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छतरपुर नगरपालिका की कार्यप्रणाली की पोल खुल गई है। डाकखाना के पास कचरे के कारण नाली पूरी तरह से जाम हो गई है, जिससे सड़क पर पानी भर गया है।
Bharat Junction News
छतरपुर नगरपालिका की कार्यप्रणाली की पोल खुल गई है। डाकखाना के पास कचरे के कारण नाली पूरी तरह से जाम हो गई है, जिससे सड़क पर पानी भर गया है।
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- छतरपुर जिले के ओरछा रोड थाना क्षेत्र के ग्राम देरी में खेत की जुताई को लेकर हुए एक पारिवारिक विवाद में 40 वर्षीय महिला कुसुम अहिरवार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। कुसुम अहिरवार ने बताया कि शुक्रवार को उनके जेठ और जेठानी से खेत की जुताई को लेकर झगड़ा हो गया था, जिसके बाद विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। घटना के उपरांत, घायल महिला ने ओरछा रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आज, 5 जुलाई को दोपहर करीब 4:00 बजे, जिला अस्पताल छतरपुर में महिला का मेडिकल परीक्षण कराया। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- छतरपुर नगरपालिका की कार्यप्रणाली की पोल खुल गई है। डाकखाना के पास कचरे के कारण नाली पूरी तरह से जाम हो गई है, जिससे सड़क पर पानी भर गया है।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बकस्वाहा के पाली गाँव में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ आकाशीय बिजली गिरने से दो किसानों की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद, ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक किसानों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।1
- सोशल मीडिया पर छतरपुर से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक छोटी बच्ची बार-बार एक महिला को 'मम्मी... मम्मी...' कहकर पुकार रही है। हालांकि, वीडियो में दिख रही महिला दावा कर रही है कि ये बच्चे उसके नहीं हैं। दूसरी ओर, महिला के पहले पति और उसके मायके पक्ष के कुछ लोगों का कहना है कि महिला की उम्र 27 वर्ष है और उसके दो बच्चे हैं, जबकि महिला स्वयं अपनी उम्र 21 वर्ष बता रही है। इन परस्पर विरोधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। यदि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोप सही हैं, तो सबसे बड़ा सवाल उन मासूम बच्चों के भविष्य और उनके अधिकारों को लेकर उठता है। वहीं, यदि यह मामला किसी पारिवारिक या कानूनी विवाद से जुड़ा है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होना भी उतना ही आवश्यक बताया गया है। यह पूरी स्थिति बच्चों के हित, कानूनी जांच, और अन्य पहलुओं में से किसे प्राथमिकता दी जाए, इस पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।1
- नगर परिषद पलेरा के वार्ड क्रमांक 4 में एक निर्माणाधीन सीसी सड़क को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। वार्डवासियों ने ठेकेदार पर सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन न करने और घटिया सामग्री का उपयोग करने के आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि ठेकेदार एस्टीमेट के विपरीत काम कर रहा है, और जब वार्डवासियों ने इसका विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले की लिखित शिकायत तहसीलदार और पलेरा थाना में दर्ज कराई गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क बनाने में घटिया गुणवत्ता की सीमेंट, कम मात्रा में गिट्टी और निम्न स्तर की रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण कार्य की गुणवत्ता से नाराज वार्डवासियों ने मौके पर ही काम रुकवा दिया और अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि यदि इसी तरह का निर्माण जारी रहा, तो सड़क जल्द ही खराब हो जाएगी और सरकारी धन का दुरुपयोग होगा। वार्डवासियों ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत और विरोध करने पर ठेकेदार ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी, जिससे लोगों में भय का माहौल है। पीड़ित वार्डवासियों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच करवाने और दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। इसके साथ ही, वार्डवासियों ने यह भी मांग की है कि सड़क का निर्माण निर्धारित मानकों और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से कराया जाए।1
- बल्देवगढ़ में समय पर स्कूल न खुलने का विरोध करने पर एक शिक्षक ग्रामीणों पर बुरी तरह भड़क गए। इस दौरान शिक्षक ने ग्रामीणों को अपशब्द कहे, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- टीकमगढ़ के छिपरी से सुंदर कुशवाहा सर ने 181 पर एक महिला शिक्षिका की शिकायत दर्ज कराई थी, जो एक बड़े घराने से आती हैं। शिकायत में कहा गया था कि वह शिक्षिका स्कूल में केवल दस्तखत करने आती हैं और बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाती नहीं हैं। इस शिकायत के बाद, स्कूल के प्रिंसिपल ने सुंदर सरजी को स्कूल बुलाया और महिला शिक्षिका के देवर से उन्हें पिटवा दिया। मारपीट के बाद, जब सुंदर सर अपनी शिकायत लेकर लिधोरा थाने पहुँचे, तो महिला शिक्षिका भी वहाँ पहुँच गईं और सुंदर कुशवाहा सर पर छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगा दिया, जिसे एक साज़िश का हिस्सा बताया गया है। अब सुंदर सर को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि शिक्षिका के परिजन शिकायतकर्ता की जान के पीछे पड़े हैं, जबकि बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल को सुचारू रूप से चलाने की मांग करना इतना बड़ा गुनाह बन गया है। इस गंभीर मामले में पुलिस अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है। हृदेश कुशवाहा, जो जिला पंचायत सदस्य, प्रांतीय कुशवाहा समाज टीकमगढ़ के जिलाध्यक्ष और आज़ाद समाज पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश महासचिव हैं, ने एसपी टीकमगढ़ से इस घटना का संज्ञान लेने और तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्यवाही करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो सुंदर सर और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए उन्हें आपका दरवाज़ा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।1