हमीरपुर :मरीजों से सीधे संवाद कर लिया उपचार एवं व्यवस्थाओं का फीडबैक, अस्पताल प्रबंधन को दिए सख्त एवं स्पष्ट निर्देश हमीरपुर। जिलाधिकारी श्री अशोक कुमार ने आज जिला पुरुष एवं महिला अस्पताल का औचक एवं गहन निरीक्षण कर चिकित्सा सेवाओं, मरीजों की सुविधाओं, साफ-सफाई तथा अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न पटल एवं इकाइयों का निरीक्षण करते हुए उपस्थिति रजिस्टर की जांच की तथा चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की दैनिक कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों से दवाइयों की उपलब्धता, उपचार की स्थिति तथा अस्पताल के चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ के व्यवहार के संबंध में फीडबैक लिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों एवं उनके तीमारदारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। *अस्पताल की सभी प्रमुख चिकित्सा इकाइयों का लिया जायजा* जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान एक्स-रे यूनिट, सीटी स्कैन यूनिट, ऑर्थोपेडिक्स, पैथोलॉजी, ब्लड कलेक्शन लैब, ब्लड बैंक, एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र), आयुष्मान केंद्र, टीबी वार्ड, फिजियोथेरेपी यूनिट, नई डायलिसिस यूनिट, परामर्श कक्ष सहित अस्पताल की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक इकाई में उपलब्ध सुविधाओं एवं मरीजों को प्रदान की जा रही सेवाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। *मरीजों को मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश* अस्पताल की किचन के निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि मरीजों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भोजन तैयार करने में केवल ब्रांडेड एवं पैक्ड तेल का ही प्रयोग किया जाए तथा खुले तेल का प्रयोग किसी भी दशा में न किया जाए। *बाहर की दवाइयां लिखने पर रोक, गंभीर मामलों में ही रेफर करने के निर्देश* दवाइयों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि अस्पताल में उपलब्ध दवाइयां मरीजों को उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी मरीज को अनावश्यक रूप से बाहर की दवाइयां न लिखी जाएं। औषधि भंडार केंद्र के निरीक्षण के दौरान रेबीज एवं सर्पदंश के पर्याप्त टीके उपलब्ध पाए गए। उन्होंने मरीजों के रेफरल के संबंध में भी स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल अति-गंभीर एवं क्रिटिकल मामलों में ही मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया जाए। सामान्य एवं उपचार योग्य मामलों में स्थानीय स्तर पर ही बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए। *स्ट्रेचर एवं व्हीलचेयर की जिम्मेदारी वार्ड ब्वाय की, तीमारदारों से न कराया जाए काम* मरीजों के तीमारदारों द्वारा स्वयं स्ट्रेचर खींचे जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को स्ट्रेचर एवं व्हीलचेयर से ले जाने की जिम्मेदारी संबंधित वार्ड ब्वाय की होगी। किसी भी स्थिति में तीमारदारों से यह कार्य न कराया जाए और अस्पताल स्टाफ अपनी जिम्मेदारी का समुचित निर्वहन सुनिश्चित करे। *आयुष्मान लाभार्थियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश* आयुष्मान केंद्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आने वाले किसी भी मरीज के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो। पात्र लाभार्थियों को योजना के अंतर्गत अनुमन्य सुविधाओं का लाभ दिलाते हुए गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। *68 बेड स्वीकृत, मरीजों की संख्या को देखते हुए 24 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था* निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ० आर० एस० प्रजापति ने जानकारी दी कि जिला अस्पताल में 68 बेड स्वीकृत हैं, जबकि मरीजों की संख्या को देखते हुए 24 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कर कुल 92 बेड के स्तर पर व्यवस्था संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अधिकांश मरीज वायरल बुखार से पीड़ित हैं तथा लगभग 7 से 8 दिनों के उपचार के बाद स्वस्थ हो रहे हैं। ब्लड बैंक के निरीक्षण में वर्तमान में 26 यूनिट ब्लड उपलब्ध पाया गया। *टीकाकरण के बाद बच्चे की मृत्यु की शिकायत पर जांच के निर्देश* निरीक्षण के दौरान एक तीमारदार द्वारा शिकायत की गई कि टीकाकरण के उपरांत उसके बच्चे की मृत्यु हो गई तथा आपातकालीन सेवा उपलब्ध कराने के बजाय उसे पर्चा बनवाने के लिए भेजा गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। *अस्पताल प्रबंधन एवं साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश* निरीक्षण के उपरांत मीडिया से वार्ता करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था, वार्डों में बेडशीट की स्वच्छता तथा समग्र प्रबंधन में और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सर्जन की कमी के कारण कुछ मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है, जिसके संबंध में शासन स्तर पर वार्ता कर सर्जन की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सीएमओ एवं सीएमएस को अस्पताल प्रबंधन तथा वार्ड ब्वाय की कार्यप्रणाली को और अधिक व्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० अलका शुक्ला, सीएमएस पुरुष अस्पताल डॉ० आर० एस० प्रजापति, सीएमएस महिला अस्पताल डॉ० राजीव कुमार, जिला सूचना अधिकारी श्री सतीश कुमार सहित चिकित्सक एवं अन्य चिकित्सा स्टाफ उपस्थित रहा।
