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सुपौल में मनरेगा के PRS अमित विक्रम सेवा से मुक्त : DM सावन कुमार के निर्देश पर DDC ने की कार्रवाई, विभिन्न विभागों में हड़कंप सुपौल जिले में प्रशासनिक सख्ती के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर पंचायत रोजगार सेवक अमित विक्रम को सेवा से मुक्त कर दिया गया है। जिले में लगातार हो रही कार्रवाई से विभिन्न विभागों में हड़कंप है। यह कार्रवाई जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, सुपौल द्वारा की गई, जिसका आदेश उप विकास आयुक्त सारा अशरफ के हस्ताक्षर से 14 फरवरी 2026 को जारी हुआ। जारी आदेश के अनुसार अमित विक्रम, जो पहले ग्राम पंचायत श्रीपुर तथा वर्तमान में गोविन्दपुर (प्रखंड प्रतापगंज) में पदस्थापित थे, इन पर मनरेगा योजना एवं अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों में गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप सिद्ध पाए गए। कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा, प्रतापगंज ने पत्रांक 99 दिनांक 05.07.2025 के माध्यम से उनकी कार्यशैली पर प्रतिवेदन भेजा था। जांच में सामने आया कि अमित विक्रम 30 जून 2025 से 5 जुलाई 2025 तक लगातार बिना अनुमति अपने कार्य क्षेत्र से अनुपस्थित रहे। उनकी अनुपस्थिति के कारण वृक्षारोपण अभियान सहित कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए। मनरेगा के अंतर्गत चल रही योजनाओं की प्रगति भी बाधित हुई तथा मजदूरों के लंबित भुगतान में देरी हुई। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान-2025 का काम भी प्रभावित पाया गया। इन आरोपों पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, सुपौल ने 10 जुलाई 2025 को उनसे स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इसे उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना माना गया। इसके अलावा हालिया समीक्षा में यह भी पाया गया कि फार्मर रजिस्ट्री और मनरेगा मजदूरों के e-KYC कार्य में उनकी उपलब्धि प्रखंड प्रतापगंज में सबसे कम रही। प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी के संयुक्त प्रतिवेदन (पत्रांक 149, दिनांक 12.02.2026) में कहा गया कि उन्होंने इन कार्यों में अपेक्षित सहयोग और रुचि नहीं दिखाई। प्राधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि अमित विक्रम ने अपने दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती है, जो मनरेगा मार्गदर्शिका और बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के अनुशासनिक प्रावधानों के प्रतिकूल है। इसी आधार पर बीआरडीएस के नियमों के तहत उनका अनुबंध रद्द करते हुए सेवा समाप्त करने की सजा दी गई। आदेश में यह भी उल्लेख है कि अमित विक्रम चाहें तो आदेश की तिथि से 30 दिनों के भीतर जिलाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयक के समक्ष अपील दायर कर सकते हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में जवाबदेही तय करने की दिशा में कड़ा संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

6 hrs ago
user_Kunal kumar
Kunal kumar
Sb news भारत संपादक सुपौल, सुपौल, बिहार•
6 hrs ago

सुपौल में मनरेगा के PRS अमित विक्रम सेवा से मुक्त : DM सावन कुमार के निर्देश पर DDC ने की कार्रवाई, विभिन्न विभागों में हड़कंप सुपौल जिले में प्रशासनिक सख्ती के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर पंचायत रोजगार सेवक अमित विक्रम को सेवा से मुक्त कर दिया गया है। जिले में लगातार हो रही कार्रवाई से विभिन्न विभागों में हड़कंप है। यह कार्रवाई जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, सुपौल द्वारा की गई, जिसका आदेश उप विकास आयुक्त सारा अशरफ के हस्ताक्षर से 14 फरवरी 2026 को जारी हुआ। जारी आदेश के अनुसार अमित विक्रम, जो पहले ग्राम पंचायत श्रीपुर तथा वर्तमान में गोविन्दपुर (प्रखंड प्रतापगंज) में पदस्थापित थे, इन पर मनरेगा योजना एवं अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों में गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप सिद्ध पाए गए। कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा, प्रतापगंज ने पत्रांक 99 दिनांक 05.07.2025 के माध्यम से उनकी कार्यशैली पर प्रतिवेदन भेजा था। जांच में सामने आया कि अमित विक्रम 30 जून 2025 से 5 जुलाई 2025 तक लगातार बिना अनुमति अपने कार्य क्षेत्र से अनुपस्थित रहे। उनकी अनुपस्थिति के कारण वृक्षारोपण अभियान सहित कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए। मनरेगा के अंतर्गत चल रही योजनाओं की प्रगति भी बाधित हुई तथा मजदूरों के लंबित भुगतान में देरी हुई। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान-2025 का काम भी प्रभावित पाया गया। इन आरोपों पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, सुपौल ने 10 जुलाई 2025 को उनसे स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इसे उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना माना गया। इसके अलावा हालिया समीक्षा में यह भी पाया गया कि फार्मर रजिस्ट्री और मनरेगा मजदूरों के e-KYC कार्य में उनकी उपलब्धि प्रखंड प्रतापगंज में सबसे कम रही। प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी के संयुक्त प्रतिवेदन (पत्रांक 149, दिनांक 12.02.2026) में कहा गया कि उन्होंने इन कार्यों में अपेक्षित सहयोग और रुचि नहीं दिखाई। प्राधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि अमित विक्रम ने अपने दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती है, जो मनरेगा मार्गदर्शिका और बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के अनुशासनिक प्रावधानों के प्रतिकूल है। इसी आधार पर बीआरडीएस के नियमों के तहत उनका अनुबंध रद्द करते हुए सेवा समाप्त करने की सजा दी गई। आदेश में यह भी उल्लेख है कि अमित विक्रम चाहें तो आदेश की तिथि से 30 दिनों के भीतर जिलाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयक के समक्ष अपील दायर कर सकते हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में जवाबदेही तय करने की दिशा में कड़ा संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

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  • सुपौल जिले में प्रशासनिक सख्ती के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर पंचायत रोजगार सेवक अमित विक्रम को सेवा से मुक्त कर दिया गया है। जिले में लगातार हो रही कार्रवाई से विभिन्न विभागों में हड़कंप है। यह कार्रवाई जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, सुपौल द्वारा की गई, जिसका आदेश उप विकास आयुक्त सारा अशरफ के हस्ताक्षर से 14 फरवरी 2026 को जारी हुआ। जारी आदेश के अनुसार अमित विक्रम, जो पहले ग्राम पंचायत श्रीपुर तथा वर्तमान में गोविन्दपुर (प्रखंड प्रतापगंज) में पदस्थापित थे, इन पर मनरेगा योजना एवं अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों में गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप सिद्ध पाए गए। कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा, प्रतापगंज ने पत्रांक 99 दिनांक 05.07.2025 के माध्यम से उनकी कार्यशैली पर प्रतिवेदन भेजा था। जांच में सामने आया कि अमित विक्रम 30 जून 2025 से 5 जुलाई 2025 तक लगातार बिना अनुमति अपने कार्य क्षेत्र से अनुपस्थित रहे। उनकी अनुपस्थिति के कारण वृक्षारोपण अभियान सहित कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए। मनरेगा के अंतर्गत चल रही योजनाओं की प्रगति भी बाधित हुई तथा मजदूरों के लंबित भुगतान में देरी हुई। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान-2025 का काम भी प्रभावित पाया गया। इन आरोपों पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, सुपौल ने 10 जुलाई 2025 को उनसे स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इसे उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना माना गया। इसके अलावा हालिया समीक्षा में यह भी पाया गया कि फार्मर रजिस्ट्री और मनरेगा मजदूरों के e-KYC कार्य में उनकी उपलब्धि प्रखंड प्रतापगंज में सबसे कम रही। प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी के संयुक्त प्रतिवेदन (पत्रांक 149, दिनांक 12.02.2026) में कहा गया कि उन्होंने इन कार्यों में अपेक्षित सहयोग और रुचि नहीं दिखाई। प्राधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि अमित विक्रम ने अपने दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती है, जो मनरेगा मार्गदर्शिका और बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के अनुशासनिक प्रावधानों के प्रतिकूल है। इसी आधार पर बीआरडीएस के नियमों के तहत उनका अनुबंध रद्द करते हुए सेवा समाप्त करने की सजा दी गई। आदेश में यह भी उल्लेख है कि अमित विक्रम चाहें तो आदेश की तिथि से 30 दिनों के भीतर जिलाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयक के समक्ष अपील दायर कर सकते हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में जवाबदेही तय करने की दिशा में कड़ा संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
