पीलीभीत जिले के गुदरानपुर और रसूला गांवों में आगामी वर्षा ऋतु में देवहा नदी से कृषि भूमि और आबादी वाले क्षेत्रों में कटाव की आशंका के चलते ग्रामीणों में गंभीर चिंता है। इस समस्या को रोकने के लिए किसान नेता और क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संरक्षक देव स्वरूप पटेल ने गांव वालों के साथ मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने उन्हें एक प्रार्थना पत्र सौंपा, जो पीलीभीत के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद के नाम संबोधित था। इस प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से देवहा नदी से होने वाले अत्यधिक कटाव को रोकने के लिए बाढ़ एवं सिंचाई खंड से ठोकरें (तटबंध) बनवाने की मांग की है। किसान नेता देव स्वरूप पटेल ने बताया कि उन्होंने ग्रामीणों के सामने ही, उनके प्रार्थना पत्र को व्हाट्सएप के माध्यम से केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद को तत्काल भेजकर समस्या का समाधान कराने का अनुरोध किया है। पटेल ने जिलाधिकारी पीलीभीत से भी रसूला एवं गुदरानपुर में कटान रोकने के लिए ठोकरें बनाने हेतु बाढ़ एवं सिंचाई खंड के अधिकारियों से वार्ता की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चूंकि वर्षा ऋतु शुरू होने में लगभग एक माह का समय ही शेष है, इसलिए यदि स्थाई ठोकरें तत्काल न बन पाएं, तो अस्थाई ठोकरें बनाई जा सकती हैं। देव स्वरूप पटेल ने यह भी जानकारी दी कि स्थाई पिचिंग ठोकरों के निर्माण के काम के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने जिलाधिकारी से प्रस्ताव बनवाकर शासन को भिजवाया है, और इसकी जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद के नाम संबोधित यह प्रार्थना पत्र देने वालों में रसूला के ग्राम प्रधान नरेश पाल सिंह के साथ रामप्रसाद, बालेश्वर, राजेश कुमार, भानु प्रकाश, ब्रह्म स्वरूप, धर्मपाल, तेजपाल गंगवार, कैलाश चंद्र, ओमकार, किशन लाल और इंद्रपाल सहित कई ग्रामीण शामिल थे।
पीलीभीत जिले के गुदरानपुर और रसूला गांवों में आगामी वर्षा ऋतु में देवहा नदी से कृषि भूमि और आबादी वाले क्षेत्रों में कटाव की आशंका के चलते ग्रामीणों में गंभीर चिंता है। इस समस्या को रोकने के लिए किसान नेता और क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संरक्षक देव स्वरूप पटेल ने गांव वालों के साथ मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने उन्हें एक प्रार्थना पत्र सौंपा, जो पीलीभीत के सांसद और
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद के नाम संबोधित था। इस प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से देवहा नदी से होने वाले अत्यधिक कटाव को रोकने के लिए बाढ़ एवं सिंचाई खंड से ठोकरें (तटबंध) बनवाने की मांग की है। किसान नेता देव स्वरूप पटेल ने बताया कि उन्होंने ग्रामीणों के सामने ही, उनके प्रार्थना पत्र को व्हाट्सएप के माध्यम से केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद को तत्काल भेजकर समस्या का समाधान कराने का
अनुरोध किया है। पटेल ने जिलाधिकारी पीलीभीत से भी रसूला एवं गुदरानपुर में कटान रोकने के लिए ठोकरें बनाने हेतु बाढ़ एवं सिंचाई खंड के अधिकारियों से वार्ता की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चूंकि वर्षा ऋतु शुरू होने में लगभग एक माह का समय ही शेष है, इसलिए यदि स्थाई ठोकरें तत्काल न बन पाएं, तो अस्थाई ठोकरें बनाई जा सकती हैं। देव स्वरूप पटेल ने यह भी जानकारी दी कि स्थाई पिचिंग ठोकरों
के निर्माण के काम के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने जिलाधिकारी से प्रस्ताव बनवाकर शासन को भिजवाया है, और इसकी जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद के नाम संबोधित यह प्रार्थना पत्र देने वालों में रसूला के ग्राम प्रधान नरेश पाल सिंह के साथ रामप्रसाद, बालेश्वर, राजेश कुमार, भानु प्रकाश, ब्रह्म स्वरूप, धर्मपाल, तेजपाल गंगवार, कैलाश चंद्र, ओमकार, किशन लाल और इंद्रपाल सहित कई ग्रामीण शामिल थे।