हमीरपुर :मरीजों से सीधे संवाद कर लिया उपचार एवं व्यवस्थाओं का फीडबैक, अस्पताल प्रबंधन को दिए सख्त एवं स्पष्ट निर्देश हमीरपुर। जिलाधिकारी श्री अशोक कुमार ने आज जिला पुरुष एवं महिला अस्पताल का औचक एवं गहन निरीक्षण कर चिकित्सा सेवाओं, मरीजों की सुविधाओं, साफ-सफाई तथा अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न पटल एवं इकाइयों का निरीक्षण करते हुए उपस्थिति रजिस्टर की जांच की तथा चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की दैनिक कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों से दवाइयों की उपलब्धता, उपचार की स्थिति तथा अस्पताल के चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ के व्यवहार के संबंध में फीडबैक लिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों एवं उनके तीमारदारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। *अस्पताल की सभी प्रमुख चिकित्सा इकाइयों का लिया जायजा* जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान एक्स-रे यूनिट, सीटी स्कैन यूनिट, ऑर्थोपेडिक्स, पैथोलॉजी, ब्लड कलेक्शन लैब, ब्लड बैंक, एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र), आयुष्मान केंद्र, टीबी वार्ड, फिजियोथेरेपी यूनिट, नई डायलिसिस यूनिट, परामर्श कक्ष सहित अस्पताल की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक इकाई में उपलब्ध सुविधाओं एवं मरीजों को प्रदान की जा रही सेवाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। *मरीजों को मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश* अस्पताल की किचन के निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि मरीजों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भोजन तैयार करने में केवल ब्रांडेड एवं
पैक्ड तेल का ही प्रयोग किया जाए तथा खुले तेल का प्रयोग किसी भी दशा में न किया जाए। *बाहर की दवाइयां लिखने पर रोक, गंभीर मामलों में ही रेफर करने के निर्देश* दवाइयों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि अस्पताल में उपलब्ध दवाइयां मरीजों को उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी मरीज को अनावश्यक रूप से बाहर की दवाइयां न लिखी जाएं। औषधि भंडार केंद्र के निरीक्षण के दौरान रेबीज एवं सर्पदंश के पर्याप्त टीके उपलब्ध पाए गए। उन्होंने मरीजों के रेफरल के संबंध में भी स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल अति-गंभीर एवं क्रिटिकल मामलों में ही मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया जाए। सामान्य एवं उपचार योग्य मामलों में स्थानीय स्तर पर ही बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए। *स्ट्रेचर एवं व्हीलचेयर की जिम्मेदारी वार्ड ब्वाय की, तीमारदारों से न कराया जाए काम* मरीजों के तीमारदारों द्वारा स्वयं स्ट्रेचर खींचे जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को स्ट्रेचर एवं व्हीलचेयर से ले जाने की जिम्मेदारी संबंधित वार्ड ब्वाय की होगी। किसी भी स्थिति में तीमारदारों से यह कार्य न कराया जाए और अस्पताल स्टाफ अपनी जिम्मेदारी का समुचित निर्वहन सुनिश्चित करे। *आयुष्मान लाभार्थियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश* आयुष्मान केंद्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आने वाले किसी भी मरीज के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो। पात्र लाभार्थियों को योजना के अंतर्गत अनुमन्य सुविधाओं का लाभ दिलाते हुए गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। *68 बेड स्वीकृत, मरीजों की संख्या को देखते हुए 24 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था* निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ० आर० एस० प्रजापति ने जानकारी
