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छत्तीसगढ़ के मैनपाट में एक बाइकर्स गैंग का आतंक फैल गया है, जिसके कारण क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों में भारी दहशत देखी जा रही है। इस गैंग की गतिविधियों ने पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

1 hr ago
user_Suraj Gupta
Suraj Gupta
सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
1 hr ago

छत्तीसगढ़ के मैनपाट में एक बाइकर्स गैंग का आतंक फैल गया है, जिसके कारण क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों में भारी दहशत देखी जा रही है। इस गैंग की गतिविधियों ने पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी संकल्प के साथ, देश में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी ने दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए केंद्र सरकार की यहां के विकास के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को एक नई पहचान दी है। इन प्रयासों के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, और आज महिलाएं हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए, प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति द्वारा उनके लिए पैदा किए गए नए अवसरों का जिक्र किया। उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सरकार के लक्ष्य को दोहराया, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम ने क्षेत्र के विकास को एक नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान की।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी संकल्प के साथ, देश में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी ने दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए केंद्र सरकार की यहां के विकास के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को एक नई पहचान दी है। इन प्रयासों के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, और आज महिलाएं हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए, प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति द्वारा उनके लिए पैदा किए गए नए अवसरों का जिक्र किया। उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सरकार के लक्ष्य को दोहराया, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम ने क्षेत्र के विकास को एक नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान की।
    user_Pradesh Khabar News Network
    Pradesh Khabar News Network
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • बिलासपुर जिले में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तोरवा पुलिस ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत सट्टा नेटवर्क से जुड़े चार आदतन सटोरियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई संपन्न हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दीपक रामनानी (53), अजहर जुननानी (50), सुधीर बोले (56) और शुभम पांडे (30) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी पूर्व से जुआ-सट्टा के मामलों में शामिल रहे हैं और लंबे समय से अवैध सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़े हुए थे। हाल ही में सट्टा सरगना किशन चंद समेत चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विवेचना में मिले सुरागों के आधार पर इन चार सटोरियों को पकड़ा गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 एवं 7 के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में संगठित रूप से सट्टा संचालन के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के कारण उनके विरुद्ध संगठित अपराध के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की गई। इन सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध जुआ-सट्टा के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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    बिलासपुर जिले में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तोरवा पुलिस ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत सट्टा नेटवर्क से जुड़े चार आदतन सटोरियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई संपन्न हुई।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दीपक रामनानी (53), अजहर जुननानी (50), सुधीर बोले (56) और शुभम पांडे (30) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी पूर्व से जुआ-सट्टा के मामलों में शामिल रहे हैं और लंबे समय से अवैध सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़े हुए थे। हाल ही में सट्टा सरगना किशन चंद समेत चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विवेचना में मिले सुरागों के आधार पर इन चार सटोरियों को पकड़ा गया है।

सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 एवं 7 के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में संगठित रूप से सट्टा संचालन के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के कारण उनके विरुद्ध संगठित अपराध के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की गई। इन सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध जुआ-सट्टा के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    Korba, Chhattisgarh•
    15 hrs ago
  • गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत बिंदोरा पंचायत की बिंदोरा हरिजन टोली, जिसे हरिजन कॉलोनी भी कहा जाता है, आज भी विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह कटी हुई है। करीब 24 से 25 परिवारों की यह बस्ती सड़क, शुद्ध पेयजल, आवास, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, और कई सरकारी योजनाओं का लाभ आज तक इन ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पाया है, जिससे वे बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बस्ती में बने अधिकांश सरकारी आवास जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। घरों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और छतों पर लगी टीन की चादरें टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे बरसात में पानी टपकता है और तेज आंधी में छत उड़ जाने का खतरा बना रहता है। ऐसे में परिवार हर मौसम में जान जोखिम में डालकर रहने को विवश हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद किसी अधिकारी ने उनकी स्थिति का जायजा नहीं लिया है। आवास की कमी के चलते कई परिवारों को एक ही छोटे से मकान में संयुक्त रूप से रहना पड़ता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए कई बार आवेदन देने के बाद भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है। शुद्ध पेयजल की भी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों को पीने और घरेलू कार्यों के लिए प्रतिदिन लगभग 1 किलोमीटर दूर स्थित डोढ़ा (एक छोटा नाला) से पानी लाना पड़ता है, जहाँ से पशु भी पानी पीते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी और बरसात दोनों मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। वर्षों पहले पेयजल संकट दूर करने के लिए बनी जलमीनार लंबे समय से खराब पड़ी है, जिसकी मरम्मत के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को कई बार सूचित किया गया, पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है, क्योंकि हरिजन टोली के आसपास न कोई आंगनबाड़ी केंद्र है और न प्राथमिक विद्यालय। बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है, जिससे कई बच्चे नियमित स्कूल नहीं पहुँच पाते और उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। बस्ती के अधिकांश परिवार दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह गुजारा करते हैं। नियमित रोजगार न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर बनी हुई है, जिससे वे अपने जर्जर मकानों की मरम्मत भी नहीं करा पाते। कई परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी एक बड़ी चुनौती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जर्जर मकानों की मरम्मत या नए आवास उपलब्ध कराने, बंद पड़ी जलमीनार को शीघ्र चालू कराने, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने, बस्ती में आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय खोलने तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीण अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर विकास कार्यों की उम्मीद कर रहे हैं।
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    गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत बिंदोरा पंचायत की बिंदोरा हरिजन टोली, जिसे हरिजन कॉलोनी भी कहा जाता है, आज भी विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह कटी हुई है। करीब 24 से 25 परिवारों की यह बस्ती सड़क, शुद्ध पेयजल, आवास, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, और कई सरकारी योजनाओं का लाभ आज तक इन ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पाया है, जिससे वे बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि बस्ती में बने अधिकांश सरकारी आवास जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। घरों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और छतों पर लगी टीन की चादरें टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे बरसात में पानी टपकता है और तेज आंधी में छत उड़ जाने का खतरा बना रहता है। ऐसे में परिवार हर मौसम में जान जोखिम में डालकर रहने को विवश हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद किसी अधिकारी ने उनकी स्थिति का जायजा नहीं लिया है। आवास की कमी के चलते कई परिवारों को एक ही छोटे से मकान में संयुक्त रूप से रहना पड़ता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए कई बार आवेदन देने के बाद भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है।

शुद्ध पेयजल की भी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों को पीने और घरेलू कार्यों के लिए प्रतिदिन लगभग 1 किलोमीटर दूर स्थित डोढ़ा (एक छोटा नाला) से पानी लाना पड़ता है, जहाँ से पशु भी पानी पीते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी और बरसात दोनों मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। वर्षों पहले पेयजल संकट दूर करने के लिए बनी जलमीनार लंबे समय से खराब पड़ी है, जिसकी मरम्मत के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को कई बार सूचित किया गया, पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है, क्योंकि हरिजन टोली के आसपास न कोई आंगनबाड़ी केंद्र है और न प्राथमिक विद्यालय। बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है, जिससे कई बच्चे नियमित स्कूल नहीं पहुँच पाते और उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है।