- पीलीभीत के बीसलपुर में भीषण गर्मी से बेहाल लोगों ने राहत पाने के लिए नहर का सहारा लिया। सोमवार को चुर्रासकतपुर गांव के पास शारदा नहर में बच्चे, बुजुर्ग और युवा डुबकी लगाते हुए दिखे। दोपहर में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था और लू के थपेड़ों से बचने के लिए ग्रामीण बड़ी संख्या में नहर पहुंच गए। लोगों ने घंटों पानी में रहकर गर्मी से राहत महसूस की। गांव के बुजुर्ग रामसनेही ने बताया कि बिजली कटौती के कारण घरों में बैठना मुश्किल हो गया है, ऐसे में नहर ही एकमात्र सहारा बची है। बच्चों ने भी नहर के पानी में खूब मस्ती की।1
- जिला पीलीभीत में गौ तस्करी के मामले को लेकर प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। यह जानकारी सामने आई है कि प्रशासन ने इस अवैध गतिविधि को रोकने के लिए सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।1
- पीलीभीत जिले के गुदरानपुर और रसूला गांवों में आगामी वर्षा ऋतु में देवहा नदी से कृषि भूमि और आबादी वाले क्षेत्रों में कटाव की आशंका के चलते ग्रामीणों में गंभीर चिंता है। इस समस्या को रोकने के लिए किसान नेता और क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संरक्षक देव स्वरूप पटेल ने गांव वालों के साथ मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने उन्हें एक प्रार्थना पत्र सौंपा, जो पीलीभीत के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद के नाम संबोधित था। इस प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से देवहा नदी से होने वाले अत्यधिक कटाव को रोकने के लिए बाढ़ एवं सिंचाई खंड से ठोकरें (तटबंध) बनवाने की मांग की है। किसान नेता देव स्वरूप पटेल ने बताया कि उन्होंने ग्रामीणों के सामने ही, उनके प्रार्थना पत्र को व्हाट्सएप के माध्यम से केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद को तत्काल भेजकर समस्या का समाधान कराने का अनुरोध किया है। पटेल ने जिलाधिकारी पीलीभीत से भी रसूला एवं गुदरानपुर में कटान रोकने के लिए ठोकरें बनाने हेतु बाढ़ एवं सिंचाई खंड के अधिकारियों से वार्ता की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चूंकि वर्षा ऋतु शुरू होने में लगभग एक माह का समय ही शेष है, इसलिए यदि स्थाई ठोकरें तत्काल न बन पाएं, तो अस्थाई ठोकरें बनाई जा सकती हैं। देव स्वरूप पटेल ने यह भी जानकारी दी कि स्थाई पिचिंग ठोकरों के निर्माण के काम के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने जिलाधिकारी से प्रस्ताव बनवाकर शासन को भिजवाया है, और इसकी जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद के नाम संबोधित यह प्रार्थना पत्र देने वालों में रसूला के ग्राम प्रधान नरेश पाल सिंह के साथ रामप्रसाद, बालेश्वर, राजेश कुमार, भानु प्रकाश, ब्रह्म स्वरूप, धर्मपाल, तेजपाल गंगवार, कैलाश चंद्र, ओमकार, किशन लाल और इंद्रपाल सहित कई ग्रामीण शामिल थे।4
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भुता स्थित ग्राम पंचायत रियोना सलेमपुर में सरकारी सस्ती गल्ला विक्रेता के चयन को लेकर आयोजित खुली बैठक के बाद गहरा विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित पक्ष ने चयन प्रक्रिया में पक्षपात और नियमों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाते हुए फरीदपुर एसडीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह मामला 2 जून को हुई खुली बैठक से जुड़ा है, जहाँ सस्ती गल्ला दुकान के लिए दो आवेदिकाएँ—उपासना देवी पत्नी प्रकाश सिंह और अंजना देवी पत्नी अनूप सिंह—उपस्थित थीं। अभिलेखों की जांच के दौरान अंजना देवी के आवेदन में चरित्र प्रमाण पत्र नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि उन्हें यह प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए मात्र 10 से 15 मिनट का ही समय दिया गया, जिसे ग्रामीणों ने किसी भी अभ्यर्थी के लिए अपर्याप्त बताया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उचित समय मिलता तो आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते थे। आरोप है कि अधिकारियों ने जल्दबाजी में अंजना देवी के आवेदन को अयोग्य घोषित कर दिया और दूसरी आवेदिका के पक्ष में चयन प्रक्रिया पूरी कर दी। इस एकतरफा फैसले का बैठक में मौजूद ग्रामीणों और पीड़ित पक्ष ने कड़ा विरोध किया और प्रक्रिया पर पुनर्विचार की मांग की। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुना गया। इस पूरे मामले से आक्रोशित अंजना देवी और उनके समर्थक न्याय की मांग को लेकर फरीदपुर स्थित एसडीएम कार्यालय पहुँचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें निष्पक्ष जांच और चयन प्रक्रिया की समीक्षा की अपील की गई है। ग्रामीणों ने इस बात पर जोर दिया है कि सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े चयन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। गाँव में अब इस मामले को लेकर गहमागहमी का माहौल है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग कर रहे हैं। हालाँकि, प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, पर एसडीएम कार्यालय में शिकायत पहुँचने के बाद इस मामले के तूल पकड़ने की संभावना बढ़ गई है।2
- गाजियाबाद में हुए हत्याकांड के मामले पर ठाकुर मुन्ना सिंह नवादा ने अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना से संबंधित एनकाउंटर को 'न्याय संगत' बताया है।1
- संयुक्त जनादेश पार्टी की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक सोमवार को शाहजहांपुर जनपद के हिसमाह में संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय बबलू श्रीवास्तव जी ने की, जिसमें संगठन की मजबूती, सदस्यता अभियान, जनहित के मुद्दों तथा आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय बबलू श्रीवास्तव जी ने संयुक्त जनादेश पार्टी को आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगठन को गाँव-गाँव तक मजबूत करना और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। राष्ट्रीय महामंत्री एवं जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी वार्ड संख्या-54 राजेश कुमार (गुरुजी) ने कहा कि पार्टी लगातार जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठा रही है और संगठन का विस्तार तेज़ी से हो रहा है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय बबलू श्रीवास्तव जी, राष्ट्रीय महामंत्री एवं जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी वार्ड संख्या-54 राजेश कुमार (गुरुजी), उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष सलाहकार सनोज कुमार पंछी, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेश कुमार गंगवार, प्रदेश संगठन मंत्री रामपाल नंदवंशी, प्रदेश महासचिव नितिन पाठक, मंडल महासचिव रामवीर, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष ठाकुर हिमांशु सिंह, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुशीला श्रीवास्तव, मंडल अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ बरेली आरती श्रीवास्तव, आदेश श्रीवास्तव तथा राम प्रताप श्रीवास्तव सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान को गति देने, जनसमस्याओं के समाधान तथा आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। सभी पदाधिकारियों ने पार्टी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने और जनसेवा के कार्यों को और अधिक गति देने का संकल्प लिया, जिसके उपरांत उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।1
- संयुक्त जनादेश पार्टी ने शाहजहांपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। पार्टी इस माह शाहजहांपुर में संपर्क अभियान पर जोर दे रही है।1
- पीलीभीत जिले के हजारा थाना क्षेत्र में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच, पुलिस ने धनाराघाट पर ठंडे और मीठे पानी का प्याऊ लगाकर राहगीरों को बड़ी राहत प्रदान की है। इस सेवा अभियान में सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने शर्बत पीकर अपनी प्यास बुझाई। पुलिस की इस जनहितकारी पहल की एक खास बात यह रही कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए डिस्पोजल प्लास्टिक के गिलासों का इस्तेमाल नहीं किया गया, बल्कि स्टील के गिलासों का उपयोग किया गया। इससे प्लास्टिक कचरा कम करने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। धनाराघाट से गुजरने वाले लोगों ने हजारा पुलिस की इस पहल की सराहना की।1