ब्यावर जिले में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार, 5 जून को एक विशेष स्वीप गतिविधि 'एक पेड़ लोकतंत्र के नाम' का आयोजन किया गया। इस गतिविधि के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और हरित भविष्य के प्रति जनजागरूकता के साथ-साथ मतदाता जागरूकता का भी महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर कमल राम मीना के निर्देशों पर जिलेभर के विभिन्न राजकीय एवं निजी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, प्रतिष्ठानों, पेट्रोल पम्पों, पार्कों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थानीय प्रजातियों के छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश प्रसारित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आमजन ने सक्रिय रूप से भाग लेकर पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इसी अवसर पर, मतदाता पंजीकरण, मतदान के संवैधानिक अधिकार, नैतिक मतदान तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता के महत्व के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। विश्व पर्यावरण दिवस की वैश्विक थीम "Inspired by Nature: For Climate: For Our Future" के अनुरूप आयोजित इस गतिविधि ने पर्यावरण संरक्षण और नागरिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण और लोकतंत्र की मजबूती, दोनों ही जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही संभव हैं, जिसमें विभिन्न विभागों, संस्थाओं तथा आमजन की सक्रिय भागीदारी रही।
ब्यावर जिले में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार, 5 जून को एक विशेष स्वीप गतिविधि 'एक पेड़ लोकतंत्र के नाम' का आयोजन किया गया। इस गतिविधि के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और हरित भविष्य के प्रति जनजागरूकता के साथ-साथ मतदाता जागरूकता का भी महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर कमल राम मीना के निर्देशों पर जिलेभर के विभिन्न राजकीय एवं निजी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, प्रतिष्ठानों, पेट्रोल पम्पों, पार्कों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थानीय प्रजातियों के छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश प्रसारित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आमजन ने सक्रिय रूप से भाग लेकर पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इसी अवसर पर, मतदाता पंजीकरण, मतदान के संवैधानिक अधिकार, नैतिक मतदान तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता के महत्व के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। विश्व पर्यावरण दिवस की वैश्विक थीम "Inspired by Nature: For Climate: For Our Future" के अनुरूप आयोजित इस गतिविधि ने पर्यावरण संरक्षण और नागरिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण और लोकतंत्र की मजबूती, दोनों ही जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही संभव हैं, जिसमें विभिन्न विभागों, संस्थाओं तथा आमजन की सक्रिय भागीदारी रही।
- अजमेर जिले की पीसांगन पंचायत समिति के गोला ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 1 स्थित भाबियान मोहल्ले में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से स्थानीय निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, चांदमल पुत्र प्रभु द्वारा पानी निकासी के आम रास्ते पर पक्की दीवार बना देने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है, जिससे मोहल्ले में पानी जमा हो गया है। ग्रामीणों ने पीसांगन उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी सहित ग्राम पंचायत स्तर के सभी अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिए, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिससे अतिक्रमणकारी के हौसले बुलंद हो गए और मोहल्ले में पानी की निकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमणकारी के प्रभावशाली होने के कारण प्रशासन ने इस मामले में किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की है। पानी की निकासी न होने से मोहल्ले में विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। इसके साथ ही, आमजन को आवागमन में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है; बच्चों को स्कूल जाने, तथा ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों को अपने खेतों या अन्य कार्यों के लिए घर से बाहर निकलने के लिए जमा पानी में से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पानी निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।1