बस्ती के अधिकांश परिवार दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह गुजारा करते हैं। नियमित रोजगार न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर बनी हुई है, जिससे वे अपने जर्जर मकानों की मरम्मत भी नहीं करा पाते। कई परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी एक बड़ी चुनौती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जर्जर मकानों की मरम्मत या नए आवास उपलब्ध कराने, बंद पड़ी जलमीनार को शीघ्र चालू कराने, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने, बस्ती में आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय खोलने तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीण अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर विकास कार्यों की उम्मीद कर रहे हैं।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    22 hrs ago
  • शंकरगढ़ पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस अब इस दर्ज मामले की आगे की जांच में जुट गई है।
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    शंकरगढ़ पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस अब इस दर्ज मामले की आगे की जांच में जुट गई है।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • बारिश के मौसम में फुलवारी डीपा का संपर्क पूरी तरह कट जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या पुल सड़क का निर्माण न होने के कारण लगातार बनी हुई है, जिससे लोगों की परेशानी में लगातार वृद्धि हो रही है।
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    बारिश के मौसम में फुलवारी डीपा का संपर्क पूरी तरह कट जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या पुल सड़क का निर्माण न होने के कारण लगातार बनी हुई है, जिससे लोगों की परेशानी में लगातार वृद्धि हो रही है।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट से जुड़े 400 से अधिक भू-विस्थापित परिवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले 13 वर्षों से पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति के तहत मिलने वाले लाभ नहीं मिले हैं। इस मामले में, प्रभावित परिवारों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायालय की अवमानना याचिका दायर की है, जिसमें वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल सहित कुल चार पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी पात्र भू-विस्थापित परिवारों को न तो नियमानुसार भत्ता दिया गया और न ही पुनर्वास नीति के अन्य लाभ उपलब्ध कराए गए। यह विवाद सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित उस पावर प्लांट से संबंधित है, जिसे पहले एथेना पावर प्लांट के नाम से जाना जाता था और जिसका अधिग्रहण वेदांता समूह ने वर्ष 2022 में किया। प्लांट की स्थापना के लिए वर्ष 2008 में आसपास के गांवों की लगभग 1,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था, जिससे 800 से अधिक परिवार प्रभावित हुए थे। भू-विस्थापितों का कहना है कि छत्तीसगढ़ पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति-2007 के तहत उन्हें रोजगार या निर्धारित भत्ता मिलना चाहिए था। उनके अनुसार, प्लांट का संचालन वर्ष 2013 में शुरू हुआ, 2016 में बंद हो गया और वर्ष 2025 में दोबारा शुरू होने के बाद भी 400 से अधिक प्रभावित परिवारों को न तो रोजगार मिला और न ही भत्ते का भुगतान किया गया। प्रभावित परिवारों के अनुसार, वर्ष 2021 में 37 परिवारों ने इस मुद्दे को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में उठाया था। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार को आवश्यक कार्रवाई कर पात्र परिवारों को राहत देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद, जिला प्रशासन द्वारा गठित एक समिति ने भी प्लांट प्रबंधन को पात्र भू-विस्थापितों को नियमानुसार भत्ता देने के निर्देश जारी किए थे। याचिका में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव शम्मी आबिदी, सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और डभरा एसडीएम को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इन स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और करीब दो माह पहले सक्ती कलेक्टर के निर्देश के बाद भी प्रभावित परिवारों को आज तक कोई राहत नहीं मिली है। इसी आधार पर अब यह अवमानना याचिका दायर की गई है। यह मामला केवल एक औद्योगिक परियोजना तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और न्यायालय के आदेशों के पालन को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है, जिसके अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनने की संभावना है। इस मामले में अब हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई और संभावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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    छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट से जुड़े 400 से अधिक भू-विस्थापित परिवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले 13 वर्षों से पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति के तहत मिलने वाले लाभ नहीं मिले हैं। इस मामले में, प्रभावित परिवारों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायालय की अवमानना याचिका दायर की है, जिसमें वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल सहित कुल चार पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी पात्र भू-विस्थापित परिवारों को न तो नियमानुसार भत्ता दिया गया और न ही पुनर्वास नीति के अन्य लाभ उपलब्ध कराए गए।

यह विवाद सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित उस पावर प्लांट से संबंधित है, जिसे पहले एथेना पावर प्लांट के नाम से जाना जाता था और जिसका अधिग्रहण वेदांता समूह ने वर्ष 2022 में किया। प्लांट की स्थापना के लिए वर्ष 2008 में आसपास के गांवों की लगभग 1,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था, जिससे 800 से अधिक परिवार प्रभावित हुए थे। भू-विस्थापितों का कहना है कि छत्तीसगढ़ पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति-2007 के तहत उन्हें रोजगार या निर्धारित भत्ता मिलना चाहिए था। उनके अनुसार, प्लांट का संचालन वर्ष 2013 में शुरू हुआ, 2016 में बंद हो गया और वर्ष 2025 में दोबारा शुरू होने के बाद भी 400 से अधिक प्रभावित परिवारों को न तो रोजगार मिला और न ही भत्ते का भुगतान किया गया।

प्रभावित परिवारों के अनुसार, वर्ष 2021 में 37 परिवारों ने इस मुद्दे को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में उठाया था। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार को आवश्यक कार्रवाई कर पात्र परिवारों को राहत देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद, जिला प्रशासन द्वारा गठित एक समिति ने भी प्लांट प्रबंधन को पात्र भू-विस्थापितों को नियमानुसार भत्ता देने के निर्देश जारी किए थे। याचिका में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव शम्मी आबिदी, सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और डभरा एसडीएम को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इन स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और करीब दो माह पहले सक्ती कलेक्टर के निर्देश के बाद भी प्रभावित परिवारों को आज तक कोई राहत नहीं मिली है। इसी आधार पर अब यह अवमानना याचिका दायर की गई है।

