत कोई नहीं बच के निकल जा इस बस्ती से करता मुहब्बत कोई नहीं,यह कहावत उस समय शर्मशार हुईं जहां फिल्म "अवतार" की तरह रिश्तों को शर्मशार करने वाली सच्ची दर्दनाक कहानी सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में अस्पताल में कई दिनों से भर्ती जनपद एटा के एक कारोबारी राजकुमार सक्सेना उम्र 70 वर्ष को उसके संगे परिवारिक जनों ने नहीं दी अन्तिम विदाई। वहां मौजूद स्टाफ कर्मियों ने जब उनके बड़े बेटे से मोबाइल से सम्पर्क किया तो उसने बोला पिता से नहीं है कोई रिश्ता शव जलायें, बहायें या दफनाएं उन्हें कोई नहीं मतलब। यह घटना को देखकर वहां मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गये। जबकि मृतक के तीन बेटे एक बेटी व पत्नी थी। जो अपने बेटों के कहने पर नहीं हुई अन्तिम संस्कार में शामिल। इसकी सूचना रक्तदाता समूह के प्रमुख शरद तिवारी को हुई तो वह अपनी टीम के साथ सैफई अस्पताल आयें और उनके शव को एम्बुलेंस से इटावा यमुना घाट पर लाकर विधि-विधान से अंत्येष्ठि पर रखकर उनका अंतिम संस्कार किया गया। जबकि उनके पास काफी प्रापर्टी थी जो बेटों ने अपने नाम करा ली थी। मरते समय उनके पास कुछ नहीं था। इसलिए परिवार के सदस्यों ने मानवता को शर्मशार करते हुए उनका अंतिम संस्कार तक नहीं किया। यह घटना आने वाली पीढ़ियों से मां-बाप को सबक है कि पैसा है तो परिवार है वर्ना कुछ नहीं। एक बाप जीवन भर संघर्ष करते हुए अपने बच्चों की शिक्षा व परिवरिस में पूरा बोझ भार उठाता है। जब बच्चें काबिल हो जातें हैं तो वहीं बच्चें बूढ़े मां-बाप की सेवा करने के बजाय कन्नी काटने लगते हैं। जमाना बदल गया, कि आज के बच्चों में मां-बाप के लिए संस्कार व सम्मान नहीं है।1
- सत्ता परिवर्तन यात्रा मै बड़े भाई अभिषेक जाटव बहुजन शायर1
- न्यायाधीशों-कर्मचारियों और बच्चों ने लिया खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा भिंड। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश केएस बारिया के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिंड के सहयोग से ‘उल्लास : एक अभियान प्रायोग-2026’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। दो दिवसीय आयोजन में न्यायाधीशों,न्यायिक कर्मचारियों और उनके बच्चों के लिए विभिन्न खेल एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कार्यक्रम में बैडमिंटन, शतरंज, कैरम, फैंसी ड्रेस, क्विज, थैला दौड़, नींबू-चम्मच रेस, रंगोली, निबंध लेखन एवं ड्राइंग सहित कई प्रतियोगिताएं हुईं। इनमें न्यायिक परिवार के सदस्यों, न्यायाधीशों, कर्मचारियों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैडमिंटन में न्यायाधीश डॉ. मनोज कुमार गोयल और स्टेनो पीयूष बाजपेई की टीम विजेता रही, जबकि न्यायाधीश आकाश शर्मा एवं प्रतीक सक्सेना की टीम उपविजेता रही। शतरंज में अकाउंटेंट चंद्रेश नागराज ने पहला और विष्णु बरुआ ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। कैरम में अविनाश शर्मा एवं अजब सिंह की टीम विजेता तथा दीपक गौतम एवं अभिषेक गुप्ता की टीम उपविजेता रही।बच्चों की प्रतियोगिताओं में बैडमिंटन में अनिकेत गोयल विजेता और हार्दिक यादव उपविजेता रहे। शतरंज में कु. अवनी, कैरम में पार्थ ताम्रकार विजेता रहे। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में कु. अन्य गोयल ने प्रथम, कु. पारी ने द्वितीय और मोहम्मद अरसलान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। थैला दौड़ में अंकित राजावत तथा नींबू-चम्मच रेस में राम शरण पांडे विजेता रहे। रंगोली प्रतियोगिता में श्रीमती रेखा राजावत ने प्रथम स्थान हासिल किया। 9 वर्ष तक की आयु वर्ग की निबंध लेखन एवं ड्राइंग प्रतियोगिता में कु. अनाया गोयल विजेता रहीं। दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर 15 एवं 16 अगस्त को विजेता और उपविजेताओं को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री केएस बारिया एवं विशेष न्यायाधीश श्री मनोज कुमार तिवारी ने पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए। आयोजन को सफल बनाने में जिला रजिस्ट्रार/न्यायाधीश डॉ. मनोज कुमार गोयल का विशेष योगदान रहा। उन्होंने सभी न्यायाधीशों एवं कर्मचारियों की टीम बनाकर प्रतियोगिताओं के आयोजन की जिम्मेदारी संभाली और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- *भरथना/इटावा फ्लैश* *करोड़पति बुजुर्ग का दर्दनाक अंत, लावारिस हुई अंतिम यात्रा सैफई मेडिकल कॉलेज में 70 वर्षीय राजकुमार सक्सेना की इलाज के दौरान मौत। बताया जा रहा है कि कभी करोड़ों की संपत्ति और बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार था। करीब 20 साल पहले संपत्ति विवाद के बाद परिवार से रिश्ते टूटे। जिंदगी के आखिरी करीब 5 साल वृद्धाश्रमों में गुजारे। मौत के बाद परिवार का कोई सदस्य अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचा। 72 घंटे इंतजार के बाद रक्तदाता समूह और पुलिस के सहयोग से हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराया गया।1
