खामोशी से खामोश होती दहाड़, आखिर बाघों की मौत का कौन है जिम्मेदार,कंही छीन ना जाएं मध्यप्रदेश से टायगर प्रदेश का तमगा,,,,, बालाघाट व मंडला जिले के विश्व विख्यात कान्हा टाइगर रिजर्व से एक बेहद चिंताजनक और दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आ रही है…जहां जंगल का राजा…आज खुद सुरक्षित नहीं है… लगातार हो रही बाघों की मौत ने न सिर्फ वन विभाग पर सवाल खड़े कर दिए हैं… बल्कि अब आसपास के ग्रामीणों का दर्द भी खुलकर सामने आने लगा है… ग्रामीणों का कहना है…अगर यही हाल रहा…तो वो दिन दूर नहीं…जब सरही गेट पर ताला लटक जाएगा… और कान्हा टायगर रिजर्व की पहचान इतिहास बनकर रह जाएगी… कभी बाघों की दहाड़ से गूंजने वाला कान्हा टाइगर रिजर्व आज सवालों के सन्नाटे में घिरा हुआ है…इतिहास गवाह है…इतनी बड़ी संख्या में बाघों की मौत… पहले कभी नहीं हुई…सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि…पूरे रिजर्व में सबसे ज्यादा मौतें… सरही वन परिक्षेत्र में ही क्यों हो रही हैं…क्या ये महज संयोग है…या फिर लापरवाही की कोई बड़ी कहानी…ग्रामीणों का आरोप है कि…वन विभाग की अनदेखी और स्थानीय स्टाफ की लापरवाही…इन मासूम वन्य जीवों की जान पर भारी पड़ रही है… जबकि ग्रामीणों ने साफ शब्दों में मांग की है कि…सरही वन परिक्षेत्र का पूरा स्टाफ तुरंत बदला जाए…क्योंकि अगर यही हाल रहा…तो न सिर्फ बाघ बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था… और सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी…खतरे में पड़ जाएगी…अब बड़ा सवाल ये है…क्या वन विभाग समय रहते जागेगा…या फिर लापरवाही का ये सिलसिला…यूं ही चलता रहेगा मामले की गंभीरता को देखते हुए…प्रधान मुख्य वन्यप्राणी संरक्षक समिता राजौरा खुद सरही पहुंचीं…उन्होंने बाघों की मौत पर दुख जताया…और बताया कि अमाही बाघिन और उसके एक शावक को ट्रैंक्विलाइज कर…मुक्की वन परिक्षेत्र में इलाज के लिए भेजा गया है…
खामोशी से खामोश होती दहाड़, आखिर बाघों की मौत का कौन है जिम्मेदार,कंही छीन ना जाएं मध्यप्रदेश से टायगर प्रदेश का तमगा,,,,, बालाघाट व मंडला जिले के विश्व विख्यात कान्हा टाइगर रिजर्व से एक बेहद चिंताजनक और दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आ रही है…जहां जंगल का राजा…आज खुद सुरक्षित नहीं है… लगातार हो रही बाघों की मौत ने न सिर्फ वन विभाग पर सवाल खड़े कर दिए हैं… बल्कि अब आसपास के ग्रामीणों का दर्द भी खुलकर सामने आने लगा है… ग्रामीणों का कहना है…अगर यही हाल रहा…तो वो दिन दूर नहीं…जब सरही गेट पर ताला लटक जाएगा… और कान्हा टायगर रिजर्व की पहचान इतिहास बनकर रह जाएगी… कभी बाघों की दहाड़ से गूंजने वाला कान्हा टाइगर रिजर्व आज सवालों के सन्नाटे में घिरा हुआ है…इतिहास गवाह है…इतनी बड़ी संख्या में बाघों की मौत… पहले कभी नहीं हुई…सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि…पूरे रिजर्व में सबसे ज्यादा मौतें… सरही वन परिक्षेत्र में ही क्यों हो रही हैं…क्या ये महज संयोग है…या फिर लापरवाही की कोई बड़ी कहानी…ग्रामीणों का आरोप है कि…वन विभाग की अनदेखी और स्थानीय स्टाफ की लापरवाही…इन मासूम वन्य जीवों की जान पर भारी पड़ रही है… जबकि ग्रामीणों ने साफ शब्दों में मांग की है कि…सरही वन परिक्षेत्र का पूरा स्टाफ तुरंत बदला जाए…क्योंकि अगर यही हाल रहा…तो न सिर्फ बाघ बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था… और सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी…खतरे में पड़ जाएगी…अब बड़ा सवाल ये है…क्या वन विभाग समय रहते जागेगा…या फिर लापरवाही का ये सिलसिला…यूं ही चलता रहेगा मामले की गंभीरता को देखते हुए…प्रधान मुख्य वन्यप्राणी संरक्षक समिता राजौरा खुद सरही पहुंचीं…उन्होंने बाघों की मौत पर दुख जताया…और बताया कि अमाही बाघिन और उसके एक शावक को ट्रैंक्विलाइज कर…मुक्की वन परिक्षेत्र में इलाज के लिए भेजा गया है…