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    सुपौल जिले में प्रशासनिक सख्ती के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर पंचायत रोजगार सेवक अमित विक्रम को सेवा से मुक्त कर दिया गया है। जिले में लगातार हो रही कार्रवाई से विभिन्न विभागों में हड़कंप है। यह कार्रवाई जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, सुपौल द्वारा की गई, जिसका आदेश उप विकास आयुक्त सारा अशरफ के हस्ताक्षर से 14 फरवरी 2026 को जारी हुआ।
जारी आदेश के अनुसार अमित विक्रम, जो पहले ग्राम पंचायत श्रीपुर तथा वर्तमान में गोविन्दपुर (प्रखंड प्रतापगंज) में पदस्थापित थे, इन पर मनरेगा योजना एवं अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों में गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप सिद्ध पाए गए। कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा, प्रतापगंज ने पत्रांक 99 दिनांक 05.07.2025 के माध्यम से उनकी कार्यशैली पर प्रतिवेदन भेजा था।
जांच में सामने आया कि अमित विक्रम 30 जून 2025 से 5 जुलाई 2025 तक लगातार बिना अनुमति अपने कार्य क्षेत्र से अनुपस्थित रहे। उनकी अनुपस्थिति के कारण वृक्षारोपण अभियान सहित कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए। मनरेगा के अंतर्गत चल रही योजनाओं की प्रगति भी बाधित हुई तथा मजदूरों के लंबित भुगतान में देरी हुई। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान-2025 का काम भी प्रभावित पाया गया।
इन आरोपों पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, सुपौल ने 10 जुलाई 2025 को उनसे स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इसे उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना माना गया।
इसके अलावा हालिया समीक्षा में यह भी पाया गया कि फार्मर रजिस्ट्री और मनरेगा मजदूरों के e-KYC कार्य में उनकी उपलब्धि प्रखंड प्रतापगंज में सबसे कम रही। प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी के संयुक्त प्रतिवेदन (पत्रांक 149, दिनांक 12.02.2026) में कहा गया कि उन्होंने इन कार्यों में अपेक्षित सहयोग और रुचि नहीं दिखाई।
प्राधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि अमित विक्रम ने अपने दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती है, जो मनरेगा मार्गदर्शिका और बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के अनुशासनिक प्रावधानों के प्रतिकूल है। इसी आधार पर बीआरडीएस के नियमों के तहत उनका अनुबंध रद्द करते हुए सेवा समाप्त करने की सजा दी गई।
आदेश में यह भी उल्लेख है कि अमित विक्रम चाहें तो आदेश की तिथि से 30 दिनों के भीतर जिलाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयक के समक्ष अपील दायर कर सकते हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में जवाबदेही तय करने की दिशा में कड़ा संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
    user_Kunal kumar
    Kunal kumar
    Sb news भारत संपादक सुपौल, सुपौल, बिहार•
    6 hrs ago
  • Dekh Lo Bharat Ko Na samajhne wale
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    Dekh Lo Bharat Ko Na samajhne wale
    user_Sharvan Kumar
    Sharvan Kumar
    Farmer सुपौल, सुपौल, बिहार•
    16 hrs ago
  • 🌙 महाशिवरात्रि की शुभकामनाएँ 🌙
    1
    🌙 महाशिवरात्रि की शुभकामनाएँ 🌙
    user_✨ Harsh Vastralay & 💄Shringar Store ✨
    ✨ Harsh Vastralay & 💄Shringar Store ✨
    Salesperson Pipra, Supaul•
    21 hrs ago
  • क्रुसेला मे लगी भीसन आग पुरा बाजार जल के राख हो गया