- राजस्थान के ब्यावर में राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त समिति ने कर्मचारियों से राजकीय अवकाशों तथा सप्ताहांत (शनिवार-रविवार) के दिनों में कार्य नहीं करवाने की मांग को लेकर राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर ब्यावर के माध्यम से अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मदत्त जाट को प्रस्तुत किया गया। यह ज्ञापन अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष जवरीलाल प्रजापत और महामंत्री विजय प्रकाश शर्मा के संयुक्त नेतृत्व में दिया गया। इसमें राज्य सरकार से मांग की गई है कि पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू होने के बावजूद विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को शनिवार एवं रविवार को भी कार्य करने के आदेश जारी किए जाते हैं, जिससे उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में विशेष रूप से राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारियों की समस्याओं का उल्लेख किया गया, जिन पर अतिरिक्त कार्यभार का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। कर्मचारियों ने मांग की है कि राजकीय अवकाशों एवं सप्ताहांत के दिनों में अनावश्यक रूप से कार्य कराने की परंपरा पर रोक लगाई जाए तथा सभी शासकीय कार्य निर्धारित कार्य दिवसों में ही संपादित किए जाएं। इस अवसर पर अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष जवरीलाल प्रजापत, महासंघ के महामंत्री एवं ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष विजय प्रकाश शर्मा, पटवार संघ के जिलाध्यक्ष मूलाराम भाटी, कृषि पर्यवेक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोविन्द तिवाड़ी, हुकमीचंद मिश्रा, बदाराम अनकिया, अर्जुनराम कुमावत, प्रदेश प्रतिनिधि विकास नायक, उपाध्यक्ष शंकर चौधरी, जिला महामंत्री महेंद्र रणवा, महिला जिलाध्यक्ष प्रतिभा शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष (जवाजा) गुड्डू मीणा, ब्लॉक अध्यक्ष (रायपुर) नरेंद्र कटारिया, मनोज राव, महावीर सेन, हेमराज, कृषि पर्यवेक्षक ममता, उत्तम काठात, कैलाश प्रजापत सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।1
- ग्राम लाम्पोलाई स्थित श्री श्याम गौशाला में आयोजित सप्त दिवसीय श्री भक्तमाल कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर कथावाचक पूज्य गुरुदेव सुखदेव महाराज ने पर्यावरण संरक्षण का एक विशेष संदेश दिया। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर महाराज ने प्रत्येक व्यक्ति से अपने घर, खेत, विद्यालय, गौशाला और सार्वजनिक स्थानों पर कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को पौधा लगाने के साथ उसकी अपने पुत्र की तरह देखभाल करने का भी संकल्प दिलाया, ताकि पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य सफलतापूर्वक हासिल हो सके। गुरुदेव के प्रेरणादायी संदेश से प्रभावित होकर, उपस्थित श्रद्धालुओं और गौभक्तों ने एक-एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि वृक्ष पर्यावरण की रक्षा और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ भविष्य का आधार हैं। पूज्य संत श्री सुखदेवजी महाराज कुचेरा के मुखारविंद से यह सप्त दिवसीय कथा की जा रही है। कथा के दौरान महिला श्रद्धालु भजनों पर नाचते-झूमते दिखीं, जबकि अन्य श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर सत्संग का आनंद लेते रहे। धार्मिक जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा। अपने प्रवचन में महाराज ने गौसेवा और मातृ-पितृ सेवा के महत्व पर भी प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि ये मनुष्य जीवन के सबसे बड़े पुण्य कार्यों में शामिल हैं, और जो व्यक्ति इनका पालन करता है, उसके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। श्री श्याम गौशाला समिति ने भी श्रद्धालुओं से गौसेवा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण अभियान में भाग लेने की अपील की। आयोजन समिति और ग्रामवासियों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल, छाया और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है।1
- उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में 5 जून, 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कई जागरूकता कार्यक्रम और गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस दौरान, रेल अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। मंडल रेल प्रबंधक श्री राजू भूतड़ा और महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने पौधारोपण करके पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री विकास बूरा और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजिनियर श्री मनोज मीणा सहित मंडल के अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सामूहिक रूप से पौधे लगाए। पर्यावरण संरक्षण थीम पर आधारित एक विशेष सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया था, जहाँ तस्वीरें क्लिक कर लोगों को जागरूक किया गया। प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से, श्री राजू भूतड़ा और श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को जूट के बैग भी वितरित किए। यह अभियान ब्यावर रेलवे स्टेशन और रेल कॉलोनी परिसर तक भी विस्तृत किया गया, जहाँ सघन पौधारोपण किया गया और यात्रियों व कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए पैंफलेट तथा जूट के बैग बांटे गए। उदयपुरसिटी रेलवे स्टेशन पर भी आने-जाने वाले यात्रियों को जूट के बैग दिए गए और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े पंपलेट बांटे गए, ताकि वे पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। स्टेशन पर यात्रियों और सफाई कर्मचारियों को पर्यावरण को स्वच्छ रखने की सामूहिक शपथ दिलाई गई और पर्यावरण सेल्फी पॉइंट पर यात्रियों को सेल्फी लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके अतिरिक्त, मंडल के मारवाड़ जं, भीलवाड़ा, मावली जं, और डूंगरपुर सहित अन्य स्टेशनों पर भी पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।1
- न्यारा ग्राम पंचायत में एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान विधायक रामस्वरूप लांबा ने लोगों को जल बचाने की शपथ दिलाई।1
- केकड़ी क्षेत्र में 26 मई 2026 को हुई एक कथित असामाजिक घटना को लेकर आज, 5 जून 2026 को, सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने इस घटना के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिससे क्षेत्र में व्याप्त तनाव और भय के माहौल को समाप्त किया जा सके। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 26 मई 2026 की सुबह लगभग 10 बजे, आरोप है कि रामपाल रेगर, रतन रेगर, बुद्धिप्रकाश रेगर, हेमराज रेगर, सांवरा, गोपाल, मुकेश, जगदीश, दिलखुश, दिनेश, राकेश, दीपक, रामलाल, राजू सहित 20-25 अन्य महिला एवं पुरुषों के एक समूह ने बालकृष्ण सिंह शक्तावत के आवास पर पहुंचकर कथित तौर पर विवाद उत्पन्न किया। इस दौरान, समूह पर बालकृष्ण सिंह शक्तावत की पुत्री ज्योति शक्तावत को धमकाने और क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा करने का आरोप है। यह भी आरोप लगाया गया है कि संख्या बल के आधार पर पूर्व में भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं, जिससे ग्रामीणों में असंतोष और भय का माहौल बना हुआ है। हस्तक्षेप करने पहुंचे अजीत सिंह शक्तावत, अभिजीत सिंह शक्तावत, हेमेन्द्र सिंह शक्तावत, राजू कुम्हार, देवकरण कुमावत समेत कई अन्य लोगों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इस घटना से सर्व समाज के लोगों में गहरा आक्रोश है। आज बड़ी संख्या में एकत्र हुए प्रतिनिधियों ने राजू, दीपक कुम्हार, भीम, महावीर, बनवारी, कालू, देवकरण कुमावत, रामकुंवार तेली, महावीर बलाई, बजरंग जैन, विमला देवी प्रजापत, सुगना कंवर, सीमा देवी, कौशल्या प्रजापत, सोना प्रजापत, चंचल कंवर, ज्योति शक्तावत, देवेन्द्र सिंह, दुर्गा सिंह, दशरथ सिंह, नरेन्द्र सिंह, जय सिंह, प्रद्युम्न सिंह, हरिराज सिंह, शक्तिराज सिंह, भूपेन्द्र सिंह, बहादुर सिंह, पवन सिंह, श्याम सिंह, ध्रुवराज सिंह, रविराज सिंह, शैतान सिंह, यदुनाथ सिंह, विजय सिंह, भवानी सिंह, अभिजीत सिंह, बालकृष्ण सिंह, मानवेंद्र सिंह, रविन्द्र सिंह पिपलाज, दशरथ सिंह भराई, धनराज सिंह प्रान्हेड़ा, निरंजन सिंह, भूपेन्द्र सिंह सापून्दा, दिग्विजय सिंह कन्नौज, भगवान सिंह निमोद, विक्रम सिंह नयावास, शंकर सिंह निमोद, करणी प्रताप सिंह प्रान्हेडा सहित कई ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।1
- पुलिस थाना बर ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के एक मामले में तीन महीने से फरार चल रहे एक ₹2,000 के इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। यह आरोपी, ताराचंद, थाना के टॉप-10 वांछित अपराधियों में भी शामिल था। यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस अजमेर रेंज राजेंद्र सिंह (आईपीएस) के आदेश और जिला पुलिस अधीक्षक ब्यावर रतन सिंह (आईपीएस) के निर्देशन में वांछित अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसका निकटतम सुपरविजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया तथा वृत्ताधिकारी रायपुर बंशीलाल पांडर (आरपीएस) एवं जयपाल सिंह (आरपीएस प्रोबेशनर) कर रहे हैं। दरअसल, यह पूरा मामला 1 मार्च 2026 का है, जब एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स चौकी पाली और पुलिस थाना रायपुर की संयुक्त टीम ने जस्साखेड़ा से कालब कला मार्ग पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए नाकाबंदी की