लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में मंगलवार को मनरेगा सभागार में 'एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण और जागरूकता कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 'सहभागिता से समृद्धि' के संकल्प के साथ संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास को नई दिशा देना और इसे एक ऐतिहासिक कदम के रूप में बताया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा नीरज कुमार और लेखपाल मनीष कुमार ने किया। इस मिशन को चार मुख्य स्तंभों पर आधारित बताया गया, जिन पर मिलकर काम करने की योजना है। इनमें हर ग्रामीण परिवार को गांव में ही रोजगार की गारंटी देकर पलायन रोकना, केवल मजदूरी तक सीमित न रहकर कौशल विकास और स्वरोजगार के माध्यम से आजीविका में वृद्धि करना, सशक्त पंचायत और समृद्ध गांवों का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना, और महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर समाज में उन्हें सम्मान दिलाते हुए सशक्त करना शामिल है। प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि योजना का सीधा लक्ष्य 'हर हाथ को काम और हर गांव को विकास' देना है, जिससे खेती-किसानी तथा अन्य स्थायी आय के साधनों से सबका जीवन बेहतर बन सके। "सहभागिता से समृद्धि" को इस मिशन का मूलमंत्र बताते हुए कहा गया कि आपसी भागीदारी और पारदर्शिता से ही इस संकल्प को जमीन पर उतारा जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे रामगढ़ चौक प्रखंड के हर गांव को एक 'विकसित गांव' बनाएंगे और बिहार को प्रगति के पथ पर आगे ले जाएंगे। इस अवसर पर प्रखंड के सभी जनप्रतिनिधि, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और दर्जनों सामाजिक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस दौरान "हमारा संकल्प - विकसित गाँव, विकसित बिहार, विकसित भारत!" का नारा भी दिया गया।
लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में मंगलवार को मनरेगा सभागार में 'एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण और जागरूकता कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 'सहभागिता से समृद्धि' के संकल्प के साथ संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास को नई दिशा देना और इसे एक ऐतिहासिक कदम के रूप में बताया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा नीरज कुमार और लेखपाल मनीष कुमार ने किया। इस मिशन को चार मुख्य स्तंभों पर आधारित बताया गया, जिन पर मिलकर काम करने की योजना है। इनमें हर ग्रामीण परिवार को गांव में ही रोजगार की गारंटी देकर पलायन रोकना, केवल मजदूरी तक सीमित न रहकर कौशल विकास और स्वरोजगार के माध्यम से आजीविका में वृद्धि करना, सशक्त पंचायत और समृद्ध गांवों का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना, और महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर समाज में उन्हें सम्मान दिलाते हुए सशक्त करना शामिल है। प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि योजना का सीधा लक्ष्य 'हर हाथ को काम और हर गांव को विकास' देना है, जिससे खेती-किसानी तथा अन्य स्थायी आय के साधनों से सबका जीवन बेहतर बन सके। "सहभागिता से समृद्धि" को इस मिशन का मूलमंत्र बताते हुए कहा गया कि आपसी भागीदारी और पारदर्शिता से ही इस संकल्प को जमीन पर उतारा जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे रामगढ़ चौक प्रखंड के हर गांव को एक 'विकसित गांव' बनाएंगे और बिहार को प्रगति के पथ पर आगे ले जाएंगे। इस अवसर पर प्रखंड के सभी जनप्रतिनिधि, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और दर्जनों सामाजिक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस दौरान "हमारा संकल्प - विकसित गाँव, विकसित बिहार, विकसित भारत!" का नारा भी दिया गया।
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में मंगलवार को मनरेगा सभागार में 'एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण और जागरूकता कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 'सहभागिता से समृद्धि' के संकल्प के साथ संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास को नई दिशा देना और इसे एक ऐतिहासिक कदम के रूप में बताया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा नीरज कुमार और लेखपाल मनीष कुमार ने किया। इस मिशन को चार मुख्य स्तंभों पर आधारित बताया गया, जिन पर मिलकर काम करने की योजना है। इनमें हर ग्रामीण परिवार को गांव में ही रोजगार की गारंटी देकर पलायन रोकना, केवल मजदूरी तक सीमित न रहकर कौशल विकास और स्वरोजगार के माध्यम से आजीविका में वृद्धि करना, सशक्त पंचायत और समृद्ध गांवों का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना, और महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर समाज में उन्हें सम्मान दिलाते हुए सशक्त करना शामिल है। प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि योजना का सीधा लक्ष्य 'हर हाथ को काम और हर गांव को विकास' देना है, जिससे खेती-किसानी तथा अन्य स्थायी आय के साधनों से सबका जीवन बेहतर बन सके। "सहभागिता से समृद्धि" को इस मिशन का मूलमंत्र बताते हुए कहा गया कि आपसी भागीदारी और पारदर्शिता से ही इस संकल्प को जमीन पर उतारा जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे रामगढ़ चौक प्रखंड के हर गांव को एक 'विकसित गांव' बनाएंगे और बिहार को प्रगति के पथ पर आगे ले जाएंगे। इस अवसर पर प्रखंड के सभी जनप्रतिनिधि, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और दर्जनों सामाजिक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस दौरान "हमारा संकल्प - विकसित गाँव, विकसित बिहार, विकसित भारत!" का नारा भी दिया गया।1