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    क्रुसेला मे लगी भीसन आग पुरा बाजार जल के राख हो गया
    user_Pintu Bihari
    Pintu Bihari
    Farmer Madhepura, Bihar•
    2 hrs ago
  • सिंघेश्वर (मधेपुरा): प्रसिद्ध सिंघेश्वर में आयोजित वार्षिक मेला का भव्य उद्घाटन आज जिलाधिकारी (DM) SRI ABHISHEK RANJAN एवं पुलिस अधीक्षक (SP) DR SANDIP SING द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उद्घाटन के पश्चात प्रशासनिक अधिकारियों ने मेला परिसर के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा तथा अग्निशमन प्रबंधों की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय पर सुनिश्चित किए जाएं। पुलिस अधीक्षक ने मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, महिला सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी समस्या की स्थिति में नजदीकी सहायता केंद्र या ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से संपर्क करें। मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। — ग्राउंड रिपोर्ट @Rajesh kumar
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    सिंघेश्वर (मधेपुरा): प्रसिद्ध सिंघेश्वर में आयोजित वार्षिक मेला का भव्य उद्घाटन आज जिलाधिकारी (DM) SRI ABHISHEK RANJAN एवं पुलिस अधीक्षक (SP) DR SANDIP SING द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उद्घाटन के पश्चात प्रशासनिक अधिकारियों ने मेला परिसर के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा तथा अग्निशमन प्रबंधों की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय पर सुनिश्चित किए जाएं।
पुलिस अधीक्षक ने मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, महिला सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी समस्या की स्थिति में नजदीकी सहायता केंद्र या ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से संपर्क करें। मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
— ग्राउंड रिपोर्ट
@Rajesh kumar
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    Photographer मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    4 hrs ago
  • बिहार के मधेपुरा जिले के सिंघेश्वर में महाशिवरात्रि मेला का भव्य उद्घाटन तो हुआ, लेकिन इस बार आयोजन राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल की कमी है? बिहार के मधेपुरा जिले स्थित प्रसिद्ध सिंघेश्वर नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि मेला का उद्घाटन जिलाधिकारी अभिषेक रंजन के हाथों वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच संपन्न हुआ। मंच पर जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे और कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ भी देखने को मिली। लेकिन इस आयोजन में एक बात ने सबका ध्यान खींचा—किसी भी जनप्रतिनिधि की मौजूदगी नहीं थी। सिंहेश्वर प्रखंड प्रमुख, नगर पंचायत अध्यक्ष, वार्ड पार्षदों के साथ-साथ सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक और सांसद भी कार्यक्रम से नदारद रहे। बाइट --पूनम देवी,नगर पंचायत अध्यक्ष नगर पंचायत अध्यक्ष पूनम देवी का कहना है कि उन्हें इस बार उद्घाटन समारोह का कोई निमंत्रण नहीं मिला, जबकि पूर्व वर्षों में उन्हें आमंत्रित किया जाता रहा है। बाइट ---गौरव झा ,वार्ड पार्षद प्रतिनिधि वहीं वार्ड पार्षद प्रतिनिधि गौरव झा ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे प्रशासन की मनमानी बताया और कहा कि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि जब इस मामले में जिलाधिकारी अभिषेक रंजन से सवाल किया गया, तो उन्होंने दावा किया कि जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन व्यस्तता के कारण वे शामिल नहीं हो पाए। अब स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो चुकी है। महाशिवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह मामला कितना तूल पकड़ता है।
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    बिहार के मधेपुरा जिले के सिंघेश्वर में महाशिवरात्रि मेला का भव्य उद्घाटन तो हुआ, लेकिन इस बार आयोजन राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल की कमी है?
