शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए एक चर्चित एनकाउंटर ने पीरो के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है, जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। बुधवार शाम करीब 6 बजे से ही शहर के बाजारों, चौक-चौराहों और गलियों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि इस घटना की शुरुआत शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के एक युवक के सोशल मीडिया पर हथियार के साथ वायरल हुए वीडियो से हुई थी, जिसमें वह पुलिस को चुनौती देता नजर आया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान आरोपी की ओर से फायरिंग की गई, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में युवक के पैर में गोली लगी थी। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, इस घटना के बाद एक और वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पीरो में इस एनकाउंटर को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग राय बन रही है; कोई इसे पुलिस की आवश्यक कार्रवाई बता रहा है तो वहीं कुछ लोग इसे संदिग्ध मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। कुल मिलाकर, शाहपुर एनकाउंटर ने पीरो की राजनीति और जनचर्चा को पूरी तरह से गरमा दिया है, और चौक-चौराहों पर इस पर गरम बहस जारी है।
शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए एक चर्चित एनकाउंटर ने पीरो के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है, जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। बुधवार शाम करीब 6 बजे से ही शहर के बाजारों, चौक-चौराहों और गलियों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि इस घटना की शुरुआत शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के एक युवक के सोशल मीडिया पर हथियार के साथ वायरल हुए वीडियो से हुई थी, जिसमें वह पुलिस को चुनौती देता नजर आया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान आरोपी की ओर से फायरिंग की गई, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में युवक के पैर में गोली लगी थी। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, इस घटना के बाद एक और वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पीरो में इस एनकाउंटर को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग राय बन रही है; कोई इसे पुलिस की आवश्यक कार्रवाई बता रहा है तो वहीं कुछ लोग इसे संदिग्ध मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। कुल मिलाकर, शाहपुर एनकाउंटर ने पीरो की राजनीति और जनचर्चा को पूरी तरह से गरमा दिया है, और चौक-चौराहों पर इस पर गरम बहस जारी है।
- शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए एक चर्चित एनकाउंटर ने पीरो के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है, जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। बुधवार शाम करीब 6 बजे से ही शहर के बाजारों, चौक-चौराहों और गलियों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि इस घटना की शुरुआत शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के एक युवक के सोशल मीडिया पर हथियार के साथ वायरल हुए वीडियो से हुई थी, जिसमें वह पुलिस को चुनौती देता नजर आया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान आरोपी की ओर से फायरिंग की गई, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में युवक के पैर में गोली लगी थी। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, इस घटना के बाद एक और वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पीरो में इस एनकाउंटर को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग राय बन रही है; कोई इसे पुलिस की आवश्यक कार्रवाई बता रहा है तो वहीं कुछ लोग इसे संदिग्ध मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। कुल मिलाकर, शाहपुर एनकाउंटर ने पीरो की राजनीति और जनचर्चा को पूरी तरह से गरमा दिया है, और चौक-चौराहों पर इस पर गरम बहस जारी है।1
- जगदीशपुर के वार्ड नंबर 17 में भव्य पूजन एवं भंडारा का हुआ आयोजन हुए कई लोग शामिल1
- 🚨 भरत तिवारी एनकाउंटर पर शाहपुर में बवाल, NH-922 जाम के बाद पुलिस का लाठीचार्ज 🚨 भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर गुरुवार को माहौल गरमा गया। परिजनों और ग्रामीणों ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए मृतक का शव आरा-बक्सर फोरलेन NH-922 पर रखकर सड़क जाम कर दिया। कई घंटों तक चले प्रदर्शन से हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जाम हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भरत तिवारी को पकड़ने के बजाय गोली मार दी गई, जबकि पुलिस का दावा है कि कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शाहपुर थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। #Bhojpur #Shahpur #BharatTiwari #EncounterCase #NH922 #AraNews #BiharNews #BreakingNews #ViralNews #PoliceLathicharge #SocialMediaNews1