यह मामला केवल एक औद्योगिक परियोजना तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और न्यायालय के आदेशों के पालन को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है, जिसके अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनने की संभावना है। इस मामले में अब हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई और संभावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
    user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। इसी संकल्प के साथ, सरकार देश में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि ये पहलें क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। उन्होंने ज़ोर दिया कि विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की भूमिका महत्वपूर्ण है और केंद्र सरकार उनके विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को एक नई पहचान दी है। इन प्रयासों के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर दिया, यह कहते हुए कि नारी शक्ति देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाया जा रहा है, और आज वे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति ने उनके लिए नए अवसर पैदा किए हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढाँचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस आयोजन ने क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मज़बूती प्रदान की।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। इसी संकल्प के साथ, सरकार देश में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है।

दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि ये पहलें क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। उन्होंने ज़ोर दिया कि विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की भूमिका महत्वपूर्ण है और केंद्र सरकार उनके विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को एक नई पहचान दी है। इन प्रयासों के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।

अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर दिया, यह कहते हुए कि नारी शक्ति देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाया जा रहा है, और आज वे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति ने उनके लिए नए अवसर पैदा किए हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढाँचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा।

दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस आयोजन ने क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मज़बूती प्रदान की।
    user_Pradesh Khabar News Network
    Pradesh Khabar News Network
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • बिलासपुर जिले में अपराध, गुंडागर्दी और चाकूबाजी पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने एक विशेष सघन अभियान चलाया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सीधे निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत, आदतन गुंडा-बदमाशों, चाकूबाजों और आपराधिक प्रवृत्ति के संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। इस व्यापक कार्रवाई के दौरान कुल 90 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनका सत्यापन और पूछताछ की गई। जांच पूरी होने के बाद, 76 आदतन गुंडा-बदमाशों और चाकूबाजों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त, 12 व्यक्तियों को धारा 170 BNSS के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। अभियान के दौरान, पुलिस ने दो आरोपियों के कब्जे से अवैध धारदार हथियार भी बरामद किए, जिनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग मामले दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। पुलिस अधिकारियों ने जिले के सभी चिन्हित असामाजिक तत्वों, निगरानी बदमाशों और चाकूबाजों को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्हें साफ तौर पर कहा गया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि, मारपीट, अवैध हथियार रखने या कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर जिला बदर और अन्य निरोधात्मक प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई शामिल होगी। बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध, गुंडागर्दी और असामाजिक गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, आम नागरिकों से अपील की गई है कि ऐसे तत्वों के बारे में तत्काल पुलिस को सूचना दें, और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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    बिलासपुर जिले में अपराध, गुंडागर्दी और चाकूबाजी पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने एक विशेष सघन अभियान चलाया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सीधे निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत, आदतन गुंडा-बदमाशों, चाकूबाजों और आपराधिक प्रवृत्ति के संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। इस व्यापक कार्रवाई के दौरान कुल 90 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनका सत्यापन और पूछताछ की गई।

जांच पूरी होने के बाद, 76 आदतन गुंडा-बदमाशों और चाकूबाजों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त, 12 व्यक्तियों को धारा 170 BNSS के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। अभियान के दौरान, पुलिस ने दो आरोपियों के कब्जे से अवैध धारदार हथियार भी बरामद किए, जिनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग मामले दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई।

पुलिस अधिकारियों ने जिले के सभी चिन्हित असामाजिक तत्वों, निगरानी बदमाशों और चाकूबाजों को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्हें साफ तौर पर कहा गया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि, मारपीट, अवैध हथियार रखने या कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर जिला बदर और अन्य निरोधात्मक प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई शामिल होगी। बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध, गुंडागर्दी और असामाजिक गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, आम नागरिकों से अपील की गई है कि ऐसे तत्वों के बारे में तत्काल पुलिस को सूचना दें, और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    Korba, Chhattisgarh•
    15 hrs ago
  • रायगढ़ में एक सूने मकान से ₹90,000 के जेवरात की चोरी हो गई है। चोरों ने अलमारी का ताला तोड़कर इस वारदात को अंजाम दिया, जब मकान मालिक का परिवार बिलासपुर गया हुआ था। इस संबंध में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
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    रायगढ़ में एक सूने मकान से ₹90,000 के जेवरात की चोरी हो गई है। चोरों ने अलमारी का ताला तोड़कर इस वारदात को अंजाम दिया, जब मकान मालिक का परिवार बिलासपुर गया हुआ था। इस संबंध में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
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