बिहार के मधेपुरा जिले स्थित प्रसिद्ध सिंघेश्वर नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि मेला का उद्घाटन जिलाधिकारी अभिषेक रंजन के हाथों वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच संपन्न हुआ।
मंच पर जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे और कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ भी देखने को मिली।
लेकिन इस आयोजन में एक बात ने सबका ध्यान खींचा—किसी भी जनप्रतिनिधि की मौजूदगी नहीं थी।
सिंहेश्वर प्रखंड प्रमुख, नगर पंचायत अध्यक्ष, वार्ड पार्षदों के साथ-साथ सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक और सांसद भी कार्यक्रम से नदारद रहे।
बाइट --पूनम देवी,नगर पंचायत अध्यक्ष 
नगर पंचायत अध्यक्ष पूनम देवी का कहना है कि उन्हें इस बार उद्घाटन समारोह का कोई निमंत्रण नहीं मिला, जबकि पूर्व वर्षों में उन्हें आमंत्रित किया जाता रहा है।
बाइट ---गौरव झा ,वार्ड पार्षद प्रतिनिधि 
वहीं वार्ड पार्षद प्रतिनिधि गौरव झा ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे प्रशासन की मनमानी बताया और कहा कि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हालांकि जब इस मामले में जिलाधिकारी अभिषेक रंजन से सवाल किया गया, तो उन्होंने दावा किया कि जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन व्यस्तता के कारण वे शामिल नहीं हो पाए।
अब स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो चुकी है। महाशिवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह मामला कितना तूल पकड़ता है।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    6 hrs ago
  • मजबूत और सुंदर घर बनवाने के लिए अनुभवी राजमिस्त्री मकान बनाने का काम अच्छा डिजाइन और मजबूती
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    मजबूत और सुंदर घर बनवाने के लिए अनुभवी राजमिस्त्री मकान बनाने का काम अच्छा डिजाइन और मजबूती
    user_न्यूज़ फुल देव जी मधेपुर मधुबनी
    न्यूज़ फुल देव जी मधेपुर मधुबनी
    पत्रकार मधेपुर, मधुबनी, बिहार•
    6 hrs ago
  • सदर प्रखंड अंतर्गत बलहा पंचायत के दुधा वार्ड संख्या 13 स्थित बाबा ब्रह्म स्थान में महा शिवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां पारंपरिक रूप से आयोजित होने वाली भव्य कलश यात्रा एवं 48 घंटे की अखंड राम धूनी का आयोजन पूरे धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह कलश यात्रा से हुई, जिसमें 201 कन्याओं ने भाग लिया। सभी कन्याएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर खेरदाह नदी से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल भरकर मंदिर परिसर तक पहुंचीं। इस दौरान पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ कलश यात्रा के साथ चलती रही और गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा। मंदिर समिति के अध्यक्ष विजय पासवान एवं सचिव बद्री पासवान ने बताया कि बाबा ब्रह्म स्थान में बीते कई दशकों से प्रत्येक वर्ष महा शिवरात्रि के अवसर पर 48 घंटे की राम धूनी एवं कलश यात्रा का आयोजन किया जाता रहा है। यह परंपरा गांव की आस्था और एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक अनुष्ठान से क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। राम धूनी के दौरान श्रद्धालु लगातार भजन-कीर्तन में लीन रहे। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रात्रि में भी बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित होकर भक्ति रस में सराबोर होते रहे। आयोजन के दौरान प्रसाद वितरण और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। इस आयोजन को सफल बनाने में लखन पासवान, रामपदारथ पासवान, कुंदन कुमार, दयाल पासवान, सोनिन्दर पासवान सहित ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा.
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    सदर प्रखंड अंतर्गत बलहा पंचायत के दुधा वार्ड संख्या 13 स्थित बाबा ब्रह्म स्थान में महा शिवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां पारंपरिक रूप से आयोजित होने वाली भव्य कलश यात्रा एवं 48 घंटे की अखंड राम धूनी का आयोजन पूरे धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह कलश यात्रा से हुई, जिसमें 201 कन्याओं ने भाग लिया। सभी कन्याएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर खेरदाह नदी से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल भरकर मंदिर परिसर तक पहुंचीं। इस दौरान पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ कलश यात्रा के साथ चलती रही और गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष विजय पासवान एवं सचिव बद्री पासवान ने बताया कि बाबा ब्रह्म स्थान में बीते कई दशकों से प्रत्येक वर्ष महा शिवरात्रि के अवसर पर 48 घंटे की राम धूनी एवं कलश यात्रा का आयोजन किया जाता रहा है। यह परंपरा गांव की आस्था और एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक अनुष्ठान से क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।
राम धूनी के दौरान श्रद्धालु लगातार भजन-कीर्तन में लीन रहे। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रात्रि में भी बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित होकर भक्ति रस में सराबोर होते रहे। आयोजन के दौरान प्रसाद वितरण और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।
इस आयोजन को सफल बनाने में लखन पासवान, रामपदारथ पासवान, कुंदन कुमार, दयाल पासवान, सोनिन्दर पासवान सहित ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा.
    user_Kunal kumar
    Kunal kumar
    Sb news भारत संपादक सुपौल, सुपौल, बिहार•
    10 hrs ago
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