जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले डायल-112 की FRV में लगे कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग बनी जीवनरक्षक लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *डायल-112 की FRV में लगे कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग बनी जीवनरक्षक* *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया की संवेदनशीलता से 30 किमी दूर से हुई पल-पल की मॉनिटरिंग, समय पर अस्पताल पहुंचा प्रधान आरक्षक* बीना सागर। डायल-112 की आधुनिक तकनीक एवं पुलिस की संवेदनशीलता का मानवीय उदाहरण आज सागर पुलिस कंट्रोल रूम में देखने को मिला। डायल-112 के नोडल जिला प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया कंट्रोल रूम में लगभग 60 डायल-112 पायलटों की बैठक ले रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि थाना बांदरी में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को हार्ट अटैक आया है और थाना बांदरी की FRV-29 उन्हें तत्काल उपचार के लिए सागर के बंसल अस्पताल लेकर रवाना हुई है। सूचना मिलते ही श्री भदौरिया ने FRV में लगे कैमरों के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग शुरू कर दी। उन्होंने लगभग 30 किलोमीटर के पूरे सफर के दौरान मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी तथा FRV में मौजूद पुलिस स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए और प्रधान आरक्षक को लगातार ढांढस बंधाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए श्री भदौरिया ने बंसल अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी संपर्क कर मरीज को अस्पताल लाने के दौरान आवश्यक सावधानियों की जानकारी प्राप्त की और FRV में मौजूद स्टाफ को उसके अनुसार निर्देशित किया। FRV-29 द्वारा प्रधान आरक्षक को सुरक्षित रूप से बंसल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार प्रारंभ किया। समय पर अस्पताल पहुंचने एवं उपचार मिलने से उनकी जान बचाने में मदद मिली। *तकनीक और संवेदनशीलता का बेहतरीन समन्वय* इस घटना ने साबित किया कि FRV में लगे लाइव कैमरे केवल निगरानी का माध्यम नहीं, बल्कि आपात स्थिति में जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया की त्वरित पहल, संवेदनशीलता एवं सतत मॉनिटरिंग ने इस तकनीक को प्रभावी बनाया। सागर पुलिस — तकनीक के साथ संवेदनशील पुलिसिंग, हर आपात स्थिति में जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता।
जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले डायल-112 की FRV में लगे कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग बनी जीवनरक्षक लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *डायल-112 की FRV में लगे कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग बनी जीवनरक्षक* *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया की संवेदनशीलता से 30 किमी दूर से हुई पल-पल की मॉनिटरिंग, समय पर अस्पताल पहुंचा प्रधान आरक्षक* बीना सागर। डायल-112 की आधुनिक तकनीक एवं पुलिस की संवेदनशीलता का मानवीय उदाहरण आज सागर पुलिस कंट्रोल रूम में देखने को मिला। डायल-112 के नोडल जिला प्रभारी अतिरिक्त पुलिस
अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया कंट्रोल रूम में लगभग 60 डायल-112 पायलटों की बैठक ले रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि थाना बांदरी में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को हार्ट अटैक आया है और थाना बांदरी की FRV-29 उन्हें तत्काल उपचार के लिए सागर के बंसल अस्पताल लेकर रवाना हुई है। सूचना मिलते ही श्री भदौरिया ने FRV में लगे कैमरों के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग शुरू कर दी। उन्होंने लगभग 30 किलोमीटर के पूरे सफर के दौरान मरीज की स्थिति
पर लगातार नजर रखी तथा FRV में मौजूद पुलिस स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए और प्रधान आरक्षक को लगातार ढांढस बंधाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए श्री भदौरिया ने बंसल अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी संपर्क कर मरीज को अस्पताल लाने के दौरान आवश्यक सावधानियों की जानकारी प्राप्त की और FRV में मौजूद स्टाफ को उसके अनुसार निर्देशित किया। FRV-29 द्वारा प्रधान आरक्षक को सुरक्षित रूप से बंसल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार प्रारंभ किया। समय पर अस्पताल
पहुंचने एवं उपचार मिलने से उनकी जान बचाने में मदद मिली। *तकनीक और संवेदनशीलता का बेहतरीन समन्वय* इस घटना ने साबित किया कि FRV में लगे लाइव कैमरे केवल निगरानी का माध्यम नहीं, बल्कि आपात स्थिति में जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया की त्वरित पहल, संवेदनशीलता एवं सतत मॉनिटरिंग ने इस तकनीक को प्रभावी बनाया। सागर पुलिस — तकनीक के साथ संवेदनशील पुलिसिंग, हर आपात स्थिति में जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता।
