भूजल संवर्धन कोर टीम/जिला तकनीकी समिति की बैठक सम्पन्न -------------------- दिनांक 04 अप्रैल 2026 प्रतापगढ़। परियोजना निदेशक डीआरडीए दयाराम यादव की अध्यक्षता में जनपद के क्रिटिकल, सेमीक्रिटिकल एवं सुरक्षित विकास खण्डो में वर्षा जल संचयन भूजल रिचार्ज एवं जल संरक्षण की कार्ययोजना के अनुमोदन हेतु विकास भवन सभागार में भूजल संवर्धन कोर टीम/जिला तकनीकी समिति (डी0टी0सी0सी0) की बैठक की गयी। बैठक में सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई विक्रमाजीत द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2012 में प्रदेश में 76 विकास खण्ड अतिदोहित, 32 विकास खण्ड क्रिटिकल श्रेणी में एवं 108 विकास खण्ड अतिदोहित एवं क्रिटिकल श्रेणी में वर्गीकृत किये गये जो एक भयावाह स्थिति है। जनपद प्रतापगढ़ में 11 विकास खण्ड अतिदोहित एवं 1 विकास खण्ड क्रिटिकल श्रेणी में वर्गीकृत था। लघु सिंचाई विभाग द्वारा जल संरक्षण से सम्बन्धित योजनाओ का डी0टी0सी0सी0 से अनुमोदनोपरान्त चेकडैम निर्माण, तालाब पुनर्विकास एवं रूफ टॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग का कार्य कराया गया। वर्तमान भू-जल आकलन रिपोर्ट के अनुसार जनपद प्रतापगढ़ में अतिदोहित श्रेणी में कोई विकास खण्ड नहीं है। भूगर्भ जल संसाधन आकलन रिपोर्ट 2025 के अनुसार जनपद प्रतापगढ़ में विकास खण्डों की स्थिति अतिदोहित श्रेणी शून्य है, क्रिटिकल श्रेणी में विकास खण्ड मानधाता, सदर, सण्ड़वा चन्द्रिका एवं शिवगढ़ है, सेमी क्रिटिकल मेंं विकास खण्ड बाबा बेलखरनाथधाम, गौरा, लक्ष्मणपुर, लालगज, मंगरौरा, पट्टी एवं रामपुर संग्रामगढ़ है तथा सुरक्षित श्रेणी में विकास खण्ड कुण्डा, कालाकांकर, बिहार, बाबागंज, सांगीपुर एवं आसपुर देवसरा है। लघु सिंचाई द्वारा जनपद में विभिन्न नदी नालो पर 163 चेकडैम निर्माण कार्य हेतु कार्ययोजना, 01 हेक्टेयर से 05 हेक्टेयर तक के क्षेत्रफल वाले 28 तालाब जीर्णोद्धार कार्य एवं 114 शासकीय एवं अर्धशासकीय भवनों पर रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित करने हेतु कार्य योजना भूजल संवर्धन कोर टीम/जिला तकनीकी समिति (डी0टी0सी0सी0) के समक्ष प्र्रस्तुत की गयी है जिस पर भूजल संवर्धन कोर टीम/जिला तकनीकी समिति (डी0टी0सी0सी0) द्वारा कार्ययोजना अनुमोदित की गयी। बैठक में जिला विकास अधिकारी सन्तोष कुमार सिंह, सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई विक्रमाजीत सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे। -------------------- जिला सूचना कार्यालय प्रतापगढ़ द्वारा प्रसारित
भूजल संवर्धन कोर टीम/जिला तकनीकी समिति की बैठक सम्पन्न -------------------- दिनांक 04 अप्रैल 2026 प्रतापगढ़। परियोजना निदेशक डीआरडीए दयाराम यादव की अध्यक्षता में जनपद के क्रिटिकल, सेमीक्रिटिकल एवं सुरक्षित विकास खण्डो में वर्षा जल संचयन भूजल रिचार्ज एवं जल संरक्षण की कार्ययोजना के अनुमोदन हेतु विकास भवन सभागार में भूजल संवर्धन कोर टीम/जिला तकनीकी समिति (डी0टी0सी0सी0) की बैठक की गयी। बैठक में सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई विक्रमाजीत द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2012 में प्रदेश में 76 विकास खण्ड अतिदोहित, 32 विकास खण्ड क्रिटिकल श्रेणी में एवं 108 विकास खण्ड अतिदोहित एवं क्रिटिकल श्रेणी में वर्गीकृत किये गये जो एक भयावाह स्थिति है। जनपद प्रतापगढ़ में 11 विकास खण्ड अतिदोहित एवं 1 विकास खण्ड क्रिटिकल श्रेणी में वर्गीकृत था। लघु सिंचाई विभाग द्वारा जल संरक्षण से सम्बन्धित योजनाओ का डी0टी0सी0सी0 से अनुमोदनोपरान्त चेकडैम निर्माण, तालाब पुनर्विकास एवं रूफ टॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग का कार्य कराया गया। वर्तमान भू-जल आकलन रिपोर्ट के अनुसार जनपद प्रतापगढ़ में अतिदोहित श्रेणी में कोई विकास खण्ड नहीं है। भूगर्भ जल संसाधन आकलन रिपोर्ट 2025 के अनुसार जनपद प्रतापगढ़ में विकास खण्डों की स्थिति अतिदोहित श्रेणी शून्य है, क्रिटिकल श्रेणी में विकास खण्ड मानधाता, सदर, सण्ड़वा चन्द्रिका एवं शिवगढ़ है, सेमी क्रिटिकल मेंं विकास खण्ड बाबा बेलखरनाथधाम, गौरा, लक्ष्मणपुर, लालगज, मंगरौरा, पट्टी एवं रामपुर संग्रामगढ़ है तथा सुरक्षित श्रेणी में विकास खण्ड कुण्डा, कालाकांकर, बिहार, बाबागंज, सांगीपुर एवं आसपुर देवसरा है। लघु सिंचाई द्वारा जनपद में विभिन्न नदी नालो पर 163 चेकडैम निर्माण कार्य हेतु कार्ययोजना, 01 हेक्टेयर से 05 हेक्टेयर तक के क्षेत्रफल वाले 28 तालाब जीर्णोद्धार कार्य एवं 114 शासकीय एवं अर्धशासकीय भवनों पर रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित करने हेतु कार्य योजना भूजल संवर्धन कोर टीम/जिला तकनीकी समिति (डी0टी0सी0सी0) के समक्ष प्र्रस्तुत की गयी है जिस पर भूजल संवर्धन कोर टीम/जिला तकनीकी समिति (डी0टी0सी0सी0) द्वारा कार्ययोजना अनुमोदित की गयी। बैठक में जिला विकास अधिकारी सन्तोष कुमार सिंह, सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई विक्रमाजीत सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे। -------------------- जिला सूचना कार्यालय प्रतापगढ़ द्वारा प्रसारित