- प्रशासन की तत्परता से स्टीमर में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला नगरा घाट पर चम्बल नदी मे सावरिओ भरे स्टीमर बहने के बाद पिनाहट घाट पर भी स्टीमर संचालन प्रशासन की तत्परता से स्टीमर में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला, चेहरों पर लौटी मुस्कान उफनती चंबल नदी के तेज बहाव में स्टीमर फंसने से उसमें सवार यात्रियों और कांवड़ियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद स्टीमर को अटेर क्षेत्र मे रोक लिया गया. जो नगरा घाट से बहा था फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सुरक्षित निकलने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। कुछ देर पहले जहां लोगों के चेहरों पर डर और चिंता साफ नजर आ रही थी, वहीं सुरक्षित बाहर आने के बाद उनके चेहरों पर मुस्कान लौट आई। प्रशासन की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। नगरा घाट पर चम्बल नदी मे सावरिओ भरे स्टीमर बहने के बाद पिनाहट घाट पर भी स्टीमर संचालन बंद कराया गया.थाना प्रभारी पिनाहट वीरेशपाल गिरी फोर्स के साथ मौजूद.3
- जसवंतनगर में युवक ने फांसी लगाकर जान दी: लुधपुरा मोहल्ले में घटना, पुलिस जांच में जुटी जसवंतनगर में युवक ने फांसी लगाकर जान दी: लुधपुरा मोहल्ले में घटना, पुलिस जांच में जुटी जसवंतनगर के मोहल्ला लुधपुरा में रविवार शाम एक 26 वर्षीय युवक ने अपने घर की छत पर बने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक काफी देर तक नीचे नहीं आया, जिसके बाद परिजनों ने ऊपर जाकर देखा तो वह फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने तुरंत युवक को फंदे से उतारा और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसवंतनगर ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 26 वर्षीय अभिषेक पुत्र सुमित कुमार जैन के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अभिषेक के पिता सुमित कुमार परचूनी की दुकान चलाते हैं और परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अभिषेक भी अपने पिता के साथ दुकान पर बैठता था। परिवार में अभिषेक के अलावा उसके 21 वर्षीय भाई चेतन जैन और 23 वर्षीय बहन नीशु जैन हैं। तीनों अविवाहित हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- बकेवर पुलिस को मिली बडी कामयाबी।अभियुक्त के पैर मे लगी गोली।1
- राहुल की गोली मारकर हत्या, एक आरोपी गिरफ्तार: पीपरीपुरा गांव में तनाव, आरोपियों के घर पुलिस तैनात राहुल की गोली मारकर हत्या, एक आरोपी गिरफ्तार: पीपरीपुरा गांव में तनाव, आरोपियों के घर पुलिस तैनात जसवंतनगर। थाना क्षेत्र के ग्राम पीपरीपुरा में शनिवार रात पुरानी रंजिश के चलते राहुल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद रविवार को भी गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस ने मामले में एक नामजद आरोपी रामा धार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घटना के बाद एहतियात के तौर पर पुलिस ने आरोपियों के घरों और घटनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। रविवार को दिनभर पुलिस की टीमें गांव में गश्त करती रहीं। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी। गांव में पुलिस बल की तैनाती के बीच सन्नाटा पसरा रहा। इधर, मृतक राहुल के घर पर परिजनों का दुखद स्थिति बनी हुई है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि राहुल की मौत से उन्हें गहरा सदमा लगा है। घटना के बाद से पूरे गांव में भी शोक का माहौल है। प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी ने जानकारी दी कि मृतक के चाचा की तहरीर के आधार पर चार नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में एक नामजद आरोपी रामा धार को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गांव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।1