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- जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले डायल-112 की FRV में लगे कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग बनी जीवनरक्षक लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *डायल-112 की FRV में लगे कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग बनी जीवनरक्षक* *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया की संवेदनशीलता से 30 किमी दूर से हुई पल-पल की मॉनिटरिंग, समय पर अस्पताल पहुंचा प्रधान आरक्षक* बीना सागर। डायल-112 की आधुनिक तकनीक एवं पुलिस की संवेदनशीलता का मानवीय उदाहरण आज सागर पुलिस कंट्रोल रूम में देखने को मिला। डायल-112 के नोडल जिला प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया कंट्रोल रूम में लगभग 60 डायल-112 पायलटों की बैठक ले रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि थाना बांदरी में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को हार्ट अटैक आया है और थाना बांदरी की FRV-29 उन्हें तत्काल उपचार के लिए सागर के बंसल अस्पताल लेकर रवाना हुई है। सूचना मिलते ही श्री भदौरिया ने FRV में लगे कैमरों के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग शुरू कर दी। उन्होंने लगभग 30 किलोमीटर के पूरे सफर के दौरान मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी तथा FRV में मौजूद पुलिस स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए और प्रधान आरक्षक को लगातार ढांढस बंधाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए श्री भदौरिया ने बंसल अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी संपर्क कर मरीज को अस्पताल लाने के दौरान आवश्यक सावधानियों की जानकारी प्राप्त की और FRV में मौजूद स्टाफ को उसके अनुसार निर्देशित किया। FRV-29 द्वारा प्रधान आरक्षक को सुरक्षित रूप से बंसल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार प्रारंभ किया। समय पर अस्पताल पहुंचने एवं उपचार मिलने से उनकी जान बचाने में मदद मिली। *तकनीक और संवेदनशीलता का बेहतरीन समन्वय* इस घटना ने साबित किया कि FRV में लगे लाइव कैमरे केवल निगरानी का माध्यम नहीं, बल्कि आपात स्थिति में जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया की त्वरित पहल, संवेदनशीलता एवं सतत मॉनिटरिंग ने इस तकनीक को प्रभावी बनाया। सागर पुलिस — तकनीक के साथ संवेदनशील पुलिसिंग, हर आपात स्थिति में जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता।4
- विदिशा बेतवा नदी का जलस्तर जल बढ़ गया है vidisha betwa nadi ka jalstar jal badh gaya hai विदिशा बेतवा नदी का जलस्तर जल बढ़ गया है vidisha betwa nadi ka jalstar jal badh gaya hai1
- लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत समर्थ एडवांस एकेडमी में कक्षा तीसरी के छात्र से मारपीट का आरोप 8 वर्षीय छात्र के शरीर पर चोट के निशान का दावा, पिता ने खिमलासा थाने में दिया आवेदन खिमलासा। समर्थ एडवांस एकेडमी में कक्षा तीसरी में अध्ययनरत 8 वर्षीय छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। छात्र के पिता दयाराम विश्वकर्मा ने खिमलासा थाने में आवेदन देकर स्कूल के शिक्षक अभिषेक गौड़ एवं प्रबंधक भूपेंद्र ठाकुर के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है। पिता द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार उनका पुत्र प्रतीक विश्वकर्मा 6 अगस्त को स्कूल गया था। आरोप है कि कॉपी का काम पूरा नहीं होने पर शिक्षक अभिषेक गौड़ ने छात्र को कथित रूप से पहले घुटनों के बल खड़ा किया और मुर्गा बनाया। इसके बाद डंडे से मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद बच्चा काफी भयभीत हो गया और उसकी तबीयत बिगड़ने के साथ बुखार भी आ गया। बच्चे की मां ने नहलाते समय उसके शरीर पर कथित रूप से हरे-नीले निशान देखे। पूछताछ करने पर बच्चे ने परिजनों को स्कूल में हुई घटना की जानकारी दी। इसके बाद बच्चे ने स्कूल जाने से भी इनकार कर दिया। पिता ने थाने में दिया आवेदन घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्र के पिता स्कूल पहुंचे और मामले को लेकर शिकायत की। इसके बाद उन्होंने खिमलासा थाने में आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षक एवं स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की शारीरिक मारपीट नहीं होनी चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। फिलहाल पुलिस को आवेदन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्कूल प्रबंधन एवं संबंधित शिक्षक का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा। लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत समर्थ एडवांस एकेडमी में कक्षा तीसरी के छात्र से मारपीट का आरोप 8 वर्षीय छात्र के शरीर पर चोट के निशान का दावा, पिता ने खिमलासा थाने में दिया आवेदन खिमलासा। समर्थ एडवांस एकेडमी में कक्षा तीसरी में अध्ययनरत 8 वर्षीय छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। छात्र के पिता दयाराम विश्वकर्मा ने खिमलासा थाने में आवेदन देकर स्कूल के शिक्षक अभिषेक गौड़ एवं प्रबंधक भूपेंद्र ठाकुर के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है। पिता द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार उनका पुत्र प्रतीक विश्वकर्मा 6 अगस्त को स्कूल गया था। आरोप है कि कॉपी का काम पूरा नहीं होने पर शिक्षक अभिषेक गौड़ ने छात्र को कथित रूप से पहले घुटनों के बल खड़ा किया और मुर्गा बनाया। इसके बाद डंडे से मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद बच्चा काफी भयभीत हो गया और उसकी तबीयत बिगड़ने के साथ बुखार भी आ गया। बच्चे की मां ने नहलाते समय