दी कि जिला अस्पताल में 68 बेड स्वीकृत हैं, जबकि मरीजों की संख्या को देखते हुए 24 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कर कुल 92 बेड के स्तर पर व्यवस्था संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अधिकांश मरीज वायरल बुखार से पीड़ित हैं तथा लगभग 7 से 8 दिनों के उपचार के बाद स्वस्थ हो रहे हैं। ब्लड बैंक के निरीक्षण में वर्तमान में 26 यूनिट ब्लड उपलब्ध पाया गया। *टीकाकरण के बाद बच्चे की मृत्यु की शिकायत पर जांच के निर्देश* निरीक्षण के दौरान एक तीमारदार द्वारा शिकायत की गई कि टीकाकरण के उपरांत उसके बच्चे की मृत्यु हो गई तथा आपातकालीन सेवा उपलब्ध कराने के बजाय उसे पर्चा बनवाने के लिए भेजा गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। *अस्पताल प्रबंधन एवं साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश* निरीक्षण के उपरांत मीडिया से वार्ता करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था, वार्डों में बेडशीट की स्वच्छता तथा समग्र प्रबंधन में और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सर्जन की कमी के कारण कुछ मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है, जिसके संबंध में शासन स्तर पर वार्ता कर सर्जन की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सीएमओ एवं सीएमएस को अस्पताल प्रबंधन तथा वार्ड ब्वाय की कार्यप्रणाली को और अधिक व्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० अलका शुक्ला, सीएमएस पुरुष अस्पताल डॉ० आर० एस० प्रजापति, सीएमएस महिला अस्पताल डॉ० राजीव कुमार, जिला सूचना अधिकारी श्री सतीश कुमार सहित चिकित्सक एवं अन्य चिकित्सा स्टाफ उपस्थित रहा।
- हमीरपुर डीएम अशोक कुमार ने की पहली जनसुनवाई अधिकारियों को दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश हमीरपुर। नवागत जिलाधिकारी अशोक कुमार ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में अपनी पहली जनसुनवाई की। उन्होंने जनपद के दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का निस्तारण महज औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतों का स्थायी और प्रभावी समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी फरियादी को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य समस्याओं का निस्तारण तहसील व ब्लॉक स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायती पत्रों को संबंधित अधिकारियों को मार्क कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीएम ने गूगल मीट के माध्यम से अधिकारियों से शिकायतों की स्थिति की जानकारी ली और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता को सुगम, संवेदनशील और प्रभावी प्रशासन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।1
- अस्पताल में तीमारदार खींच रहे थे स्ट्रेचर, डीएम ने जताई नाराजगी हमीरपुर। जिलाधिकारी अशोक कुमार ने शुक्रवार को जिला पुरुष एवं महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर चिकित्सा सेवाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों व तीमारदारों से सीधे बातचीत कर दवाओं की उपलब्धता, उपचार और स्टाफ के व्यवहार का फीडबैक लिया। मरीजों की शिकायतों पर डीएम ने अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एक्स-रे, सीटी स्कैन, ऑर्थोपेडिक्स, पैथोलॉजी, ब्लड बैंक, एनआरसी, आयुष्मान केंद्र, टीबी वार्ड, फिजियोथेरेपी और नई डायलिसिस यूनिट समेत विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। किचन में साफ-सफाई बनाए रखने तथा मरीजों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन देने के निर्देश दिए। उन्होंने भोजन में केवल ब्रांडेड व पैक्ड तेल इस्तेमाल करने को कहा। डीएम ने चिकित्सकों को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं मरीजों को उपलब्ध कराने और अनावश्यक रूप से बाहर की दवाएं न लिखने के निर्देश दिए। साथ ही केवल गंभीर व क्रिटिकल मरीजों को ही रेफर करने और सामान्य मामलों का उपचार स्थानीय स्तर पर करने को कहा। तीमारदारों से स्ट्रेचर खिंचवाने पर सख्ती मरीजों के तीमारदारों द्वारा स्ट्रेचर खींचे जाने की शिकायत पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्ट्रेचर और व्हीलचेयर से मरीजों को ले जाने की जिम्मेदारी वार्ड ब्वाय की होगी। किसी भी दशा में तीमारदारों से यह काम नहीं कराया जाए। सीएमएस डॉ. आरएस प्रजापति ने बताया कि 68 बेड स्वीकृत होने के बावजूद मरीजों की संख्या को देखते हुए 24 अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं और कुल 92 बेड की व्यवस्था संचालित है। वर्तमान में अधिकांश मरीज वायरल बुखार से पीड़ित हैं। ब्लड बैंक में 26 यूनिट रक्त उपलब्ध मिला। टीकाकरण के बाद बच्चे की मौत की शिकायत पर जांच निरीक्षण के दौरान एक तीमारदार ने टीकाकरण के बाद बच्चे की मौत और आपातकालीन सेवा के बजाय पर्चा बनवाने के लिए भेजे जाने की शिकायत की। डीएम ने सीएमओ को मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मीडिया से बातचीत में डीएम ने कहा कि अस्पताल की साफ-सफाई, बेडशीट और समग्र प्रबंधन में अभी और सुधार की जरूरत है। सर्जन की कमी के कारण मरीजों के रेफर होने की समस्या के समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सीएमओ व सीएमएस को अस्पताल स्टाफ और वार्ड ब्वाय की कार्यप्रणाली को जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए।2