- बालाघाट व मंडला जिले के विश्व विख्यात कान्हा टाइगर रिजर्व से एक बेहद चिंताजनक और दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आ रही है…जहां जंगल का राजा…आज खुद सुरक्षित नहीं है… लगातार हो रही बाघों की मौत ने न सिर्फ वन विभाग पर सवाल खड़े कर दिए हैं… बल्कि अब आसपास के ग्रामीणों का दर्द भी खुलकर सामने आने लगा है… ग्रामीणों का कहना है…अगर यही हाल रहा…तो वो दिन दूर नहीं…जब सरही गेट पर ताला लटक जाएगा… और कान्हा टायगर रिजर्व की पहचान इतिहास बनकर रह जाएगी… कभी बाघों की दहाड़ से गूंजने वाला कान्हा टाइगर रिजर्व आज सवालों के सन्नाटे में घिरा हुआ है…इतिहास गवाह है…इतनी बड़ी संख्या में बाघों की मौत… पहले कभी नहीं हुई…सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि…पूरे रिजर्व में सबसे ज्यादा मौतें… सरही वन परिक्षेत्र में ही क्यों हो रही हैं…क्या ये महज संयोग है…या फिर लापरवाही की कोई बड़ी कहानी…ग्रामीणों का आरोप है कि…वन विभाग की अनदेखी और स्थानीय स्टाफ की लापरवाही…इन मासूम वन्य जीवों की जान पर भारी पड़ रही है… जबकि ग्रामीणों ने साफ शब्दों में मांग की है कि…सरही वन परिक्षेत्र का पूरा स्टाफ तुरंत बदला जाए…क्योंकि अगर यही हाल रहा…तो न सिर्फ बाघ बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था… और सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी…खतरे में पड़ जाएगी…अब बड़ा सवाल ये है…क्या वन विभाग समय रहते जागेगा…या फिर लापरवाही का ये सिलसिला…यूं ही चलता रहेगा मामले की गंभीरता को देखते हुए…प्रधान मुख्य वन्यप्राणी संरक्षक समिता राजौरा खुद सरही पहुंचीं…उन्होंने बाघों की मौत पर दुख जताया…और बताया कि अमाही बाघिन और उसके एक शावक को ट्रैंक्विलाइज कर…मुक्की वन परिक्षेत्र में इलाज के लिए भेजा गया है…1
- Post by Samarpit sahu1
- तहसील मुख्यालय कटंगी से सटी ग्राम पंचायत सेलवा की दर्जनों महिलाओं ने गुरूवार 30 अप्रैल को दोपहर डेढ़ बजे अनुविभागीय अधिकारी पुलिस विवेक कुमार शर्मा ने मुलाकात कर गांव के ही निवासी माता और पुत्र के खिलाफ शिकायत की है। अंजु रामटेके और हर्ष रामटेके पर गांव की महिलाओं ने यह आरोप लगाया गया है कि यह दोनों नशा मुक्ति अभियान की कार्रवाई में बाधा उत्पन्न कर रहे है और समिति की महिलाओं से गाली-गलौज कर पुरूषों को झूठे आरोप में फंसाने की धमकी देते है।1
- *पशु चिकित्सा शिविर का हुआ आयोजन* मध्यप्रदेश सरकार की क्षीर धारा ग्राम योजना के तहत आज पशु चिकित्सा लामटा के डाक्टरों द्वारा ग्राम पंचायत बुढ़िया गांव के ग्राम ढुटी में पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया जहां सर्व प्रथम दुधारू गाय का पुजन सरपंच लखन बघेल के हस्ते किया गया पशुपालकों को गाय से कैसे अच्छा दुग्ध उत्पादन किया जा सकता है इस संबंध में पशु-चिकित्सक ने जानकारी दी ,दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए पशुओं को पोषण आहार के साथ उचित मात्रा में विटामिन , मिनरल्स की दवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई साथ ही पशु स्वास्थ्य की जांच कर उचित दवाइयों का वितरण भी किया गया इस अवसर पर ग्राम ढुटी में लामटा पशु चिकित्सालय के डाक्टरों के साथ सरपंच लखन बघेल व ग्रामीण जनों की उपस्थिति रही ।1
- *अपनी ही सरकार की पोल खोल कर रख दिए सिवनी विधायक मुनमुनराय उपार्जन केंद्र में बड़ी लापरवाही* अरिहंत वेयरहाउस बघराज का मामला1