थी। इस दौरान टाटा वाहन संख्या आरजे 27 सीएच 1177 में सवार ताराचंद पुत्र हरजीराम जाट और महेंद्र पुत्र रूपाराम जाट निवासी बेडकला पुलिस जाप्ते को देखकर वाहन को तेजी से भगाकर ले गए। पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर, दोनों आरोपी वाहन को रास्ते में छोड़कर एक एस्कॉर्ट कार में सवार होकर फरार हो गए। मौके पर छोड़े गए वाहन की तलाशी में 165.100 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद हुआ। इसी संबंध में प्रकरण संख्या 44/2026 धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसका अनुसंधान पुलिस थाना बर को सौंपा गया था। अनुसंधान के दौरान, फरार आरोपियों की लगातार तलाश की गई और पुलिस ने तकनीकी डाटा विश्लेषण तथा मुखबिर तंत्र से मिली सूचनाओं के आधार पर आरोपी ताराचंद की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी। पुख्ता जानकारी मिलने पर, पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ताराचंद पुत्र हरजीराम जाट (34 वर्ष) निवासी बैडकला, थाना जैतारण, जिला ब्यावर को गिरफ्तार कर लिया। उस पर पुलिस विभाग द्वारा ₹2,000 का इनाम भी घोषित था। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें प्रकरण संख्या 336/2023 में धारा 8/15 और 8/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना गोटन, जिला नागौर में मामला दर्ज होकर चार्जशीट पेश की जा चुकी है। इस गिरफ्तारी में उप निरीक्षक व थानाधिकारी पुलिस थाना बर पन्नालाल, कांस्टेबल गिरधारी (601) और कांस्टेबल महिपाल (543) की अहम भूमिका रही। पुलिस ने यह भी बताया कि जिले में फरार और वांछित अपराधियों की धरपकड़ का यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।1
- नागौर जिले के रियांबड़ी में पादूकलां पुलिस ने अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को लूणी नदी क्षेत्र से बजरी से लदी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कीं। पुलिस को सथाना से डोडियाना मार्ग पर अवैध बजरी परिवहन की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पादूकलां थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा के निर्देश पर रियांबड़ी पुलिस चौकी प्रभारी शंकर मीणा, सुरेश मेघवाल और मुकेश यादव सहित एक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध बजरी से भरे दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया और उन्हें पादूकलां पुलिस थाना परिसर में खड़ा करवाया गया है। इस मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई के लिए गोटन खनन विभाग को सूचित कर दिया गया है। खनन विभाग अब बजरी की वैधता और संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगा, जिसके उपरांत नियमानुसार जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और पुलिस मिल रही सूचनाओं के आधार पर विशेष निगरानी रख रही है। उन्होंने यह भी बताया कि लूणी नदी क्षेत्र में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और खनन विभाग मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अवैध बजरी खनन से नदी क्षेत्र के पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को क्षति पहुँचती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन और परिवहन में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- ब्यावर में 5 जून की बीती रात लगभग 2:30 बजे आए तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश ने रीको-III औद्योगिक क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अनुमान लगाया जा रहा है कि तूफान की तीव्रता 80-100 किमी प्रति घंटा रही होगी, जिसके कारण एक उद्योग इकाई का सोलर प्लांट मय स्ट्रक्चर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना से उद्योग को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तूफान इतना तीव्र था कि सोलर प्लांट में लगी लगभग 35 सोलर प्लेटें (पैनल) क्षतिग्रस्त हो गईं, जिनमें से कई अपनी जगह से उखड़कर टूट-बिखर गईं। इसके अलावा, उद्योग परिसर में लगा टिन शेड भी तेज हवाओं और सोलर के टूटने से क्षतिग्रस्त हो गया। औद्योगिक क्षेत्र की कई अन्य इकाइयों में भी नुकसान की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जबकि रातभर क्षेत्र में तेज गर्जना, बिजली चमकने और मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा। उद्योग प्रबंधन ने बताया है कि हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है। सौभाग्य से, इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मौसम विभाग ने पूर्व में ही तेज हवाओं और तूफान की चेतावनी जारी की थी, और आगामी दिनों में भी तेज हवाओं तथा बारिश की संभावना जताई है, जिसके मद्देनजर उद्योगों और आमजन को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।1