- नियमित टीकाकरण को जन-आंदोलन बनाने हेतु धार्मिक नेताओं एवं सहयोगी संस्थाओं का उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित। बांदा। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाने तथा प्रत्येक पात्र बच्चे तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न संप्रदायों के धार्मिक नेताओं एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों का उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित किया गया। कार्यशाला का आयोजन यूनिसेफ CSO संस्था के सहयोग से किया गया। कार्यशाला में नियमित टीकाकरण के महत्व, जीरो डोज बच्चों की पहचान एवं टीकाकरण, टीकाकरण से संबंधित भ्रांतियों एवं झिझक को दूर करने तथा समुदाय में जागरूकता बढ़ाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ अजय कुमार,जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ विजय केसरवानी,उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी मुकेश पहाड़ी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा विभिन्न सहयोगी संस्थाओं सुनील सक्सेना, रिजवान अली, प्रीति साहू सही कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न संप्रदायों के धर्म गुरुओं ने भी प्रतिभाग किया। धार्मिक गुरुओं एवं प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे अपने-अपने समुदायों में नियमित टीकाकरण के महत्व के संबंध में सकारात्मक संदेश दें तथा परिवारों को बच्चों का समय से पूर्ण टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करें। विशेष रूप से जीरो डोज एवं टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों के परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाने और उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहयोग करने पर जोर दिया गया। कार्यशाला में बताया गया कि धार्मिक एवं सामुदायिक नेताओं का सहयोग समुदाय में विश्वास बढ़ाने तथा टीकाकरण के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रतिभागियों से स्वास्थ्य विभाग एवं सहयोगी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए टीकाकरण गतिविधियों को मजबूत करने में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से अपील की गई कि “कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे” के उद्देश्य को साकार करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं। जनहित संदेश: “हर बच्चे का समय से पूर्ण टीकाकरण—स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की मजबूत नींव है।”4
- बांदा में गणेश मूर्ति विसर्जन धूमधाम से हुआ संपन्न ,200 गणेश प्रतिमा का हुआ विसर्जन, गणपति बप्पा मोरिया जयकारे लगाते रहे भक्त। बांदा में गणेश मूर्ति विसर्जन धूमधाम से हुआ संपन्न ,200 गणेश प्रतिमा का हुआ विसर्जन, गणपति बप्पा मोरिया जयकारे लगाते रहे भक्त।1
- यूजीसी नियम लागू कराने की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी ने सौंपा ज्ञापन हमीरपुर। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एवं भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता को बढ़ावा देना) विनियम-2026 को प्रभावी रूप से लागू कराने की मांग प्रमुखता से उठाई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी के संबंधित नियमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की भागीदारी, आरक्षण तथा वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़ी अन्य मांगें भी ज्ञापन में शामिल की गईं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से सामाजिक न्याय एवं समान भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही गई। उपस्थित रहे जिला अध्यक्ष रामबाबू आजाद समाज पार्टी काशीराम हमीरपुर प्रदेश संगठन मंत्री माननीय नीरज कश्यप जी मुख्य मंडल प्रभारी चित्रकूट मंडल प्रभारी भाई हसन खान गोलू जी पूर्व मंडल अध्यक्ष भीम आर्मी संदीप वाल्मीकि जी भीम आर्मी जिला अध्यक्ष श्याम सुंदर जी विधानसभा अध्यक्ष बृजेंद्र निषाद विधानसभा अध्यक्ष राठ भाई देवी दयाल लोधी जी जिला उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र वाल्मीकि जी संगठन मंत्री अवधेश कुमार जी जिला अध्यक्ष भाई शैलेंद्र वर्मा जिला उपाध्यक्ष मनीष वर्मा अंकुर सागर मीरा बहन जिला अध्यक्ष महिला सभा काशीराम वर्मा इत्यादि लोग उपस्थित रहे यूजीसी नियम लागू कराने की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी ने सौंपा ज्ञापन हमीरपुर। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एवं भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता को बढ़ावा देना) विनियम-2026 को प्रभावी रूप से लागू कराने की मांग प्रमुखता से उठाई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी के संबंधित नियमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की भागीदारी, आरक्षण तथा वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़ी अन्य मांगें भी ज्ञापन में शामिल की गईं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से सामाजिक न्याय एवं समान भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही गई। उपस्थित रहे जिला अध्यक्ष रामबाबू आजाद समाज पार्टी काशीराम हमीरपुर प्रदेश संगठन मंत्री माननीय नीरज कश्यप जी मुख्य मंडल प्रभारी चित्रकूट मंडल प्रभारी भाई हसन खान गोलू जी पूर्व मंडल अध्यक्ष भीम आर्मी संदीप वाल्मीकि जी भीम आर्मी जिला अध्यक्ष श्याम सुंदर जी विधानसभा अध्यक्ष बृजेंद्र निषाद विधानसभा अध्यक्ष राठ भाई देवी दयाल लोधी जी जिला उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र वाल्मीकि जी संगठन मंत्री अवधेश कुमार जी जिला अध्यक्ष भाई शैलेंद्र वर्मा जिला उपाध्यक्ष मनीष वर्मा अंकुर सागर मीरा बहन जिला अध्यक्ष महिला सभा काशीराम वर्मा इत्यादि लोग उपस्थित रहे2
- नरैनी से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन, समान अवसर और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग “UGC रोल बैक करो, वरना जनता करेगी सत्ता का रोल बैक” नरैनी से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन, समान अवसर और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग UGC नियमों की समीक्षा, SC/ST अधिनियम में निर्दोषों की सुरक्षा, आर्थिक आधार को महत्व और ‘समान अवसर आयोग’ के गठन समेत छह प्रमुख मांगें नरैनी। UGC के नियमों, आरक्षण व्यवस्था, समान अवसर तथा सामान्य वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर नागरिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सोमवार को नरैनी तहसील में राष्ट्रपति महोदय के नाम उपजिलाधिकारी नरैनी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में UGC के वर्तमान प्रावधानों की समीक्षा, SC/ST अधिनियम से संबंधित शिकायतों में निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा, आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक परिस्थितियों को महत्व देने तथा ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ के गठन सहित छह प्रमुख मांगें उठाई गईं। ज्ञापन में कहा गया कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के संरक्षण के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकार, विधिक सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित किए जाना भी आवश्यक है। UGC नियमों पर पुनर्विचार की मांग ज्ञापन में UGC के उच्च शिक्षा से संबंधित वर्तमान नियमों की व्यापक समीक्षा की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे किसी भी प्रावधान पर पुनर्विचार होना चाहिए जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों या उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है अथवा विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका हो। वक्ताओं ने विवादित प्रावधानों को वापस लेने अथवा आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग की। SC/ST अधिनियम में निर्दोषों की सुरक्षा पर जोर ज्ञापन में SC/ST अधिनियम को लेकर कहा गया कि कानून का उद्देश्य वास्तविक पीड़ितों को संरक्षण प्रदान करना है, लेकिन झूठी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायतों की स्थिति में निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रतिनिधियों ने मांग की कि वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने के साथ-साथ झूठी शिकायत प्रमाणित होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की प्रभावी व्यवस्था हो। आरक्षण में आर्थिक आधार को महत्व देने की मांग ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था में सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ आय, संपत्ति, आर्थिक स्थिति, शैक्षणिक परिस्थिति और वास्तविक आवश्यकता जैसे प्रमाणित मानकों को भी उचित महत्व दिए जाने की मांग की गई। साथ ही आरक्षण का लाभ प्राप्त कर चुके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का समय-समय पर तथ्यात्मक आकलन किए जाने की मांग रखी गई, ताकि सरकारी योजनाओं और अवसरों का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ की मांग सामान्य वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर नागरिकों की शिक्षा, फीस, छात्रवृत्ति, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ के गठन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि आयोग के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक संस्थागत व्यवस्था विकसित की जा सकती है। रोहित पाठक बोले—“सरकार UGC रोल बैक नहीं करती तो हम सरकार को रोल बैक करेंगे” ज्ञापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोहित पाठक ने कहा, “यदि सरकार UGC के इन नियमों को रोल बैक नहीं करती है, तो हम सरकार को रोल बैक करेंगे। