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सरमथुरा नगर पालिका क्षेत्र में कार्यरत सफाई कर्मियों को पिछले पांच माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जिसके कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन 'स्वच्छता प्रहरियों' को अपने परिवारों का पेट पालने में गंभीर संकट खड़ा हो गया है और वे अब कबाड़ बीनकर गुजारा करने को मजबूर हैं। सफाई कर्मियों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द उनका भुगतान कराने की मांग की है।
विष्णु कुमार सोनी
सरमथुरा नगर पालिका क्षेत्र में कार्यरत सफाई कर्मियों को पिछले पांच माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जिसके कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन 'स्वच्छता प्रहरियों' को अपने परिवारों का पेट पालने में गंभीर संकट खड़ा हो गया है और वे अब कबाड़ बीनकर गुजारा करने को मजबूर हैं। सफाई कर्मियों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द उनका भुगतान कराने की मांग की है।
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- सरमथुरा नगर पालिका क्षेत्र में कार्यरत सफाई कर्मियों को पिछले पांच माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जिसके कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन 'स्वच्छता प्रहरियों' को अपने परिवारों का पेट पालने में गंभीर संकट खड़ा हो गया है और वे अब कबाड़ बीनकर गुजारा करने को मजबूर हैं। सफाई कर्मियों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द उनका भुगतान कराने की मांग की है।1
- भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष का सरमथुरा पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया गया। इस अवसर पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और लोगों ने उनका अभिनंदन किया।1
- सबलगढ़ जनपद की ग्राम पंचायत पचेर में संचालित उपस्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर में ताला लटका मिला, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए जाते हैं, लेकिन ज्यादातर केंद्रों की स्थिति बदहाल बनी हुई है। पचेर उपस्वास्थ्य केंद्र पर न तो कोई डॉक्टर उपस्थित था और न ही कोई सपोर्ट स्टाफ। केंद्र के मुख्य दरवाजे पर ताला लगे होने के कारण ग्रामीण मरीजों को अपनी छोटी-छोटी मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए भी किराया और समय खर्च कर सबलगढ़ सिविल अस्पताल आना पड़ रहा है। यह स्थिति मध्य प्रदेश सरकार की उस मंशा के विपरीत है, जिसके तहत लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलना चाहिए। इस मामले में यह देखना बाकी है कि सबलगढ़ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्टाफ के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे या नहीं। पूर्व में भी सबलगढ़ स्वास्थ्य खंड अधिकारी द्वारा उप स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। आरोप है कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी और ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी मिलकर शासन-प्रशासन की मंशा पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।1
- करौली जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली उत्पादों पर विभाग के अंकुश न होने का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को पंचायत समिति मासलपुर के काछीपुरा गांव में भागवत कथा के समापन पर आयोजित भंडारे के लिए खरीदे गए रिफाइंड तेल को लेकर जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हिंडौन सिटी के टीकाकुंड बयाना रोड स्थित एक थोक विक्रेता फर्म ने उन्हें 'सोना सिक्का' ब्रांड के नाम पर नकली रिफाइंड तेल के पीपे बेच दिए। आयोजन समिति से जुड़े दिनेश सैनी ने बताया कि भंडारे की प्रसादी के लिए 18 जून को हिंडौन के बयाना रोड स्थित थोक विक्रेता से 'सोना सिक्का' ब्रांड के 100 पीपे खरीदे गए थे। समिति ने चीनी, घी, चना दाल, पोहा और चावल सहित कुल ₹3,37,309 की खरीदारी की थी, जिसमें से लगभग ₹3 लाख के 100 पीपे रिफाइंड तेल के थे। ग्रामीणों ने पीपे के नकली होने का संदेह इसलिए जताया क्योंकि बाहरी कागज के गत्ते पर 'एस ओ एन ए' अंकित था, जबकि अंदर के पीपे पर 'एस ओ एन ए ए' दो बार लिखा था। इसके अतिरिक्त, कागज के रैपर पर 'सिंस 1984' अंकित था, जबकि पीपे पर '1894' लिखा हुआ था, जिससे नकली होने का शक गहराया। शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। ग्रामीणों द्वारा नकली रिफाइंड के पीपे लेकर बयाना रोड स्थित टीकाकुंड हनुमान मंदिर के पास एक दुकान पर पहुंचने की सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। खाद्य विभाग, करौली के अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को शिकायत दी थी। उनके निर्देश पर मौके पर पहुंचने पर एक पिकअप में रखे लगभग 90 पीपे रिफाइंड तेल में गड़बड़ी पाई गई। विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक पीपे को नमूने के तौर पर जब्त कर लिया है और उसे गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि जब्त किए गए रिफाइंड के पीपे उसी दुकान से खरीदे गए थे, जिस पर ग्रामीण पहुंचे थे।4
- शिवपुरी के दुलहारा मनियार गांव में अंकेश धाकड़ और सत्येंद्र धाकड़ नामक दो युवक पोहरी पुलिस द्वारा कथित तौर पर परेशान किए जाने के कारण पानी की टंकी पर चढ़ गए। उन्होंने पुलिस से न्याय की मांग को लेकर यह कदम उठाया।1
- हिण्डौन शहर में मंगलवार सुबह 11:00 बजे भाजपा महिला मोर्चा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 73वीं पुण्यतिथि मनाई। इस अवसर पर मोर्चा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी पर प्रकाश डाला। मोर्चा की जिलाध्यक्ष लज्जा रानी अग्रवाल ने उन्हें राष्ट्रीय अखंडता का प्रबल पैरोंकार, राष्ट्र की एकता के लिए जीवन बलिदान करने वाले प्रखर राष्ट्रवादी, भारतीय जनसंघ के संस्थापक और महान शिक्षाविद बताते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में लज्जा रानी अग्रवाल के साथ निशा अग्रवाल, कांता कोली, मोहन सिनेमा, यस अग्रवाल, वंश अग्रवाल, नक्ष अग्रवाल, शाहरुख, फारूक, आदिल, आसिफ, जस्सू और भोलू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।1
- मुरैना के पहाड़गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोटसिथरा में एक ऑनलाइन सेवा केंद्र संचालक ने वर्तमान सरपंच पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। संचालक बबलू जाटव का आरोप है कि ग्राम सरपंच भारत गुर्जर ने उनकी दुकान पर ताला लगा दिया और उसे खोलने पर जान से मारने की धमकी दी। बबलू जाटव के अनुसार, सरपंच भारत गुर्जर ने उनकी ऑनलाइन दुकान में ताला जड़ दिया और दोबारा दुकान न खोलने की चेतावनी दी। शिकायतकर्ता का दावा है कि सरपंच ने उनके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी दी कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई, तो दुकान में आग लगा दी जाएगी। इस घटना के बाद पीड़ित बबलू जाटव और उनका परिवार भय के माहौल में जी रहा है, जिसमें किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। उन्होंने पहाड़गढ़ थाने में आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा कस्बे में झिरी रोड पर लाखों रुपए की लागत से बना महाकालेश्वर पार्क देखरेख के अभाव में जर्जर होता जा रहा है। पार्क के भीतर लगाए गए जिम उपकरण टूट चुके हैं, जिससे उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। पार्क में गार्ड की सुविधा न होने के कारण शाम होते ही यह असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है, जिससे आम लोगों को असुविधा होती है और पार्क का उद्देश्य विफल हो रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पार्क की उचित देखभाल करने की अपील की है ताकि इसे ठीक किया जा सके और नागरिक इसका लाभ उठा सकें।2