- चिखली में भीषण आग, पांच मकान जलकर खाक — ग्रामीणों का सब कुछ राख, मदद की गुहार सिवनी/चिखली : कुरई विकासखंड के ग्राम पंचायत सारसडोल अंतर्गत ग्राम चिखली में बुधवार दोपहर अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि खेतों की नरवाई से होते हुए सीधे गांव के मकानों तक पहुंच गई और देखते ही देखते चार मकान जलकर पूरी तरह खाक हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस आगजनी में कमलेश लांजेवर (पिता दिलीप लांजेवार), ज्ञानाबाई उइके (पति मंगलू), सुरेश कुमरे (पिता भैयालाल कुमरे), गणेश अरेवा (पिता खेमचंद) एवं मेती बाई मरकाम (पति रमा) के मकान जलकर नष्ट हो गए। आग में घरों का पूरा सामान, नगदी और जेवरात भी जलकर राख हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि आग इतनी भयावह थी कि लोग जैसे-तैसे जान बचाकर बाहर निकले, लेकिन अपने साथ कुछ भी नहीं ले जा सके। स्थिति यह है कि पीड़ित परिवारों के पास अब केवल वही कपड़े बचे हैं जो वे पहनकर बाहर निकले थे। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की। घटना की सूचना दमकल विभाग को दी गई, लेकिन फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक अधिकांश मकान जल चुके थे। बाद में दमकल की दो गाड़ियों ने पहुंचकर आग को पूरी तरह बुझाया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। एसडीएम प्रशांत उइके, नायब तहसीलदार एवं हल्का पटवारी द्वारा मौके पर पंचनामा कार्यवाही की गई। ग्राम पंचायत सारसडोल के सरपंच सतीश उइके ने बताया कि आग से पीड़ित परिवार पूरी तरह से बेघर हो गए हैं। उनके पास खाने-पीने और रहने तक की व्यवस्था नहीं बची है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि प्रभावितों को शीघ्र उचित मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जाए।1
- कोटपा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण आयोजित अधिकारियों-कर्मचारियों को दी गई विस्तृत जानकारी #सिवनी / स्वास्थ्य विभाग एवं नगरपालिका परिषद द्वारा नगरीय क्षेत्र में तंबाकू नियंत्रण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से मानस भवन, सिवनी में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA-2003) विषय पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं जिला नोडल अधिकारी (तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम) सहित नगर पालिका परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को COTPA-2003 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध, तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक तथा उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक प्रावधान शामिल हैं। म.प्र. वॉलन्ट्री एसोसिएशन, इंदौर के प्रतिनिधि श्री नयन पाण्डेय ने तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कानून के सख्त पालन की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण, चालानी कार्यवाही एवं जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नगरीय क्षेत्र में तंबाकू नियंत्रण को प्रभावी बनाया जा सकता है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में COTPA-2003 के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी से तंबाकू निषेध अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए शहर को तंबाकू मुक्त बनाने में सहयोग की अपील की गई।1
- गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान के साथ ही आगजनी की घटनाओं में ईजाफा देखने को मिल रहा है। बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट, कूड़े के ढेर, रिहायशी इलाकों और फसलों में आग लगने की प्रमुख घटनाएं बीते दिनों से लगातार सुनने और देखने को मिल रही है। जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। गुरूवार 30 अप्रैल को कटंगी तहसील क्षेत्र के ग्राम देवथाना में आगजनी की बड़ी घटना सामने आई है। यहां अज्ञात कारणों से मकान के सामने बनी दो सराव में भीषण आगजनी हुई है।1