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संत रामपाल जी के अनुयायी हर आपदा में, चाहे वह बाढ़ हो या भूकंप, फरिश्ता बनकर सामने आते हैं और पीड़ितों को तत्काल राहत व सहयोग प्रदान करने के लिए सबसे पहले पहुँचते हैं। इसी क्रम में, बाढ़ से पीड़ित रोते हुए लोगों की सहायता हेतु संत रामपाल जी महाराज ने 'अन्नपूर्णा मुहिम' चलाकर उनकी मदद की है। यह सेवा-भाव 'कबीर, दण्डवत् गोविन्द गुरू, बन्दू अविजन सोय। पहले भये प्रणाम तिन, नमो जो आगे होय।।' के आदर्शों पर आधारित है, जो भारत को 'सोने की चिड़िया' बनाने में योगदान दे रहा है।
Sonu kumar Bind
संत रामपाल जी के अनुयायी हर आपदा में, चाहे वह बाढ़ हो या भूकंप, फरिश्ता बनकर सामने आते हैं और पीड़ितों को तत्काल राहत व सहयोग प्रदान करने के लिए सबसे पहले पहुँचते हैं। इसी क्रम में, बाढ़ से पीड़ित रोते हुए लोगों की सहायता हेतु संत रामपाल जी महाराज ने 'अन्नपूर्णा मुहिम' चलाकर उनकी मदद की है। यह सेवा-भाव 'कबीर, दण्डवत् गोविन्द गुरू, बन्दू अविजन सोय। पहले भये प्रणाम तिन, नमो जो आगे होय।।' के आदर्शों पर आधारित है, जो भारत को 'सोने की चिड़िया' बनाने में योगदान दे रहा है।
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- संत रामपाल जी के अनुयायी हर आपदा में, चाहे वह बाढ़ हो या भूकंप, फरिश्ता बनकर सामने आते हैं और पीड़ितों को तत्काल राहत व सहयोग प्रदान करने के लिए सबसे पहले पहुँचते हैं। इसी क्रम में, बाढ़ से पीड़ित रोते हुए लोगों की सहायता हेतु संत रामपाल जी महाराज ने 'अन्नपूर्णा मुहिम' चलाकर उनकी मदद की है। यह सेवा-भाव 'कबीर, दण्डवत् गोविन्द गुरू, बन्दू अविजन सोय। पहले भये प्रणाम तिन, नमो जो आगे होय।।' के आदर्शों पर आधारित है, जो भारत को 'सोने की चिड़िया' बनाने में योगदान दे रहा है।1
- मा. स्वामी प्रसाद मौर्य जी, मा. कांशीराम के उस कारवां को आगे बढ़ा रहे हैं जो रुक गया था। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि समाज में असली परिवर्तन केवल संघर्ष के माध्यम से ही संभव होगा।1
- अयोध्या के राम मंदिर में हुई चोरी के मामले में SIT टीम गहन जांच कर रही है। इस घटना को लेकर ओ.पी. राजभर ने स्पष्ट कहा है कि चोरी करने वालों की अब खैर नहीं है, क्योंकि SIT टीम इसकी जांच कर रही है। उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री ने भी इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि इस चोरी में शामिल कोई भी कितनी भी बड़ी हस्ती क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और उस पर कार्रवाई अवश्य होगी।1
- बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मुख्यमंत्री शिक्षा कैशलेस चिकित्सा योजना कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। इसे प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की दोहरी सौगात के रूप में वर्णित किया गया है। इस योजना का उद्घाटन नगर विकास ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने किया।1
- E20 पेट्रोल को लेकर एक बड़ा सवाल उठाया गया है, जिसके बाद अब ऑटो कंपनियों और सरकार से लिखित गारंटी की मांग की जा रही है। कहा गया है कि सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद सभी ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर उनसे यह मांग की जाएगी कि वे अपने ग्राहकों को लिखित आश्वासन दें। इस आश्वासन के तहत, यदि E20 पेट्रोल के उपयोग से गाड़ी का माइलेज 10% से ज़्यादा घटता है, तो कंपनी उसकी भरपाई करे। इसके अतिरिक्त, अगर E20 के इस्तेमाल से गाड़ी का कोई भी पार्ट खराब होता है, तो उसे कंपनी मुफ्त में बदलकर दे। इन मांगों के साथ ही, अगले हफ्ते प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखने की बात कही गई है। उस पत्र में स्पष्ट रूप से पूछा जाएगा कि यदि E20 पेट्रोल के कारण किसी वाहन में कोई नुकसान होता है, तो उसका मुआवज़ा सरकार देगी या संबंधित ऑटो कंपनी। फिलहाल, इस महत्वपूर्ण और सीधे सवाल पर सरकार और वाहन कंपनियों का क्या जवाब आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का शुभारंभ किया है। मऊ जनपद के प्रधान समिति सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में इस योजना का उद्घाटन किया। इस पहल के माध्यम से पात्र शिक्षकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस और निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के साथ ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित होगी। मंत्री ए.के. शर्मा ने इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने शिक्षकों को समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार स्तंभ बताया, जो नई पीढ़ी को दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना स्वस्थ शिक्षकों के माध्यम से एक मजबूत शिक्षा व्यवस्था का आधार बनेगी, साथ ही शिक्षकों और उनके परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के सरकार के उद्देश्य को भी पूरा करेगी। यह योजना बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र कर्मचारियों को लाभान्वित करेगी। इसमें बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, वार्डन और रसोइये सहित अन्य पात्र कार्मिक शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान, ऊर्जा मंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से प्रमाण पत्र वितरित किए, जिनमें माध्यमिक शिक्षक प्रमोद सिंह, शिक्षामित्र हरी लाल यादव, बिना सिंह और अनुदेशक अरुण सिंह शामिल रहे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, जिलाध्यक्ष, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।4
- चंदौली मुख्यालय स्थित आलोक विद्यालय की गली में संचालित यादव डेयरी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डेयरी से फैल रही गंदगी और प्रदूषण के कारण गली की स्थिति बेहद खराब हो गई है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि इससे पहले भी इस डेयरी पर मिलावटी खोया और पनीर के मामले में एसडीएम द्वारा छापेमारी की गई थी। उस कार्रवाई के बाद डेयरी कुछ दिनों तक बंद रही थी, लेकिन बाद में इसका संचालन फिर से शुरू हो गया। इस मामले की जानकारी मिलने पर India Live News के संवाददाता पंकज तिवारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारी धीरेन्द्र सिंह ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, या फिर पहले की तरह यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा? India Live News की इस जनहित से जुड़े मुद्दे पर पड़ताल जारी है और हमारी नजर इस पूरे मामले पर बनी रहेगी।1
- झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों, अभिभावकों और कार्यकर्ताओं ने JPSC के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने "JPSC अध्यक्ष मुर्दाबाद", "झारखंड सरकार होश में आओ" और "छात्रों के साथ अन्याय बंद करो" जैसे नारे लगाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, अल्बर्ट एक्का चौक पर JPSC अध्यक्ष का पुतला दहन किया गया और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया है कि 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती, मुख्य परीक्षा आयोजित करना लाखों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा। इस मामले से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य राज्यपाल को भी सौंपे गए हैं, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है। इस पूरे विरोध के दौरान देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में JPSC के खिलाफ एक मशाल जुलूस भी निकाला गया।1