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या वर्ग की नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। सरकार को जनता की आवाज सुननी होगी।” उमेश तिवारी—“हमारी लड़ाई किसी वर्ग के खिलाफ नहीं, समान अवसर के लिए है” वहीं उमेश तिवारी ने कहा, “हमारी मांग किसी के अधिकार छीनने की नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण और समान अवसर सुनिश्चित करने की है। यदि किसी व्यवस्था से विद्यार्थियों के भविष्य, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों पर प्रश्न खड़े होते हैं, तो उस व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए। हम अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से मजबूती के साथ उठाते रहेंगे।” उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की भावना को बनाए रखते हुए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें वास्तविक जरूरत, आर्थिक स्थिति, पात्रता और प्रमाणित तथ्यों को भी महत्व मिले। सैकड़ों लोग रहे मौजूद ज्ञापन कार्यक्रम में उमेश तिवारी, सोनू करवरिया, प्रदीप करवरिया, आदित्य प्रताप सिंह, आनंद पांडेय, रोहित पाठक, जीतू त्रिपाठी, कामता प्रसाद मिश्रा, जागेश्वर प्रसाद पांडेय, पप्पू करवरिया समेत कई सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। सवर्ण समाज का कहना है कि सभी मांगें लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति महोदय और सरकार के समक्ष रखी गई हैं तथा संबंधित विषयों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाने की अपेक्षा है।1
- रिमझिम फुहारों के बीच निकली शोभायात्रा, तपोभूमि तालाब में हुआ प्रतिमाओं का विसर्जन हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में दस दिनों तक पंडालों में विराजमान रहने के बाद शुक्रवार को गणेश प्रतिमाओं का गाजे-बाजे और भक्ति के उल्लास के बीच विसर्जन किया गया। रिमझिम फुहारों के बीच निकली शोभायात्रा में गणेश भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ गजानन को भावभीनी विदाई दी। कस्बे में इस वर्ष तीन स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित कर दस दिवसीय गणेश महोत्सव मनाया गया। शुक्रवार सुबह पंडालों में हवन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं को वाहनों पर विराजमान कराया। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण कराते हुए शोभायात्रा निकाली गई। बारिश की फुहारों के बीच श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों पर झूमते नजर आए। नगर भ्रमण के बाद सभी प्रतिमाओं को श्री गायत्री तपोभूमि प्रांगण स्थित तालाब ले जाया गया, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद गणपति बप्पा मोरया के उद्घोष के बीच प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी तैनात रहा।1
- थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार *थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से अवैध तमंचा व जिन्दा कारतूस बरामद । पुलिस अधीक्षक बांदा श्री पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा अवैध शस्त्रों के विरुद्ध की जा रही कार्यवाही के क्रम में थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है । गौरतलब हो कि आज दिनांक 24.09.2026 को थाना कोतवाली नगर पुलिस को गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति मोहल्ला गंगानगर में अपने अर्ध निर्मित प्लॉट में तमंचा लिए है । सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ करते हुए तलाशी ली गई तो उसके पास से एक अवैध तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद हुए । पुलिस द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध थाना कोतवाली नगर पर अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की गई । *बरामदगी-* ▪️01 अवैध तमंचा 315 बोर ▪️02 अवैध जिन्दा कारतूस 315 वोर *गिरफ्तार अभियुक्त-* 1. राजाराम पुत्र बिंदा निवासी बाबा तालाब थाना कोतवाली नगर जनपद बांदा । *पंजीकृत अभियोग-* ▪️मु0अ0सं0- 487/26 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना कोतवाली नगर जनपद बांदा । *गिरफ्तार करने वाली टीम-* 1. श्री आकाश शुक्ला चौकी प्रभारी मण्डी समिति 2. कां0 सौरभ यादव 3. कां0 प्रशांत कुमार1
- हमीरपुर क्रेडिट कार्ड बनवाने को लेकर आप ने मना किया तो बेटे ने पिता की पीट-पीट कर हत्या कर दी 🔴 85 वर्षीय नवाब अली पर ईंट-पत्थर से हमला, मौके पर मौत क्रेडिट कार्ड से लोन कराने से इनकार करने पर विवाद की बात 🔴 हत्या के बाद आरोपी रमजान मौके पर ही रहा मौजूद सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार 🔴 शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा सदर कोतवाली क्षेत्र के पारा ओझी गांव का मामला1