उसके शरीर पर कथित रूप से हरे-नीले निशान देखे। पूछताछ करने पर बच्चे ने परिजनों को स्कूल में हुई घटना की जानकारी दी। इसके बाद बच्चे ने स्कूल जाने से भी इनकार कर दिया। पिता ने थाने में दिया आवेदन घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्र के पिता स्कूल पहुंचे और मामले को लेकर शिकायत की। इसके बाद उन्होंने खिमलासा थाने में आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षक एवं स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की शारीरिक मारपीट नहीं होनी चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। फिलहाल पुलिस को आवेदन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्कूल प्रबंधन एवं संबंधित शिक्षक का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।1
- जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले सृजन संवाद योजना” के तृतीय कार्यक्रम में छात्राओं ने जाना पुलिस का पूरा नेटवर्क, डायल-112 एवं कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *“सृजन संवाद योजना” के तृतीय कार्यक्रम में छात्राओं ने जाना पुलिस का पूरा नेटवर्क, डायल-112 एवं कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली* *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया ने सरल एवं रोचक उदाहरणों से समझाई आधुनिक पुलिसिंग* बीना सागर। विद्यार्थियों को कानून, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, यातायात नियम, नागरिक दायित्व एवं पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सागर पुलिस द्वारा संचालित “सृजन संवाद योजना” के अंतर्गत तृतीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। योजना के नोडल अधिकारी श्री नरेंद्र सोलंकी द्वारा कार्यक्रम का समन्वय किया जा रहा है। *लगभग 100 छात्राओं ने किया कंट्रोल रूम का भ्रमण* सांदीपनी स्कूल की लगभग 100 छात्राओं एवं शिक्षक स्टाफ ने पुलिस कंट्रोल रूम सागर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान महिला थाना प्रभारी श्रीमती संतोषी कनासिया, प्रभारी रेडियो निरीक्षक श्री सचिन नागरे उपस्थित रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया ने छात्राओं को कंट्रोल रूम, डायल-112, सीसीटीवी नेटवर्क, वायरलेस संचार तथा पुलिस के विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय की कार्यप्रणाली सरल एवं रोचक तरीके से समझाई। *“एक सूचना कैसे पूरी पुलिस व्यवस्था को सक्रिय करती है”* श्री भदौरिया ने छात्राओं को समझाया कि पुलिस व्यवस्था सिपाही से लेकर थाना प्रभारी, एसडीओपी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक तक एक संगठित नेटवर्क के रूप में कार्य करती है। डायल-112 पर प्राप्त एक सूचना कम्युनिकेशन नेटवर्क के माध्यम से तत्काल संबंधित पुलिस टीम तक पहुंचती है और पुलिस सहायता के लिए सक्रिय हो जाती है। संचार का महत्व समझाते हुए उन्होंने उदाहरण दिया कि “जिस प्रकार मानव शरीर में नसें और तंत्रिकाएं एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक संदेश पहुंचाकर शरीर को प्रतिक्रिया करने में सक्षम बनाती हैं, उसी प्रकार पुलिस व्यवस्था में कम्युनिकेशन सूचना को सही स्थान तक पहुंचाकर त्वरित पुलिस कार्रवाई को संभव बनाता है।” *डायल-112 एवं सीसीटीवी नेटवर्क की जानकारी* छात्राओं को डायल-112 में इवेंट प्राप्त होने से लेकर एक्नॉलेजमेंट, FRV के रवाना होने और घटनास्थल पर पहुंचने तक की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से शहर की निगरानी एवं घटनाओं की जांच में फुटेज की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। *प्रश्नों के दिए सरल एवं व्यवहारिक उत्तर* कार्यक्रम की विशेषता रही कि श्री भदौरिया ने एकतरफा व्याख्यान के बजाय छात्राओं से संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। छात्राओं ने पुलिस, साइबर अपराध, डायल-112, सीसीटीवी एवं पुलिस की कार्यप्रणाली से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने दैनिक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से सरल एवं रोचक तरीके से उत्तर दिया। छात्राओं ने संवाद की इस शैली की सराहना करते हुए इसे पुलिस की कार्यप्रणाली को समझने का ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी अनुभव बताया। *पुलिस और नई पीढ़ी के बीच विश्वास का सेतु* “सृजन संवाद योजना” के माध्यम से सागर पुलिस का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुलिस के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनमें सुरक्षा, कानून के प्रति सम्मान, आत्मविश्वास एवं नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को पुलिस थानों एवं विभिन्न पुलिस इकाइयों का शैक्षणिक भ्रमण कराने के साथ कानून, महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, यातायात एवं नागरिक दायित्वों की जानकारी दी जा रही है। “सृजन संवाद योजना” 05 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक जारी रहेगी। सागर पुलिस का संदेश— “जागरूक विद्यार्थी, सुरक्षित समाज और मजबूत पुलिस-जन संवाद की आधारशिला हैं।”4
- सागर खुरई कॉन्वेंट स्कूल पर धर्म परिवर्तन के आरोप जमकर हुआ हंगामा कई थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चों सागर खुरई कॉन्वेंट स्कूल पर धर्म परिवर्तन के आरोप जमकर हुआ हंगामा कई थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चों1