- मंडल मसीहा चौकीदार दफदार के उद्धारक पूर्व सांसद राम अवधेश सिंह का जयति समारोह आरा। नारायण कॉम्प्लेक्स जीरो माइल मे बोल पचासी अधिकार मंच के तत्वव्धान मे अमरदीप ब्यास के अध्यक्षता में मंडल मसीहा चौकीदार दफदार के उद्धारक पूर्व सांसद राम अवधेश सिंह का जयति समारोह आयोजित किया गया। जयति समारोह के संचालन प्रखर वक्ता डॉक्टर राजेंद्र त्यागी ने किया। जयंती समरोह का उद्घाटन भारत सरकार के पूर्व मंत्री देवेन्द्र यादव ने उनके तैलचीत्र पर माल्यार्पण कर किया। अपने संबोधन में देवेन्द्र यादव ने कहा कि राम अवधेश सिंह समाजवाद के प्रखर प्रहरी और राजनेतिक आंदोलन के अग्रदूत थे। उनका पूरा जीवन संघर्ष में बीता था। वे सरकार रहते हुए भी सरकार के विरोध में आंदोलन कर अपने अधिकारों को मनवाने पर सरकार को मजबूर कर दिया था मुंगेरी लाल आयोग को लागू कराने की बात हो या फिर मण्डल आयोग के गठन कर उसे लागू करवाने में उनकी भूमिका थी। उन्होंने चौकीदार और दफादर को लड़कर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का दर्जा दिलवाने का काम किए थे। उन्होंने लड़कर कदवान जलाशय की लड़ाई लड़ी जिससे 27हजार क्यूसेक पानी और साढ़े चार मेगावॉट पन बिजली पैदा होता जिससे मगध प्रमंडल और पटना प्रमंडल किसानों को दो सीजन कौन कहे तीन सीजन में पानी मिलता। इसमें केंद्र सरकार ने एक हजार करोड़ रुपए भी दे दिया था। लेकिन तत्कालीन बिहार सरकार ने इस योजना पर रोक लग दिया था। इसलिए कहा जा सकता है कि राम अवधेश सिंह अपने आप में एक आंदोलन थे। समरोह को संबोधित करने वाले लोगो में पूर्व विधायक भाई दिनेश यादव, विशिष्ट अतिथि डॉक्टर अर्जुन कुशवाहा, डॉक्टर रविंद्र सिंह, डॉक्टर राज्यश्री, आरा लोकसभा के प्रत्याशी रहे राजू यादव, आरा विधानसभा के प्रत्याशी रहे कयामुद्दीन अंसारी, जिला पार्षद जिप्सा, पूर्व जिला परिषद के अध्यक्ष हकीम प्रसाद, रविनाथ राम प्रकाश यादव सुरेश यादव आनंद सचिता यादव नंदकिशोर यादव अजय यादव मुकेश यादव शेष नाथ यादव सत्यनारायण मुखिया ललन यादव गुड्डू यादव जीतन यादव महेश यादव सुरेश यादव बिरेंद्र ब्यास योगेंद्र यादव कमलेश ब्यास सहित सैकड़ों लोगों ने संबोधित किया।4
- विधायक राकेश ओझा ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच करवाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात करने का निर्णय लिया है। विधायक ओझा इस संवेदनशील मामले की गहनता से जांच सुनिश्चित करवाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री से मिलकर इस मुद्दे को उठाएंगे।1
- रोहतास जिला प्रशासन को सूचना मिली थी कि नोखा प्रखंड अंतर्गत बरांव पंचायत की 30 वर्षीय दिव्यांग महिला भारती कुमारी को अभी तक बैटरी चालित ट्राईसाइकिल योजना का लाभ नहीं मिला था। यह जानकारी मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जिलाधिकारी के संज्ञान में आई, जिसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर पंचायत स्तरीय कर्मियों ने लाभार्थी की पहचान कर आवेदन प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद नोखा के प्रखंड विकास पदाधिकारी के प्रयासों से आज नोखा प्रखंड में चल रहे सहयोग शिविर में भारती कुमारी को तुरंत बैटरी चालित ट्राईसाइकिल उपलब्ध करा दी गई। ट्राईसाइकिल मिलने पर लाभार्थी और उनके परिवार ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रशासन का मानना है कि यह सुविधा उनके आवागमन को आसान बनाएगी, साथ ही आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को भी बढ़ावा देगी। भारती कुमारी को हर महीने 1100 रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ भी मिल रहा है। रोहतास जिला प्रशासन, सासाराम, अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें समय पर सहायता सुनिश्चित करेगा।4
- दमोह में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर एक दिव्य आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।1
- भोजपुर के चरपोखरी प्रखंड में शारदीय खरीफ महा अभियान की शुरुआत तो बड़े धूमधाम से की गई, लेकिन इसके आयोजन की जमीनी हकीकत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार दोपहर लगभग 1:00 बजे प्रखंड विकास पदाधिकारी मोनिका कुमारी, पूर्व उप प्रमुख पप्पू कुमार शाह, बीस सूत्री अध्यक्ष अशोक पांडे उर्फ़ चिंटू बाबा और उपाध्यक्ष विकास कुमार विकी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया था। इस दौरान जिले से आए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को धान के उन्नत किस्म के बीज और कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। हालांकि, सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इतने महत्वपूर्ण अभियान में किसानों की उपस्थिति बेहद कम रही। प्रचार-प्रसार के अभाव के कारण गिने-चुने किसान ही कार्यक्रम स्थल तक पहुँच पाए, जिससे पूरे आयोजन की गंभीरता और उसके उद्देश्य पर ही प्रश्नचिह्न लग गया। इसी गंभीर स्थिति के बीच, पूर्व उप प्रमुख पप्पू कुमार शाह ने BTM विजय कुमार पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चरपोखरी में खरीफ महा अभियान महज एक "खानापूर्ति" बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले इस अभियान की जानकारी जानबूझकर जनप्रतिनिधियों को नहीं दी जाती है, ताकि जिले से आने वाली राशि में "लूट-खसोट" की जा सके। शाह ने आगे कहा कि इस अभियान को कुछ चुनिंदा लोगों के दरवाजे तक ही सीमित रखा जाता है, जहाँ केवल फोटो खिंचवाकर कागजी खानापूर्ति कर ली जाती है। इसके परिणामस्वरूप किसानों को सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसका सीधा खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। इस पूरे मामले को लेकर किसानों में भी गहरी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि ऐसी ही स्थिति बनी रही, तो कृषि विभाग की सभी योजनाएँ सिर्फ कागजों तक ही सिमटकर रह जाएँगी। इस अवसर पर पूर्व शिक्षक अवधेश सिंह, देवी दयाल सिंह, मंटू कुमार, कृषि समन्वयक रंजीत कुमार, राजीव रंजन सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या चरपोखरी में कृषि योजनाएं वास्तव में किसानों के लिए हैं, या फिर सिर्फ 'फोटो और फाइलों' तक ही सीमित रह गई हैं।1