पंचकूला जिले के पिंजौर में एक व्यक्ति के साथ मारपीट की घटना में उसकी गंभीर चोटों के कारण मृत्यु हो गई, जिसकी सूचना पिंजौर पुलिस को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही थाना पिंजौर प्रभारी और पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें सीन ऑफ क्राइम टीम ने वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच के दौरान मृतक के पिता ने अपने बयान में बताया कि उनका बेटा जितेश मनोचा उर्फ किट्टू पिंजौर के मेन बाजार स्थित कपड़े की दुकान पर उनके साथ काम करता था। दोपहर लगभग 3:15 बजे, जब जितेश अपने एक परिचित की गाड़ी में बैठकर बात कर रहा था, तभी कुछ युवक अचानक वहां पहुंचे और उसे जबरन बाहर निकालकर डंडों तथा लात-घूंसों से मारना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आरोपी मौके से फरार हो गए, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल जितेश को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में थाना पिंजौर में प्राप्त शिकायत और जांच के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(3), 190 और 103(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता और डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में तत्काल दो विशेष टीमों का गठन किया गया। थाना पिंजौर प्रभारी इंस्पेक्टर बच्चू सिंह और डिटेक्टिव स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर निर्मल सिंह की अगुवाई में गठित इन टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए गुप्त सूचनाओं और तकनीकी इनपुट के आधार पर मात्र तीन घंटे के भीतर इस वारदात में शामिल चार मुख्य आरोपियों को काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनप्रीत सिंह उर्फ मनी निवासी गणेशपुर भौरिया, पिंजौर, रोहित मेहता उर्फ विक्की निवासी नंगल कालका, मनीष कुमार निवासी रतपुर कॉलोनी और खुशदीप सिंह उर्फ दिपी वासी मानकपुर ठाकुरदास के रूप में हुई है, ये सभी पंचकूला के निवासी हैं। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक जितेश मनोचा और आरोपी खुशदीप सिंह के बीच लगभग एक माह पहले दुकान के बाहर पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। उस समय दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी और थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, हालांकि बाद में आपसी समझौता हो गया था। लेकिन आरोपी खुशदीप ने इसी विवाद को लेकर रंजिश रखते हुए अपने साथियों के साथ मिलकर इस हमले की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी मनप्रीत उर्फ मनी के खिलाफ पहले भी लड़ाई-झगड़े के चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। जितेश मनोचा की हत्या की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। मामले में अन्य पहलुओं की जांच जारी है, और पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि इस अपराध में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाकर कठोर कार्रवाई की जाए।
पंचकूला जिले के पिंजौर में एक व्यक्ति के साथ मारपीट की घटना में उसकी गंभीर चोटों के कारण मृत्यु हो गई, जिसकी सूचना पिंजौर पुलिस को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही थाना पिंजौर प्रभारी और पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें सीन ऑफ क्राइम टीम ने वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच के दौरान मृतक के पिता ने अपने बयान में बताया कि उनका बेटा जितेश मनोचा उर्फ किट्टू पिंजौर के मेन बाजार स्थित कपड़े की दुकान पर उनके साथ काम करता था। दोपहर लगभग 3:15 बजे, जब जितेश अपने एक परिचित की गाड़ी में बैठकर बात कर रहा था, तभी कुछ युवक अचानक वहां पहुंचे और उसे जबरन बाहर निकालकर डंडों तथा लात-घूंसों से मारना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आरोपी मौके से फरार हो गए, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल जितेश को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में थाना पिंजौर में प्राप्त शिकायत और जांच के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(3), 190 और 103(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता और डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में तत्काल दो विशेष टीमों का गठन किया गया। थाना पिंजौर प्रभारी इंस्पेक्टर बच्चू सिंह और डिटेक्टिव स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर निर्मल सिंह की अगुवाई में गठित इन टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए गुप्त सूचनाओं और तकनीकी इनपुट के आधार पर मात्र तीन घंटे के भीतर इस वारदात में शामिल चार मुख्य आरोपियों को काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनप्रीत सिंह उर्फ मनी निवासी गणेशपुर भौरिया, पिंजौर, रोहित मेहता उर्फ विक्की निवासी नंगल कालका, मनीष कुमार निवासी रतपुर कॉलोनी और खुशदीप सिंह उर्फ दिपी वासी मानकपुर ठाकुरदास के रूप में हुई है, ये सभी पंचकूला के निवासी हैं। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक जितेश मनोचा और आरोपी खुशदीप सिंह के बीच लगभग एक माह पहले दुकान के बाहर पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। उस समय दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी और थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, हालांकि बाद में आपसी समझौता हो गया था। लेकिन आरोपी खुशदीप ने इसी विवाद को लेकर रंजिश रखते हुए अपने साथियों के साथ मिलकर इस हमले की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी मनप्रीत उर्फ मनी के खिलाफ पहले भी लड़ाई-झगड़े के चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। जितेश मनोचा की हत्या की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। मामले में अन्य पहलुओं की जांच जारी है, और पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि इस अपराध में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाकर कठोर कार्रवाई की जाए।
- कैपिटल सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के चौथे स्थापना दिवस के अवसर पर क्षेत्र के पहले अत्याधुनिक PET-CT सेंटर का शिलान्यास किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ABVMU लखनऊ के कुलपति डॉ. संजीव मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में और भाजपा यमुनानगर के जिला अध्यक्ष राजेश सपरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसी अवसर पर, पहले कैपिटल ऑन्कोलॉजी शिखर सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। डॉ. कुलजिंदर सोढ़ी, डॉ. मनप्रीत कौर जस्सल और डॉ. शालिनी सिंह सहित अन्य विशेषज्ञों ने इस सम्मेलन के माध्यम से कैंसर उपचार और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान की।1
- हाल ही में, इंस्टाग्राम रील बनाने के जुनून में एक युवक बाल-बाल बच गया। युवक रील बनाने के प्रयास में किसी जोखिम भरी स्थिति में फंस गया था, लेकिन वह किसी बड़ी दुर्घटना का शिकार होने से सौभाग्य से बच गया।1
- हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 7 जून को आयोजित होने वाली राज्य पात्रता परीक्षा (SET)-2026 के सफल और निष्पक्ष आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक बैठक कर इन व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर में कुल 9 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां 2175 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। पहला सत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगा, जबकि दूसरा सत्र दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित है। प्रथम सत्र के लिए परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार सुबह 10:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थियों को अपने प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र साथ लाने तथा परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्रों में प्रतिबंधित रहेंगे। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा जांच और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की है।1
- एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 16 साल की अनीता की हत्या अवैध संबंधों के चलते की गई। पुलिस को एक जंगल से अनीता का कंकाल बरामद हुआ है। जानकारी के अनुसार, इस वारदात को 23 साल के एक युवक ने अंजाम दिया, जिसने अनीता की हत्या करने के बाद उसके शव को एक सूटकेस में डाला और फिर जंगल में ले जाकर आग लगा दी।1
- सहारनपुर के थाना कुतुबशेर क्षेत्र की हाक्कम शाह कॉलोनी निवासी महबूब खान ने मारपीट के एक मामले में न्याय न मिलने पर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। महबूब खान के अनुसार, 7 मई को उनके घर के बाहर बच्चों को गालियां देने का विरोध करने पर पड़ोस के कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और घर में तोड़फोड़ भी की। इस हमले में उनकी गर्भवती पुत्रवधू भी घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। पीड़ित ने दावा किया है कि इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और उनके पुत्र को शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को यह गलत जानकारी दी कि मामले में कार्रवाई की जा चुकी है। महबूब खान ने मुख्यमंत्री से इस मामले में निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने के कारण आरोपी लगातार उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।1
- हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला नाय में शिक्षकों की गंभीर कमी के चलते ग्रामीणों ने सरकार और शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में कुल 36 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक के कंधों पर है, जिससे इन बच्चों की पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पहले स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम थी, परंतु ग्रामीणों के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप लगभग 20 बच्चों को निजी विद्यालयों से निकालकर सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाया गया था। इसके बावजूद, स्कूल में अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे एक शिक्षक के लिए सभी कक्षाओं को संभालना बेहद कठिन हो गया है। इस स्थिति का सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है और ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो इन बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने हिमाचल प्रदेश सरकार और शिक्षा मंत्री Rohit Thakur से पुरजोर मांग की है कि नाय स्कूल में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि 36 बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस महत्वपूर्ण मांग पर कब तक कार्रवाई करता है।1
- यमुनानगर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ 'ऑपरेशन मैदान 2.0' के तहत गांव सारण में एक बड़ी छापेमारी को अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई में 150 पुलिसकर्मी शामिल थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक बेरोजगार युवक के पास से 10 लाख रुपये से अधिक की रकम बरामद की है। इसके अतिरिक्त, एक अन्य युवक के घर से भी 60,000 रुपये की पुरानी करेंसी जब्त की गई।1
- बिलासपुर में भाजपा ने पंचायती राज चुनावों के परिणामों को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा निशाना साधा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि चुनावी नतीजों से कांग्रेस पूरी तरह से बौखला गई है, और इसी बौखलाहट के कारण मुख्यमंत्री तथा सरकार के मंत्री जिला परिषदों एवं अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। बिलासपुर नगर के सर्किट हाउस में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जिला परिषदों के खिलाफ दिया गया बयान उनकी बौखलाहट का ही परिचायक है। उन्होंने राजस्व मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे भी इतने विचलित हो गए हैं कि जय श्री राम के नारे लगाने को गलत ठहरा रहे हैं, जो उचित नहीं है। रणधीर शर्मा ने चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रदेश के कुल 250 जिला परिषद वार्डों में से भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 144 वार्डों पर शानदार जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस केवल 56 वार्डों तक ही सिमट कर रह गई। इसी प्रकार, 1769 पंचायत समिति सीटों में से भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 1109 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को मात्र 477 सीटों पर सफलता मिली। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के चार नगर निगमों में से तीन पर भाजपा ने जीत दर्ज की है, और 47 नगर परिषदों में से 30 में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है। रणधीर शर्मा ने इन प्रभावशाली चुनावी परिणामों को भाजपा के एकजुट नेतृत्व, संगठन की मजबूती और जनता के गहरे विश्वास का सीधा परिणाम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस की नीतियों और कार्यप्रणाली को पूरी तरह से नकार दिया है, और भाजपा के पक्ष में अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है। इस प्रेस वार्ता के दौरान जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्ण लाल चंदेल और भाजपा जिला प्रवक्ता सोनल शर्मा सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- तुंगनाथ क्षेत्र में एक घोड़ा चालक और एक यात्री के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें हरियाणा से आए 19 वर्षीय एक युवक पर घोड़ा चालक के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि इस युवक ने अपने हाथ में पहने कड़े का इस्तेमाल कर चालक के सिर पर वार कर दिया। इस हमले में घोड़ा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से खून बहने लगा, जिसके बाद उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई है। इस मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस द्वारा जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।1