- लखीसराय के नगर थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर परिसर में आगामी श्रावणी मेला के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने की। बैठक में अशोक धाम मंदिर ट्रस्ट के डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा और डॉ. कुमार अमित सहित अन्य ट्रस्ट सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान श्रावणी मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं, बैरिकेडिंग और पार्किंग जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने ट्रस्ट के सदस्यों से मेले की तैयारियों और आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और सभी व्यवस्थाएँ समय रहते पूरी कर ली जाएँ। इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, एसटीपीओ शिवम कुमार समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- लखीसराय जिले के बडहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत दरियापुर गांव में कुछ दबंग लोगों ने कथित तौर पर सड़क निर्माण के उद्देश्य से किसानों के खेतों में जबरन मिट्टी भर दी है। इस मनमानी के खिलाफ प्रभावित किसानों ने सामूहिक रूप से आवेदन देकर जिला पदाधिकारी लखीसराय शैलेंद्र कुमार से न्याय की गुहार लगाई है। किसानों ने जिलाधिकारी को दिए अपने आवेदन में यह गंभीर चिंता व्यक्त की है कि यदि उनकी खेत की जमीन ही नहीं रहेगी, तो वे लोग वहां रहकर क्या करेंगे।1
- लखीसराय जिले के किउल-झाझा रेलखंड के भलुई ब्लॉक हॉल्ट के समीप मंगलवार सुबह करीब 8:20 बजे 12316 डाउन अनन्या एक्सप्रेस बीच रास्ते में रुक गई। यह घटना डाउन रेलवे लाइन में बिजली के तार में आई तकनीकी खराबी के कारण हुई, जिससे यात्रियों को लगभग 30 मिनट तक परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेन 49 नंबर रेलवे फाटक और भलुई ब्लॉक हॉल्ट के बीच खड़ी रही। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया और एक तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। भलुई ब्लॉक हॉल्ट के स्टेशन मास्टर दशरथ प्रसाद ने बताया कि डाउन लाइन के ओवरहेड बिजली के तार में खराबी आने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेन को रोका गया था। तकनीकी कर्मियों ने तत्काल मरम्मत का काम शुरू कर दिया। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई, जिसके बाद अनन्या एक्सप्रेस को उसके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। इस दौरान डाउन रेलखंड पर कुछ अन्य ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी स्थिति में ट्रेन संचालन रोकना आवश्यक होता है।1
- जमुई जिले के खैरा प्रखंड के खुटौना गांव स्थित मां काली मंदिर में नौ दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का भव्य शुभारंभ एक कलश यात्रा के साथ किया गया। इस अवसर पर 501 सुहागिन महिलाओं और कन्याओं ने कलश यात्रा में भाग लिया, जिससे ढोल-नगाड़ों और 'जय मां काली' के जयघोष से पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। यह कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू हुई और नारियाना क्यूल नदी घाट तक पहुंची, जहाँ महिलाओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल भरकर यज्ञ स्थल पर वापसी की। यज्ञाचार्य दीपक पांडेय के मार्गदर्शन में विधि-विधान से कलश स्थापना और संकल्प की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इस महायज्ञ में बजरंगी रावत अपनी धर्मपत्नी के साथ यजमान के रूप में पूजा-अर्चना में शामिल हुए। आयोजकों ने बताया कि अगले नौ दिनों तक प्रतिदिन पूजा-पाठ, हवन, धार्मिक अनुष्ठान और प्रवचन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।1
- जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड अंतर्गत नजारी पंचायत के वार्ड संख्या पाँच में सोमवार रात गैस सिलेंडर से लगी आग की चपेट में आने से 65 वर्षीय महिन्द्र राम की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में उन्हें बचाने गए उनके नाती रौशन कुमार भी घायल हो गए। बताया जाता है कि महिन्द्र राम रसोई में पानी गर्म करने के लिए गैस चूल्हा जलाने पहुंचे थे, तभी गैस रिसाव के कारण अचानक आग भड़क उठी। आग की लपटों से घबराकर वे रसोई के अंदर ही फंस गए और बाहर नहीं निकल सके, जिसके बाद आग ने पूरे रसोईघर और छत पर रखी लकड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों के सहयोग, लक्ष्मीपुर पुलिस की तत्परता और अग्निशमन दल की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक महिन्द्र राम की मौत हो चुकी थी। परिजनों के अनुसार, गैस सिलेंडर में पहले से रिसाव था, जिससे यह हादसा हुआ। महिन्द्र राम लक्ष्मीपुर चौक पर बीज और सब्जियां बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके निधन से पूरे गांव में शोक का माहौल है, और बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।1