हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला नाय में शिक्षकों की गंभीर कमी के चलते ग्रामीणों ने सरकार और शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में कुल 36 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक के कंधों पर है, जिससे इन बच्चों की पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पहले स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम थी, परंतु ग्रामीणों के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप लगभग 20 बच्चों को निजी विद्यालयों से निकालकर सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाया गया था। इसके बावजूद, स्कूल में अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे एक शिक्षक के लिए सभी कक्षाओं को संभालना बेहद कठिन हो गया है। इस स्थिति का सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है और ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो इन बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने हिमाचल प्रदेश सरकार और शिक्षा मंत्री Rohit Thakur से पुरजोर मांग की है कि नाय स्कूल में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि 36 बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस महत्वपूर्ण मांग पर कब तक कार्रवाई करता है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला नाय में शिक्षकों की गंभीर कमी के चलते ग्रामीणों ने सरकार और शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में कुल 36 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक के कंधों पर है, जिससे इन बच्चों की पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पहले स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम थी, परंतु ग्रामीणों के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप लगभग 20 बच्चों को निजी विद्यालयों से निकालकर सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाया गया था। इसके बावजूद, स्कूल में अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे एक शिक्षक के लिए सभी कक्षाओं को संभालना बेहद कठिन हो गया है। इस स्थिति का सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है और ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो इन बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने हिमाचल प्रदेश सरकार और शिक्षा मंत्री Rohit Thakur से पुरजोर मांग की है कि नाय स्कूल में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि 36 बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस महत्वपूर्ण मांग पर कब तक कार्रवाई करता है।
- मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने 20 बीघा तक सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को नियमित करने के लिए एक नीति तैयार कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजी है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर भर्तियां होंगी और हिमकेयर योजना का कवरेज भी बढ़ाया जाएगा। कैबिनेट ने भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों की मानवीय चिंताओं को ध्यान में रखते हुए ‘रेगुलराइजेशन पॉलिसी-2026’ को मंजूरी दी है। इस नीति के तहत, आवासीय, कृषि और बागवानी उद्देश्यों के लिए कब्जे वाली 20 बीघा तक सरकारी जमीन को नियमित किया जाएगा। यह पॉलिसी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर आधारित है और इसे भारत सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, जिन 6356 किसानों की जमीन नीलामी पर है, उनके 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर 50% ब्याज का वहन सरकार करेगी। कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले हुए हैं, जैसे स्टडी लीव पर जाने वाले कर्मचारियों को पूरी सैलरी मिलेगी और 31 मार्च 2026 तक 7 साल पूरे करने वाले अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाया जाएगा। जॉब ट्रेनी को 15 दिन का पितृत्व अवकाश भी मिलेगा। उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग में 300 मेडिकल ऑफिसर, 250 मल्टी टास्क वर्कर, 200 स्टाफ नर्स, 76 ओटीए, 36 रेडियोग्राफर और 50 लैब टेक्नीशियन के पद भरे जाएंगे। मेडिकल कॉलेजों में भी 75 असिस्टेंट प्रोफेसर के नए पद सृजित होंगे। सरकाघाट अस्पताल की क्षमता 100 से बढ़ाकर 150 बेड और बद्दी अस्पताल 200 बेड का होगा। मनपुरा में पीएचसी और मंजहेली में सब-सेंटर खोलने का भी निर्णय लिया गया है। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चौथे चरण में ई-बसों पर 50% और डीजल बसों पर 30% सब्सिडी मिलेगी। भर्ती निदेशालय में वर्क इंस्पेक्टर के 400 पदों पर भी भर्ती की जाएगी। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (HPSSC) हमीरपुर के 80 पोस्ट कोड के विज्ञापन वापस ले लिए गए हैं और संबंधित 4.27 करोड़ रुपये की फीस लौटाई जाएगी। हिमकेयर योजना को अब बीमा मोड में संचालित किया जाएगा, जिसमें पात्र लाभार्थियों को 7 लाख से 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। भेड़ पालकों और गद्दी समुदाय के लिए ‘ग्रेजिंग पॉलिसी-2026’ को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत वन और पशुपालन विभाग एक संयुक्त पोर्टल बनाएगा जिससे वास्तविक समय में परमिट प्राप्त हो सकेंगे। ट्रैक्टर से घरेलू उपयोग के लिए खनिज ले जाने पर कंपाउंडिंग फीस 4500 रुपये से घटाकर 500 रुपये की गई है। शूलिनी मेले को राष्ट्रीय स्तर का, मान शिव शक्ति जातर मेला छतराड़ी और कथगढ़ शिवरात्रि मेले को राज्य स्तरीय दर्जा दिया गया है, जबकि अर्की क्षेत्र के बाडीधार मेले को जिला स्तरीय घोषित किया गया है। इसके अलावा, जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू के 15 अग्नि प्रभावित परिवारों को 7-7 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। मल्टी टास्क वर्कर भर्ती को केंद्रीकृत करने के लिए डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया जाएगा।2
- हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 7 जून को आयोजित होने वाली राज्य पात्रता परीक्षा (SET)-2026 के सफल और निष्पक्ष आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक बैठक कर इन व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर में कुल 9 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां 2175 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। पहला सत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगा, जबकि दूसरा सत्र दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित है। प्रथम सत्र के लिए परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार सुबह 10:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थियों को अपने प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र साथ लाने तथा परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्रों में प्रतिबंधित रहेंगे। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा जांच और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की है।1
- देशभर में घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी कर दी गई है। यह वृद्धि पिछले तीन महीनों में दूसरी बार की गई है, जिसके परिणामस्वरूप आम जनता की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।1
- पिंजौर के चर्चित जितेश मनोचा उर्फ किट्टू हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार शाम को पुलिस ने गिरफ्तार किए गए चार मुख्य आरोपियों को क्राइम सीन रीक्रिएशन और निशानदेही के लिए घटनास्थल पर पिंजौर मुख्य बाजार में लाया। इस दौरान जितेश मनोचा के हत्यारोपियों को गंजा करके घुमाया गया, जिसकी सूचना फैलते ही सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए और बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी। पुलिस ने आरोपी मनप्रीत सिंह उर्फ मनी निवासी गणेशपुर भौरिया, रोहित मेहता उर्फ विक्की निवासी नंगल, मनीष कुमार निवासी रतपुर कॉलोनी, और खुशदीप सिंह उर्फ दीपी निवासी मानकपुर ठाकुरदास को कड़ी सुरक्षा के बीच बाजार में घुमाकर वारदात से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। गौरतलब है कि 5 जून को पिंजौर मुख्य बाजार में दिनदहाड़े कुछ नकाबपोश हमलावरों ने डंडों से पीट-पीटकर जितेश मनोचा उर्फ किट्टू की हत्या कर दी थी। घटना के समय जितेश अपने मित्र मोहित के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठा हुआ था, तभी हमलावरों ने उसे गाड़ी से बाहर निकालकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए उसी शाम चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, मामले में शामिल अन्य हमलावर अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से पूरे पिंजौर क्षेत्र में रोष और भय का माहौल है। मृतक के परिजन और स्थानीय लोग मामले में शामिल सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के भीतर एक अहम विवाद सामने आया है, जहाँ नीरज भारती ने अपनी ही सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया है। इस पूरे मामले पर कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने अपने बेटे नीरज भारती को लेकर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने नीरज भारती के इस्तीफे और आरोपों पर 'दो टूक' बात करते हुए कहा, "जब बाप का जूता बेटे को आने लगे तो समझाना मुश्किल होता है।" मंत्री चंद्र कुमार ने पार्टी में बढ़ते अनुशासनहीनता और सोशल मीडिया पर हो रहे 'वार-पलटवार' पर भी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की मजबूती केवल और केवल अनुशासन से ही होती है, और ऐसे घटनाक्रमों पर उन्होंने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।1
- Post by Gautam Kumar1
- अम्बाला में एक ठेकेदार ने गली की मरम्मत के लिए सड़क खोद दी, लेकिन काम पूरा किए बिना ही चला गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह गली 28 अप्रैल, 2026 को खोदी गई थी और आज 7 जून, 2026 हो गई है, पर इसे ठीक करने के लिए अभी तक कोई नहीं आया है। इस मामले में नागरिकों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है, और उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस सड़क की दुर्दशा पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।1
- हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगे हैं कि राज्य कांग्रेस हाईकमान का एटीएम बन गया है। ये आरोप नीरज भारती द्वारा लगाए गए थे, जिसके बाद राजेंद्र राणा ने भी सुक्खू सरकार पर एक बड़ा हमला बोला है।1