- इस महीने का नहीं बल्कि 3 महीने का राशन मिलेगा1
- दर्शन करने जा रहे युवक की बाइक रोक कर बदमाशों ने युवक को मारी गोली, युवक की हुई मौत, घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे एसपी दीपक भूकर । अंतू थाना क्षेत्र के महमदापुर के डूहीया निवासी पंकज शुक्ला बाईक से शाम के समय अन्य दो साथियों संग चंडिका देवी धाम दर्शन करने जा रहा था।जैसे ही रैबी रजानीपुर स्थित सुनसान जगह पर बाईक पर आए हमलावरों ने बाईक रोक युवक को मारी गोली। गोली लगने से पंकज शुक्ला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर एसपी दीपक भूकर, एडिशनल एसपी शैलेन्द्र लाल, सीओ सिटी प्रशांत हुड्डा समेत भारी पुलिस मौजूद , पुलिस अधीक्षक ने घटना को लेकर जानकारी लेते हुए मातहतों को दिए आरोपियों पर कार्यवाही के निर्देश दिया।1
- Post by अपना प्रतापगढ़ न्यूज1
- Post by नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़1
- Post by Krishnaabhan singh1
- जितेन्द्र श्रीवास्तव लम्भुआ सुल्तानपुर जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम ज्ञानीपुर की रहने वाली सुधा जायसवाल ने गांव के कुछ लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, अभद्रता और लूटपाट का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, होली के दिन हुए एक विवाद के बाद 4 मार्च 2026 की रात करीब 9 बजे आरोपी उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए परिवार पर हमला कर दिया। शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों ने घर में घुसकर सुधा जायसवाल, उनकी बेटी और पति के साथ मारपीट की तथा घर का सामान तोड़ दिया। इस दौरान सोने का मंगलसूत्र और नोज पिन छीनने का भी आरोप है। घटना के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता ने बताया कि शोर सुनकर ग्रामीणों के हस्तक्षेप से किसी तरह जान बच सकी। घटना के बाद से पूरा परिवार भयभीत है और आरोपियों द्वारा लगातार धमकी दी जा रही है। मामले में पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- मुरली तरवा विधानसभा लम्भुआ में श्री मदभागवत कथा का आनन्द लेते हुए दूर दराज से आये भक्तगण2
- वाराणसी *अमूल डेयरी के बाहर मजदूरों का हंगामा, 3 साल से वेतन न बढ़ने पर फूटा गुस्सा | महिला कर्मी भी शामिल* फूलपुर, वाराणसी। जनपद के फूलपुर क्षेत्र स्थित बनास अमूल डेयरी के बाहर उस समय माहौल गरमा गया, जब बड़ी संख्या में मजदूर अपने वेतनमान में वृद्धि की मांग को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन करने लगे। यह डेयरी प्लांट, जिसका उद्घाटन कुछ वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था, आज मजदूर असंतोष का केंद्र बनता नजर आया। मजदूरों का आरोप है कि वे पिछले तीन वर्षों से लगातार कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनके वेतन में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है। बढ़ती महंगाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच वर्तमान वेतन में गुजर-बसर करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है। इसी के चलते मजदूरों ने सामूहिक रूप से अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला मजदूर भी शामिल रहीं, जिन्होंने अपने अधिकारों और सम्मानजनक वेतन की मांग को लेकर जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। मजदूरों का कहना है कि कई बार प्रबंधन से बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। वहीं, जब अमूल कंपनी के कुछ कर्मचारी बाहर आकर मजदूरों से बातचीत करने पहुंचे, तो कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आ पाया। इससे मजदूरों में नाराजगी और बढ़ गई है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। फिलहाल मौके पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।1